स्थानीय मौसम, जलवायु और जलवायु परिवर्तन – चैप्टर-वार नोट्स
पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग
मौसम के तत्व व यंत्र, मानसून, ऋतुएँ, स्थानीय पवनें, वर्षा, जलवायु प्रदेश, ग्रीनहाउस प्रभाव, जलवायु समझौते – सब एक जगह।
विषय-सूची
| क्र. | अनुभाग |
|---|---|
| 1 | मौसम एवं जलवायु : अर्थ एवं अंतर |
| 2 | मौसम के तत्व एवं मापक यंत्र |
| 3 | भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक |
| 4 | भारतीय मानसून |
| 5 | भारत की ऋतुएँ |
| 6 | स्थानीय पवनें एवं स्थानीय मौसमी घटनाएँ |
| 7 | वर्षा — प्रकार एवं वितरण |
| 8 | भारत के जलवायु प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की जलवायु |
| 9 | जलवायु परिवर्तन एवं ग्रीनहाउस प्रभाव |
| 10 | ओज़ोन परत, एल-नीनो एवं ला-नीना |
| 11 | जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रयास |
| 12 | परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न |
मौसम एवं जलवायु : अर्थ एवं अंतर
मौसम (Weather) किसी स्थान पर किसी निश्चित
समय में वायुमंडल की तात्कालिक दशा है — जैसे आज धूप है,
कल वर्षा होगी। जलवायु (Climate) किसी बड़े
क्षेत्र में लम्बी अवधि (सामान्यतः 30 वर्ष या अधिक) के
मौसम की औसत दशाओं का योग है।
| आधार | मौसम | जलवायु |
|---|---|---|
| समयावधि | अल्पकालिक — घंटे, दिन, सप्ताह | दीर्घकालिक — 30–35 वर्षों का औसत |
| क्षेत्र | छोटा / स्थानीय | बड़ा क्षेत्र |
| परिवर्तन | शीघ्र और बार-बार बदलता है | धीरे-धीरे, बहुत लम्बे समय में बदलती है |
| उदाहरण | “आज लखनऊ में बादल छाए हैं” | “उत्तर प्रदेश की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी है” |
| अध्ययन शास्त्र | मौसम विज्ञान (Meteorology) | जलवायु विज्ञान (Climatology) |
क्या पहनें; जलवायु बताती है कि
अलमारी में कौन-से कपड़े रखें।”
1875; मुख्यालय — नई दिल्ली (पहले कोलकाता,
शिमला, पुणे); पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन। विश्व
मौसम विज्ञान संगठन (WMO) — जिनेवा; विश्व
मौसम विज्ञान दिवस — 23 मार्च।
मौसम के तत्व एवं मापक यंत्र
| तापमान | ➜ | वायुदाब | ➜ | पवन | ➜ | आर्द्रता | ➜ | वर्षा | ➜ | बादल / धूप |
| तत्व | अर्थ | मापक यंत्र | इकाई |
|---|---|---|---|
| तापमान | वायु की गर्मी या ठंडक | तापमापी (थर्मामीटर); सिक्स का अधिकतम-न्यूनतम तापमापी — दिन का अधिकतम व न्यूनतम |
°C (सेल्सियस), °F |
| वायुदाब | वायु का भार / दबाव | बैरोमीटर (वायुदाबमापी) — पारा / निर्द्रव (Aneroid); बैरोग्राफ़ — लगातार रिकॉर्ड |
मिलीबार (mb), हेक्टोपास्कल (hPa) |
| पवन की गति | हवा का वेग | एनीमोमीटर (पवनवेगमापी) | किमी/घंटा, नॉट |
| पवन की दिशा | हवा किधर से आ रही है | वायु दिक्सूचक (Wind Vane) | दिशा |
| आर्द्रता | वायु में जलवाष्प की मात्रा | हाइग्रोमीटर (आर्द्रतामापी); शुष्क-आर्द्र बल्ब तापमापी |
% (सापेक्ष आर्द्रता) |
| वर्षा | जल की मात्रा | वर्षामापी (Rain Gauge) | मिलीमीटर / सेंटीमीटर |
| धूप | धूप की अवधि | सनशाइन रिकॉर्डर (कैम्पबेल-स्टोक्स) | घंटे |
| भूकंप (अतिरिक्त) | — | सीस्मोग्राफ़ | रिक्टर स्केल |
तापमान; समदाब रेखा (Isobar) — समान वायुदाब;
समवर्षा रेखा (Isohyet) — समान वर्षा; समोच्च रेखा
(Contour) — समान ऊँचाई।
6.5°C प्रति 1,000 मीटर (1°C / 165 मीटर) — इसे
सामान्य ह्रास दर (Lapse Rate) कहते हैं। समुद्र तल पर सामान्य
वायुदाब — 1013.25 मिलीबार।
◆ कक्षा 1–5 के लिए गतिविधि (पर्यावरण अध्ययन)
-
मौसम चार्ट / मौसम कैलेंडर — प्रतिदिन धूप, बादल, वर्षा के
