UP TGT Hindi Syllabus 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने विज्ञापन संख्या 07/2026 के तहत प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के 17,735 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन 24 अक्टूबर से 23 नवंबर 2026 तक होंगे और लिखित परीक्षा 23–24 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। इस पोस्ट में हम TGT हिन्दी (Subject Code-01) का आधिकारिक सिलेबस, हर टॉपिक की ज़रूरी बातें, किताबों की सूची और तैयारी की रणनीति एक जगह दे रहे हैं।
👉 भर्ती की पूरी जानकारी (पात्रता, फ़ीस, आयु सीमा, परीक्षा पैटर्न) के लिए पढ़ें: UP TGT Notification 2026 – पूरी जानकारी
👉 सभी विषयों का सिलेबस, PYQ और टेस्ट सीरीज़: UP TGT 2026 मास्टर पेज
UP TGT हिन्दी 2026 – एक नज़र में
| आयोग | उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज |
| पद | प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) – हिन्दी |
| विषय कोड | 01 |
| विज्ञापन | 07/2026 (कुल 17,735 पद – सभी विषय) |
| आवेदन तिथि | 24 अक्टूबर – 23 नवंबर 2026 |
| परीक्षा तिथि | 23–24 दिसंबर 2026 (प्रस्तावित) |
| परीक्षा पैटर्न | 120 प्रश्न, 360 अंक, 2 घंटे (90 प्रश्न हिन्दी विषय + 30 प्रश्न सामान्य ज्ञान), गलत उत्तर पर −1 |
| सिलेबस के मुख्य भाग | हिन्दी साहित्य का इतिहास, हिन्दी गद्य का विकास, काव्यशास्त्र, भाषा व व्याकरण, संस्कृत साहित्य व व्याकरण, अनुवाद |
| आधिकारिक वेबसाइट | upessc.up.gov.in |
| सिलेबस PDF | यहाँ से डाउनलोड करें |
📄 UP TGT हिन्दी सिलेबस 2026 PDF (आधिकारिक – UPESSC)
विषय कोड-01 | 1 पेज | हिन्दी माध्यम
UP TGT हिन्दी परीक्षा पैटर्न 2026
UPESSC विज्ञापन 07/2026 के अनुसार TGT लिखित परीक्षा का पैटर्न इस प्रकार है –
| भाग | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| संबंधित विषय (हिन्दी) | 90 | 270 |
| सामान्य ज्ञान | 30 | 90 |
| कुल | 120 | 360 |
- समय: 2 घंटे
- प्रश्न प्रकार: वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय), हर प्रश्न में 4 विकल्प; उत्तर OMR शीट पर काले बॉल-पॉइंट पेन से
- अंकन: सही उत्तर पर +3, गलत या एक से अधिक उत्तर पर −1
- माध्यम: हिन्दी व अंग्रेज़ी (भाषा विषयों को छोड़कर)
- चयन: लिखित परीक्षा के अंक + अभिलेख सत्यापन (इंटरव्यू नहीं)
ध्यान दें: 360 में से 270 अंक हिन्दी विषय के हैं, इसलिए नीचे दिया सिलेबस ही आपकी तैयारी का मुख्य आधार है। नेगेटिव मार्किंग होने के कारण अंदाज़े से उत्तर देने से बचें।
UP TGT हिन्दी आधिकारिक सिलेबस 2026 (Subject Code-01)
नीचे आयोग द्वारा जारी सिलेबस हूबहू दिया गया है –
1. हिन्दी साहित्य का इतिहास
आदिकाल, भक्तिकाल (सन्त काव्य, सूफी काव्य, राम काव्य, कृष्ण काव्य), रीतिकाल, आधुनिक काल, भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नयी कविता।
2. हिन्दी गद्य साहित्य का विकास
निबन्ध, नाटक, उपन्यास, कहानी, हिन्दी गद्य की लघु विधाएं – जीवनी, आत्मकथा, संस्मरण, रेखाचित्र, यात्रा-साहित्य, गद्यकाव्य, व्यंग्य।
हिन्दी के रचनाकार एवं उनकी रचनाएँ।
3. काव्य के भेद
रस के अवयव, भेद, छन्द, अलंकार, शब्दालंकार, अर्थालंकार, काव्यगुण, काव्य दोष। हिन्दी की बोलियाँ, भाषाएँ, हिन्दी की शब्द सम्पदा, हिन्दी की ध्वनियाँ, देवनागरी लिपि, मानकीकरण, विकास, विशेषताएँ, त्रुटियाँ, सुधार के प्रयत्न।
