UP Special Current Affairs 2026 – भाग 1: रेलवे अवसंरचना | UPPCS

UP Special Current Affairs सीरीज़ के भाग 1 में रेलवे अवसंरचना से जुड़ी 6 खबरें हैं (18 अगस्त 2026 – 30 सितंबर 2026)। हर खबर में चर्चा में क्यों, मुख्य तथ्य, UPPCS के लिये स्टैटिक जानकारी और एक संभावित प्रश्न दिया गया है।

इस भाग की खबरें

  1. वाराणसी मंडल में कवच 4.0 के लिये ₹223 करोड़ स्वीकृत (30 सितंबर 2026)
  2. लखनऊ मंडल में कवच 4.0 के लिये ₹252 करोड़ (21 सितंबर 2026)
  3. मुरादाबाद मंडल के 712 रूट किमी में कवच 4.0 को ₹170 करोड़ (4 सितंबर 2026)
  4. नेपालगंज रोड–नानपारा–बहराइच रेल खंड का ब्रॉड गेज में आमान परिवर्तन (1 सितंबर 2026)
  5. DFCCIL और इन्वेस्ट UP के बीच गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल हेतु MoU (25 अगस्त 2026)
  6. लखनऊ–नई दिल्ली तेजस बनी देश की पहली ब्रांडेड ट्रेन ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ (18 अगस्त 2026)

1. वाराणसी मंडल में कवच 4.0 के लिये ₹223 करोड़ स्वीकृत

तिथि: 30 सितंबर 2026

चर्चा में क्यों? भारतीय रेलवे ने पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के 614.75 रूट किमी में कवच 4.0 हेतु ₹223 करोड़ स्वीकृत किये।

मुख्य तथ्य

  • उद्देश्य: SPAD (Signal Passing at Danger) घटनाएँ रोकना, आवश्यकता पर स्वचालित ब्रेक, ट्रेन संचालन की निगरानी।

UPPCS परीक्षा-दृष्टि / स्टैटिक तथ्य

  • कवच — स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली; विकासकर्ता — RDSO (लखनऊ); RFID व अति-उच्च रेडियो आवृत्ति (UHF) संचार पर आधारित।
  • पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर है।

संभावित प्रश्न: वाराणसी मंडल (पूर्वोत्तर रेलवे) में कितने रूट किमी पर कवच 4.0 लगेगा?
उत्तर: 614.75 RKM (₹223 करोड़)

2. लखनऊ मंडल में कवच 4.0 के लिये ₹252 करोड़

तिथि: 21 सितंबर 2026

चर्चा में क्यों? भारतीय रेलवे ने लखनऊ मंडल के 607.7 रूट किमी में कवच 4.0 लागू करने हेतु ₹252 करोड़ स्वीकृत किये।

मुख्य तथ्य

  • कवच ट्रेन के खतरे वाले सिग्नल के पास पहुँचने या गति सीमा से अधिक चलने पर स्वचालित ब्रेक लगाता है।
  • कवच 4.0 — नवीनतम संस्करण, जटिल मार्गों पर भी व्यापक तैनाती योग्य; रियल-टाइम निगरानी।

UPPCS परीक्षा-दृष्टि / स्टैटिक तथ्य

  • कवच आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत विकसित; लखनऊ मंडल उत्तर रेलवे का भाग है।

संभावित प्रश्न: लखनऊ मंडल में कवच 4.0 के लिये कितनी राशि स्वीकृत हुई?
उत्तर: ₹252 करोड़ (607.7 RKM)

3. मुरादाबाद मंडल के 712 रूट किमी में कवच 4.0 को ₹170 करोड़

तिथि: 4 सितंबर 2026

चर्चा में क्यों? भारतीय रेलवे ने उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल के शेष 712 रूट किमी में कवच 4.0 के लिये ₹170 करोड़ स्वीकृत किये।

मुख्य तथ्य

  • साथ ही पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग हेतु ₹233 करोड़।

UPPCS परीक्षा-दृष्टि / स्टैटिक तथ्य

  • इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग — पुरानी रिले-आधारित प्रणाली के स्थान पर कंप्यूटर-आधारित सिग्नलिंग।
  • कवच के तीन मंडल (2026): मुरादाबाद (712 RKM, ₹170 करोड़), लखनऊ (607.7 RKM, ₹252 करोड़), वाराणसी (614.75 RKM, ₹223 करोड़)।

संभावित प्रश्न: मुरादाबाद मंडल में कितने रूट किमी पर कवच 4.0 लगाया जाएगा?
उत्तर: 712 RKM

