ओज़ो फेनी को भौगोलिक संकेत (GI) टैग

  1. ओज़ो फेनी को भौगोलिक संकेत (GI) टैग (Ozo Feni gets Geographical Indication (GI) Tag)

गोवा की पारंपरिक शराब फेनी (जिसे ओज़ो फेनी भी कहा जाता है) को हाल ही में भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्रदान किया गया है।

फेनी: एक पारंपरिक गोवा की विरासत (Feni: A Traditional Goan Heritage)

  • परिचय: फेनी गोवा की पारंपरिक शराब है, जो काजू या नारियल के रस से बनाई जाती है। इसे दोहरे आसवन (double distillation) और किण्वन (fermentation) की पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता है।
  • विशेषता: इसमें विशिष्ट स्वाद और सुगंध होती है, जो इसे अन्य शराबों से अलग बनाती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमिः (Historical Background)

  • 1600 के दशक में पुर्तगाली मिशनरी काजू और आसवन विधि के साथ गोवा आए।
  • उन्होंने स्थानीय लोगों को इस विधि का प्रशिक्षण दिया।
  • फेनी बनाने वाले पारंपरिक कारीगरों को “भटिकर” कहा जाता था।

फेनी निर्माण की प्रक्रियाः (Process of Making Feni)

  1. काजू की कटाई: ताजे काजू तोड़े जाते हैं।
  2. रस निकालना: काजू को पैरों से कुचलकर रस निकाला जाता है।
  3. किण्वन: रस को मिट्टी के बर्तनों में स्वाभाविक रूप से किण्वित किया जाता है।
  4. आसवन: किण्वित रस को कम आंच पर मिट्टी या तांबे के बर्तनों में आसवित किया जाता है।
  5. परिपक्वता: तैयार फेनी को कुछ महीनों तक रखा जाता है, फिर बोतलों में भरा जाता है।

आधुनिक बदलाव: (Modern Changes)

  • परंपरागत मिट्टी के बर्तनों की जगह अब तांबे के कंडलयुक्त उपकरणों का उपयोग होता है।