भारत की संरचना और भू-आकृति (Structure and Physiography of India) – चैप्टर-वार नोट्स
पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग
हिमालय, हिमनद व दर्रे, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, पश्चिमी व पूर्वी घाट, मरुस्थल, तटीय मैदान, द्वीप समूह, चैनल – सब एक जगह।
विषय-सूची
| क्र. | अनुभाग |
|---|---|
| 1 | भारत के प्रमुख भौतिक (भू-आकृतिक) विभाग |
| 2 | हिमालय — उत्पत्ति एवं विशेषताएँ |
| 3 | हिमालय का उत्तर-दक्षिण विभाजन |
| 4 | हिमालय का पूर्व-पश्चिम (प्रादेशिक) विभाजन एवं पूर्वांचल |
| 5 | प्रमुख हिमालयी शिखर एवं हिमनद |
| 6 | प्रमुख दर्रे |
| 7 | उत्तर का विशाल मैदान |
| 8 | प्रायद्वीपीय पठार — मध्यवर्ती उच्चभूमि एवं दक्कन |
| 9 | पश्चिमी घाट एवं पूर्वी घाट |
| 10 | भारतीय मरुस्थल |
| 11 | तटीय मैदान |
| 12 | द्वीप समूह एवं समुद्री चैनल |
| 13 | परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न |
भारत के प्रमुख भौतिक विभाग
भारत का भौतिक भू-दृश्य लाखों वर्षों में बनी विविध
भू-वैज्ञानिक संरचनाओं का परिणाम है। ये भू-भाग जलवायु, कृषि, जैव
विविधता और मानव बस्तियों को प्रभावित करते हैं। भारत को 6 प्रमुख
भौतिक विभागों में बाँटा जाता है।
| 1. उत्तरी व उत्तर-पूर्वी पर्वतमाला | ➜ | 2. उत्तर का विशाल मैदान | ➜ | 3. प्रायद्वीपीय पठार |
| 4. भारतीय मरुस्थल | ➜ | 5. तटीय मैदान | ➜ | 6. द्वीप समूह |
| भौतिक विभाग | भू-वैज्ञानिक आयु | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| हिमालय (उत्तरी पर्वत) | नवीन (युवा) — टर्शियरी काल | युवा वलित पर्वत; ऊँचे शिखर; हिमनद; भूकंप-प्रवण |
| उत्तर का मैदान | सबसे नवीन | नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेप; अत्यंत उपजाऊ |
| प्रायद्वीपीय पठार | सबसे प्राचीन — गोंडवाना भूमि का भाग | कठोर आग्नेय व कायांतरित चट्टानें; खनिज-समृद्ध; स्थिर भू-भाग |
| मरुस्थल | — | शुष्क; बालू के टीले |
| तटीय मैदान | — | संकरी पट्टियाँ; डेल्टा; बंदरगाह |
| द्वीप समूह | — | ज्वालामुखीय (अंडमान) व प्रवाल (लक्षद्वीप) |
प्रायद्वीपीय पठार = प्राचीन भूखंड (गोंडवाना लैंड का भाग)।
हिमालय — उत्पत्ति एवं विशेषताएँ
हिमालय (“हिम का आलय” = बर्फ़ का घर) विश्व की
सबसे ऊँची और सबसे नवीन वलित पर्वत शृंखला है। यह पश्चिम में
सिंधु नदी से पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी तक लगभग
2,400 किमी लम्बे चाप (धनुष) के आकार में फैला
है।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| प्रकार | युवा वलित पर्वत (Young Fold Mountain) |
| उत्पत्ति | प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत — भारतीय प्लेट के उत्तर की ओर खिसककर यूरेशियन प्लेट से टकराने पर टेथिस सागर के तलछटों के संपीड़न और वलन से |
| लम्बाई | लगभग 2,400 किमी (पश्चिम से पूर्व) |
| चौड़ाई | कश्मीर में 400 किमी (सर्वाधिक) से अरुणाचल में 160 किमी |
| विस्तार की दिशा | मुख्यतः उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व; सिक्किम में पूर्व-पश्चिम; पूर्वोत्तर (नागालैंड, मिज़ोरम) में उत्तर-दक्षिण |
| ढाल | दक्षिणी ढाल तीव्र, उत्तरी ढाल मंद |
| भूकंप | अब भी ऊपर उठ रहा है — भूकंप-प्रवण क्षेत्र |
◆ हिमालय का महत्व
-
जलवायु नियंत्रक — मध्य एशिया की ठंडी हवाओं को
रोकता है और मानसूनी हवाओं को रोककर उत्तर भारत में
वर्षा कराता है। -
बारहमासी नदियों का स्रोत — गंगा, सिंधु, ब्रह्मपुत्र —
हिमनदों से जल। -
प्राकृतिक सुरक्षा दीवार और सांस्कृतिक
अवरोध। -
उपजाऊ मैदान का निर्माण — नदियों द्वारा लाई
मिट्टी। -
वन संपदा, जड़ी-बूटियाँ, जलविद्युत, पर्यटन,
तीर्थस्थल।
पर्वतमालाओं में शामिल नहीं है; यह लगभग 800 किमी लम्बी है और
अफ़गानिस्तान, उत्तरी पाकिस्तान, ताजिकिस्तान से गुज़रती है;