चित्र लगाना। -
घर का बना वर्षामापी — बोतल से वर्षा का पानी
मापना। -
पवन दिशा — झंडे, पत्तियाँ, पतंग से दिशा
पहचानना। -
मौसम के अनुसार कपड़े, भोजन, त्योहार, फ़सल पर
चर्चा।
भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक
भारत की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी (Tropical Monsoon)
है। इसे अनेक कारक प्रभावित करते हैं।
| कारक | प्रभाव |
|---|---|
| अक्षांश | कर्क रेखा भारत के मध्य से गुज़रती है — दक्षिणी भाग उष्णकटिबंधीय, उत्तरी भाग उपोष्णकटिबंधीय |
| ऊँचाई | ऊँचाई बढ़ने पर तापमान घटता है — इसलिए शिमला, मसूरी, ऊटी ठंडे |
| हिमालय | मध्य एशिया की ठंडी हवाओं को रोकता है; मानसूनी हवाओं को रोककर वर्षा कराता है — भारत को उपमहाद्वीपीय जलवायु देता है |
| समुद्र से दूरी (महाद्वीपीयता) | तटीय क्षेत्रों में सम जलवायु (मुंबई); भीतरी भागों में विषम जलवायु — गर्मी में बहुत गर्म, सर्दी में बहुत ठंडा (दिल्ली) |
| वायुदाब एवं पवन तंत्र | मौसमी पवनें — मानसून का विपर्यय (Reversal) |
| जेट धाराएँ | ऊपरी वायुमंडल की तीव्र पवनें — पश्चिमी जेट धारा (सर्दी) और पूर्वी जेट धारा (गर्मी) मानसून को प्रभावित करती हैं |
| पश्चिमी विक्षोभ | भूमध्य सागर से आने वाले चक्रवात — सर्दियों में उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा व हिमपात |
| उच्चावच (भू-आकृति) | पश्चिमी घाट व पूर्वोत्तर पहाड़ियाँ — पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा, पवनविमुख ढाल पर कम (वृष्टि छाया) |
| एल-नीनो / ला-नीना, हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) | मानसूनी वर्षा को कमज़ोर या मज़बूत करते हैं |
(Equable / Maritime) जलवायु — तापांतर कम; समुद्र से
दूर — विषम / महाद्वीपीय (Extreme / Continental)
जलवायु — तापांतर अधिक।
भारतीय मानसून
“मानसून” शब्द अरबी भाषा के “मौसिम” से
बना है, जिसका अर्थ है “मौसम / ऋतु”। मानसून वे मौसमी
पवनें हैं जिनकी दिशा ऋतु के अनुसार पूर्णतः उलट जाती है —
गर्मी में समुद्र से स्थल की ओर (दक्षिण-पश्चिम मानसून) और
सर्दी में स्थल से समुद्र की ओर (उत्तर-पूर्वी मानसून)।
मानसूनी पवनों का उपयोग कर अरब सागर पार करने का मार्ग खोजा
(लगभग पहली शताब्दी ई.)।
◆ मानसून की उत्पत्ति — कारण
-
स्थल और जल का असमान गर्म होना — गर्मी में स्थल
(उत्तर-पश्चिम भारत) पर निम्न दाब, समुद्र पर उच्च
दाब → हवाएँ समुद्र से स्थल की ओर। -
अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का गर्मी में
उत्तर की ओर खिसकना (गंगा के मैदान तक) — इसे मानसून
द्रोणी कहते हैं। -
तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना — ऊपरी वायुमंडल में
पूर्वी जेट धारा। -
उपोष्ण पश्चिमी जेट धारा का हिमालय के उत्तर की
ओर खिसकना। -
दक्षिणी गोलार्ध में मेडागास्कर के पास
उच्च दाब; सोमाली जेट।
| स्थल पर निम्न दाब (गर्मी) | ➜ | समुद्र से नम हवाएँ | ➜ | पर्वतों से टकराकर | ➜ | भारी वर्षा |
◆ मानसून का आगमन एवं वापसी
| घटना | सामान्य तिथि |
|---|---|
| केरल में आगमन (Onset) | लगभग 1 जून |
| मुंबई / कोलकाता | लगभग 10–11 जून |
| दिल्ली | लगभग 27–30 जून |
| पूरे भारत को आच्छादित | लगभग 8 जुलाई (IMD की संशोधित सामान्य तिथि) |
| वापसी की शुरुआत (पश्चिमी राजस्थान से) | लगभग 17 सितम्बर |
| पूर्ण वापसी | लगभग 15 अक्टूबर (दक्षिणी भारत से दिसम्बर तक) |
का अचानक, तेज़ गरज-चमक के साथ भारी वर्षा के रूप में आगमन।
मानसून विच्छेद (Break in Monsoon) — वर्षा ऋतु के बीच कुछ दिनों
तक वर्षा न होना।