व्याकरण, लिंग, वचन, कारक, सन्धि, समास, वर्तनी, वाक्य शुद्धिकरण, शब्द रूप – पर्यायवाची, विलोम, श्रुति सम्भिन्नार्थक शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरा, लोकोक्ति।
4. संस्कृत साहित्य
- (क) संस्कृत के प्रमुख रचनाकार एवं उनकी रचनाएँ – भास, कालिदास, भवभूति, भारवि, माघ, दण्डी, श्रीहर्ष।
- (ख) सन्धि – स्वर एवं व्यंजन सन्धि, समास, शब्द रूप, धातु रूप, कारक प्रयोग।
- (ग) अनुवाद।
UP TGT हिन्दी सिलेबस PDF – देखें और डाउनलोड करें
नीचे आयोग का आधिकारिक सिलेबस PDF देख सकते हैं। मोबाइल पर न दिखे तो यहाँ क्लिक करके PDF खोलें।
ध्यान दें: सिलेबस में संस्कृत का हिस्सा अलग से है, यानी TGT हिन्दी में संस्कृत साहित्य, संस्कृत व्याकरण और अनुवाद से भी प्रश्न आते हैं। इसे छोड़ना भारी पड़ सकता है।
टॉपिक-वार विश्लेषण: क्या-क्या पढ़ें
हिन्दी साहित्य का इतिहास – ज़रूरी बिंदु
| काल / धारा | प्रमुख रचनाकार – रचनाएँ | परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है |
|---|---|---|
| आदिकाल | चंदबरदाई – पृथ्वीराज रासो; नरपति नाल्ह – बीसलदेव रासो; जगनिक – परमाल रासो; विद्यापति – कीर्तिलता, पदावली; अमीर खुसरो | काल का नामकरण (शुक्ल – वीरगाथा काल, हजारीप्रसाद द्विवेदी – आदिकाल, ग्रियर्सन – चारणकाल), रासो ग्रंथ, सिद्ध-नाथ साहित्य |
| भक्तिकाल – सन्त काव्य | कबीर – बीजक; रैदास; गुरु नानक; दादू दयाल | निर्गुण भक्ति, कबीर की भाषा (सधुक्कड़ी), बीजक के भाग (साखी, सबद, रमैनी) |
| भक्तिकाल – सूफी काव्य | जायसी – पद्मावत; कुतुबन – मृगावती; मंझन – मधुमालती | प्रेमाख्यानक काव्य, मसनवी शैली, पद्मावत की भाषा (अवधी) |
| भक्तिकाल – राम काव्य | तुलसीदास – रामचरितमानस, विनयपत्रिका, कवितावली, गीतावली | मानस के काण्ड, तुलसी की रचनाओं की भाषा |
| भक्तिकाल – कृष्ण काव्य | सूरदास – सूरसागर; मीराबाई; रसखान; नंददास | अष्टछाप के कवि, वल्लभ सम्प्रदाय, भ्रमरगीत |
| रीतिकाल | केशवदास – रामचंद्रिका, कविप्रिया, रसिकप्रिया; बिहारी – सतसई; भूषण – शिवराजभूषण; घनानंद; देव; भिखारीदास | रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध (बिहारी) व रीतिमुक्त (घनानंद, बोधा, आलम, ठाकुर) का वर्गीकरण |
| भारतेन्दु युग | भारतेन्दु हरिश्चन्द्र – अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा; पत्रिकाएँ – कविवचन सुधा, हरिश्चन्द्र मैगज़ीन | नवजागरण, गद्य का विकास, भारतेन्दु मंडल |
| द्विवेदी युग | महावीर प्रसाद द्विवेदी – ‘सरस्वती’ संपादन; मैथिलीशरण गुप्त – भारत-भारती, साकेत, यशोधरा; हरिऔध – प्रियप्रवास | खड़ी बोली का परिष्कार, प्रियप्रवास (खड़ी बोली का पहला महाकाव्य) |
| छायावाद | जयशंकर प्रसाद – कामायनी; सुमित्रानंदन पंत – पल्लव; निराला – राम की शक्ति पूजा, जुही की कली; महादेवी वर्मा – यामा, नीरजा | छायावाद के चार स्तंभ, कामायनी के सर्ग, मुक्त छंद |
| प्रगतिवाद | नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल, शिवमंगल सिंह ‘सुमन’, त्रिलोचन | प्रगतिशील लेखक संघ (1936), मार्क्सवादी चेतना |
| प्रयोगवाद | अज्ञेय – ‘तार सप्तक’ (1943) संपादन | चारों सप्तकों के कवि |
| नयी कविता | मुक्तिबोध – अँधेरे में; धर्मवीर भारती – अंधा युग; रघुवीर सहाय; सर्वेश्वरदयाल सक्सेना | ‘नयी कविता’ पत्रिका, लघुमानव की अवधारणा |
हिन्दी गद्य साहित्य का विकास – ज़रूरी बिंदु