सर्वोच्च चोटी — तिरिच मीर (चित्राल, पाकिस्तान)।
हिमालय का उत्तर-दक्षिण विभाजन
उत्तर से दक्षिण की ओर हिमालय को समानांतर पर्वत शृंखलाओं में
बाँटा जाता है — ट्रांस-हिमालय, महान हिमालय (हिमाद्रि), लघु हिमालय
(हिमाचल) और शिवालिक (बाह्य हिमालय)।
| ट्रांस-हिमालय (तिब्बत हिमालय) | ➜ | महान हिमालय (हिमाद्रि) | ➜ | लघु हिमालय (हिमाचल) | ➜ | शिवालिक (बाह्य हिमालय) |
| विभाजन | औसत ऊँचाई | चौड़ाई | मुख्य विशेषताएँ | प्रमुख शिखर / पर्वतमाला |
|---|---|---|---|---|
| ट्रांस-हिमालय | लगभग 6,000 मीटर | 40 किमी (किनारों पर) – 225 किमी (मध्य में) | महान हिमालय के उत्तर में; काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, कैलाश शृंखलाएँ; अधिकांश भाग तिब्बत में |
K2 (गॉडविन ऑस्टिन) — 8,611 मी (काराकोरम) |
| महान हिमालय (हिमाद्रि / आंतरिक हिमालय) | लगभग 6,100 मीटर | लगभग 25 किमी | सबसे ऊँची और सबसे सतत शृंखला; ग्रेनाइट का कोर; वर्षभर हिमाच्छादित; असममित वलन; पश्चिम में नंगा पर्वत (8,126 मी) से पूर्व में नामचा बरवा (7,782 मी) तक |
एवरेस्ट, कंचनजंगा, मकालू, धौलागिरि, नंदा देवी |
| लघु हिमालय (हिमाचल / मध्य हिमालय) | 3,700 – 4,500 मीटर | 50 – 80 किमी | ऊबड़-खाबड़; अत्यधिक संपीडित व परिवर्तित चट्टानें; विस्तृत घाटियाँ — कश्मीर, कुल्लू, कांगड़ा; अधिकांश पर्वतीय स्थल (शिमला, मसूरी, नैनीताल, दार्जिलिंग) |
पीर पंजाल (सबसे लम्बी), धौलाधर, महाभारत, नाग टिब्बा |
| शिवालिक (बाह्य हिमालय) | 900 – 1,100 मीटर | 10 – 50 किमी | सबसे नवीन और निचली शृंखला; असंगठित अवसाद से बनी; दून (चौड़ी घाटियाँ); मौसमी धाराएँ — चोस (पंजाब-हिमाचल) |
जम्मू पहाड़ियाँ, डफ़ला, मिरी, अबोर, मिशमी (पूर्व में) |
◆ भ्रंश (Faults) — शृंखलाओं को अलग करने वाली रेखाएँ
| भ्रंश | किन्हें अलग करता है |
|---|---|
| मुख्य केंद्रीय भ्रंश (MCT — Main Central Thrust) | महान हिमालय और लघु हिमालय |
| मुख्य सीमा भ्रंश (MBT — Main Boundary Thrust) | लघु हिमालय और शिवालिक |
| हिमालयी अग्र भ्रंश (HFT — Himalayan Frontal Thrust) |
शिवालिक और उत्तरी मैदान |
चौड़ी, समतल अनुदैर्घ्य घाटियाँ — देहरादून (सबसे बड़ा
दून), कोटली दून, पाटली दून। पूर्व में इन्हें “द्वार” (जैसे
हरिद्वार) कहा जाता है।
हिमाद्रि (6100) > हिमाचल (3700–4500)
> शिवालिक (900–1100)। पीर पंजाल = लघु हिमालय
की सबसे लम्बी शृंखला।
हिमालय का पूर्व-पश्चिम विभाजन एवं पूर्वांचल
सर सिडनी बुरार्ड ने नदी घाटियों के आधार पर हिमालय को
पश्चिम से पूर्व चार भागों में बाँटा।
| पंजाब / कश्मीर हिमालय (सिंधु–सतलज) | ➜ | कुमाऊँ हिमालय (सतलज–काली) | ➜ | नेपाल हिमालय (काली–तीस्ता) | ➜ | असम हिमालय (तीस्ता–दिहांग) |
| विभाजन | नदियों के बीच | लम्बाई (लगभग) | विशेषताएँ | प्रमुख शिखर / पर्वतमालाएँ |
|---|---|---|---|---|
| पंजाब / कश्मीर हिमालय | सिंधु – सतलज | 560 किमी | कश्मीर घाटी, डल व वुलर झील (वुलर — भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील); करेवा (झीलों के तलछट) — केसर की खेती; पैंगोंग त्सो (लद्दाख) |
काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल; K2, नंगा पर्वत |
| कुमाऊँ हिमालय (हिमाचल एवं उत्तराखंड) | सतलज – काली | 320 किमी | कांगड़ा, कुल्लू घाटियाँ; फूलों की घाटी (उत्तराखंड); गंगा-यमुना का उद्गम |
नंदा देवी (7,816 मी), कामेत, त्रिशूल, केदारनाथ, बंदरपूँछ |
| नेपाल हिमालय | काली – तीस्ता | 800 किमी (सबसे लम्बा) | सबसे ऊँचा भाग; दक्षिणी तलहटी में चाय बागान | एवरेस्ट, कंचनजंगा, मकालू, धौलागिरि, अन्नपूर्णा |
| असम / अरुणाचल हिमालय | तीस्ता – दिहांग (ब्रह्मपुत्र) | 720 किमी | ब्रह्मपुत्र पूर्वी सीमा; अत्यधिक वर्षा; घने वन | नामचा बरवा, कांग्तो; डफ़ला, मिरी, अबोर, मिशमी |
बागान, ऑर्किड की विविधता, लेपचा
