UPPCS Mains 2025 – General Hindi Paper: Complete Solution & Strategy with pdf

सामान्य हिन्दी


निर्धारित समय – तीन घंटे                                                                                                                    अधिकतम अंक – 750

विशेष निर्देश :
(1) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
(2) प्रत्येक प्रश्न के अंत में निर्धारित अंक अंकित हैं।
(3) पत्र, प्रार्थना-पत्र या किसी अन्य प्रश्न के उत्तर के साथ अपना अथवा अन्य किसी का नाम, पता (प्रश्न-पत्र में दिए गए नाम, पदनाम आदि को छोड़कर) एवं अनुक्रमांक न लिखें। आवश्यक होने पर क, ख, ग का उल्लेख कर सकते हैं।

 


 

1.निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

भारतीय समाज की शक्ति का स्रोत उसका पारिवारिक जीवन है। अनेक परिवर्धनों के बीच में परिवार की यह दृढ़ शक्ति बारंबार उभरती हुई दिखाई पड़ती है। परिवार की इस शक्ति का विघटन किसी भी प्रकार समाज के लिए हितकारी नहीं हो सकता। भारतीय-परिवार सामाजिक जीवन के क्षेत्र में मूल्यवान प्रयोग है, उसे सब तरह से बढ़ाना, पल्लवित और पुष्पित करना आवश्यक है। आजकल के संक्रांति काल में तो परिवार के संगठन को और भी सुसंस्कृत करना आवश्यक है। कुल-संस्कृति का महत्वपूर्ण ग्रंथ ‘रामायण’ है। जैसे भारतीय संस्कृति का प्रतीक कुल है, वैसे ही भारतीय साहित्य की विशिष्ट कृति ‘रामायण’ है। धर्म तत्व परिवार के प्रत्येक सदस्य के समक्ष कर्तव्य का संदेश लाता है। माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, भाई-बहन, जाति-बंधु, जिनका परिवार से नाता होता है, वे सब कर्तव्य के सूत्र से बंधे होते हैं। कर्तव्य द्वारा व्यक्ति सेवा का मार्ग अपनाता है। कर्तव्य-भावना का ही दूसरा नाम राष्ट्रीय भावना है। जहाँ व्यक्ति दूसरे के लिए अपने स्वार्थ और सुख का समर्पण करता है, उस जीवन को स्वर्ग कहते हैं। महान ग्रंथ जो आदर्श सिखाते हैं, उनकी भावना यही है।

परिवार के प्रेममय वातावरण में सब सदस्य अपने कर्तव्य को पहचानकर उसका पालन करते हैं। दूसरों से छीन-झपटकर अपने लिए कुछ प्राप्त करने की बात वे मन में नहीं लाते। यही पारिवारिक जीवन का रस है। जहाँ एक व्यक्ति दूसरे की सहायता और सेवा करने की बात सोचता है, वही आदर्श स्थिति स्वर्ग है। इसके विपरीत जब हम प्रत्येक वस्तु को अपने स्वार्थ की दृष्टि से देखते हैं और अधिकार की बात कहकर केवल पाने या लेने की इच्छा रखते हैं, तो हमारे उस आचरण से संघर्ष और विरोध उत्पन्न हो जाता है। उस तनाव की स्थिति में जो न हो जाए, थोड़ा है।

(क) उपयुक्त गद्यांश का आशय अपने शब्दों में लिखिए।                                                                                             5

(ख) कर्तव्य-भावना क्यों उपयोगी है?                                                                                                                           5

(ग) गद्यांश की रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए।                                                                                              20

 

2.निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

गरीबी हमारा मानसिक रोग है। यदि आप इस रोग से पीड़ित हैं अथवा इस रोग के शिकार हैं, तो अपने मानसिक भाव को बदल दीजिए। दुःख-दर्दता तथा लाचारी के विचार मन में लाने के स्थान पर सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य, स्वास्थ्य तथा आनंद के विचारों से अपने मानस-क्षेत्र को प्रकाशित कीजिए। फिर यह देखकर आपको आश्चर्य का पार न रहेगा कि आपकी उन्नति कितने जोरों से हो रही है।