◆ दक्षिण-पश्चिम मानसून की दो शाखाएँ
| शाखा | मार्ग | वर्षा |
|---|---|---|
| अरब सागर शाखा (अधिक शक्तिशाली) | पश्चिमी घाट से टकराती है; कुछ भाग नर्मदा-ताप्ती घाटी से होकर मध्य भारत तक; गुजरात-राजस्थान में अरावली के समानांतर बहने से कम वर्षा |
पश्चिमी तट पर भारी वर्षा; घाट के पूर्व (दक्कन — वृष्टि छाया) में कम |
| बंगाल की खाड़ी शाखा | म्यांमार तट व पूर्वोत्तर; गारो-खासी पहाड़ियों की कीपाकार घाटी में फँसकर मॉसिनराम-चेरापूँजी में अत्यधिक वर्षा; फिर हिमालय से मुड़कर गंगा के मैदान में पश्चिम की ओर |
पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा घटती जाती है — कोलकाता > पटना > लखनऊ > दिल्ली |
मानसूनी पवनों की दिशा के समानांतर है — पवनें रुकती नहीं, इसलिए
कम वर्षा। तमिलनाडु दक्षिण-पश्चिम मानसून में
वृष्टि छाया में रहता है — इसे मुख्य वर्षा उत्तर-पूर्वी
(लौटते) मानसून से अक्टूबर-दिसम्बर में मिलती है।
भारत की ऋतुएँ
◆ (क) भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार चार
ऋतुएँ
| शीत ऋतु (दिसम्बर–फ़रवरी) | ➜ | ग्रीष्म ऋतु (मार्च–मई) | ➜ | वर्षा ऋतु / दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून–सितम्बर) | ➜ | लौटते मानसून की ऋतु (अक्टूबर–नवम्बर) |
| ऋतु | अवधि | मुख्य विशेषताएँ |
|---|---|---|
| शीत ऋतु | दिसम्बर – फ़रवरी | उत्तर में ठंडा; जनवरी सबसे ठंडा महीना; उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें (स्थल से समुद्र — शुष्क); पश्चिमी विक्षोभ से पंजाब-हरियाणा-UP में वर्षा — “महावट” — रबी फ़सलों (गेहूँ) के लिए लाभदायक; पहाड़ों पर हिमपात; मैदानों में कोहरा व शीतलहर; तमिलनाडु तट पर वर्षा |
| ग्रीष्म ऋतु | मार्च – मई | सूर्य उत्तरायण — तापमान बढ़ता है; मई सबसे गर्म (उत्तर भारत); उत्तर-पश्चिम में निम्न दाब; गर्म-शुष्क पवन लू; आँधी; स्थानीय वर्षा — काल बैसाखी, आम्र वर्षा, फूलों की बौछार |
| वर्षा ऋतु (दक्षिण-पश्चिम मानसून) | जून – सितम्बर | भारत की लगभग 75–80% वार्षिक वर्षा इसी ऋतु में; खरीफ़ फ़सलें (धान); पश्चिमी तट व पूर्वोत्तर में भारी वर्षा |
| लौटते मानसून की ऋतु (शरद) | अक्टूबर – नवम्बर | मानसून पीछे हटता है; आकाश साफ़; दिन गर्म, रातें ठंडी; उच्च तापमान व आर्द्रता से “अक्टूबर की गर्मी (October Heat)”; बंगाल की खाड़ी में चक्रवात — ओडिशा, आंध्र, तमिलनाडु तट प्रभावित; तमिलनाडु में वर्षा |
◆ (ख) भारतीय परंपरा की छह ऋतुएँ
| ऋतु | हिंदू मास | अंग्रेज़ी मास (लगभग) |
|---|---|---|
| वसंत | चैत्र – वैशाख | मार्च – अप्रैल |
| ग्रीष्म | ज्येष्ठ – आषाढ़ | मई – जून |
| वर्षा | श्रावण – भाद्रपद | जुलाई – अगस्त |
| शरद | आश्विन – कार्तिक | सितम्बर – अक्टूबर |
| हेमंत | मार्गशीर्ष (अगहन) – पौष | नवम्बर – दिसम्बर |
| शिशिर | माघ – फाल्गुन | जनवरी – फ़रवरी |
“व-ग्री-व-श-हे-शि” = वसंत,
ग्रीष्म, वर्षा, शरद,
हेमंत, शिशिर। वसंत =
“ऋतुराज”।
स्थानीय पवनें एवं स्थानीय मौसमी घटनाएँ
| स्थानीय पवन / घटना | क्षेत्र | समय | विशेषता |
|---|---|---|---|
| लू | उत्तरी मैदान — पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान |
मई – जून (दोपहर) | अत्यंत गर्म और शुष्क पश्चिमी पवन (45–50°C); लू लगना (हीट स्ट्रोक) का ख़तरा |
| आँधी / धूल भरी आँधी | राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, UP | ग्रीष्म | तेज़ धूल भरी हवाएँ; कभी-कभी हल्की वर्षा |
| काल बैसाखी (नॉर’वेस्टर) | पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा | बैसाख (अप्रैल-मई) — संध्या | तेज़ आँधी व गरज के साथ वर्षा; असम में “बारदोली छीड़ा” — चाय, पटसन, धान के लिए लाभदायक |