जनजाति; मुख्य शिखर — कंचनजंगा।
◆ पूर्वांचल (पूर्वी पहाड़ियाँ)
दिहांग गॉर्ज के बाद हिमालय दक्षिण की ओर
मुड़कर पूर्वोत्तर भारत में उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली
पहाड़ियों की शृंखला बनाता है — इसे पूर्वांचल कहते हैं। ये मुख्यतः
अवसादी चट्टानों से बनी हैं।
| पहाड़ी (उत्तर से दक्षिण) | राज्य | विशेषता | सर्वोच्च शिखर |
|---|---|---|---|
| पटकाई बुम | अरुणाचल प्रदेश | भारत-म्यांमार सीमा; जैव विविधता हॉटस्पॉट | — |
| नागा पहाड़ियाँ | नागालैंड | भारत-म्यांमार के बीच जल-विभाजक; झूम खेती |
सारामती |
| मणिपुर पहाड़ियाँ | मणिपुर | अवसादी परतें; नागा पहाड़ियों का दक्षिणी विस्तार | — |
| बरैल शृंखला | असम, मणिपुर, नागालैंड | संकीर्ण घाटियाँ | माउंट टेम्पू / ईसो |
| मिज़ो (लुशाई) पहाड़ियाँ | मिज़ोरम | “ब्लू माउंटेन” क्षेत्र; निरंतर झूम खेती | फ़ावंगपुई (2,157 मी) — ब्लू माउंटेन |
◆ मेघालय पठार
-
गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ — जनजातियों
के नाम पर नामकरण। -
यह वास्तव में प्रायद्वीपीय पठार का भाग है, जो
मालदा गैप (राजमहल-गारो गैप) द्वारा मुख्य पठार से अलग हो
गया। -
खासी पहाड़ियों में स्थित मॉसिनराम और
चेरापूँजी (सोहरा) — विश्व में सर्वाधिक वर्षा
वाले स्थान; कीपाकार स्थलाकृति से पर्वतीय वर्षा। -
राजधानी शिलांग — खासी पहाड़ियों में; मेघालय को
“पूर्व का स्कॉटलैंड” कहा जाता है। -
असम में इसका विस्तार — कार्बी-आंगलोंग पठार।
प्रमुख हिमालयी शिखर एवं हिमनद
◆ (क) प्रमुख शिखर
| शिखर | ऊँचाई (मीटर) | स्थान | विशेष |
|---|---|---|---|
| माउंट एवरेस्ट (सागरमाथा / चोमोलुंगमा) | 8,848.86 (2020 में नेपाल-चीन द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाणित; पहले 8,848) |
नेपाल – चीन (तिब्बत) सीमा | विश्व का सर्वोच्च शिखर; 1953 में तेनज़िंग नोर्गे व एडमंड हिलेरी |
| K2 (गॉडविन ऑस्टिन) | 8,611 | काराकोरम — पाक-अधिकृत कश्मीर (गिलगित-बाल्टिस्तान) | विश्व का दूसरा सबसे ऊँचा; भारत का सर्वोच्च शिखर (दावे के अनुसार) |
| कंचनजंगा | 8,586 (कुछ पुस्तकों में 8,598) | सिक्किम – नेपाल सीमा | विश्व का तीसरा; भारत में स्थित सर्वोच्च शिखर; “हिम के पाँच ख़ज़ाने“ |
| नंगा पर्वत | 8,126 | पाक-अधिकृत कश्मीर | महान हिमालय का पश्चिमी छोर |
| नंदा देवी | 7,816 | उत्तराखंड | पूर्णतः भारत में स्थित सर्वोच्च शिखर |
| कामेत | 7,756 | उत्तराखंड | — |
| नामचा बरवा | 7,782 | तिब्बत (चीन) | महान हिमालय का पूर्वी छोर; ब्रह्मपुत्र यहीं मुड़ती है |
| साल्तोरो कांगड़ी | 7,742 | साल्तोरो शृंखला (काराकोरम) | सियाचिन क्षेत्र; AGPL के निकट; विश्व का सबसे ऊँचा युद्धक्षेत्र |
भारत के नियंत्रण में सर्वोच्च — कंचनजंगा; पूर्णतः भारत में
सर्वोच्च — नंदा देवी; दक्षिण भारत का सर्वोच्च —
अनामुडी।
◆ (ख) प्रमुख हिमनद (Glaciers)
| हिमनद | स्थान | महत्व |
|---|---|---|
| सियाचिन | काराकोरम (नुब्रा घाटी), लद्दाख | ध्रुवों के बाहर दूसरा सबसे लम्बा हिमनद (लगभग 76 किमी); भारत का सबसे बड़ा हिमनद; नुब्रा नदी का स्रोत |
| गंगोत्री | उत्तरकाशी, उत्तराखंड | भागीरथी (गंगा) का उद्गम — गोमुख से; चौखंबा शिखर के नीचे |
| यमुनोत्री | उत्तराखंड | यमुना का उद्गम (बंदरपूँछ) |
| ज़ेमू | सिक्किम | पूर्वी हिमालय का सबसे बड़ा हिमनद; तीस्ता को जल |
| मिलाम | उत्तराखंड (पिथौरागढ़) | कुमाऊँ हिमालय का सबसे बड़ा; गोरी गंगा का स्रोत |
| पिंडारी | उत्तराखंड | पिंडर नदी का स्रोत |
| सोनापानी | लाहौल-स्पीति, हिमाचल | पीर पंजाल का सबसे लम्बा; चंद्रा नदी को जल → चंद्रा + भागा = चिनाब |
| बियाफ़ो व हिस्पर | गिलगित-बाल्टिस्तान (पाक-अधिकृत) | दोनों मिलकर ध्रुवों के बाहर सबसे लम्बी हिमनद प्रणाली |
प्रमुख दर्रे
दर्रा (Pass) पर्वतों के बीच का प्राकृतिक निचला
