UP Super TET Notes: समावेशित शिक्षा एवं विविध अधिगमकर्ताओं की समझ अध्याय 11 – बाल मनोविज्ञान नोट्स PDF Download

UP Super TET Notes: समावेशित शिक्षा एवं विविध अधिगमकर्ताओं की समझ अध्याय 11 – बाल मनोविज्ञान नोट्स PDF Download

UP SUPER TET 2026 • भाग 1 • अध्याय 11

समावेशित शिक्षा एवं विविध अधिगमकर्ताओं की समझ – चैप्टर-वार नोट्स

बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल एवं जीवन कौशल • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग

अवधारणा , विकास क्रम , बाधाएँ , नीतियाँ , विविधता के आयाम , UDL , विभेदित शिक्षण , सहयोगी अधिगम – सब एक जगह।

विषय-सूची

क्र. अनुभाग
1 समावेशी शिक्षा : अर्थ एवं परिभाषाएँ
2 बहिष्करण से समावेशन तक — विकास क्रम
3 समावेशी शिक्षा के सिद्धांत, विशेषताएँ एवं लाभ
4 समावेशन में बाधाएँ
5 समावेशी शिक्षा से संबंधित नीतियाँ एवं कार्यक्रम
6 विविध अधिगमकर्ता — विविधता के आयाम
7 विविध समूहों की आवश्यकताएँ एवं प्रावधान
8 समावेशी कक्षा की शिक्षण रणनीतियाँ
9 समावेशी विद्यालय एवं शिक्षक की भूमिका
10 परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
1

समावेशी शिक्षा : अर्थ एवं परिभाषाएँ

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) वह व्यवस्था है जिसमें
सभी बच्चे — चाहे उनकी शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक, भाषायी, आर्थिक या
अन्य स्थिति कुछ भी हो — एक ही सामान्य विद्यालय और कक्षा में साथ-साथ सीखते
हैं
, और विद्यालय स्वयं को बच्चों की आवश्यकताओं के अनुसार बदलता
है
, न कि बच्चे को विद्यालय के अनुसार।

स्रोत परिभाषा
UNESCO “समावेशी शिक्षा सभी शिक्षार्थियों की विविध आवश्यकताओं को पहचानने और उनका
प्रत्युत्तर देने की प्रक्रिया है, जिसमें सीखने, संस्कृति और समुदाय में भागीदारी बढ़ाई जाती
है और शिक्षा के भीतर व शिक्षा से बहिष्करण कम किया जाता है।”
RPwD अधिनियम 2016 (धारा 2) “समावेशी शिक्षा से अभिप्रेत है शिक्षा की ऐसी प्रणाली जिसमें दिव्यांग और बिना
दिव्यांगता वाले छात्र एक साथ सीखते हैं और शिक्षण-अधिगम प्रणाली को विभिन्न प्रकार के
दिव्यांग छात्रों की अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त रूप से अनुकूलित किया
जाता है।”
NCF 2005 समावेशी शिक्षा का अर्थ है हर बच्चे का विद्यालय में स्वागत
करना और व्यवस्था को इतना लचीला बनाना कि वह सभी की
आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
सलामांका घोषणा (1994) “समावेशी अभिविन्यास वाले सामान्य विद्यालय भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण से लड़ने,
स्वागतपूर्ण समुदाय बनाने और सबके लिए शिक्षा प्राप्त करने
का सबसे प्रभावी
साधन हैं।”
मूल वाक्य: “सबके लिए शिक्षा, सबके साथ शिक्षा”;
“विद्यालय बच्चे के अनुसार बदले, बच्चा विद्यालय के अनुसार नहीं”;
समावेशन केवल दिव्यांगता नहीं — हर प्रकार की विविधता का
सम्मान।
2