4. नेपालगंज रोड–नानपारा–बहराइच रेल खंड का ब्रॉड गेज में आमान परिवर्तन

तिथि: 1 सितंबर 2026

चर्चा में क्यों? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 56.15 किमी लंबे नेपालगंज रोड–नानपारा–बहराइच खंड के आमान परिवर्तन व विद्युतीकरण का उद्घाटन किया।

मुख्य तथ्य

  • लागत लगभग ₹730 करोड़; मीटर गेज से ब्रॉड गेज, पूर्ण विद्युतीकरण।
  • स्टेशन: बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज, नेपालगंज रोड; 4 ट्रेनों का विस्तार।
  • गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी से सीधा संपर्क; भारत-नेपाल सीमा (रुपईडीहा–नेपालगंज) संपर्क मज़बूत।

UPPCS परीक्षा-दृष्टि / स्टैटिक तथ्य

  • बहराइच — आकांक्षी ज़िला; कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार यहीं स्थित है।

संभावित प्रश्न: नेपालगंज रोड–नानपारा–बहराइच रेल खंड की लंबाई कितनी है?
उत्तर: 56.15 किमी

5. DFCCIL और इन्वेस्ट UP के बीच गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल हेतु MoU

तिथि: 25 अगस्त 2026

चर्चा में क्यों? अगस्त 2026 में DFCCIL और इन्वेस्ट UP ने यूपी में माल ढुलाई संपर्क व लॉजिस्टिक्स हेतु MoU किया।

मुख्य तथ्य

  • रेलवे व गैर-रेलवे भूमि पर गतिशक्ति मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल (GCT) का विकास।
  • GCT तक सड़क संपर्क; उद्योग–टर्मिनल संपर्क।
  • इन्वेस्ट UP: निवेशकों से संपर्क, भूमि अधिग्रहण में सहायता।

UPPCS परीक्षा-दृष्टि / स्टैटिक तथ्य

  • DFCCIL — रेल मंत्रालय का PSU। पूर्वी DFC लुधियाना (साहनेवाल) से सोननगर (बिहार) तक; इसका बड़ा भाग यूपी से गुज़रता है। पश्चिमी DFC दादरी (यूपी) से JNPT (मुंबई) तक।

संभावित प्रश्न: DFCCIL किस मंत्रालय के अधीन है?
उत्तर: रेल मंत्रालय

6. लखनऊ–नई दिल्ली तेजस बनी देश की पहली ब्रांडेड ट्रेन ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’

तिथि: 18 अगस्त 2026

चर्चा में क्यों? लखनऊ–नई दिल्ली तेजस एक्सप्रेस (82501/82502) 19 अगस्त से 11 नवंबर 2026 तक ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ नाम से चलेगी — भारत की पहली व्यावसायिक रूप से ब्रांडेड यात्री ट्रेन।

मुख्य तथ्य

  • ब्रांड: स्प्राइट (कोका-कोला); व्यवस्था व संचालन — IRCTC।
  • उद्देश्य: गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue); यह निजीकरण नहीं, केवल विज्ञापन व्यवस्था है।

UPPCS परीक्षा-दृष्टि / स्टैटिक तथ्य

  • लखनऊ–दिल्ली तेजस (2019) — IRCTC द्वारा संचालित देश की पहली ‘कॉरपोरेट’ ट्रेन।

संभावित प्रश्न: भारत की पहली व्यावसायिक रूप से ब्रांडेड ट्रेन कौन-सी है?
उत्तर: स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस (लखनऊ–नई दिल्ली)

त्वरित पुनरावृत्ति: रेलवे अवसंरचना

क्र. प्रश्न उत्तर
1 वाराणसी मंडल (पूर्वोत्तर रेलवे) में कितने रूट किमी पर कवच 4.0 लगेगा? 614.75 RKM (₹223 करोड़)
2 लखनऊ मंडल में कवच 4.0 के लिये कितनी राशि स्वीकृत हुई? ₹252 करोड़ (607.7 RKM)
3 मुरादाबाद मंडल में कितने रूट किमी पर कवच 4.0 लगाया जाएगा? 712 RKM
4 नेपालगंज रोड–नानपारा–बहराइच रेल खंड की लंबाई कितनी है? 56.15 किमी
5 DFCCIL किस मंत्रालय के अधीन है? रेल मंत्रालय
6 भारत की पहली व्यावसायिक रूप से ब्रांडेड ट्रेन कौन-सी है? स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस (लखनऊ–नई दिल्ली)

स्रोत: दृष्टि IAS (उत्तर प्रदेश करेंट अफेयर्स)। परीक्षा से पहले आँकड़े आधिकारिक स्रोत से मिलाएँ।