| आम्र वर्षा (Mango Shower) | केरल, कर्नाटक तट | ग्रीष्म के अंत में | मानसून-पूर्व वर्षा — आम को जल्दी पकाने में सहायक |
| फूलों की बौछार / कॉफ़ी वर्षा (Cherry Blossom) | कर्नाटक (कूर्ग), केरल | मार्च–अप्रैल | कॉफ़ी के फूल खिलने में सहायक |
| पश्चिमी विक्षोभ | जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, UP | शीत ऋतु | भूमध्य सागर से; वर्षा व हिमपात — रबी फ़सल को लाभ |
| शीतलहर एवं कोहरा | उत्तर भारत — UP, बिहार, पंजाब | दिसम्बर – जनवरी | तापमान में तेज़ गिरावट; दृश्यता कम — यातायात दुर्घटनाएँ |
बंगाल-असम (चाय); आम्र वर्षा = केरल (आम);
फूलों की बौछार = कर्नाटक (कॉफ़ी)।
◆ विश्व की कुछ प्रसिद्ध स्थानीय पवनें (अतिरिक्त)
| पवन | क्षेत्र | प्रकृति |
|---|---|---|
| चिनूक (“हिम भक्षक”) | रॉकी पर्वत (उत्तरी अमेरिका) | गर्म, शुष्क |
| फ़ॉन | आल्प्स पर्वत (यूरोप) | गर्म, शुष्क |
| सिरोको | सहारा से इटली | गर्म, शुष्क, धूल भरी |
| हरमट्टन (“डॉक्टर पवन”) | पश्चिम अफ़्रीका | गर्म, शुष्क — आर्द्रता से राहत |
| मिस्ट्रल / बोरा | फ़्रांस / एड्रियाटिक | ठंडी |
| ब्लिज़र्ड | ध्रुवीय क्षेत्र, साइबेरिया, कनाडा | बर्फ़ीली तूफ़ानी |
वर्षा — प्रकार एवं वितरण
◆ (क) वर्षा के प्रकार
| प्रकार | कैसे होती है | क्षेत्र / उदाहरण |
|---|---|---|
| संवहनीय वर्षा (Convectional) | धरातल गर्म → वायु ऊपर उठकर ठंडी → संघनन → दोपहर बाद गरज-चमक के साथ वर्षा |
भूमध्यरेखीय क्षेत्र (प्रतिदिन); भारत में ग्रीष्म की स्थानीय वर्षा |
| पर्वतीय वर्षा (Orographic) | नम हवाएँ पर्वत से टकराकर ऊपर उठती हैं → ठंडी होकर वर्षा; पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा, पवनविमुख ढाल पर कम |
भारत की अधिकांश मानसूनी वर्षा; पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर |
| चक्रवाती / वाताग्री वर्षा (Cyclonic / Frontal) | गर्म व ठंडी वायुराशियों के मिलने या चक्रवात से | पश्चिमी विक्षोभ; बंगाल की खाड़ी के चक्रवात |
पवनविमुख (Leeward) भाग जहाँ बहुत कम वर्षा
होती है — जैसे पश्चिमी घाट के पूर्व में दक्कन का पठार (पुणे, बेंगलुरु),
शिलांग पठार के उत्तर में गुवाहाटी,
लद्दाख।
◆ (ख) भारत में वर्षा का वितरण
| वर्षा क्षेत्र | वार्षिक वर्षा | क्षेत्र |
|---|---|---|
| अत्यधिक वर्षा | 200 सेमी से अधिक | पश्चिमी तट (कोंकण, मालाबार), पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर राज्य, अंडमान-निकोबार |
| अधिक वर्षा | 100 – 200 सेमी | पूर्वी भारत — ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी UP, छत्तीसगढ़, पूर्वी MP |
| कम वर्षा | 50 – 100 सेमी | पश्चिमी UP, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, दक्कन का आंतरिक भाग |
| अत्यल्प वर्षा | 50 सेमी से कम | पश्चिमी राजस्थान (थार), कच्छ, लद्दाख |
| सर्वाधिक / न्यूनतम | स्थान |
|---|---|
| विश्व में सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा | मॉसिनराम (खासी पहाड़ियाँ, मेघालय) — लगभग 11,800 मिमी से अधिक |
| दूसरा सर्वाधिक | चेरापूँजी (सोहरा), मेघालय |
| भारत में न्यूनतम वर्षा | पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर) व लद्दाख (लेह) |
| भारत की कुल वार्षिक औसत वर्षा | लगभग 117–118 सेमी |
भारत के जलवायु प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की जलवायु
◆ (क) कोपेन के अनुसार भारत के जलवायु प्रदेश (सरलीकृत)
