UP Super TET Notes: अपवाह तंत्र (Drainage System of India) अध्याय 4 – पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन नोट्स PDF Download

UP Super TET Notes: अपवाह तंत्र (Drainage System of India) अध्याय 4 – पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन नोट्स PDF Download

UP SUPER TET 2026 • भाग 2 • अध्याय 4

अपवाह तंत्र (Drainage System of India) – चैप्टर-वार नोट्स

पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग

अपवाह प्रतिरूप, सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र तंत्र, प्रायद्वीपीय नदियाँ, जलप्रपात, झीलें, बाँध, नदी तट के नगर, उत्तर प्रदेश की नदियाँ – सब एक जगह।

विषय-सूची

क्र. अनुभाग
1 अपवाह तंत्र : अर्थ एवं शब्दावली
2 अपवाह प्रतिरूप
3 हिमालयी एवं प्रायद्वीपीय नदियों की तुलना
4 सिंधु नदी तंत्र
5 गंगा नदी तंत्र
6 ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र
7 प्रायद्वीपीय नदियाँ — पूर्व की ओर बहने वाली
8 प्रायद्वीपीय नदियाँ — पश्चिम की ओर बहने वाली
9 प्रमुख जलप्रपात एवं झीलें
10 प्रमुख बाँध एवं नदी घाटी परियोजनाएँ
11 नदियों के किनारे बसे प्रमुख नगर
12 उत्तर प्रदेश की नदियाँ (विशेष)
13 परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
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अपवाह तंत्र : अर्थ एवं शब्दावली

अपवाह (Drainage) का अर्थ है निश्चित जल-मार्गों
(नदियों)
द्वारा जल का प्रवाह। किसी मुख्य नदी और उसकी सहायक
नदियों
से बना जाल अपवाह तंत्र (Drainage System)
कहलाता है।

शब्द अर्थ
अपवाह द्रोणी / नदी बेसिन (Drainage Basin) वह सम्पूर्ण क्षेत्र जिसका जल एक मुख्य नदी और उसकी सहायक
नदियों द्वारा बहाया जाता है — गंगा द्रोणी भारत की सबसे
बड़ी
जल विभाजक (Water Divide / Watershed) ऊँचा भू-भाग जो दो अपवाह द्रोणियों को अलग करता है — जैसे
अंबाला (सिंधु-गंगा), पश्चिमी घाट
उद्गम (Source) जहाँ से नदी निकलती है
मुहाना (Mouth) जहाँ नदी समुद्र / झील / दूसरी नदी में मिलती है
सहायक नदी (Tributary) जो किसी बड़ी नदी में आकर मिलती है
वितरिका (Distributary) जो मुख्य नदी से अलग होकर बहती है (डेल्टा में) — जैसे
हुगली
संगम (Confluence) दो नदियों के मिलने का स्थान — जैसे प्रयागराज (त्रिवेणी)
डेल्टा (Delta) मुहाने पर त्रिकोणाकार जलोढ़ निक्षेप — पूर्वी
तट
की नदियाँ
ज्वारनदमुख (Estuary) मुहाने पर कीपाकार संकरा भाग, जहाँ ज्वार आता है —
नर्मदा, ताप्ती
गोखुर झील (Ox-bow Lake) नदी के विसर्प (मोड़) के कट जाने से बनी झील
बारहमासी नदी वर्षभर जल — हिमालयी नदियाँ
मौसमी नदी केवल वर्षा ऋतु में जल — अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ
भारत का अपवाह — समुद्र के अनुसार: भारत के लगभग
77% अपवाह क्षेत्र का जल बंगाल की खाड़ी में और
लगभग 23% अरब सागर में जाता है।
2

अपवाह प्रतिरूप (Drainage Patterns)

प्रतिरूप आकृति कहाँ बनता है उदाहरण
वृक्षाकार / द्रुमाकृतिक (Dendritic) पेड़ की शाखाओं जैसा समान चट्टानों वाले मैदानी क्षेत्र गंगा, सिंधु — उत्तरी मैदान की नदियाँ
जालीनुमा (Trellis) सहायक नदियाँ मुख्य नदी से समकोण पर वलित पर्वत, कठोर-मुलायम चट्टानों की पट्टियाँ सिंहभूम (झारखंड), हिमालय के कुछ भाग
आयताकार (Rectangular) समकोण पर मुड़ती धाराएँ भ्रंश / संधियुक्त चट्टानें विंध्य क्षेत्र
अरीय / त्रिज्यीय (Radial) केंद्र (ऊँचे भाग) से चारों ओर बाहर गुंबदाकार पर्वत / शिखर अमरकंटक (नर्मदा, सोन, जोहिला), रामगढ़
क्रेटर
अभिकेंद्री (Centripetal) चारों ओर से केंद्र (गर्त) की ओर बेसिन / झील लोकटक झील (मणिपुर), लद्दाख
समानांतर (Parallel) समानांतर बहती धाराएँ समान ढाल वाले क्षेत्र पश्चिमी घाट से निकलने वाली छोटी नदियाँ
ट्रिक: अरीय = अमरकंटक से बाहर
(“अ-अ“); अभिकेंद्री = लोकटक की ओर अंदर;
वृक्षाकार = गंगा।
3

