संविधान हत्या दिवस

2. 📚 संविधान हत्या दिवस (Constitution Betrayal Day)

🔷 पृष्ठभूमि: आपातकालीन प्रावधान (1950 संविधान)

  • संविधान का भाग XVIII (अनुच्छेद 352–360) में आपातकाल संबंधी प्रावधान दिए गए हैं:
    • अनुच्छेद 352: राष्ट्रीय आपातकाल
    • अनुच्छेद 356: राज्य आपातकाल
    • अनुच्छेद 360: वित्तीय आपातकाल

 

🔷 अब तक घोषित तीन राष्ट्रीय आपातकाल:

🔢 क्रम 🔹 कारण 🔹 अवधि 🔹 टिप्पणी
1️⃣ भारत-चीन युद्ध 26 अक्टूबर 1962 – 10 जनवरी 1968 पहला आपातकाल
2️⃣ भारत-पाक युद्ध 3 दिसंबर 1971 – मार्च 1977 साथ में तीसरा लागू हुआ
3️⃣ आंतरिक गड़बड़ी (Internal Disturbance) 25 जून 1975 – मार्च 1977 सबसे विवादास्पद, लोकतंत्र पर संकट

 

🔷 संविधान हत्या दिवस की घोषणा और महत्त्व:

  • घोषणा: केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 11 जुलाई 2024 की अधिसूचना
  • राजपत्र प्रकाशन: 12 जुलाई 2024
  • पहला आयोजन: 25 जून 2025
  • घोषणा का उद्देश्य:
    • 1975 के आपातकाल की काली छाया को स्मरण करना।
    • लोकतंत्र की आत्मा की हत्या और अधिनायकवादी प्रवृत्तियों के विरुद्ध चेतावनी।
    • नागरिकों को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जागरूक करना।

🧠 महत्वपूर्ण तथ्य:

  • लाखों नागरिकों को जेल में डाला गया था।
  • प्रेस की स्वतंत्रता, विपक्ष की आवाज, व्यक्तिगत स्वतंत्रता निलंबित कर दी गई थी।
  • इसे लोकतंत्र की सबसे अंधकारमयी अवधि कहा जाता है।

📚 हैदराबाद मुक्ति दिवस (Hyderabad Liberation Day)

🔷 पृष्ठभूमि:

  • स्वतंत्रता प्राप्ति (15 अगस्त 1947) के समय हैदराबाद निज़ाम के अधीन एक रियासत थी।
  • निज़ाम ने भारत में विलय से इनकार कर दिया।

🔷 ऑपरेशन पोलो (Operation Polo):

  • दिनांक: 13–17 सितंबर 1948
  • नेतृत्व: सरदार वल्लभभाई पटेल
  • प्रकार: पुलिस कार्रवाई (न कि सैन्य युद्ध)
  • परिणाम: 17 सितंबर, 1948 को हैदराबाद भारत में सम्मिलित हुआ।

🔷 हैदराबाद मुक्ति दिवस की घोषणा:

  • भारत सरकार द्वारा निर्णय: प्रतिवर्ष 17 सितंबर को मनाया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य है:
    • निज़ाम शासन से मुक्ति का स्मरण।
    • सरदार पटेल और भारतीय सेना की भूमिका का सम्मान।

🔖 संक्षिप्त बिंदु

विषय तिथि विवरण
संविधान हत्या दिवस 25 जून 1975 के आपातकाल की स्मृति
पहला आयोजन 25 जून 2025 गृह मंत्रालय अधिसूचना: 11 जुलाई 2024
हैदराबाद मुक्ति दिवस 17 सितंबर ऑपरेशन पोलो (1948) की सफलता

 

प्रश्न: हैदराबाद मुक्ति दिवस और ऑपरेशन पोलो के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. भारत को स्वतंत्रता मिलने के समय हैदराबाद निजाम के अधीन एक रियासत थी, जिसने भारत में विलय से इनकार कर दिया था।
  2. ऑपरेशन पोलो एक सैन्य युद्ध था जिसका नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था, और यह 13-17 सितंबर 1948 तक चला।
  3. 17 सितंबर, 1948 को हैदराबाद भारत में सम्मिलित हुआ, और भारत सरकार ने इस तिथि को प्रतिवर्ष ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
  4. ‘संविधान हत्या दिवस’ की तरह, ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ भी केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एक राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से घोषित किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

(A) 1 और 2 (B) 2 और 4 (C) 1 और 3 (D) 1, 3 और 4

स्पष्टीकरण:

  • कथन 1 सही है: 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के समय, हैदराबाद निजाम के अधीन एक रियासत थी और उसने भारत में विलय से इनकार कर दिया था।
  • कथन 2 गलत है: ऑपरेशन पोलो एक पुलिस कार्रवाई थी, न कि एक पूर्ण सैन्य युद्ध। यह सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में 13 से 17 सितंबर 1948 तक चला था।
  • कथन 3 सही है: 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद अंततः भारत में सम्मिलित हुआ, और भारत सरकार ने इस तिथि को प्रतिवर्ष ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
  • कथन 4 गलत है: पाठ में ‘संविधान हत्या दिवस’ के लिए गृह मंत्रालय की अधिसूचना का उल्लेख है, लेकिन ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ के लिए किसी राजपत्र अधिसूचना का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, केवल ‘भारत सरकार द्वारा निर्णय’ बताया गया है।