UP TGT Hindi 2021 (परीक्षा तिथि: 8 अगस्त 2021, सीरीज़ D) के सभी 125 प्रश्न यहाँ ऑनलाइन क्विज़ के रूप में दिए गए हैं। किसी भी विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत सही/गलत उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या दिखेगी। ऊपर की पट्टी में आपका स्कोर चलता रहेगा। UP TGT 2026 हिन्दी की तैयारी के लिए यह पिछला वर्ष प्रश्न-पत्र अवश्य हल करें।
परीक्षा पैटर्न (2021): 125 प्रश्न | 500 अंक | 120 मिनट
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1‘ब्रजभाषा’ का विकास किस अपभ्रंश से हुआ?
व्याख्या: ब्रजभाषा पश्चिमी हिन्दी की बोली है, जिसका विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ।
2एक ही कथानायक ‘चेतन’ उपेन्द्रनाथ अश्क के कई उपन्यासों का केन्द्रीय पात्र है। उनके किस उपन्यास का नायक ‘चेतन’ नहीं है?
व्याख्या: ‘गर्म राख’ चेतन-शृंखला का उपन्यास नहीं है; गिरती दीवारें, शहर में घूमता आईना, एक नन्हीं कंदील आदि का नायक चेतन है।
3‘प्रसन्नपद-नव्यार्थ युक्त्युद्बोध विधायिनी। स्फुरन्ती सत्कवेर्बुद्धिः प्रतिभा सर्वतोमुखी॥’ — उक्त कथन किसका है?
व्याख्या: प्रतिभा की यह परिभाषा वाग्भट (वाग्भटालंकार) की है।
4‘शिवराज भूषण’ में कितने अलंकारों का निरूपण हुआ है?
व्याख्या: भूषण कृत ‘शिवराज भूषण’ में 105 अलंकारों का निरूपण है।
5निम्न में से कौन-सा सात्विक अनुभाव नहीं है?
व्याख्या: सात्विक अनुभाव 8 हैं — स्तम्भ, स्वेद, रोमांच, स्वरभंग, कंप, वैवर्ण्य, अश्रु, प्रलय। विषाद संचारी भाव है।
6‘वीणापाणि’ में समास है
व्याख्या: वीणा है पाणि (हाथ) में जिसके — अर्थात् सरस्वती; अन्य अर्थ प्रधान होने से बहुव्रीहि।
7‘नमः’ शब्द के योग में ‘विभक्ति’ होती है
व्याख्या: ‘नमः स्वस्ति स्वाहा स्वधा…’ के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है।
8जिस समस्त पद में पूर्व या उत्तर पद की बजाय किसी अन्य अर्थ की प्रधानता होती है, उसमें होता है
व्याख्या: अन्य पद की प्रधानता बहुव्रीहि समास की पहचान है।
9‘नदी कोश भर टेढ़ी है’ — का संस्कृत-अनुवाद होगा
व्याख्या: काल व मार्ग की निरन्तरता (अत्यन्त संयोग) में द्वितीया विभक्ति — ‘क्रोशं कुटिला नदी’।
10‘खुली आँखों का सपना’ यात्रावृत्त के लेखक हैं
व्याख्या: यह यात्रावृत्त मरुधर मृदुल का है।
11निम्नलिखित में महाकाव्य के लक्षणों के विषय में एक कथन असत्य है
व्याख्या: महाकाव्य में शृंगार, वीर या शान्त में से एक रस अंगी (प्रधान) होता है, अन्य रस अंग रूप में।
12‘वध-स्थल से छलांग’ किस लेखक की कहानी है?
व्याख्या: ‘वध-स्थल से छलांग’ ऋषिकेश सुलभ की कहानी है।
13‘युष्मद्’ शब्द के चतुर्थी विभक्ति एकवचन के रूप हैं
व्याख्या: युष्मद् चतुर्थी एकवचन — तुभ्यम् / ते।
14सभी स्वर होते हैं
व्याख्या: सभी स्वर घोष और अल्पप्राण होते हैं।
15‘पद्मावत’ का ‘बँगला’ अनुवाद किसने किया था?