| कोड | जलवायु प्रकार | क्षेत्र |
|---|---|---|
| Amw | लघु शुष्क ऋतु वाली मानसूनी | गोवा के दक्षिण में पश्चिमी तट |
| As | शुष्क ग्रीष्म वाली मानसूनी | तमिलनाडु का कोरोमंडल तट |
| Aw | उष्णकटिबंधीय सवाना | कर्क रेखा के दक्षिण का अधिकांश प्रायद्वीपीय पठार |
| BShw | अर्ध-शुष्क स्टेपी | उत्तर-पश्चिमी गुजरात, पश्चिमी राजस्थान-पंजाब के कुछ भाग |
| BWhw | गर्म मरुस्थल | पश्चिमी राजस्थान (थार) |
| Cwg | शुष्क शीत ऋतु वाली मानसूनी | गंगा का मैदान (उत्तर प्रदेश सहित), पूर्वी राजस्थान, असम |
| Dfc | लघु ग्रीष्म वाली ठंडी आर्द्र शीत ऋतु | अरुणाचल प्रदेश |
| E | ध्रुवीय / पर्वतीय (टुंड्रा) | जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड के ऊँचे भाग |
C = गर्म शीतोष्ण, D = शीत हिम-वन,
E = ध्रुवीय; w = शुष्क शीत ऋतु,
s = शुष्क ग्रीष्म, h = गर्म,
m = मानसून।
◆ (ख) उत्तर प्रदेश की जलवायु
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| जलवायु प्रकार | उष्णकटिबंधीय मानसूनी; कोपेन — Cwg; समुद्र से दूर होने के कारण विषम (महाद्वीपीय) जलवायु |
| वर्षा का वितरण | पूर्व से पश्चिम की ओर घटती है — पूर्वी UP (गोरखपुर, तराई) में अधिक, पश्चिमी UP (मथुरा, आगरा) में कम |
| सर्वाधिक वर्षा | तराई क्षेत्र / पूर्वी UP (गोरखपुर, महराजगंज) |
| न्यूनतम वर्षा | पश्चिमी UP (मथुरा, आगरा के आसपास) |
| सबसे गर्म क्षेत्र | बुंदेलखंड — बाँदा, झाँसी (गर्मियों में 45°C से अधिक) |
| वर्षा का मुख्य स्रोत | बंगाल की खाड़ी शाखा का दक्षिण-पश्चिम मानसून; शीत ऋतु में पश्चिमी विक्षोभ |
| स्थानीय मौसमी घटनाएँ | ग्रीष्म में लू व आँधी; शीत में घना कोहरा और शीतलहर |
| प्रमुख फ़सलें (मौसम अनुसार) | रबी — गेहूँ, सरसों, चना; खरीफ़ — धान, मक्का, गन्ना; ज़ायद — तरबूज़, खीरा, मूँग |
जलवायु परिवर्तन एवं ग्रीनहाउस प्रभाव
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) पृथ्वी की जलवायु के
दीर्घकालिक औसत प्रतिरूप — तापमान, वर्षा, पवन — में होने वाला
स्थायी परिवर्तन है। वर्तमान जलवायु परिवर्तन मुख्यतः
मानवीय गतिविधियों से बढ़ी ग्रीनहाउस गैसों के
कारण है, जिससे वैश्विक तापन (Global Warming) हो रहा है।
◆ ग्रीनहाउस प्रभाव
| सूर्य की किरणें (लघु तरंग) | ➜ | पृथ्वी गर्म होती है | ➜ | पृथ्वी से ऊष्मा (दीर्घ तरंग) विकिरण | ➜ | ग्रीनहाउस गैसें ऊष्मा रोकती हैं | ➜ | पृथ्वी का तापमान बढ़ता है |
-
ग्रीनहाउस प्रभाव एक प्राकृतिक
प्रक्रिया है — इसके बिना पृथ्वी का औसत तापमान लगभग
−18°C होता, जबकि अब लगभग +15°C
है। -
समस्या तब है जब मानवीय गतिविधियों से गैसें अत्यधिक बढ़ती
हैं — “वर्धित ग्रीनहाउस प्रभाव”। -
ग्रीनहाउस प्रभाव की अवधारणा — जोसेफ़ फ़ूरियर (1824);
CO₂ की भूमिका — जॉन टिंडल, स्वान्ते
आर्हेनियस। -
“ग्रीनहाउस” = काँच का घर, जिसमें ठंडे देशों में पौधे उगाए
जाते हैं — ऊष्मा अंदर फँसी रहती है।
| ग्रीनहाउस गैस | प्रमुख स्रोत |
|---|---|
| कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) — सबसे अधिक योगदान | जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोल, डीज़ल), वनों की कटाई, सीमेंट उद्योग |
| मीथेन (CH₄) | धान के खेत, पशुपालन (जुगाली), कचरा भराव स्थल, दलदल |
| नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) | रासायनिक उर्वरक, वाहन, उद्योग |
| क्लोरोफ़्लोरोकार्बन (CFCs) | रेफ़्रिजरेटर, AC, स्प्रे — ओज़ोन परत को भी नष्ट करते हैं |
| जलवाष्प (H₂O) | प्राकृतिक — सबसे प्रचुर ग्रीनहाउस गैस |