बहिष्करण से समावेशन तक — विकास क्रम

बहिष्करण (Exclusion) ➜ पृथक्करण / विशेष शिक्षा (Segregation) ➜ एकीकरण (Integration) ➜ समावेशन (Inclusion)
चरण अर्थ बच्चे की स्थिति
1. बहिष्करण विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा से पूरी तरह वंचित
रखना
विद्यालय से बाहर
2. पृथक्करण / विशेष शिक्षा ऐसे बच्चों के लिए अलग विशेष विद्यालय — जैसे अंध विद्यालय,
मूक-बधिर विद्यालय
अलग विद्यालय में
3. एकीकरण (Integration) बच्चे को सामान्य विद्यालय में रखना, पर बच्चे से
अपेक्षा
कि वह व्यवस्था के अनुसार ढले; कुछ समय संसाधन कक्ष में
सामान्य विद्यालय में, पर व्यवस्था अपरिवर्तित
4. समावेशन (Inclusion) विद्यालय और व्यवस्था स्वयं बदलती है — पाठ्यक्रम, शिक्षण,
मूल्यांकन, भवन सब बच्चे के अनुसार
सामान्य कक्षा में पूर्ण भागीदार

◆ विशेष, एकीकृत एवं समावेशी शिक्षा की तुलना

आधार विशेष शिक्षा एकीकृत शिक्षा समावेशी शिक्षा
स्थान अलग विशेष विद्यालय सामान्य विद्यालय (अंश-कालिक अलग) सामान्य विद्यालय व कक्षा (पूर्ण-कालिक)
दृष्टिकोण चिकित्सा / कमी-केंद्रित बच्चे को तैयार करना अधिकार-आधारित, व्यवस्था को बदलना
कौन बदलता है — बच्चा व्यवस्था के अनुसार व्यवस्था बच्चे के अनुसार
समूह केवल दिव्यांग बच्चे मुख्यतः दिव्यांग बच्चे सभी बच्चे — हर प्रकार की विविधता
शिक्षक विशेष शिक्षक सामान्य + विशेष शिक्षक (अलग-अलग) सामान्य शिक्षक, विशेष शिक्षक के सहयोग से
सामाजिक प्रभाव अलगाव, लेबल आंशिक स्वीकृति पूर्ण स्वीकृति, अपनापन
भारत में उदाहरण अंध / बधिर विद्यालय IEDC (1974) SSA, RTE, समग्र शिक्षा, NEP 2020
ट्रिक: एकीकरण = बच्चा “समायोजित” हो;
समावेशन = विद्यालय “समायोजित” हो।
एकीकरण → स्थान (Place), समावेशन → भागीदारी
(Participation)
।
3

समावेशी शिक्षा के सिद्धांत, विशेषताएँ एवं लाभ

सिद्धांत / विशेषता व्याख्या
शून्य अस्वीकृति (Zero Rejection) किसी भी बच्चे को प्रवेश से मना नहीं किया जाएगा — SSA की
नीति
विविधता का सम्मान विविधता को समस्या नहीं, संसाधन माना जाता है
समानता एवं न्याय (Equity) हर बच्चे को उसकी आवश्यकता के अनुसार सहायता — सबको एक जैसा
नहीं, सबको उचित
बाल-केंद्रित शिक्षा बच्चे की क्षमता, रुचि और गति के अनुसार
लचीला पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन विभिन्न तरीकों से सीखने और अभिव्यक्ति की छूट
उचित समायोजन (Reasonable Accommodation) बच्चे की आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त परिवर्तन — RPwD 2016
सुलभता (Accessibility) भवन, सामग्री, संप्रेषण — सभी सुलभ (रैम्प, ब्रेल, सांकेतिक भाषा)
सहयोग एवं साझेदारी शिक्षक, विशेष शिक्षक, अभिभावक, समुदाय का सहयोग
कम से कम प्रतिबंधात्मक वातावरण (LRE) बच्चे को यथासंभव सामान्य वातावरण में शिक्षा
दिव्यांग / विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को लाभ अन्य बच्चों को लाभ समाज को लाभ
आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान सहानुभूति, संवेदनशीलता भेदभाव में कमी
सामाजिक कौशल व मित्रता विविधता की स्वीकृति सामाजिक समरसता
सामान्य पाठ्यक्रम तक पहुँच सहयोग और नेतृत्व सबके लिए शिक्षा का लक्ष्य
अपने घर के पास विद्यालय बेहतर शिक्षण विधियों का लाभ सबको कम लागत (अलग विद्यालयों की तुलना में)
लेबल व अलगाव से मुक्ति मानवीय मूल्यों का विकास लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास
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समावेशन में बाधाएँ