हिमालयी एवं प्रायद्वीपीय नदियों की तुलना

आधार हिमालयी नदियाँ प्रायद्वीपीय नदियाँ
उद्गम हिमालय के हिमनदों से प्रायद्वीपीय पठार — मुख्यतः पश्चिमी घाट व मध्य उच्चभूमि
से
प्रवाह बारहमासी (Perennial) — हिम + वर्षा मौसमी — केवल वर्षा पर निर्भर
आयु युवा — अपरदन सक्रिय प्राचीन / प्रौढ़ — घाटियाँ चौड़ी व उथली
घाटी गहरी V-आकार घाटियाँ, महाखड्ड
(Gorge)
उथली, चौड़ी घाटियाँ
अपवाह द्रोणी बड़ी अपेक्षाकृत छोटी
विसर्प (Meanders) मैदान में अधिक विसर्प; मार्ग बदलती हैं कठोर चट्टानों के कारण निश्चित मार्ग, विसर्प कम
नौकायन अधिक उपयुक्त कम उपयुक्त
सिंचाई नहरों द्वारा तालाबों व बाँधों द्वारा
उदाहरण सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र व सहायक नदियाँ महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, नर्मदा, ताप्ती
पूर्वगामी नदी (Antecedent River): वे नदियाँ जो
हिमालय बनने से पहले से बह रही थीं और हिमालय के उठने के साथ
गहरी घाटी काटती रहीं — सिंधु, सतलज,
ब्रह्मपुत्र
; इनके उद्गम हिमालय के उस पार (तिब्बत) में
हैं।
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सिंधु नदी तंत्र

तथ्य विवरण
उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट
कैलाश पर्वत क्षेत्र — बोखर चू हिमनद; तिब्बत में
नाम “सिंगी खंबान” (शेर का मुख)
कुल लम्बाई लगभग 2,880 किमी (भारत में लगभग 1,114
किमी
)
भारत में प्रवेश लद्दाख (लेह) — लद्दाख व ज़ास्कर शृंखलाओं के बीच
पाकिस्तान में प्रवेश चिल्लास के निकट दरदिस्तान क्षेत्र से
मुहाना कराची के पास अरब सागर
बाएँ तट की प्रमुख सहायक ज़ास्कर; पंजाब की पाँच नदियाँ — झेलम, चिनाब,
रावी, ब्यास, सतलज
— पंचनद के रूप में
मिठानकोट (पाकिस्तान) के पास मिलती हैं
दाएँ तट की सहायक श्योक, नुब्रा, गिलगित, हुंज़ा, काबुल, कुर्रम, गोमल

◆ पंजाब की पाँच नदियाँ

नदी प्राचीन (वैदिक) नाम उद्गम मुख्य तथ्य
झेलम वितस्ता वेरीनाग झरना (जम्मू-कश्मीर) वुलर झील से होकर; श्रीनगर इसके तट पर;
किशनगंगा सहायक
चिनाब अस्किनी चंद्रा + भागा का टांडी (हिमाचल) में
संगम
सिंधु की सबसे बड़ी सहायक; चिनाब रेल पुल — विश्व का
सबसे ऊँचा रेल पुल
रावी परुष्णी / इरावती रोहतांग के निकट (कुल्लू पहाड़ियाँ), हिमाचल भारत-पाक सीमा पर कुछ दूरी तक; लाहौर इसके तट पर
ब्यास विपाशा ब्यास कुंड — रोहतांग दर्रे के पास पूर्णतः भारत में बहती है; हरिके (पंजाब) में
सतलज से मिलती है; पोंग बाँध
सतलज शतुद्रि तिब्बत में राकस ताल (मानसरोवर के पास) —
पूर्वगामी
शिपकी ला से भारत में प्रवेश; भाखड़ा-नांगल
बाँध
(गोबिंद सागर); इंदिरा गांधी नहर (हरिके से)
ट्रिक — पश्चिम से पूर्व:
“झे-चि-रा-ब्या-स” = झेलम,
चिनाब, रावी, ब्यास,
सतलज। ब्यास एकमात्र जो पूर्णतः
भारत
में बहती है।

◆ सिंधु जल समझौता (1960)