| ओज़ोन (क्षोभमंडलीय) | वाहन व उद्योग प्रदूषण |
◆ जलवायु परिवर्तन के कारण एवं प्रभाव
| कारण | प्रभाव |
|---|---|
| जीवाश्म ईंधन का दहन | वैश्विक तापमान में वृद्धि |
| वनों की कटाई (वनोन्मूलन) | हिमनदों का पिघलना — गंगोत्री जैसे हिमनद पीछे खिसक रहे हैं |
| औद्योगीकरण व शहरीकरण | समुद्र तल में वृद्धि — तटीय क्षेत्र व द्वीप (मालदीव, सुंदरबन, लक्षद्वीप) ख़तरे में |
| वाहनों का बढ़ता प्रयोग | चरम मौसमी घटनाएँ — लू, बाढ़, सूखा, चक्रवात, बादल फटना बढ़े |
| कृषि — उर्वरक, धान, पशुपालन | कृषि उत्पादन पर प्रभाव; खाद्य सुरक्षा पर ख़तरा |
| कचरा व भराव स्थल | जैव विविधता की हानि; प्रवाल भित्तियों का विरंजन (Coral bleaching) |
| — | स्वास्थ्य — मलेरिया, डेंगू, लू से मृत्यु; जल संकट; जलवायु शरणार्थी |
◆ हम क्या कर सकते हैं? (बच्चों के लिए)
-
पेड़ लगाना और उनकी देखभाल।
-
बिजली व पानी की बचत — अनावश्यक पंखा, बत्ती, नल बंद
करना। -
3R — कम उपयोग (Reduce), पुनः उपयोग
(Reuse), पुनर्चक्रण (Recycle)। -
प्लास्टिक का कम प्रयोग; कपड़े का थैला।
-
पैदल, साइकिल, सार्वजनिक वाहन का प्रयोग।
-
सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोत — मिशन LiFE
(पर्यावरण के लिए जीवन शैली)।
ओज़ोन परत, एल-नीनो एवं ला-नीना
◆ (क) ओज़ोन परत
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| स्थिति | समतापमंडल (Stratosphere) — लगभग 15–35 किमी ऊँचाई |
| कार्य | सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को सोखती है — “पृथ्वी का सुरक्षा कवच“ |
| मापन इकाई | डॉबसन इकाई (DU) |
| ओज़ोन छिद्र | सबसे अधिक अंटार्कटिका के ऊपर (वसंत ऋतु में) |
| नष्ट करने वाले पदार्थ | CFCs (क्लोरोफ़्लोरोकार्बन), हैलोन, कार्बन टेट्राक्लोराइड — क्लोरीन परमाणु ओज़ोन तोड़ता है |
| UV किरणों के दुष्प्रभाव | त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद, प्रतिरक्षा में कमी, फ़सलों को हानि |
| संरक्षण समझौता | वियना अभिसमय (1985) और मॉण्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987); किगाली संशोधन (2016) — HFCs में कमी |
| विश्व ओज़ोन दिवस | 16 सितम्बर |
तापन (ग्रीनहाउस गैसों से) — दो अलग समस्याएँ हैं, यद्यपि
CFCs दोनों में योगदान देते हैं।
◆ (ख) एल-नीनो, ला-नीना एवं IOD
| घटना | अर्थ | भारतीय मानसून पर प्रभाव |
|---|---|---|
| एल-नीनो (El Niño) | स्पेनिश में “शिशु ईसा / छोटा लड़का“; प्रशांत महासागर में पेरू तट के पास समुद्री जल का असामान्य रूप से गर्म होना (क्रिसमस के आसपास) |
मानसून कमज़ोर → कम वर्षा, सूखा |
| ला-नीना (La Niña) | “छोटी लड़की“; प्रशांत महासागर का जल सामान्य से ठंडा |
मानसून मज़बूत → अधिक वर्षा |
| ENSO | एल-नीनो दक्षिणी दोलन — एल-नीनो और वायुदाब परिवर्तन का संयुक्त चक्र | — |
| हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) | हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी भाग में समुद्री तापमान का अंतर |
धनात्मक IOD → भारत में अधिक वर्षा; ऋणात्मक IOD → कम वर्षा |
“ला”ओ वर्षा (अधिक वर्षा)।
जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रयास
◆ (क) अंतरराष्ट्रीय प्रयास
| वर्ष | समझौता / संस्था | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|
| 1972 | स्टॉकहोम सम्मेलन (संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन) | पहला बड़ा पर्यावरण सम्मेलन; UNEP की स्थापना; 5 जून — विश्व पर्यावरण दिवस |
| 1987 | मॉण्ट्रियल प्रोटोकॉल | ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों (CFCs) पर रोक — सबसे सफल पर्यावरण संधि |