मार्ग है, जो आवागमन, व्यापार और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है।
तिब्बती भाषा में “ला” का अर्थ दर्रा है।
| दर्रा | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | जोड़ता है / महत्व |
|---|---|---|
| ज़ोजिला | लद्दाख (जम्मू-कश्मीर सीमा) | श्रीनगर – लेह (कारगिल); ज़ोजिला सुरंग निर्माणाधीन |
| बनिहाल | जम्मू-कश्मीर (पीर पंजाल) | जम्मू – श्रीनगर; नीचे जवाहर सुरंग; अब बनिहाल-क़ाज़ीगुंड सुरंग |
| खारदुंग ला | लद्दाख (लद्दाख शृंखला) | लेह – नुब्रा / सियाचिन; विश्व के सबसे ऊँचे मोटर योग्य दर्रों में |
| चांग ला | लद्दाख | लेह – पैंगोंग झील |
| फ़ोतू ला | लद्दाख (जास्कर) | श्रीनगर–लेह राजमार्ग का सबसे ऊँचा बिंदु |
| बारालाचा ला | हिमाचल प्रदेश (जास्कर) | मनाली – लेह राजमार्ग |
| रोहतांग | हिमाचल प्रदेश (पीर पंजाल) | कुल्लू – लाहौल-स्पीति; इसके नीचे अटल सुरंग (2020) — 10,000 फ़ीट से ऊपर विश्व की सबसे लम्बी राजमार्ग सुरंग |
| शिपकी ला | हिमाचल प्रदेश (किन्नौर) | सतलज नदी यहीं से भारत में प्रवेश करती है; भारत–तिब्बत व्यापार |
| माना / नीति | उत्तराखंड (चमोली) | भारत – तिब्बत; कैलाश मानसरोवर मार्ग |
| लिपुलेख | उत्तराखंड (पिथौरागढ़) | कैलाश-मानसरोवर यात्रा मार्ग; भारत–नेपाल–तिब्बत त्रि-जंक्शन |
| नाथू ला | सिक्किम | भारत–चीन व्यापारिक चौकी; कैलाश मानसरोवर (दूसरा मार्ग) |
| जेलेप ला | सिक्किम | ल्हासा (तिब्बत) व्यापार मार्ग |
| सेला | अरुणाचल प्रदेश | तवांग को शेष राज्य से जोड़ता है; सेला सुरंग (2024) — लगभग 13,000 फ़ीट पर विश्व की सबसे लम्बी द्वि-लेन सुरंग |
| बुम ला | अरुणाचल प्रदेश (तवांग) | भारत–चीन संवेदनशील सैन्य दर्रा |
| दिफ़ू | अरुणाचल प्रदेश | भारत–म्यांमार–चीन त्रि-जंक्शन के निकट |
| पांगसाउ | अरुणाचल प्रदेश | भारत–म्यांमार; स्टिलवेल रोड (द्वितीय विश्व युद्ध) |
| खैबर (भारत के बाहर) | पाकिस्तान – अफ़गानिस्तान | पेशावर – काबुल; ऐतिहासिक आक्रमण मार्ग |
ला, फ़ोतू ला; हिमाचल — रोहतांग, बारालाचा, शिपकी;
उत्तराखंड — माना, नीति, लिपुलेख; सिक्किम —
नाथू ला, जेलेप ला; अरुणाचल — सेला, बुम ला, दिफ़ू, पांगसाउ।
उत्तर का विशाल मैदान
उत्तर का मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र
तथा उनकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से बना है।
यह लगभग 3,200 किमी लम्बा और 150–300 किमी
चौड़ा है; क्षेत्रफल लगभग 7 लाख वर्ग किमी। यह
विश्व के सबसे उपजाऊ और घनी आबादी वाले
मैदानों में से एक है।
◆ उत्तर से दक्षिण विभाजन
| भाबर | ➜ | तराई | ➜ | बांगर (पुराना जलोढ़) | ➜ | खादर (नया जलोढ़) |
| क्षेत्र | स्थिति | विशेषता |
|---|---|---|
| भाबर | शिवालिक की तलहटी में, 8–16 किमी चौड़ी पट्टी |
कंकड़-पत्थर युक्त, छिद्रयुक्त; नदियाँ यहाँ भूमिगत होकर लुप्त हो जाती हैं; कृषि अनुपयुक्त |
| तराई | भाबर के दक्षिण में | नदियाँ पुनः सतह पर प्रकट होती हैं; दलदली, घने वन व वन्य जीव; दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (UP), जिम कॉर्बेट क्षेत्र |
| बांगर | ऊँचा भाग — बाढ़ से ऊपर | पुराना जलोढ़; कंकड़ / कैल्शियम कार्बोनेट (कैल्केरियस) युक्त; कम उपजाऊ; पंजाब-हरियाणा में “धाया” |
| खादर | नदियों के किनारे बाढ़ के मैदान | नया जलोढ़; हर वर्ष बाढ़ से नवीकरण; सबसे उपजाऊ; पंजाब में “बेट” |
= नया (Khadar = ख़ास नया)। भाबर में नदियाँ
लुप्त, तराई में पुनः
प्रकट।
◆ पश्चिम से पूर्व विभाजन
| भाग | विस्तार | विशेषता |
|---|---|---|
| पंजाब-हरियाणा मैदान | पंजाब, हरियाणा, दिल्ली | सिंधु की सहायक नदियाँ; दोआब (दो नदियों के बीच का भाग) — बारी दोआब, बिस्त दोआब आदि |
| राजस्थान मैदान (बागर) | पश्चिमी राजस्थान | अर्ध-शुष्क |
