- भारत का पहला ई-कचरा पुनर्चक्रण इको पार्क (India’s First E-waste Recycling Eco Park)
दिल्ली सरकार ने राजधानी के इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के बेहतर प्रबंधन और सर्कुलर अर्थव्यवस्था (Circular Economy) को बढ़ावा देने के लिए होलंबी कलां, उत्तर दिल्ली में भारत के पहले ई-कचरा रीसाइक्लिंग इको पार्क की स्थापना की घोषणा की है।
ई-वेस्ट इको पार्क क्या है? (What is an E-Waste Eco Park?)
- यह विशेष सुविधा इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक पुनर्चक्रण, विघटन और मूल्यवान धातुओं की पुनर्प्राप्ति के लिए बनाई जा रही है।
- इसका उद्देश्य भारत में सतत ई-कचरा प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करना है।
- यह पहल भारत को चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करने में सहायक होगी।
प्रमुख विवरण (Key Details)
- घोषणा: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री द्वारा।
- स्थान: होलंबी कलां, उत्तरी दिल्ली।
- परिचालन मॉडल: पीपीपी (Public-Private Partnership) के तहत DBFOT (डिज़ाइन, निर्माण, वित्त, संचालन, हस्तांतरण) मॉडल पर आधारित।
- क्रियान्वयन एजेंसी: दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) द्वारा वैश्विक निविदा जारी की जाएगी।
- रियायत अवधि: 15 वर्ष।
ई-वेस्ट इको पार्क की मुख्य विशेषताएं (Main Features of the E-Waste Eco Park)
- एकीकृत पुनर्चक्रण अवसंरचना (Integrated Recycling Infrastructure):
- कुल क्षेत्रफल:4 एकड़।
- सुविधाएँ: संग्रहण, विघटन, पुनर्चक्रण, और नवीनीकरण।
- वार्षिक लक्ष्य: 51,000 मीट्रिक टन ई-कचरे का वैज्ञानिक धातु पुनर्प्राप्ति के साथ प्रसंस्करण।
- व्यापक अपशिष्ट कवरेज (Comprehensive Waste Coverage): ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 के तहत सूचीबद्ध 106 श्रेणियों के ई-कचरे का प्रबंधन किया जाएगा।
- ग्रीन इन्वेस्टमेंट मॉडल (Green Investment Model):
- पीपीपी आधारित, 15 वर्ष की रियायत अवधि के साथ।
- DSIIDC वैश्विक ग्रीन-टेक कंपनियों को RFQ-RFP प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित करेगा।
- आर्थिक और रोजगार सृजन (Economic and Employment Generation):
- कुल निवेश: ₹150 करोड़।
- लक्षित राजस्व: ₹350 करोड़।
- प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों को कौशल प्रदान किया जाएगा।