  • भारत और पाकिस्तान के बीच, विश्व बैंक की मध्यस्थता में,
    कराची में 19 सितम्बर 1960 को — जवाहरलाल नेहरू और अयूब
    ख़ान
    ।

  • पूर्वी नदियाँ — रावी, ब्यास, सतलज —
    भारत को।

  • पश्चिमी नदियाँ — सिंधु, झेलम, चिनाब —
    पाकिस्तान को; भारत इनका सीमित उपयोग (सिंचाई, जलविद्युत आदि)
    कर सकता है — सिंधु तंत्र के कुल जल का लगभग 20% भारत के हिस्से
    में।

  • अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि
    को स्थगित (abeyance) रखने की घोषणा की — नवीनतम स्थिति
    परीक्षा से पहले देखें।

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गंगा नदी तंत्र

गंगा भारत की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे लम्बी (भारत
में)
नदी है; इसकी द्रोणी भारत की सबसे बड़ी अपवाह
द्रोणी
है। 2008 में इसे राष्ट्रीय
नदी
घोषित किया गया।

तथ्य विवरण
उद्गम भागीरथी — गंगोत्री हिमनद (गोमुख),
उत्तरकाशी, उत्तराखंड; अलकनंदा — सतोपंथ
हिमनद
(बद्रीनाथ के पास)
गंगा नाम देवप्रयाग में भागीरथी + अलकनंदा के संगम के
बाद
मैदान में प्रवेश हरिद्वार
कुल लम्बाई लगभग 2,525 किमी
प्रवाहित राज्य उत्तराखंड → उत्तर प्रदेश → बिहार → झारखंड (छोटा भाग) → पश्चिम
बंगाल
; सबसे अधिक लम्बाई उत्तर प्रदेश में (लगभग 1,000+
किमी)
वितरिकाएँ पश्चिम बंगाल में फ़रक्का के बाद दो शाखाएँ —
भागीरथी-हुगली (भारत — कोलकाता) और पद्मा
(बांग्लादेश)
मुहाना पद्मा + जमुना (ब्रह्मपुत्र) = मेघना → बंगाल की खाड़ी;
सुंदरबन डेल्टा — विश्व का सबसे बड़ा
राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फ़िन (सूँस) — 2009
सफ़ाई अभियान गंगा एक्शन प्लान (1985); नमामि गंगे
(2014)

◆ पंच प्रयाग (अलकनंदा पर, उत्तराखंड)

विष्णुप्रयाग ➜ नंदप्रयाग ➜ कर्णप्रयाग ➜ रुद्रप्रयाग ➜ देवप्रयाग
प्रयाग संगम
विष्णुप्रयाग अलकनंदा + धौलीगंगा
नंदप्रयाग अलकनंदा + नंदाकिनी
कर्णप्रयाग अलकनंदा + पिंडर
रुद्रप्रयाग अलकनंदा + मंदाकिनी
देवप्रयाग अलकनंदा + भागीरथी → गंगा
ट्रिक — पंच प्रयाग (ऊपर से नीचे):
“वि-नं-क-रु-दे” = विष्णु →
नंद → कर्ण → रुद्र →
देव। संगम नदियाँ: “धौ-नं-पि-मं-भा” =
धौलीगंगा, नंदाकिनी,
पिंडर, मंदाकिनी,
भागीरथी।

◆ गंगा की प्रमुख सहायक नदियाँ

बाएँ तट (हिमालय से, उत्तर से आने वाली) दाएँ तट (दक्षिण / प्रायद्वीप से आने वाली)
रामगंगा — गढ़वाल; कन्नौज के पास मिलती; जिम
कॉर्बेट
पार्क
यमुना — सबसे लम्बी सहायक; प्रयागराज में
संगम
गोमती — पीलीभीत (फुलहर झील);
लखनऊ, जौनपुर; गाज़ीपुर के पास मिलती
सोन — अमरकंटक; पटना के पास मिलती;
दक्षिण से आने वाली सबसे बड़ी सहायक
घाघरा (सरयू / करनाली) — नेपाल / तिब्बत;
अयोध्या (सरयू); छपरा के पास मिलती
पुनपुन — बिहार
गंडक (नारायणी / सालिग्रामी) — नेपाल; पटना
(हाजीपुर)
के पास मिलती
बूढ़ी गंडक
कोसी (सप्तकोसी) — नेपाल; “बिहार का
शोक
” — बार-बार मार्ग बदलती है
महानंदा — दार्जिलिंग; गंगा में मिलने वाली अंतिम बाएँ
तट की
सहायक
ट्रिक — बाएँ तट की सहायक (पश्चिम से पूर्व):
“रा-गो-घा-गं-को-म” = रामगंगा,
गोमती, घाघरा, गंडक,
कोसी, महानंदा। दामोदर
— हुगली में मिलती है — “बंगाल का शोक” (अब
DVC से नियंत्रित)।