| गंगा का मैदान | UP, बिहार, पश्चिम बंगाल — घग्घर से तीस्ता नदी तक | सबसे बड़ा भाग; गोखुर (Ox-bow) झीलें; सुंदरबन डेल्टा — विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा, मैंग्रोव वन व रॉयल बंगाल टाइगर |
| ब्रह्मपुत्र का मैदान | असम | अत्यधिक बाढ़-प्रवण; माजुली — विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीपों में से एक (भारत का पहला द्वीप ज़िला) |
फ़रक्का। गंगा-ब्रह्मपुत्र का संयुक्त डेल्टा —
सुंदरबन (भारत-बांग्लादेश) — UNESCO विश्व
धरोहर।
प्रायद्वीपीय पठार
प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे बड़ा और सबसे
प्राचीन भूखंड है, जिसकी उत्पत्ति गोंडवाना भूमि से हुई।
यह कठोर आग्नेय व कायांतरित चट्टानों से बना अत्यंत
स्थिर भू-भाग है; औसत ऊँचाई 600–900 मीटर; सामान्य
ढाल पश्चिम से पूर्व की ओर (इसीलिए अधिकांश नदियाँ बंगाल की खाड़ी
में गिरती हैं)। यह खनिज-संपदा से समृद्ध है।
पूर्व — राजमहल पहाड़ियाँ; पश्चिम — गिर
पहाड़ियाँ; दक्षिण — इलायची (कार्डमम) पहाड़ियाँ;
उत्तर-पूर्व विस्तार — शिलांग व कार्बी-आंगलोंग पठार।
नर्मदा नदी पठार को दो भागों में बाँटती है — उत्तर में
मध्यवर्ती उच्चभूमि और दक्षिण में दक्कन का पठार।
| मध्यवर्ती उच्चभूमि (नर्मदा के उत्तर) | ➜ | नर्मदा नदी | ➜ | दक्कन का पठार (नर्मदा के दक्षिण) |
◆ (क) मध्यवर्ती उच्चभूमि — पर्वतमालाएँ एवं पठार
| भाग | स्थिति | मुख्य तथ्य | सर्वोच्च शिखर |
|---|---|---|---|
| अरावली पर्वतमाला | गुजरात → राजस्थान → हरियाणा → दिल्ली (दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व) | भारत की सबसे प्राचीन वलित पर्वतमाला; अवशिष्ट पर्वत; दिल्ली रिज; कुंभलगढ़ क़िले की दीवार (चीन की दीवार के बाद विश्व की दूसरी सबसे लम्बी) |
गुरु शिखर (1,722 मी) — माउंट आबू, सिरोही |
| विंध्य पर्वतमाला | गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश | उत्तर और दक्षिण भारत की पारंपरिक सीमा; कैमूर — पूर्वी विस्तार (MP से बिहार के सासाराम तक) |
गुडविल / कालूमर (दमोह) |
| सतपुड़ा पर्वतमाला | नर्मदा और तापी के बीच | महादेव पहाड़ियाँ; पचमढ़ी हिल स्टेशन | धूपगढ़ (1,350 मी) — MP |
| मैकाल पर्वतमाला | छत्तीसगढ़ (कवर्धा) – मध्य प्रदेश (अनूपपुर) | सतपुड़ा का पूर्वी भाग; नर्मदा, सोन, महानदी का उद्गम; कान्हा राष्ट्रीय उद्यान; बैगा, गोंड जनजातियाँ |
अमरकंटक |
| मालवा पठार | मध्य प्रदेश (पश्चिम) | गंगा और नर्मदा घाटियों के बीच जल-विभाजक; काली मिट्टी; चंबल, बेतवा, माही नदियाँ |
— |
| बुंदेलखंड | UP – MP | मालवा का पूर्वी विस्तार; बीहड़; ग्रेनाइट-नीस | — |
| बघेलखंड | MP – दक्षिणी UP | मैकाल के पूर्व, सोन घाटी के दक्षिण; पश्चिम में चूना पत्थर-बलुआ पत्थर, पूर्व में ग्रेनाइट |
— |
| छोटा नागपुर पठार | झारखंड (बिहार, ओडिशा, WB, छत्तीसगढ़ के भाग) | भारत का सर्वाधिक खनिज-संपन्न पठार — “भारत का रूर“; हुंडरू जलप्रपात |
पारसनाथ (1,365 मी) — झारखंड का सर्वोच्च; जैन तीर्थ “सम्मेद शिखरजी” (23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ) |
| बैलाडीला | छत्तीसगढ़ (दंतेवाड़ा) | “बैल के कूबड़” जैसी पहाड़ियाँ; उच्च श्रेणी हेमेटाइट लौह अयस्क (जापान को निर्यात) |
नंदीराज |
| दंडकारण्य | छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश | अबूझमाड़ पहाड़ियाँ; इंद्रावती नदी (गोदावरी तंत्र) |
— |
◆ (ख) दक्कन का पठार
-
नर्मदा के दक्षिण में त्रिकोणीय आकार; पश्चिमी
घाट व पूर्वी घाट के बीच; उत्तर में सतपुड़ा,
महादेव, मैकाल। -
उत्तर-पश्चिमी भाग — दक्कन ट्रैप:
क्रिटेशियस काल के अंत में ज्वालामुखीय लावा
(बेसाल्ट) से बना। -
काली मिट्टी (रेगुर) — कपास के लिए
सर्वोत्तम; नमी धारण क्षमता अधिक; कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटाश,
चूना अधिक, पर नाइट्रोजन व जैविक पदार्थ कम। -
उप-पठार — महाराष्ट्र पठार, कर्नाटक (मैसूर) पठार, तेलंगाना पठार,
आंध्र पठार। -