| विधा | प्रमुख रचनाकार – रचनाएँ |
|---|---|
| उपन्यास | लाला श्रीनिवास दास – परीक्षा गुरु; प्रेमचंद – सेवासदन, गोदान, कर्मभूमि; जैनेन्द्र – त्यागपत्र; फणीश्वरनाथ रेणु – मैला आँचल; श्रीलाल शुक्ल – राग दरबारी |
| कहानी | किशोरीलाल गोस्वामी – इंदुमती; चंद्रधर शर्मा गुलेरी – उसने कहा था; प्रेमचंद – कफ़न, पूस की रात; जयशंकर प्रसाद – आकाशदीप |
| नाटक | भारतेन्दु – अंधेर नगरी; प्रसाद – स्कंदगुप्त, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी; मोहन राकेश – आषाढ़ का एक दिन, आधे-अधूरे |
| निबन्ध | बालकृष्ण भट्ट; रामचंद्र शुक्ल – चिंतामणि; हजारीप्रसाद द्विवेदी – अशोक के फूल, कुटज; विद्यानिवास मिश्र |
| जीवनी | विष्णु प्रभाकर – आवारा मसीहा (शरतचंद्र पर) |
| आत्मकथा | बनारसीदास जैन – अर्धकथानक (हिन्दी की पहली आत्मकथा); हरिवंशराय बच्चन – क्या भूलूँ क्या याद करूँ |
| संस्मरण / रेखाचित्र | महादेवी वर्मा – अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ; रामवृक्ष बेनीपुरी – माटी की मूरतें |
| यात्रा-साहित्य | राहुल सांकृत्यायन – मेरी तिब्बत यात्रा, घुमक्कड़ शास्त्र |
| गद्यकाव्य | राय कृष्णदास – साधना |
| व्यंग्य | हरिशंकर परसाई; शरद जोशी; श्रीलाल शुक्ल |
काव्यशास्त्र (काव्य के भेद) – ज़रूरी बिंदु
- रस: रस के अवयव – स्थायी भाव, विभाव (आलंबन व उद्दीपन), अनुभाव, संचारी/व्यभिचारी भाव (33)। रस के भेद – श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, वीभत्स, अद्भुत, शान्त, वात्सल्य, भक्ति।
- छन्द: मात्रिक (दोहा, सोरठा, चौपाई, रोला, हरिगीतिका, कुण्डलिया) और वर्णिक (सवैया, कवित्त/घनाक्षरी) – मात्रा और यति की गणना पर प्रश्न।
- अलंकार: शब्दालंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष, वक्रोक्ति) और अर्थालंकार (उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, सन्देह, भ्रान्तिमान, दृष्टान्त आदि) – उदाहरण पहचानने वाले प्रश्न।
- काव्यगुण: माधुर्य, ओज, प्रसाद। काव्य दोष: श्रुतिकटुत्व, च्युतसंस्कृति, ग्राम्यत्व, क्लिष्टत्व आदि।
हिन्दी भाषा – ज़रूरी बिंदु
- बोलियाँ: पश्चिमी हिन्दी (खड़ी बोली, ब्रज, हरियाणवी, बुंदेली, कन्नौजी), पूर्वी हिन्दी (अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी), राजस्थानी, बिहारी (भोजपुरी, मगही, मैथिली), पहाड़ी (कुमाऊँनी, गढ़वाली)।
- शब्द सम्पदा: तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी, संकर शब्द।
- ध्वनियाँ: स्वर, व्यंजन, उच्चारण स्थान, अल्पप्राण-महाप्राण, घोष-अघोष।
- देवनागरी लिपि: ब्राह्मी से विकास, विशेषताएँ, त्रुटियाँ और मानकीकरण/सुधार के प्रयास।
हिन्दी व्याकरण – ज़रूरी बिंदु
लिंग, वचन, कारक, सन्धि, समास, वर्तनी और वाक्य शुद्धि, पर्यायवाची, विलोम, श्रुति सम्भिन्नार्थक (युग्म) शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरे व लोकोक्तियाँ। ये टॉपिक कम समय में पूरे अंक दिलाने वाले हैं, इसलिए इनकी रोज़ प्रैक्टिस करें।
संस्कृत साहित्य – ज़रूरी बिंदु
| रचनाकार | प्रमुख रचनाएँ | याद रखने लायक |
|---|---|---|
| भास | स्वप्नवासवदत्तम्, प्रतिज्ञायौगन्धरायणम्, चारुदत्तम्, ऊरुभङ्गम् | 13 नाटक – ‘भासनाटकचक्र’ |
| कालिदास | अभिज्ञानशाकुन्तलम्, विक्रमोर्वशीयम्, मालविकाग्निमित्रम्, रघुवंशम्, कुमारसम्भवम्, मेघदूतम्, ऋतुसंहारम् | ‘उपमा कालिदासस्य’; लघुत्रयी – रघुवंश, कुमारसम्भव, मेघदूत |