◆ यमुना नदी तंत्र

तथ्य विवरण
उद्गम यमुनोत्री हिमनद — बंदरपूँछ शिखर,
उत्तरकाशी (उत्तराखंड)
संगम प्रयागराज में गंगा से — त्रिवेणी संगम
(गंगा, यमुना, अदृश्य सरस्वती)
लम्बाई लगभग 1,376 किमी — गंगा की सबसे लम्बी
सहायक
तट पर नगर दिल्ली, मथुरा, वृंदावन, आगरा (ताजमहल), इटावा,
प्रयागराज
बाएँ तट की सहायक हिंडन (सहारनपुर), टोंस (सबसे बड़ी
हिमालयी सहायक), ऋषिगंगा, सेंगर
दाएँ तट की सहायक (दक्षिण से) चंबल, सिंध, बेतवा, केन
सहायक नदी उद्गम मुख्य तथ्य
चंबल जानापाव पहाड़ी, महू (इंदौर, MP) बीहड़ (उत्खात भूमि) के लिए प्रसिद्ध;
कोटा इसके तट पर; राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल
अभयारण्य
; गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर बाँध; इटावा के
पास यमुना से मिलती
बेतवा (वेत्रवती) रायसेन / भोपाल के पास (MP) ओरछा, झाँसी क्षेत्र; हमीरपुर के पास यमुना में
केन (कर्णावती) कैमूर पहाड़ियाँ (MP) पन्ना राष्ट्रीय उद्यान; बाँदा के पास
यमुना में; केन-बेतवा लिंक परियोजना
सिंध विदिशा (MP) पचनदा — जालौन-इटावा क्षेत्र में यमुना, चंबल, सिंध,
क्वारी, पहुज
का संगम
6

ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र

तथ्य विवरण
उद्गम मानसरोवर झील के पास कैलाश पर्वत —
चेमायुंगडुंग हिमनद (तिब्बत)
कुल लम्बाई लगभग 2,900 किमी
तिब्बत में नाम सांगपो (त्सांगपो) — “शुद्ध करने वाली”
भारत में प्रवेश नामचा बरवा के पास U-मोड़ लेकर
अरुणाचल प्रदेश में — नाम सियांग / दिहांग
असम में दिबांग और लोहित के मिलने के बाद
ब्रह्मपुत्र कहलाती है
बांग्लादेश में जमुना → पद्मा (गंगा) से मिलकर →
मेघना → बंगाल की खाड़ी
विशेषता गुंफित (Braided) वाहिका; अत्यधिक बाढ़ और
अपरदन
; माजुली — विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीपों में;
अत्यधिक अवसाद भार
प्रमुख सहायक बाएँ तट — दिबांग, लोहित, धनसिरी, बुरी दिहिंग;
दाएँ तट — सुबनसिरी (सबसे बड़ी सहायक),
कामेंग, मानस, संकोश, तीस्ता
तट पर नगर डिब्रूगढ़, तेज़पुर, गुवाहाटी
ट्रिक — ब्रह्मपुत्र के नाम: तिब्बत — सांगपो →
अरुणाचल — सियांग / दिहांग → असम — ब्रह्मपुत्र
→ बांग्लादेश — जमुना। ब्रह्मपुत्र
“नद” (पुल्लिंग) कहलाता है।
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प्रायद्वीपीय नदियाँ — पूर्व की ओर बहने वाली

अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ पश्चिमी घाट से निकलकर
पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में
गिरकर डेल्टा बनाती हैं — क्योंकि पठार का सामान्य ढाल
पश्चिम से पूर्व
है।