कर्नाटक पठार — मलनाड (“पहाड़ी देश”
— घने वन, गहरी घाटियाँ) और मैदान (लहरदार समतल)।
मेलघाट टाइगर रिज़र्व — अमरावती, अकोला, बुलढाणा ज़िलों में।
पश्चिमी घाट एवं पूर्वी घाट
| आधार | पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) | पूर्वी घाट |
|---|---|---|
| विस्तार | ताप्ती नदी से कन्याकुमारी तक — गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु |
महानदी से नीलगिरि तक — ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक |
| स्वरूप | सतत (निरंतर); केवल दर्रों से कटा | खंडित, असतत; नदियों द्वारा अत्यधिक अपरदित |
| औसत ऊँचाई | 900–1,600 मीटर (अधिक) | लगभग 600 मीटर (कम) |
| ऊँचाई का रुझान | उत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ती | — |
| सर्वोच्च शिखर | अनामुडी (2,695 मी) — अनामलाई पहाड़ियाँ, केरल — दक्षिण भारत का सर्वोच्च |
देवमाली (1,672 मी) — कोरापुट, ओडिशा (ओडिशा का सर्वोच्च); महेंद्रगिरि (1,501 मी) |
| नदियों का उद्गम | गोदावरी, कृष्णा, कावेरी (पूर्व की ओर बहती हैं) | — |
| स्थानीय नाम | महाराष्ट्र — सह्याद्रि; कर्नाटक-तमिलनाडु — नीलगिरि; केरल — अनामलाई, इलायची (कार्डमम) |
ओडिशा — महेंद्रगिरि; AP — नल्लामलाई, वेलिकोंडा, पालकोंडा; TN — जावदी, शेवरॉय, पचमलाई |
| जैव विविधता | UNESCO विश्व धरोहर (2012); जैव विविधता हॉटस्पॉट |
— |
हैं — डोडाबेट्टा (2,637 मी) नीलगिरि का सर्वोच्च शिखर;
ऊटी (उदगमंडलम) प्रसिद्ध हिल स्टेशन।
◆ पश्चिमी घाट के प्रमुख शिखर, दर्रे एवं हिल स्टेशन
| प्रकार | नाम |
|---|---|
| शिखर | अनामुडी (2,695 मी), डोडाबेट्टा (2,637 मी), मीसापुलिमला, कुद्रेमुख (कर्नाटक — घोड़े के मुख जैसा), कलसुबाई (1,646 मी) — महाराष्ट्र का सर्वोच्च (“महाराष्ट्र का एवरेस्ट“), तारामती (हरिश्चंद्रगढ़) |
| दर्रे (उत्तर से दक्षिण) | थाल घाट (मुंबई–नासिक), भोर घाट (मुंबई–पुणे), पाल घाट / पालक्काड (केरल–तमिलनाडु; लगभग 32 किमी चौड़ा), सेनकोट्टा (केरल–TN) |
| हिल स्टेशन | ऊटी, कोडईकनाल (पालनी पहाड़ियाँ), मुन्नार, महाबलेश्वर, माथेरान, लोनावला, खंडाला |
थाल → भोर → पाल (उत्तर
से दक्षिण)।
भारतीय मरुस्थल
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नाम | थार मरुस्थल (महान भारतीय मरुस्थल) — स्थानीय नाम “मरुस्थली“ |
| स्थिति | अरावली पर्वतमाला के उत्तर-पश्चिम में |
| विस्तार | लगभग 85% भारत (मुख्यतः राजस्थान) में, 15% पाकिस्तान में |
| वर्षा | बहुत कम — 150 मिमी से भी कम (पश्चिमी भाग) |
| भू-आकृति | बालू के टीले; बरखान (अर्धचंद्राकार टीले); प्लाया (खारे पानी की झीलें — नमक का स्रोत, जैसे सांभर झील) |
| अपवाह | आंतरिक अपवाह — अधिकांश नदियाँ समुद्र तक नहीं पहुँचतीं; लूणी — एकमात्र प्रमुख (मौसमी) नदी, कच्छ के रण में समाप्त |
| भू-वैज्ञानिक तथ्य | यह क्षेत्र कभी समुद्र के नीचे था (जीवाश्म प्रमाण) |
| मरुस्थलीकरण के कारण | अति-चराई, गहन कृषि, वनों की कटाई, मृदा व जल का कुप्रबंधन |
| लाठी शृंखला / चांदन जलपट्टी | जैसलमेर क्षेत्र की भूमिगत जलधारा पट्टी |
मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान (जैसलमेर) — गोडावण (ग्रेट इंडियन
बस्टर्ड)।
तटीय मैदान
प्रायद्वीपीय पठार के दोनों ओर संकरी तटीय पट्टियाँ हैं —
पश्चिमी तटीय मैदान (अरब सागर) और पूर्वी तटीय
मैदान (बंगाल की खाड़ी)। भारत की सबसे लम्बी तटरेखा
गुजरात की है।
| आधार | पश्चिमी तटीय मैदान | पूर्वी तटीय मैदान |
|---|---|---|
| स्थिति | पश्चिमी घाट और अरब सागर के बीच | पूर्वी घाट और बंगाल की खाड़ी के बीच |
| चौड़ाई | संकरा (औसत 50 किमी) | चौड़ा (100–130 किमी) |
| प्रकृति | निमग्न (डूबा हुआ) तट — इसीलिए ऐसा माना जाता है कि द्वारका नगर समुद्र में डूबा |
उन्मग्न (उभरा हुआ) तट |