| भवभूति | उत्तररामचरितम्, महावीरचरितम्, मालतीमाधवम् | करुण रस – ‘एको रसः करुण एव’ |
| भारवि | किरातार्जुनीयम् | ‘भारवेरर्थगौरवम्’; बृहत्त्रयी में शामिल |
| माघ | शिशुपालवधम् | ‘माघे सन्ति त्रयो गुणाः’ |
| दण्डी | दशकुमारचरितम्, काव्यादर्श | ‘दण्डिनः पदलालित्यम्’ |
| श्रीहर्ष | नैषधीयचरितम् | ‘नैषधं विद्वदौषधम्’; बृहत्त्रयी में शामिल |
संस्कृत व्याकरण: स्वर सन्धि (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि), व्यंजन सन्धि, समास, शब्द रूप (राम, हरि, गुरु, लता, नदी, मति आदि), धातु रूप (भू, पठ्, गम्, कृ, अस् – लट्, लङ्, लृट्, लोट्, विधिलिङ्), कारक-विभक्ति प्रयोग और हिन्दी से संस्कृत अनुवाद।
UP TGT हिन्दी के लिए किताबें
- हिन्दी साहित्य का इतिहास – आचार्य रामचंद्र शुक्ल
- हिन्दी साहित्य का दूसरा इतिहास – बच्चन सिंह
- हिन्दी साहित्य का वस्तुनिष्ठ इतिहास / UGC NET-TGT हिन्दी की कोई भी अच्छी वस्तुनिष्ठ किताब (रचनाकार-रचना के लिए)
- सामान्य हिन्दी व व्याकरण – वासुदेवनंदन प्रसाद (आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना)
- संस्कृत व्याकरण – कपिलदेव द्विवेदी (रचनानुवादकौमुदी)
- UP TGT हिन्दी के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र (PYQ) – सबसे ज़रूरी
तैयारी की रणनीति (लगभग 2 महीने)
- पहले 3 हफ़्ते: हिन्दी साहित्य का इतिहास – काल-वार रचनाकार और रचनाओं की तालिका खुद बनाएँ।
- अगले 2 हफ़्ते: गद्य विधाएँ + काव्यशास्त्र (रस, छन्द, अलंकार) – हर टॉपिक के बाद उदाहरण वाले प्रश्न हल करें।
- पूरे समय रोज़ 1 घंटा: हिन्दी व्याकरण और संस्कृत व्याकरण (सन्धि, समास, शब्द रूप, धातु रूप)।
- आख़िरी 2–3 हफ़्ते: PYQ और फुल-लेंथ मॉक टेस्ट – हर टेस्ट के बाद ग़लत प्रश्नों की लिस्ट बनाकर दोहराएँ।
UP TGT हिन्दी – PYQ, टेस्ट सीरीज़ और बैच
TGT हिन्दी के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, टॉपिक-वार टेस्ट और अपकमिंग बैच की जानकारी हमारे UP TGT 2026 – हिन्दी टैब पर जल्द उपलब्ध होगी। आधिकारिक नोटिफिकेशन PDF यहाँ से डाउनलोड करें: UP TGT Notification 2026 PDF Download
FAQs – UP TGT हिन्दी सिलेबस 2026
UP TGT हिन्दी का विषय कोड क्या है?
UP TGT हिन्दी का विषय कोड 01 है।
क्या UP TGT हिन्दी में संस्कृत से भी प्रश्न आते हैं?
हाँ। आधिकारिक सिलेबस में संस्कृत साहित्य (भास, कालिदास, भवभूति, भारवि, माघ, दण्डी, श्रीहर्ष), संस्कृत व्याकरण और अनुवाद शामिल हैं।
UP TGT हिन्दी सिलेबस 2026 PDF कहाँ से डाउनलोड करें?
इसी पोस्ट में ऊपर दिए Download Syllabus PDF बटन से आधिकारिक सिलेबस PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
क्या UP TGT 2026 में नेगेटिव मार्किंग है?
हाँ। हर सही उत्तर पर 3 अंक मिलेंगे और गलत या एक से अधिक उत्तर पर 1 अंक कटेगा।
UP TGT 2026 की परीक्षा कब होगी?
आयोग के अनुसार लिखित परीक्षा 23–24 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।
UP TGT हिन्दी के लिए सबसे ज़रूरी हिस्सा कौन-सा है?
हिन्दी साहित्य का इतिहास (रचनाकार-रचनाएँ) और व्याकरण से सबसे ज़्यादा प्रश्न आते हैं; संस्कृत वाला हिस्सा भी अंक बढ़ाने में मदद करता है।
UP TGT 2026 में आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
ऑनलाइन आवेदन 24 अक्टूबर से 23 नवंबर 2026 तक किए जा सकते हैं।
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