नदी उद्गम लम्बाई (लगभग) प्रवाहित राज्य प्रमुख सहायक मुख्य तथ्य
महानदी सिहावा, धमतरी (छत्तीसगढ़) 851 किमी छत्तीसगढ़, ओडिशा शिवनाथ, हसदेव, मांड, तेल, इब हीराकुंड बाँध (संबलपुर) — विश्व के सबसे लम्बे मिट्टी के
बाँधों
में; कटक; डेल्टा
गोदावरी त्र्यंबकेश्वर, नासिक (महाराष्ट्र) 1,465 किमी — प्रायद्वीप की सबसे
लम्बी
महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश (छत्तीसगढ़, ओडिशा, कर्नाटक में द्रोणी) प्राणहिता (वर्धा + वेनगंगा + पेनगंगा),
इंद्रावती, मंजरा, सबरी
“दक्षिण गंगा / वृद्ध गंगा“; सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय
द्रोणी
; नासिक (कुंभ), नांदेड़, राजमुंदरी
कृष्णा महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) 1,400 किमी — दूसरी सबसे लम्बी महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तुंगभद्रा (सबसे बड़ी), भीमा, कोयना,
घटप्रभा, मालप्रभा, मूसी (हैदराबाद)
नागार्जुन सागर, श्रीशैलम, अलमाटी बाँध;
विजयवाड़ा
कावेरी तालकावेरी, ब्रह्मगिरि पहाड़ी,
कोडागु (कूर्ग), कर्नाटक
800 किमी कर्नाटक, तमिलनाडु (केरल, पुडुचेरी में द्रोणी) काबिनी, हेमावती, भवानी, अमरावती, शिम्शा लगभग बारहमासी — दोनों मानसूनों (दक्षिण-पश्चिम व
उत्तर-पूर्वी) से जल; शिवसमुद्रम जलप्रपात; मेट्टूर
बाँध
; श्रीरंगपट्टनम, तिरुचिरापल्ली; कर्नाटक-तमिलनाडु
जल विवाद
स्वर्णरेखा रांची पठार (झारखंड) 395 किमी झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा खरकई हुंडरू जलप्रपात; जमशेदपुर; सोने के कणों के
कारण नाम
पेन्नार / वैगई / ब्राह्मणी — — आंध्र / तमिलनाडु / ओडिशा — मदुरै — वैगई के तट पर
ट्रिक — लम्बाई क्रम (पूर्व वाहिनी): गोदावरी >
कृष्णा > महानदी >
कावेरी — “गो-कृ-म-का“। गोदावरी =
प्रायद्वीप की सबसे लम्बी
; नर्मदा = पश्चिम की ओर बहने वाली सबसे
लम्बी
।
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प्रायद्वीपीय नदियाँ — पश्चिम की ओर बहने वाली

पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ अरब सागर में गिरती हैं; ये
डेल्टा नहीं, बल्कि ज्वारनदमुख (Estuary)
बनाती हैं। नर्मदा और ताप्ती भ्रंश घाटी (Rift
Valley)
में बहती हैं।

नदी उद्गम लम्बाई प्रवाहित राज्य मुख्य तथ्य
नर्मदा (रेवा) अमरकंटक (मैकाल पर्वत, अनूपपुर, MP) 1,312 किमी — पश्चिम वाहिनी में सबसे
लम्बी
MP, महाराष्ट्र, गुजरात विंध्य और सतपुड़ा के बीच भ्रंश घाटी;
धुआँधार जलप्रपात व भेड़ाघाट (संगमरमर की
चट्टानें)
— जबलपुर; कपिलधारा
प्रपात; सरदार सरोवर बाँध (गुजरात) व इंदिरा
सागर
; भरूच के पास खंभात की खाड़ी में
ताप्ती (तापी) मुलताई, बैतूल (MP) — सतपुड़ा 724 किमी MP, महाराष्ट्र, गुजरात सतपुड़ा और अजंता के बीच भ्रंश घाटी; सूरत
इसके तट पर; उकाई बाँध; सहायक — पूर्णा
माही विंध्य (धार, MP) 583 किमी MP, राजस्थान, गुजरात कर्क रेखा को दो बार काटती है; खंभात की
खाड़ी
साबरमती अरावली (उदयपुर, राजस्थान) 371 किमी राजस्थान, गुजरात अहमदाबाद, गांधीनगर; साबरमती
आश्रम
लूणी नाग पहाड़ / पुष्कर, अजमेर (राजस्थान) 495 किमी राजस्थान, गुजरात बालोतरा के बाद खारी; कच्छ के
रण
में लुप्त — समुद्र तक नहीं पहुँचती; आंतरिक अपवाह
पश्चिमी घाट की छोटी नदियाँ पश्चिमी घाट छोटी गोवा, कर्नाटक, केरल मांडवी, जुआरी (गोवा), शरावती
(जोग प्रपात), पेरियार (केरल की सबसे लम्बी
नदी — इडुक्की बाँध), भरतपुझा
भ्रंश घाटी (Rift Valley) वाली नदियाँ: नर्मदा
(विंध्य–सतपुड़ा) और ताप्ती (सतपुड़ा–अजंता) — इसीलिए ये
पश्चिम की ओर बहती हैं और डेल्टा नहीं बनातीं।
दामोदर भी भ्रंश घाटी में बहती है।
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प्रमुख जलप्रपात एवं झीलें