बाधा उदाहरण समाधान
अभिवृत्तिक (Attitudinal) — सबसे बड़ी बाधा दया या उपेक्षा; कम अपेक्षाएँ; पूर्वाग्रह; “ये पढ़ नहीं सकते” की सोच जागरूकता, संवेदनशीलता प्रशिक्षण, सकारात्मक उदाहरण
भौतिक / संरचनात्मक रैम्प, सुलभ शौचालय, उचित प्रकाश का अभाव; दूर विद्यालय सुगम्य भारत अभियान; बाधा-मुक्त भवन
पाठ्यक्रम संबंधी कठोर, एक-समान पाठ्यक्रम; सबके लिए एक ही गति लचीला पाठ्यक्रम, UDL, विभेदित शिक्षण
शिक्षणशास्त्रीय केवल व्याख्यान विधि; रटने पर बल बहु-संवेदी, गतिविधि-आधारित, सहयोगी अधिगम
मूल्यांकन संबंधी केवल लिखित परीक्षा; एक-समान समय वैकल्पिक मूल्यांकन, अतिरिक्त समय, लेखक (Scribe)
भाषायी / संप्रेषण घर की भाषा और विद्यालय की भाषा में अंतर; सांकेतिक भाषा / ब्रेल का अभाव मातृभाषा में शिक्षा, बहुभाषिकता, ISL, ब्रेल
सामाजिक-आर्थिक गरीबी, बाल श्रम, प्रवास, लिंग भेद, जातिगत भेदभाव छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन, निःशुल्क सामग्री, छात्रावास
शिक्षक प्रशिक्षण का अभाव शिक्षक विविध आवश्यकताओं को संभालने में अप्रशिक्षित सेवापूर्व व सेवाकालीन प्रशिक्षण (RCI, NCTE)
संसाधनों की कमी सहायक उपकरण, विशेष शिक्षक, संसाधन कक्ष का अभाव समग्र शिक्षा के अंतर्गत अनुदान
बड़ी कक्षाएँ अधिक छात्र-शिक्षक अनुपात RTE मानक — प्राथमिक स्तर 30:1
याद रखें: समावेशी शिक्षा की सबसे बड़ी
बाधा
है — नकारात्मक अभिवृत्ति (दृष्टिकोण), न कि
संसाधनों की कमी।
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समावेशी शिक्षा से संबंधित नीतियाँ एवं कार्यक्रम

◆ (क) अंतरराष्ट्रीय

वर्ष घोषणा / संधि मुख्य बिंदु
1948 मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (अनुच्छेद 26) शिक्षा हर व्यक्ति का अधिकार
1989 बाल अधिकार अभिसमय (UNCRC) बच्चों के अधिकार; भारत ने 1992 में अनुमोदन
1990 जोमतिएन (थाईलैंड) — सबके लिए शिक्षा (EFA) सबके लिए बुनियादी शिक्षा का लक्ष्य
1994 सलामांका घोषणा (स्पेन) समावेशी शिक्षा का अंतरराष्ट्रीय आधार; 92 देश
2000 डकार (सेनेगल) फ्रेमवर्क 2015 तक EFA के 6 लक्ष्य
2006 UNCRPD (अनुच्छेद 24) समावेशी शिक्षा का अधिकार; भारत ने 2007 में अनुमोदन
2015 सतत विकास लक्ष्य — SDG 4 “सबके लिए समावेशी और समतापूर्ण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा
आजीवन अधिगम” — 2030 तक