| विभाजन (उत्तर से दक्षिण) | कच्छ-काठियावाड़ (गुजरात) → कोंकण (महाराष्ट्र-गोवा) → कन्नड़ / कनारा (कर्नाटक) → मालाबार (केरल) |
उत्कल (ओडिशा) → उत्तरी सरकार (आंध्र — महानदी से कृष्णा तक) → कोरोमंडल (तमिलनाडु) |
| डेल्टा | नहीं — नदियाँ छोटी, तीव्र; ज्वारनदमुख (Estuary) बनाती हैं — नर्मदा, ताप्ती |
बड़े, उपजाऊ डेल्टा — महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी |
| लैगून / झीलें | मालाबार तट पर कयाल (Backwaters) — वेम्बनाड (केरल की सबसे बड़ी झील) |
चिल्का (ओडिशा — भारत का सबसे बड़ा खारे पानी का लैगून), पुलिकट (AP-TN), कोलेरू (मीठे पानी, AP) |
| बंदरगाह | प्राकृतिक, गहरे बंदरगाह — कांडला (दीनदयाल), मुंबई, JNPT, मोरमुगाओ (गोवा — जुआरी नदी के मुहाने), न्यू मंगलुरु, कोच्चि (“अरब सागर की रानी“) |
महाद्वीपीय शेल्फ़ उथला — प्राकृतिक बंदरगाह कम; पारादीप, विशाखापत्तनम (सबसे गहरा प्राकृतिक), चेन्नई, तूतीकोरिन, कोलकाता-हल्दिया |
कच्छ-काठियावाड़, कोंकण,
कन्नड़, मालाबार। पूर्वी
तट: “उ-उ-को” = उत्कल,
उत्तरी सरकार, कोरोमंडल।
द्वीप समूह एवं समुद्री चैनल
| आधार | अंडमान और निकोबार (बंगाल की खाड़ी) | लक्षद्वीप (अरब सागर) |
|---|---|---|
| द्वीपों की संख्या | लगभग 572 (लगभग 38 पर आबादी) | 36 (लगभग 10 पर आबादी) |
| उत्पत्ति | ज्वालामुखीय / पर्वतीय — म्यांमार की अराकान योमा का जलमग्न विस्तार |
प्रवाल (कोरल) — एटोल (वलयाकार प्रवाल द्वीप) |
| क्षेत्रफल | लगभग 8,249 वर्ग किमी | लगभग 32 वर्ग किमी — सबसे छोटा केंद्रशासित प्रदेश |
| राजधानी | श्री विजयपुरम (पूर्व — पोर्ट ब्लेयर) | कवरत्ती |
| विभाजक चैनल | 10° चैनल — अंडमान को निकोबार से अलग करता है | 11° चैनल — अमीनदीवी (उत्तर) को कन्नानोर (दक्षिण) से; 9° चैनल — मिनिकॉय को मुख्य लक्षद्वीप से |
| सर्वोच्च शिखर | सैडल पीक (लगभग 732–738 मी) — उत्तरी अंडमान; अन्य — माउंट थुलियर (ग्रेट निकोबार), माउंट डियावोलो, माउंट कोयोब |
समतल प्रवाल द्वीप |
| विशेष | बैरन द्वीप — भारत (व दक्षिण एशिया) का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी (1787 में पहला दर्ज विस्फोट; 1991 व 2017 के बाद भी सक्रियता); नारकोंडम — सुप्त ज्वालामुखी; भूकंपीय ज़ोन V; भूमध्यरेखीय जलवायु, घने वन |
मिनिकॉय — प्रकाशस्तंभ व विशिष्ट संस्कृति; सबसे बड़ा द्वीप — एंड्रोथ (कुछ पुस्तकों में मिनिकॉय) |
| सबसे दक्षिणी बिंदु | इंदिरा पॉइंट — ग्रेट निकोबार | — |
निकोबार नहीं, बल्कि मध्य अंडमान है; ग्रेट
निकोबार पर भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु (इंदिरा पॉइंट)
है। सबसे बड़ा नदी द्वीप — माजुली
(असम)।
◆ प्रमुख समुद्री चैनल
| चैनल | किन्हें अलग करता है |
|---|---|
| 8° चैनल | मिनिकॉय (भारत) और मालदीव |
| 9° चैनल | मिनिकॉय और लक्षद्वीप (कल्पेनी) के मुख्य द्वीप |
| 10° चैनल | अंडमान और निकोबार (लिटिल अंडमान – कार निकोबार) |
| 11° चैनल | अमीनदीवी और कन्नानोर द्वीप समूह (लक्षद्वीप) |
| डंकन पैसेज | दक्षिण अंडमान और लिटिल अंडमान |
| कोको चैनल / जलसंधि | उत्तरी अंडमान और म्यांमार के कोको द्वीप |
| सेंट जॉर्ज चैनल | लिटिल निकोबार और ग्रेट निकोबार |
| ग्रेट (ग्रैंड) चैनल | ग्रेट निकोबार और सुमात्रा (इंडोनेशिया) |
| पाक जलडमरूमध्य | तमिलनाडु (भारत) और उत्तरी श्रीलंका |
मिनिकॉय-लक्षद्वीप, 10 = अंडमान-निकोबार,
11 = लक्षद्वीप के भीतर (अमीनदीवी-कन्नानोर)। जितनी
बड़ी डिग्री, उतना उत्तर।
◆ प्रमुख अपतटीय द्वीप
| द्वीप | स्थिति |
|---|---|
| पीरम | खंभात की खाड़ी (गुजरात) |
| भैंसाला | काठियावाड़ तट |
| दीव | काठियावाड़ तट (केंद्रशासित प्रदेश) |
| खदियाबेट, आलियाबेट | नर्मदा-ताप्ती का मुहाना |
| बुचर, करंजा, एलीफ़ेंटा, बुतचर | मुंबई के निकट |
| भटकल, पिजन, सेंट मैरी | कर्नाटक तट (मंगलुरु के निकट) |
| पंबन (रामेश्वरम) | मन्नार की खाड़ी / पाक जलडमरूमध्य (तमिलनाडु) |