◆ (क) प्रमुख जलप्रपात

जलप्रपात नदी राज्य विशेष
कुंचिकल वाराही कर्नाटक भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात (लगभग 455 मी)
जोग / गरसोप्पा शरावती कर्नाटक प्रसिद्ध ऊँचा प्लंज (सीधा गिरने वाला) जलप्रपात
दूधसागर मांडवी गोवा-कर्नाटक सीमा “दूध का सागर” जैसा
चित्रकोट इंद्रावती छत्तीसगढ़ (बस्तर) “भारत का नियाग्रा” — सबसे चौड़ा
धुआँधार नर्मदा मध्य प्रदेश (जबलपुर, भेड़ाघाट) संगमरमर की चट्टानें
शिवसमुद्रम कावेरी कर्नाटक भारत की पहली जलविद्युत परियोजना (1902)
हुंडरू स्वर्णरेखा झारखंड (रांची) —
अथिरापल्ली चालाकुडी केरल “केरल का नियाग्रा“
नोहकालिकाई — मेघालय (चेरापूँजी) भारत का सबसे ऊँचा प्लंज जलप्रपात
कपिलधारा नर्मदा MP (अमरकंटक के पास) नर्मदा का पहला प्रपात

◆ (ख) प्रमुख झीलें

झील राज्य विशेष
वुलर जम्मू-कश्मीर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की प्राकृतिक झील;
झेलम पर
चिल्का ओडिशा भारत का सबसे बड़ा खारे पानी का लैगून; प्रवासी पक्षी;
इरावदी डॉल्फ़िन
सांभर राजस्थान भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी (नमक) झील
डल जम्मू-कश्मीर (श्रीनगर) शिकारा, हाउसबोट
लोकटक मणिपुर तैरते द्वीप “फुमदी”; केबुल लामजाओ —
विश्व का एकमात्र तैरता राष्ट्रीय उद्यान (संगाई हिरण)
वेम्बनाड केरल केरल की सबसे बड़ी / भारत की सबसे लम्बी झील; नेहरू
ट्रॉफ़ी नौका दौड़
पैंगोंग त्सो लद्दाख (भारत-चीन) ऊँचाई पर स्थित खारी झील
कोलेरू आंध्र प्रदेश बड़ी मीठे पानी की झील (गोदावरी-कृष्णा डेल्टा के बीच)
पुलिकट आंध्र प्रदेश – तमिलनाडु दूसरा सबसे बड़ा खारा लैगून; श्रीहरिकोटा पास में
लोनार महाराष्ट्र (बुलढाणा) उल्का पिंड गिरने से बनी क्रेटर झील
गुरुडोंगमर / त्सो ल्हामो सिक्किम भारत की सबसे ऊँची झीलों में
गोविंद बल्लभ पंत सागर उत्तर प्रदेश (सोनभद्र) रिहंद बाँध से बनी — भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम
झील
हुसैन सागर तेलंगाना (हैदराबाद) कृत्रिम झील; बुद्ध प्रतिमा
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प्रमुख बाँध एवं नदी घाटी परियोजनाएँ

नेहरू: पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बड़े बाँधों को “आधुनिक
भारत के मंदिर
” कहा था।
बाँध / परियोजना नदी राज्य विशेष
टिहरी बाँध भागीरथी (भिलंगना संगम) उत्तराखंड भारत का सबसे ऊँचा बाँध (लगभग 260 मी)
भाखड़ा-नांगल सतलज हिमाचल / पंजाब ऊँचे कंक्रीट गुरुत्व बाँधों में; जलाशय — गोबिंद
सागर
हीराकुंड महानदी ओडिशा (संबलपुर) भारत का सबसे लम्बा बाँध (लगभग 25 किमी मुख्य बाँध +
तटबंध)
सरदार सरोवर नर्मदा गुजरात नर्मदा बचाओ आंदोलन (मेधा पाटकर); स्टैच्यू ऑफ़
यूनिटी
पास में
नागार्जुन सागर कृष्णा तेलंगाना – आंध्र विश्व के सबसे बड़े चिनाई (Masonry) बाँधों में
तुंगभद्रा तुंगभद्रा कर्नाटक —
मेट्टूर कावेरी तमिलनाडु —
कृष्णराज सागर (KRS) कावेरी कर्नाटक (मैसूर) वृंदावन गार्डन
इडुक्की पेरियार केरल आर्च (मेहराबदार) बाँध
रिहंद रिहंद (सोन की सहायक) उत्तर प्रदेश (सोनभद्र) गोविंद बल्लभ पंत सागर
माताटीला बेतवा उत्तर प्रदेश (ललितपुर) – MP —
दामोदर घाटी निगम (DVC) दामोदर झारखंड – पश्चिम बंगाल 1948 — स्वतंत्र भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी
परियोजना
; अमेरिका की टेनेसी घाटी प्राधिकरण (TVA)
की तर्ज़ पर
इंदिरा गांधी नहर सतलज + ब्यास (हरिके बैराज) पंजाब – राजस्थान भारत की सबसे लम्बी नहर; थार मरुस्थल में सिंचाई
फ़रक्का बैराज गंगा पश्चिम बंगाल हुगली में जल पहुँचाकर कोलकाता बंदरगाह को गाद से बचाना
केन-बेतवा लिंक परियोजना: राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के
अंतर्गत पहली परियोजना (2021 में स्वीकृति) —
केन का अतिरिक्त जल बेतवा में; उत्तर
प्रदेश (बुंदेलखंड)
और मध्य प्रदेश को सिंचाई व पेयजल लाभ;
दौधन बाँध (पन्ना)।
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नदियों के किनारे बसे प्रमुख नगर