◆ (ख) राष्ट्रीय

वर्ष नीति / कार्यक्रम समावेशन से संबंधित प्रावधान
1964–66 कोठारी आयोग विकलांग बच्चों की एकीकृत शिक्षा की सिफ़ारिश
1968 राष्ट्रीय शिक्षा नीति विकलांग बच्चों की शिक्षा का विस्तार; त्रिभाषा सूत्र
1974 IEDC विकलांग बच्चों की एकीकृत शिक्षा योजना
1986 / 1992 NPE 1986 व कार्य योजना 1992 “समानता के लिए शिक्षा”; विकलांगों को सामान्य समुदाय के साथ बराबरी
1987 PIED एकीकृत शिक्षा परियोजना (UNICEF)
1994 DPEP (ज़िला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम) समावेशी शिक्षा घटक
1995 PWD अधिनियम 18 वर्ष तक निःशुल्क शिक्षा
2001 सर्व शिक्षा अभियान (SSA) शून्य अस्वीकृति नीति; 6–14 वर्ष के सभी बच्चे
2004 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) वंचित वर्गों की बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय
2005 NCF 2005 समावेशी कक्षा, बहुभाषिकता एक संसाधन, भयमुक्त शिक्षा
2009 RTE अधिनियम 6–14 वर्ष निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा; धारा 12(1)(c) — निजी
विद्यालयों में 25% सीटें
दुर्बल वर्ग व वंचित समूह के लिए
2009 IEDSS माध्यमिक स्तर पर समावेशी शिक्षा
2016 RPwD अधिनियम समावेशी शिक्षा की परिभाषा; उचित समायोजन
2018 समग्र शिक्षा अभियान SSA + RMSA + शिक्षक शिक्षा — पूर्व-प्राथमिक से कक्षा 12 तक
2020 NEP 2020 SEDGs (सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूह); लिंग
समावेशन निधि
; विशेष शिक्षा क्षेत्र (SEZ); भारतीय
सांकेतिक भाषा; मातृभाषा में शिक्षा
NEP 2020 — SEDGs: लिंग (बालिकाएँ, ट्रांसजेंडर),
सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान (SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक),
भौगोलिक पहचान (ग्रामीण, आकांक्षी ज़िले, छोटे गाँव),
दिव्यांगता, सामाजिक-आर्थिक स्थिति (प्रवासी,
निम्न आय, अनाथ, बाल तस्करी पीड़ित, शहरी गरीब)।
6

विविध अधिगमकर्ता — विविधता के आयाम

कक्षा में हर बच्चा अलग पृष्ठभूमि, क्षमता, रुचि, भाषा और अनुभव
लेकर आता है। विविध अधिगमकर्ताओं की समझ का अर्थ है इन अंतरों को
पहचानना, सम्मान करना और शिक्षण में उपयोग करना।

आयाम विविधता के रूप
क्षमता एवं दिव्यांगता दिव्यांग बच्चे, अधिगम अक्षमता, मंद अधिगमकर्ता, प्रतिभाशाली
लिंग बालिकाएँ, बालक, ट्रांसजेंडर बच्चे
सामाजिक पहचान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक
भाषा अलग मातृभाषा, बोलियाँ, बहुभाषी बच्चे
आर्थिक स्थिति गरीब, बाल श्रमिक, सड़क पर रहने वाले बच्चे
भौगोलिक ग्रामीण, शहरी, पहाड़ी, आदिवासी, दूरस्थ क्षेत्र
पारिवारिक / सामाजिक परिस्थिति पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी, अनाथ, प्रवासी / मौसमी प्रवास
वाले, एकल अभिभावक, HIV प्रभावित
संस्कृति एवं धर्म विभिन्न रीति-रिवाज़, त्योहार, खान-पान
अधिगम शैली एवं बुद्धि दृश्य, श्रव्य, गतिसंवेदी; गार्डनर की बहु-बुद्धियाँ
संवेगात्मक-व्यवहारात्मक शर्मीले, आक्रामक, चिंताग्रस्त, आघात (Trauma) पीड़ित
याद रखें: विविधता एक संसाधन है, समस्या नहीं — विविध अनुभव
वाले बच्चे कक्षा की चर्चा को समृद्ध करते हैं (NCF 2005)।
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विविध समूहों की आवश्यकताएँ एवं प्रावधान