व्याख्या: पद्मावत का बँगला अनुवाद आलाओल (आलोउजाला) ने किया।
16निम्न में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
व्याख्या: ‘एक जमीन अपनी’ चित्रा मुद्गल का उपन्यास है।
17हिन्दी के विकास के सम्बन्ध में निम्नांकित कथनों में एक असत्य है।
व्याख्या: हिन्दी का विकास वियोगात्मक (विश्लेषणात्मक) भाषा के रूप में हुआ है।
18लिपि के विकास का क्रमिक सोपान है
व्याख्या: क्रम — चित्र लिपि → सूत्र लिपि → प्रतीकात्मक लिपि → भावमूलक लिपि → ध्वनिमूलक लिपि।
19निम्नलिखित कृतियों को उनके प्रकाशनवर्ष के अनुसार आरोही क्रम में व्यक्त करने वाली श्रेणी है
व्याख्या: भारत-भारती (1912), साकेत (1931-32), यशोधरा (1932-33), जयभारत (1952)।
20‘वे दिन वे लोग’ शीर्षक संस्मरणात्मक रचना के लेखक कौन हैं?
व्याख्या: ‘वे दिन वे लोग’ शिवपूजन सहाय की संस्मरण कृति है।
21कलचुरि राजवंश की सात नायिकाओं के नखशिख वर्णन से सम्बन्धित ग्रंथ है
व्याख्या: रोडा कृत ‘राउलवेल/राउर बेलि’ में सात नायिकाओं का नखशिख वर्णन है।
22गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा ‘अष्टछाप’ की स्थापना का वर्ष है
व्याख्या: विट्ठलनाथ ने 1565 ई. (सं. 1622) में अष्टछाप की स्थापना की।
23‘सूरदास का प्रेमपक्ष लोक से न्यारा है’ यह कथन किस विद्वान का है?
व्याख्या: यह कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का है।
24गुरु नानकदेव की माता का नाम था
व्याख्या: गुरु नानक की माता तृप्ता और पिता कालू मेहता थे।
25विधा की दृष्टि से कौन-सी रचना अन्य तीन से भिन्न है?
व्याख्या: ‘वटवृक्ष की छाया में’ (कुमुद नागर) अमृतलाल नागर पर लिखी जीवनी है; अन्य आत्मकथात्मक कृतियाँ हैं।
26‘अंतड़ियों में बल पड़ना’ मुहावरे का अर्थ है
व्याख्या: अर्थ — बहुत हँसने से पेट में पीड़ा होना।
27निम्नलिखित में ‘तद्भव’ शब्द नहीं है
व्याख्या: ‘राजा’ तत्सम है; खेत (क्षेत्र), किसान (कृषक), दाहिना (दक्षिण) तद्भव हैं।
28कालिदास ने ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ में कितने प्रकार के छन्दों का प्रयोग किया है?
व्याख्या: अभिज्ञानशाकुन्तलम् में 24 प्रकार के छन्द प्रयुक्त हैं (मान्य उत्तर)।
29गणनावाचक शब्द ‘अयुतम्’ किसके लिए प्रयुक्त होता है?
व्याख्या: अयुत = दस हजार; लक्ष = एक लाख; प्रयुत = दस लाख।
30‘कबीर और तुलसी भाषा में एक मिशन के तहत लिख रहे थे।’ यह कथन किसका है?
व्याख्या: यह कथन डॉ. बच्चन सिंह का है।
31आचार्य भरतमुनि ने नाटक में ‘अभिनय’ को किस वेद से लिया गया माना है?
व्याख्या: पाठ्य — ऋग्वेद, गीत — सामवेद, अभिनय — यजुर्वेद, रस — अथर्ववेद।
32‘भाषा योग वाशिष्ठ’ का रचनाकाल है
व्याख्या: रामप्रसाद निरंजनी कृत ‘भाषा योग वाशिष्ठ’ 1741 ई. की रचना है।
33ज्ञानचन्द्र जैन कृत ‘कथाशेष’ शीर्षक जीवनी किससे संबंधित है?