| 1988 | IPCC (जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल) | WMO और UNEP द्वारा; जलवायु विज्ञान पर रिपोर्ट; 2007 का नोबेल शांति पुरस्कार |
| 1992 | पृथ्वी शिखर सम्मेलन (रियो डी जनेरियो, ब्राज़ील) | UNFCCC (जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा अभिसमय); एजेंडा 21; जैव विविधता अभिसमय (CBD) |
| 1995 | पहला COP (बर्लिन) | UNFCCC के पक्षकारों का वार्षिक सम्मेलन (Conference of Parties) |
| 1997 | क्योटो प्रोटोकॉल (जापान) | विकसित देशों के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती के बाध्यकारी लक्ष्य; 2005 से लागू; कार्बन क्रेडिट |
| 2015 | पेरिस समझौता (COP-21) | वैश्विक तापमान वृद्धि 2°C से काफ़ी नीचे रखना और 1.5°C तक सीमित करने का प्रयास; हर देश का राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC) |
| 2015 | अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) | भारत और फ़्रांस की पहल; मुख्यालय गुरुग्राम (हरियाणा) |
| 2021 | COP-26 (ग्लासगो, UK) | भारत का “पंचामृत” — 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य; मिशन LiFE का विचार |
| 2023 / 2024 / 2025 | COP-28 (दुबई), COP-29 (बाकू, अज़रबैजान), COP-30 (बेलेम, ब्राज़ील) |
हानि एवं क्षति निधि, जलवायु वित्त, जीवाश्म ईंधन से दूर जाना |
◆ (ख) भारत के प्रयास — जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना
(NAPCC, 2008)
| क्र. | राष्ट्रीय मिशन |
|---|---|
| 1 | राष्ट्रीय सौर मिशन (जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन) |
| 2 | विकसित ऊर्जा दक्षता मिशन |
| 3 | सुस्थिर आवास (पर्यावास) मिशन |
| 4 | राष्ट्रीय जल मिशन |
| 5 | हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण मिशन |
| 6 | हरित भारत मिशन (ग्रीन इंडिया) |
| 7 | सुस्थिर कृषि मिशन |
| 8 | जलवायु परिवर्तन हेतु रणनीतिक ज्ञान मिशन |
मिशन — ट्रिक: “सौ-ऊ-आ-ज-हि-ह-कृ-ज्ञा” =
सौर, ऊर्जा दक्षता,
आवास, जल, हिमालय,
हरित भारत, कृषि,
ज्ञान।
| अन्य राष्ट्रीय पहलें | विवरण |
|---|---|
| मिशन LiFE | पर्यावरण के लिए जीवन शैली — व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार |
| राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP, 2019) | शहरों में वायु प्रदूषण में कमी |
| उजाला योजना | LED बल्ब — ऊर्जा बचत |
| राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023) | स्वच्छ ईंधन |
| भारत का लक्ष्य | 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन; गैर-जीवाश्म ईंधन से बिजली क्षमता बढ़ाना |
◆ (ग) महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवस
| दिवस | तिथि |
|---|---|
| विश्व मौसम विज्ञान दिवस | 23 मार्च |
| विश्व जल दिवस | 22 मार्च |
| पृथ्वी दिवस | 22 अप्रैल |
| विश्व पर्यावरण दिवस | 5 जून |
| विश्व ओज़ोन दिवस | 16 सितम्बर |
| राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस | 2 दिसम्बर (भोपाल गैस त्रासदी की स्मृति) |
परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| जलवायु के लिए औसत अवधि | लगभग 30 वर्ष |
| वायुदाब मापने का यंत्र | बैरोमीटर |
| पवन वेग मापने का यंत्र | एनीमोमीटर |
| आर्द्रता मापने का यंत्र | हाइग्रोमीटर |
| समान वर्षा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा | समवर्षा रेखा (Isohyet) |
| भारत की जलवायु | उष्णकटिबंधीय मानसूनी |
| “मानसून” शब्द | अरबी “मौसिम” से |