समूह प्रमुख चुनौतियाँ शिक्षक / व्यवस्था के प्रावधान
बालिकाएँ घरेलू कार्य, बाल विवाह, सुरक्षा, दूर विद्यालय, शौचालय का अभाव, लैंगिक
रूढ़ियाँ
KGBV, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (2015),
अलग शौचालय, साइकिल योजना, छात्रवृत्ति; पाठ्यपुस्तकों में लैंगिक रूढ़िवादिता
मुक्त
सामग्री; लड़के-लड़कियों को समान अवसर
SC / ST / वंचित समूह सामाजिक भेदभाव, गरीबी, भाषायी अंतर (जनजातीय) छात्रवृत्ति, छात्रावास, आश्रम विद्यालय, एकलव्य
मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS)
; भेदभाव-मुक्त कक्षा; उनकी संस्कृति को
पाठ्यक्रम में स्थान
भाषायी अल्पसंख्यक / अलग मातृभाषा विद्यालय की भाषा न समझना, संकोच मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा (NEP 2020 — कम से कम कक्षा 5
तक, अधिमानतः कक्षा 8 तक); बहुभाषिकता को संसाधन मानना;
द्विभाषी सामग्री; त्रिभाषा सूत्र
धार्मिक अल्पसंख्यक पहचान का संकट, कम अवसर संवैधानिक अधिकार — अनुच्छेद 29 और 30; सभी धर्मों व संस्कृतियों
का सम्मान
गरीब एवं बाल श्रमिक काम के कारण अनुपस्थिति, कुपोषण, पुस्तकों का अभाव प्रधानमंत्री पोषण (मध्याह्न भोजन), निःशुल्क पुस्तकें व गणवेश,
RTE 12(1)(c), लचीला समय, विशेष प्रशिक्षण (आयु-उपयुक्त कक्षा में
प्रवेश — RTE धारा 4)
प्रवासी / मौसमी प्रवास वाले बच्चे बार-बार विद्यालय बदलना, पढ़ाई छूटना मौसमी छात्रावास, स्थानांतरण प्रमाणपत्र के बिना प्रवेश, ब्रिज कोर्स
पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी घर पर पढ़ाई में सहायता का अभाव विद्यालय में अतिरिक्त सहायता, सहपाठी सहायता, अभिभावकों से संवाद
ग्रामीण / दूरस्थ क्षेत्र दूरी, संसाधनों की कमी, शिक्षकों की अनुपस्थिति पड़ोस में विद्यालय (RTE), परिवहन, डिजिटल संसाधन
सड़क पर रहने वाले / अनाथ बच्चे आवास, सुरक्षा, पहचान दस्तावेज़ों का अभाव आवासीय विद्यालय, बाल गृह, खुला आश्रय (JJ Act), चाइल्डलाइन 1098
ट्रांसजेंडर बच्चे उपहास, भेदभाव, पहचान का संकट ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019;
सम्मानजनक, भेदभाव-मुक्त वातावरण
दिव्यांग बच्चे सुलभता, सहायक उपकरण, विशेष सहायता RPwD 2016, संसाधन कक्ष, IEP, सहायक उपकरण (विस्तार — अध्याय 8)
प्रतिभाशाली बच्चे ऊब, चुनौती का अभाव संवर्धन, त्वरण (विस्तार — अध्याय 9)
RTE अधिनियम — महत्वपूर्ण धाराएँ: धारा 3 — 6–14 वर्ष
निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा; धारा 4 — आयु-उपयुक्त कक्षा में प्रवेश व
विशेष प्रशिक्षण; धारा 8 व 9 — वंचित बच्चों के साथ भेदभाव न होना
सुनिश्चित करना; धारा 12(1)(c) — 25% आरक्षण; धारा
13
— प्रवेश में कैपिटेशन शुल्क व स्क्रीनिंग निषेध; धारा 17
— शारीरिक दंड निषेध।
8

समावेशी कक्षा की शिक्षण रणनीतियाँ

◆ (क) सार्वभौमिक अधिगम अभिकल्प (UDL — Universal Design for
Learning)

