बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) – राजस्थान

  1. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) – राजस्थान (Battery Energy Storage System (BESS) – Rajasthan)

केंद्र सरकार ने राजस्थान को वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के तहत 4,000 मेगावाट-ऑवर (MWh) की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) आवंटित की है। इससे राज्य के हरित ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

प्रमुख बिंदुः (Key Points)

  1. वित्तीय सहायता और लाभ (Financial Assistance and Benefits):
    • राजस्थान को 720 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिलेगी, जो 18 लाख रुपये प्रति MWh की दर से दी जाएगी।
    • यह फंडिंग BESS प्रोजेक्ट्स की व्यवहार्यता बढ़ाएगी, जिससे निजी निवेशकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
  2. हरित ऊर्जा को बढ़ावा (Promotion to Green Energy):
    • BESS से सौर और पवन ऊर्जा जैसी अंतरायिक (intermittent) अक्षय ऊर्जा का बेहतर भंडारण हो सकेगा।
    • पीक आवर्स (सुबह-शाम की ऊर्जा मांग) में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
    • ग्रिड स्थिरता में सुधार होगा, जिससे बिजली कटौती कम होगी।
  3. राजस्थान का लक्ष्यः ग्रीन एनर्जी हब बनना (Rajasthan’s Goal: To Become a Green Energy Hub):
    • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे राज्य के हरित ऊर्जा केंद्र बनने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
    • राज्य सरकार ने समयबद्ध तरीके से प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को सौंपे थे और नीति आयोग की बैठक में इसे प्राथमिकता दी थी।
  4. राष्ट्रीय BESS लक्ष्य (National BESS Target):
    • भारत सरकार ने 2030-32 तक 30 गीगावाट-ऑवर (GWh) BESS क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है।
    • 25 GWh – 15 राज्यों को आवंटित
    • 5 GWh – NTPC (राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम) को दिया गया
    • राजस्थान को 4,000 MWh (4 GWh) का आवंटन हुआ, जो राष्ट्रीय लक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।