हमें विजय और सफलता पूर्णतया मन की वैज्ञानिक प्रक्रिया से प्राप्त होती है। जो मनुष्य समृद्धिशाली और सौभाग्यशाली होता है उसका यह अटूट विश्वास होता है कि वह समृद्धिशाली और सौभाग्यशाली हो रहा है। उसे अपनी कमाने की योग्यता पर विश्वास रहता है। वह अपने समय को गरीबी की बातों तथा विचारों में नहीं गंवाता। दरिद्रता से लड़खड़ाता हुआ नहीं चलता। वह अपनी शक्ति को उस वस्तु की ओर मोड़ता है, जिसके लिए कोशिश कर रहा है तथा जिसकी प्राप्ति में उसका पूरा विश्वास एवं दृढ़ निश्चय है।

देश में ऐसे गरीब लोग हैं, जो अपनी गरीबी से अर्ध-संतुष्ट हो गए हैं और जिन्होंने उसके विकराल पंजों से निकलने का प्रयत्न छोड़ दिया है। अब वे चाहे कितना ही कठिन परिश्रम करें, उन्हें तो अपनी आशा खो दी है — स्वाधीनता प्राप्त करने की उमंग नष्ट कर दी है।

(क) गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।                                                                                                                            5

(ख) गरीबी से अर्ध-संतुष्ट होने का क्या आशय है ?                                                                                                          5

(ग) गद्यांश का संक्षेपण (एक-तिहाई शब्दों में) कीजिए।                                                                                                 20

3.(क) सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से संयुक्त सचिव (नीति), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किए जाने वाले एक अर्ध-सरकारी पत्र का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए, जिसमें आयात नीति निर्धारण विषयक सूचनाएँ शीघ्र भेजने का संदर्भ हो।                                                                                                                                                 10

(ख) सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी की जाने वाली अधिसूचना का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए, जिसमें गोवर्धन पर्वत के परिक्रमा-पथ में एक अस्थायी थाना सृजित करने की सूचना हो।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                            10

4. निम्नलिखित शब्दों के विलोम लिखिए।                 10

अभिमुख, अभ्यंतर, नागर, प्रकट, लघिमा, उग्रता, पैना, अनुग्रह, घात, स्थावर

5. (क) निम्नलिखित शब्दों में प्रयुक्त उपसर्ग पृथक कीजिए। 5
संकेत, अन्वय, अतीत, स्वयं, आवालबद्ध

(ख) निम्नलिखित शब्दों में प्रयुक्त प्रत्यय पृथक कीजिए।                                                                                         5
आदरणीय, दृष्ट, उड़ान, पुजारी, श्रद्धालु

6. निम्नलिखित वाक्यांश या पदबंध के लिए एक-एक शब्द लिखिए। 10

(i) जिसका कोई शत्रु उत्पन्न न हुआ हो
(ii) पहाड़ के ऊपर की समभूमि
(iii) पैर से लेकर सिर तक
(iv) रात को दिखाई न देने का रोग
(v) दूसरे के स्थान पर काम करने वाला

7. (क) निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए।                 5

(ख) निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध कीजिए।                                                                                                                5

(i) मैं उसे सब कुछ समझा लूंगा।
(ii) सदा सच बोलना उसकी आदत था।
(iii) भोजन को स्वादिष्ट होना चाहिए।
(iv) तुम्हारा हृदय वज्र है, पत्थर है।
(v) वह विलाप करके रोने लगा।

8.निम्नलिखित मुहावरों/लोकोक्तियों का अर्थ लिखिए और उनका वाक्यों में इस प्रकार प्रयोग कीजिए कि अर्थ स्पष्ट हो जाए। 10+20=30

(i) पगड़ी बदलना
(ii) बुलबुल पालना
(iii) काले तिल चबाना
(iv) जुए को कंधे से उतारना
(v) कंबल ओढ़ाकर लूटना
(vi) अशर्फियों लूटें और कोयलों पर मोहर
(vii) उतर गई लाठी क्या करेगा कोई
(viii) खूंटे के बल बछड़ा कूदे
(ix) दाल – भात में मूसल चंद
(x) नौ की लकड़ी नब्बे खर्च