UDL की अवधारणा CAST (अमेरिका) —
डेविड रोज़ और ऐनी मेयर — ने दी। इसका विचार है कि पाठ
शुरू से ही सभी बच्चों के लिए इस प्रकार बनाया जाए कि बाद में अलग
से बदलने की आवश्यकता कम हो। यह वास्तुकला के सार्वभौमिक डिज़ाइन
(जैसे रैम्प — सबके काम आता है) से प्रेरित है।

प्रस्तुति के बहु-साधन (क्या सीखें) ➜ क्रिया एवं अभिव्यक्ति के बहु-साधन (कैसे दिखाएँ) ➜ संलग्नता के बहु-साधन (क्यों सीखें)
UDL सिद्धांत अर्थ कक्षा में उदाहरण
1. प्रस्तुति के बहु-साधन (Multiple Means of
Representation)
सूचना को अनेक रूपों में प्रस्तुत करना पाठ को बोलकर, लिखकर, चित्र, वीडियो, मॉडल, ब्रेल में
2. क्रिया एवं अभिव्यक्ति के बहु-साधन (Action &
Expression)
बच्चे अनेक तरीकों से अपना ज्ञान दिखा सकें लिखकर, बोलकर, चित्र बनाकर, मॉडल / नाटक से
3. संलग्नता के बहु-साधन (Engagement) बच्चों की रुचि और अभिप्रेरणा के अनेक तरीके विकल्प देना, खेल, वास्तविक जीवन से जोड़ना, समूह कार्य

◆ (ख) विभेदित शिक्षण (Differentiated Instruction) — कैरल ऐन
टॉमलिंसन

क्या बदलें अर्थ उदाहरण
विषयवस्तु (Content) बच्चे क्या सीखें — स्तर के अनुसार सरल / मध्यम / चुनौतीपूर्ण पाठ्य-सामग्री
प्रक्रिया (Process) बच्चे कैसे सीखें व्यक्तिगत, जोड़ी, समूह; मूर्त सामग्री
उत्पाद (Product) बच्चे सीखा हुआ कैसे दिखाएँ पोस्टर, कविता, मौखिक प्रस्तुति, मॉडल
अधिगम वातावरण (Environment) कक्षा की व्यवस्था शांत कोना, लचीली बैठक, सहायक उपकरण

◆ (ग) सहयोगी अधिगम एवं अन्य रणनीतियाँ

रणनीति विवरण
सहयोगी अधिगम (Cooperative Learning) छोटे मिश्रित-क्षमता समूहों में साझा लक्ष्य — डेविड व रोजर
जॉनसन
जिगसॉ विधि (Jigsaw) इलियट एरोनसन (1971) — हर बच्चा विषय का एक भाग सीखकर
समूह को सिखाता है; परस्पर निर्भरता
सोचो-जोड़ी बनाओ-साझा करो (Think-Pair-Share) फ्रैंक लाइमन — पहले स्वयं सोचना, फिर साथी से चर्चा, फिर
कक्षा में साझा
सहपाठी शिक्षण (Peer Tutoring) एक बच्चा दूसरे को सिखाए — दोनों को लाभ
बहु-स्तरीय शिक्षण (Multi-level Teaching) एक ही पाठ में अलग-अलग स्तर के कार्य
पाड़ / मचान (Scaffolding) ZPD में अस्थायी सहायता — धीरे-धीरे हटाना (वाइगोत्स्की)
बहु-संवेदी शिक्षण (VAKT) देखना, सुनना, छूना, करना
व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP) विशेष आवश्यकता वाले बच्चे के लिए अलग योजना
संसाधन कक्ष एवं भ्रमणशील शिक्षक विशेष शिक्षक द्वारा अतिरिक्त सहायता; एक से अधिक विद्यालयों में जाने वाले विशेष
शिक्षक (Itinerant teacher)
सह-शिक्षण (Co-teaching) सामान्य और विशेष शिक्षक एक साथ कक्षा में
सहायक तकनीक स्क्रीन रीडर, ऑडियो पुस्तकें, AAC, कैप्शन वाले वीडियो
ट्रिक: UDL = पहले से सबके लिए डिज़ाइन; विभेदित
शिक्षण = स्तर के अनुसार बदलाव (C-P-P-E)
; जिगसॉ =
एरोनसन
; Think-Pair-Share = लाइमन।
9