नगर नदी नगर नदी
श्रीनगर झेलम कोलकाता हुगली
लुधियाना / फ़िरोज़पुर सतलज गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र
हरिद्वार, ऋषिकेश गंगा जबलपुर नर्मदा
कानपुर, वाराणसी, पटना गंगा सूरत ताप्ती
प्रयागराज गंगा-यमुना अहमदाबाद साबरमती
दिल्ली, मथुरा, आगरा यमुना नासिक, नांदेड़ गोदावरी
लखनऊ, जौनपुर, सुल्तानपुर गोमती विजयवाड़ा कृष्णा
अयोध्या सरयू (घाघरा) हैदराबाद मूसी
गोरखपुर राप्ती कटक, संबलपुर महानदी
बरेली, मुरादाबाद रामगंगा तिरुचिरापल्ली, श्रीरंगपट्टनम कावेरी
उज्जैन क्षिप्रा मदुरै वैगई
कोटा चंबल जमशेदपुर स्वर्णरेखा
बद्रीनाथ अलकनंदा केदारनाथ मंदाकिनी
झाँसी / ओरछा बेतवा बाँदा केन
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उत्तर प्रदेश की नदियाँ (विशेष)

नदी उद्गम UP में मुख्य तथ्य
गंगा गंगोत्री (उत्तराखंड) बिजनौर से UP में प्रवेश; UP में सबसे लम्बी
दूरी; तट पर — बिजनौर, फ़र्रुख़ाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्ज़ापुर,
वाराणसी, गाज़ीपुर, बलिया
; बलिया के बाद बिहार
में
यमुना यमुनोत्री सहारनपुर के पास UP में; तट पर — मथुरा, आगरा, इटावा, हमीरपुर,
प्रयागराज
गोमती फुलहर झील / गोमत ताल, पीलीभीत भूजल-पोषित (हिमनद से नहीं); तट पर — लखनऊ,
सुल्तानपुर, जौनपुर
; वाराणसी-गाज़ीपुर के बीच (कैथी) गंगा
में मिलती
घाघरा (सरयू / करनाली) तिब्बत (मापचाचुंगो हिमनद) / नेपाल अयोध्या में सरयू कहलाती; UP की
सबसे बड़ी
(जल मात्रा में) नदी; बिहार के छपरा के पास गंगा में
राप्ती नेपाल गोरखपुर इसके तट पर; घाघरा की सहायक; बाढ़-प्रवण
रामगंगा गढ़वाल (उत्तराखंड) मुरादाबाद, बरेली; कन्नौज के पास गंगा
में
शारदा (काली / महाकाली) उत्तराखंड (कालापानी) भारत-नेपाल सीमा बनाती है; लखीमपुर खीरी; घाघरा से
मिलती
बेतवा, केन, चंबल मध्य प्रदेश बुंदेलखंड की नदियाँ; यमुना की दाएँ तट की सहायक;
पचनदा (जालौन)
सोन अमरकंटक (MP) सोनभद्र से होकर बिहार; रिहंद इसकी
सहायक
हिंडन सहारनपुर (शिवालिक) गाज़ियाबाद; यमुना की सहायक; प्रदूषित नदी
UP की नदियाँ — याद रखें: UP में सबसे लम्बी — गंगा;
जल मात्रा में सबसे बड़ी — घाघरा; भूजल से निकलने वाली —
गोमती
; भारत-नेपाल सीमा — शारदा (काली);
प्रयागराज — संगम; पचनदा — 5 नदियों का संगम
(जालौन)
।
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परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न

◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य

प्रश्न उत्तर
भारत की सबसे बड़ी अपवाह द्रोणी गंगा
भारत में सबसे लम्बी नदी गंगा (लगभग 2,525 किमी)
राष्ट्रीय नदी (2008) गंगा
गंगा की सबसे लम्बी सहायक यमुना
भागीरथी + अलकनंदा का संगम देवप्रयाग
सिंधु की सबसे बड़ी सहायक चिनाब
पूर्णतः भारत में बहने वाली पंजाब की नदी ब्यास
सिंधु जल समझौता 1960 (विश्व बैंक मध्यस्थ)
“बिहार का शोक” कोसी
“बंगाल का शोक” दामोदर
ब्रह्मपुत्र का तिब्बती नाम सांगपो
प्रायद्वीप की सबसे लम्बी नदी गोदावरी (दक्षिण गंगा)
पश्चिम वाहिनी सबसे लम्बी नदी नर्मदा
भ्रंश घाटी में बहने वाली नदियाँ नर्मदा व ताप्ती
कर्क रेखा को दो बार काटने वाली नदी माही
समुद्र तक न पहुँचने वाली नदी लूणी
अमरकंटक से निकलने वाली नदियाँ नर्मदा, सोन, जोहिला — अरीय प्रतिरूप (महानदी का उद्गम —
सिहावा, छत्तीसगढ़)
“भारत का नियाग्रा” चित्रकोट (इंद्रावती)
भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात कुंचिकल (कर्नाटक)
सबसे बड़ी मीठे पानी की झील वुलर
सबसे बड़ा खारा लैगून चिल्का
भारत का सबसे ऊँचा बाँध टिहरी
भारत का सबसे लम्बा बाँध हीराकुंड
पहली बहुउद्देशीय परियोजना दामोदर घाटी निगम (1948)
भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविंद बल्लभ पंत सागर (रिहंद, UP)
नदी जोड़ो की पहली परियोजना केन-बेतवा

◆ (ख) भ्रम से बचें

  • सहायक नदी मुख्य नदी में मिलती है;
    वितरिका मुख्य नदी से निकलती है।

  • पूर्वी तट की नदियाँ = डेल्टा; नर्मदा-ताप्ती =
    ज्वारनदमुख
    ।

  • गोदावरी = प्रायद्वीप की सबसे लम्बी;
    नर्मदा = पश्चिम की ओर बहने वाली सबसे लम्बी।

  • कोसी = बिहार का शोक; दामोदर =
    बंगाल
    का शोक।

  • अरीय = बाहर की ओर (अमरकंटक); अभिकेंद्री =
    अंदर की ओर (लोकटक)
    ।

  • टिहरी = सबसे ऊँचा, हीराकुंड = सबसे
    लम्बा
    बाँध।

◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. भागीरथी और अलकनंदा का संगम कहाँ होता है?

(A) रुद्रप्रयाग (B) देवप्रयाग (C) कर्णप्रयाग (D) हरिद्वार

प्रश्न 2. “बिहार का शोक” कही जाने वाली नदी है —

(A) गंडक (B) कोसी (C) सोन (D) दामोदर

प्रश्न 3. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लम्बी नदी है —

(A) कृष्णा (B) कावेरी (C) गोदावरी (D) नर्मदा

प्रश्न 4. भ्रंश घाटी से होकर बहने वाली नदी है —

(A) गोदावरी (B) कृष्णा (C) नर्मदा (D) महानदी

प्रश्न 5. सिंधु जल समझौते के अनुसार भारत को मिली नदियाँ हैं
—

(A) सिंधु, झेलम, चिनाब (B) रावी, ब्यास, सतलज (C) झेलम, रावी, ब्यास (D)
चिनाब, सतलज, रावी

प्रश्न 6. अमरकंटक से निकलने वाली नदियाँ किस अपवाह प्रतिरूप
का उदाहरण हैं?

(A) वृक्षाकार (B) अरीय (C) अभिकेंद्री (D) जालीनुमा

प्रश्न 7. गोमती नदी का उद्गम स्थल है —

(A) हिमालय (B) पीलीभीत (फुलहर झील) (C) अमरकंटक (D) यमुनोत्री

प्रश्न 8. भारत का सबसे ऊँचा बाँध है —

(A) भाखड़ा (B) हीराकुंड (C) टिहरी (D) सरदार सरोवर

प्रश्न 9. “भारत का नियाग्रा” कहा जाने वाला जलप्रपात है
—

(A) जोग (B) चित्रकोट (C) धुआँधार (D) शिवसमुद्रम

प्रश्न 10. भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है —

(A) डल (B) चिल्का (C) वुलर (D) सांभर

प्रश्न 11. ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत में किस नाम से जाना जाता
है?

(A) दिहांग (B) सांगपो (C) जमुना (D) लोहित

प्रश्न 12. केन-बेतवा लिंक परियोजना से कौन-से राज्य लाभान्वित
होंगे?

(A) राजस्थान-गुजरात (B) उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश (C) बिहार-झारखंड (D)
महाराष्ट्र-कर्नाटक

उत्तर कुंजी: 1-B, 2-B, 3-C, 4-C, 5-B, 6-B, 7-B, 8-C,
9-B, 10-C, 11-B, 12-B

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