| श्रीहरिकोटा | आंध्र प्रदेश — इसरो का प्रक्षेपण केंद्र; पुलिकट झील के पास |
| व्हीलर (अब्दुल कलाम) द्वीप | ओडिशा — मिसाइल परीक्षण केंद्र |
| न्यू मूर, सागर (गंगासागर) | गंगा डेल्टा (पश्चिम बंगाल) |
| माजुली | ब्रह्मपुत्र नदी (असम) — नदी द्वीप |
परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| भारत का सबसे प्राचीन भूखंड | प्रायद्वीपीय पठार |
| हिमालय की उत्पत्ति | टेथिस सागर — प्लेट विवर्तनिकी |
| हिमालय की सबसे ऊँची व सतत शृंखला | हिमाद्रि (महान हिमालय) |
| लघु हिमालय की सबसे लम्बी शृंखला | पीर पंजाल |
| दून घाटियाँ | लघु हिमालय और शिवालिक के बीच |
| भारत में स्थित सर्वोच्च शिखर | कंचनजंगा |
| पूर्णतः भारत में सर्वोच्च शिखर | नंदा देवी |
| दक्षिण भारत का सर्वोच्च शिखर | अनामुडी (2,695 मी) |
| अरावली का सर्वोच्च शिखर | गुरु शिखर (1,722 मी) |
| सतपुड़ा का सर्वोच्च शिखर | धूपगढ़ |
| सबसे प्राचीन वलित पर्वतमाला | अरावली |
| भारत का सबसे बड़ा हिमनद | सियाचिन |
| गंगा का उद्गम हिमनद | गंगोत्री (गोमुख) |
| रोहतांग के नीचे सुरंग | अटल सुरंग |
| नाथू ला | सिक्किम (भारत-चीन) |
| नदियाँ लुप्त होने वाला क्षेत्र | भाबर |
| नया जलोढ़ | खादर |
| विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा | सुंदरबन |
| भारत का सर्वाधिक खनिज-संपन्न पठार | छोटा नागपुर |
| काली मिट्टी का क्षेत्र | दक्कन ट्रैप |
| पश्चिमी व पूर्वी घाट का मिलन | नीलगिरि |
| भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी | बैरन द्वीप |
| अंडमान व निकोबार को अलग करता है | 10° चैनल |
| लक्षद्वीप की उत्पत्ति | प्रवाल (कोरल) |
| सबसे बड़ा खारे पानी का लैगून | चिल्का (ओडिशा) |
◆ (ख) भ्रम से बचें
-
MCT — हिमाद्रि व हिमाचल; MBT —
हिमाचल व शिवालिक। -
बांगर = पुराना, खादर = नया
जलोढ़। -
पश्चिमी घाट सतत, पूर्वी घाट
खंडित। -
पश्चिमी तट पर डेल्टा नहीं (ज्वारनदमुख), पूर्वी
तट पर डेल्टा। -
8° चैनल भारत-मालदीव, 10° चैनल
अंडमान-निकोबार, 11° चैनल लक्षद्वीप के भीतर। -
K2 दावे के अनुसार भारत का सर्वोच्च, पर
कंचनजंगा भारत में स्थित सर्वोच्च।
◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. हिमालय की उत्पत्ति किस सागर के तलछटों से हुई?
(A) अरब सागर (B) टेथिस सागर (C) भूमध्य सागर (D) लाल सागर
प्रश्न 2. लघु हिमालय और शिवालिक के बीच स्थित चौड़ी घाटियाँ
कहलाती हैं —
(A) दोआब (B) दून (C) करेवा (D) कयाल
प्रश्न 3. भारत की सबसे प्राचीन वलित पर्वतमाला है —
(A) हिमालय (B) विंध्य (C) अरावली (D) सतपुड़ा
प्रश्न 4. दक्षिण भारत का सर्वोच्च शिखर है —
(A) डोडाबेट्टा (B) अनामुडी (C) महेंद्रगिरि (D) कलसुबाई
प्रश्न 5. उत्तरी मैदान का वह भाग जहाँ नदियाँ भूमिगत होकर
लुप्त हो जाती हैं —
(A) तराई (B) भाबर (C) खादर (D) बांगर
प्रश्न 6. नदियों के बाढ़ के मैदानों में नया जलोढ़ कहलाता है
—
(A) बांगर (B) भाबर (C) खादर (D) रेगुर
प्रश्न 7. भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी स्थित है —
(A) नारकोंडम (B) बैरन द्वीप (C) मिनिकॉय (D) माजुली
प्रश्न 8. अंडमान को निकोबार से कौन-सा चैनल अलग करता
है?
(A) 8° चैनल (B) 9° चैनल (C) 10° चैनल (D) 11° चैनल
प्रश्न 9. पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट कहाँ मिलते हैं?
(A) अनामलाई (B) नीलगिरि (C) कार्डमम (D) पालनी
प्रश्न 10. रोहतांग दर्रे के नीचे बनी सुरंग है —
(A) जवाहर सुरंग (B) अटल सुरंग (C) सेला सुरंग (D) ज़ोजिला सुरंग
प्रश्न 11. छोटा नागपुर पठार का सर्वोच्च शिखर है —
(A) पारसनाथ (B) धूपगढ़ (C) गुरु शिखर (D) अमरकंटक
प्रश्न 12. लक्षद्वीप के द्वीप किस प्रकार के हैं?
(A) ज्वालामुखीय (B) प्रवाल (C) महाद्वीपीय (D) नदी द्वीप
9-B, 10-B, 11-A, 12-B
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