समावेशी विद्यालय एवं शिक्षक की भूमिका

◆ समावेश सूचकांक (Index for Inclusion) — बूथ एवं ऐन्स्को
(2000)

समावेशी संस्कृति बनाना ➜ समावेशी नीतियाँ बनाना ➜ समावेशी व्यवहार विकसित करना
समावेशी विद्यालय की विशेषताएँ
स्वागतपूर्ण वातावरण — हर बच्चे और परिवार का सम्मान
बाधा-मुक्त भवन — रैम्प, रेलिंग, सुलभ शौचालय, उचित प्रकाश,
चौड़े दरवाज़े
लचीला पाठ्यक्रम व मूल्यांकन; वैकल्पिक परीक्षा व्यवस्था
प्रशिक्षित शिक्षक; विशेष शिक्षक और संसाधन कक्ष की
उपलब्धता
सहायक उपकरण और शिक्षण-अधिगम सामग्री
अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी — विद्यालय प्रबंधन
समिति (SMC — RTE धारा 21)
भेदभाव और बदमाशी के विरुद्ध स्पष्ट नीति
सभी बच्चों की सहगामी क्रियाओं में भागीदारी
शिक्षक की भूमिका
हर बच्चे की पृष्ठभूमि, आवश्यकता और क्षमता को समझना —
उच्च अपेक्षाएँ रखना
विविधता का सम्मान — बच्चों के अनुभव, भाषा और संस्कृति को
कक्षा में स्थान देना
UDL, विभेदित शिक्षण, सहयोगी अधिगम जैसी विधियाँ
अपनाना
भेदभाव-मुक्त व्यवहार — जाति, धर्म, लिंग, वर्ग, दिव्यांगता के
आधार पर पक्षपात न करना
लैंगिक रूप से संवेदनशील भाषा व व्यवहार — लड़के-लड़कियों को
समान भूमिकाएँ
मिश्रित-क्षमता समूह बनाना; सबको भागीदारी के अवसर
विशेष शिक्षक, अभिभावक और समुदाय के साथ सहयोग
सतत एवं वैकल्पिक मूल्यांकन; हर बच्चे की प्रगति उसके अपने स्तर से
आँकना
स्वयं को निरंतर प्रशिक्षित करना; चिंतनशील शिक्षक बनना
कक्षा में लेबल लगाने से बचना — “पहले व्यक्ति” भाषा
(Person-first language): “दृष्टिबाधित बच्चा” नहीं,
“दृष्टि बाधिता वाला बच्चा”
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परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न

◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य

प्रश्न उत्तर
समावेशी शिक्षा का अंतरराष्ट्रीय आधार सलामांका घोषणा (1994, स्पेन)
सबके लिए शिक्षा (EFA) सम्मेलन जोमतिएन, थाईलैंड (1990)
SDG 4 समावेशी व समतापूर्ण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (2030)
UNCRPD में समावेशी शिक्षा अनुच्छेद 24
समावेशी शिक्षा की कानूनी परिभाषा RPwD अधिनियम 2016
“शून्य अस्वीकृति” नीति सर्व शिक्षा अभियान (2001)
निजी विद्यालयों में 25% सीटें RTE धारा 12(1)(c)
वंचित बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय KGBV (2004)
“बहुभाषिकता एक संसाधन” NCF 2005
SEDGs एवं लिंग समावेशन निधि NEP 2020
समावेशन की सबसे बड़ी बाधा नकारात्मक अभिवृत्ति
एकीकरण में कौन बदलता है बच्चा
समावेशन में कौन बदलता है विद्यालय / व्यवस्था
UDL के तीन सिद्धांत प्रस्तुति, क्रिया-अभिव्यक्ति, संलग्नता के बहु-साधन
विभेदित शिक्षण कैरल ऐन टॉमलिंसन
जिगसॉ विधि इलियट एरोनसन (1971)
Think-Pair-Share फ्रैंक लाइमन
समावेश सूचकांक बूथ एवं ऐन्स्को (2000)
अल्पसंख्यकों के शैक्षिक अधिकार अनुच्छेद 29 व 30
विद्यालय प्रबंधन समिति RTE धारा 21