| केरल में मानसून का आगमन | लगभग 1 जून |
| भारत की अधिकांश वर्षा | दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून–सितम्बर) |
| शीतकाल में तमिलनाडु में वर्षा | उत्तर-पूर्वी / लौटता मानसून |
| शीतकाल में उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा | पश्चिमी विक्षोभ (भूमध्य सागर) |
| उत्तरी मैदान की गर्म शुष्क पवन | लू |
| काल बैसाखी | पश्चिम बंगाल व असम |
| आम्र वर्षा | केरल व कर्नाटक |
| विश्व में सर्वाधिक वर्षा | मॉसिनराम (मेघालय) |
| भारत में न्यूनतम वर्षा | पश्चिमी राजस्थान व लद्दाख |
| UP में वर्षा की दिशा | पूर्व से पश्चिम घटती |
| सबसे अधिक योगदान वाली ग्रीनहाउस गैस | CO₂ |
| धान के खेतों से निकलने वाली गैस | मीथेन |
| ओज़ोन परत | समतापमंडल |
| ओज़ोन मापन इकाई | डॉबसन इकाई |
| मॉण्ट्रियल प्रोटोकॉल | 1987 — ओज़ोन संरक्षण |
| क्योटो प्रोटोकॉल | 1997 |
| पेरिस समझौता | 2015 (COP-21) |
| भारत का नेट-ज़ीरो लक्ष्य | 2070 |
| NAPCC के मिशन | 8 (2008) |
| एल-नीनो का भारतीय मानसून पर प्रभाव | कम वर्षा / सूखा |
◆ (ख) भ्रम से बचें
-
मौसम = अल्पकालिक, स्थानीय; जलवायु =
दीर्घकालिक, बड़ा क्षेत्र। -
एल-नीनो = कम वर्षा; ला-नीना = अधिक
वर्षा। -
मॉण्ट्रियल = ओज़ोन; क्योटो / पेरिस = ग्रीनहाउस
गैस / जलवायु परिवर्तन। -
तमिलनाडु को मुख्य वर्षा शीतकाल
(अक्टूबर-दिसम्बर) में मिलती है, गर्मी में नहीं। -
वृष्टि छाया = पर्वत का पवनविमुख भाग
(कम वर्षा)। -
ग्रीनहाउस प्रभाव स्वयं हानिकारक नहीं — उसका
अत्यधिक बढ़ना हानिकारक है।
◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. किसी स्थान पर लम्बी अवधि की मौसमी दशाओं का औसत
कहलाता है —
(A) मौसम (B) जलवायु (C) ऋतु (D) वायुदाब
प्रश्न 2. पवन की गति मापने वाला यंत्र है —
(A) बैरोमीटर (B) हाइग्रोमीटर (C) एनीमोमीटर (D) थर्मामीटर
प्रश्न 3. “मानसून” शब्द किस भाषा से लिया गया है?
(A) संस्कृत (B) अरबी (C) फ़ारसी (D) यूनानी
प्रश्न 4. उत्तरी भारत में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली गर्म, शुष्क
पवन है —
(A) काल बैसाखी (B) लू (C) आम्र वर्षा (D) चिनूक
प्रश्न 5. शीतकाल में पंजाब-हरियाणा में होने वाली वर्षा का
कारण है —
(A) दक्षिण-पश्चिम मानसून (B) पश्चिमी विक्षोभ (C) काल बैसाखी (D) चक्रवात
प्रश्न 6. तमिलनाडु में सर्वाधिक वर्षा किस मानसून से होती
है?
(A) दक्षिण-पश्चिम (B) उत्तर-पूर्वी (लौटता) (C) पश्चिमी विक्षोभ (D) आम्र
वर्षा
प्रश्न 7. विश्व में सर्वाधिक वार्षिक वर्षा वाला स्थान है —
(A) चेरापूँजी (B) मॉसिनराम (C) शिलांग (D) कोच्चि
प्रश्न 8. उत्तर प्रदेश में वर्षा की मात्रा —
(A) पश्चिम से पूर्व घटती है (B) पूर्व से पश्चिम घटती है (C) सर्वत्र समान है (D)
दक्षिण में सर्वाधिक है
प्रश्न 9. ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाने वाली मुख्य गैस है —
(A) ऑक्सीजन (B) नाइट्रोजन (C) CFC (D) हीलियम
प्रश्न 10. एल-नीनो का भारतीय मानसून पर प्रभाव होता है
—
(A) अधिक वर्षा (B) कम वर्षा / सूखा (C) कोई प्रभाव नहीं (D) हिमपात
प्रश्न 11. पेरिस जलवायु समझौता किस वर्ष हुआ?
(A) 1992 (B) 1997 (C) 2015 (D) 2021
प्रश्न 12. भारत ने नेट-ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य किस वर्ष तक
रखा है?
(A) 2030 (B) 2050 (C) 2060 (D) 2070
9-C, 10-B, 11-C, 12-D
UP Super TET की पूरी तैयारी – Kredoz IAS के साथ
इस चैप्टर की PDF: यहाँ डाउनलोड करें
बाकी सभी चैप्टर: सभी 142 चैप्टर के नोट्स • टेस्ट सीरीज़: courses.kredoz.in
📞 9582225699