◆ (ख) भ्रम से बचें

  • एकीकरण ≠ समावेशन — एकीकरण में बच्चा ढलता है, समावेशन में
    व्यवस्था।

  • समावेशी शिक्षा केवल दिव्यांग बच्चों के लिए नहीं —
    सभी प्रकार की विविधता के लिए है।

  • समानता (Equality) = सबको एक जैसा; समता
    (Equity)
    = सबको आवश्यकता के अनुसार — समावेशन समता
    पर आधारित है।

  • UDL पहले से डिज़ाइन है, विभेदित
    शिक्षण
    कक्षा में स्तरानुसार बदलाव।

◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. समावेशी शिक्षा के संबंध में सही कथन है —

(A) बच्चे को विद्यालय के अनुसार ढलना चाहिए (B) विद्यालय को बच्चे की आवश्यकताओं
के अनुसार बदलना चाहिए (C) दिव्यांग बच्चों के लिए अलग विद्यालय (D) केवल प्रतिभाशाली
बच्चों के लिए

प्रश्न 2. समावेशी शिक्षा का अंतरराष्ट्रीय आधार मानी जाने
वाली घोषणा है —

(A) जोमतिएन (B) डकार (C) सलामांका (D) जिनेवा

प्रश्न 3. समावेशी शिक्षा की सबसे बड़ी बाधा है —

(A) भवन की कमी (B) नकारात्मक अभिवृत्ति (C) पुस्तकों की कमी (D) समय

प्रश्न 4. RTE अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत निजी
विद्यालयों में 25% सीटें आरक्षित हैं?

(A) 12(1)(c) (B) 17 (C) 21 (D) 29

प्रश्न 5. UDL का कौन-सा सिद्धांत “बच्चे अपना ज्ञान अनेक
तरीकों से दिखाएँ” से संबंधित है?

(A) प्रस्तुति (B) क्रिया एवं अभिव्यक्ति (C) संलग्नता (D) मूल्यांकन

प्रश्न 6. जिगसॉ सहयोगी अधिगम विधि के प्रवर्तक हैं —

(A) वाइगोत्स्की (B) एरोनसन (C) टॉमलिंसन (D) लाइमन

प्रश्न 7. “एकीकरण” और “समावेशन” में मुख्य अंतर है —

(A) दोनों समान हैं (B) एकीकरण में बच्चा, समावेशन में व्यवस्था बदलती है (C) एकीकरण
में व्यवस्था, समावेशन में बच्चा बदलता है (D) कोई अंतर नहीं

प्रश्न 8. “शून्य अस्वीकृति” नीति किस कार्यक्रम से संबंधित
है?

(A) DPEP (B) सर्व शिक्षा अभियान (C) IEDC (D) KGBV

प्रश्न 9. एक समावेशी कक्षा में अलग मातृभाषा वाले बच्चे के लिए
शिक्षक को चाहिए —

(A) उसकी भाषा बोलने पर रोक (B) उसकी भाषा को संसाधन मानकर शिक्षण में उपयोग
(C) उसे अलग बिठाना (D) केवल अंग्रेज़ी में पढ़ाना

प्रश्न 10. SEDGs (सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूह) का उल्लेख
किसमें है?

(A) NCF 2005 (B) RTE 2009 (C) NEP 2020 (D) NPE 1986

प्रश्न 11. विभेदित शिक्षण में शिक्षक किसमें बदलाव कर सकता
है?

(A) विषयवस्तु (B) प्रक्रिया (C) उत्पाद (D) उपरोक्त सभी

प्रश्न 12. UNCRPD के किस अनुच्छेद में समावेशी शिक्षा का अधिकार
है?

(A) 12 (B) 21 (C) 24 (D) 30

उत्तर कुंजी: 1-B, 2-C, 3-B, 4-A, 5-B, 6-B, 7-B, 8-B,
9-B, 10-C, 11-D, 12-C

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