व्याख्या: ‘कथाशेष’ अमृतलाल नागर से सम्बन्धित जीवनी है।
34‘अखिल भुवन चर-अचर जग हरिमुख में लखि मातु। चकित भयी, गदगद वचन, विकसित दृग पुलकातु॥’ पंक्तियों में निहित रस है
व्याख्या: स्थायी भाव विस्मय (चकित भयी) — अद्भुत रस।
35‘झोपड़ी से राजभवन’ किस साहित्यकार की आत्मकथा है?
व्याख्या: ‘झोपड़ी से राजभवन’ माताप्रसाद की आत्मकथा है।
36‘न धर्मवृद्धेषु वयः समीक्ष्यते’ यह सूक्ति किस कवि की है?
व्याख्या: यह कालिदास के ‘कुमारसम्भवम्’ की सूक्ति है।
37संत-काव्य परम्परा का कौन-सा कवि अपनी विद्वता (सर्वाधिक शिक्षित होने) के कारण प्रसिद्ध है?
व्याख्या: सुन्दरदास काशी में शिक्षित, सर्वाधिक शास्त्रज्ञ संत कवि थे।
38भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की रचना ‘हिन्दी भाषा’ का प्रकाशन वर्ष है
व्याख्या: प्रचलित उत्तर-कुंजी के अनुसार 1865 ई.।
39‘ए डिक्शनरी ऑफ इंग्लिश एण्ड हिन्दुस्तानी’ के लेखक हैं
व्याख्या: जॉन बोर्थविक गिलक्राइस्ट (फोर्ट विलियम कॉलेज) इसके लेखक हैं।
40‘तुम्हें सौंपता हूँ’ किसकी काव्य रचना है?
व्याख्या: ‘तुम्हें सौंपता हूँ’ त्रिलोचन का काव्य संग्रह है।
41‘पार्श्वनाथ चरित’ के लेखक हैं
व्याख्या: जैन कवि वादिराज ने ‘पार्श्वनाथ चरित’ लिखा।
42‘द्रक्ष्यति’ शब्द ‘दृश्’ धातु के किस लकार, वचन एवं पुरुष का रूप है?
व्याख्या: द्रक्ष्यति — लृट् (भविष्यत्) लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन।
43‘निबन्ध वह गद्य रचना है जिसमें लेखक किसी भी विषय पर स्वच्छन्दतापूर्वक परन्तु एक विशेष सौष्ठव, संहिति और वैयक्तिकता के साथ अपने भावों, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करता है।’ — यह परिभाषा किस विद्वान की है?
व्याख्या: यह परिभाषा डॉ. भगीरथ मिश्र की है।
44शयन में संधि है
व्याख्या: शे + अन = शयन (ए + अ = अय) — अयादि संधि।
45संस्कृत के किस कवि ने अपने लिए ‘पद वाक्य प्रमाणज्ञ’ विशेषण का प्रयोग किया है?
व्याख्या: भवभूति ने स्वयं को ‘पदवाक्यप्रमाणज्ञ’ कहा है।
46‘पार्वती’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है
व्याख्या: आयोग की उत्तर-कुंजी के अनुसार ‘शिवानी’ को उत्तर माना गया है।
47‘जहाँ वक्रता सर्प के चाल में थी। प्रजा में नहीं थी, न भूपाल में थी॥’ — उपर्युक्त पंक्तियाँ किस अलंकार की उदाहरण हैं?
व्याख्या: वक्रता को अन्य स्थानों से हटाकर केवल सर्प तक सीमित करना — परिसंख्या अलंकार।
48निम्नलिखित में रचना और रचनाकारों के असंगत युग्म का चयन कीजिए।
व्याख्या: ‘लोग भूल गये हैं’ रघुवीर सहाय का काव्य संग्रह है।
49‘अवधि शिला का उर पर, था गुरु भार। तिल तिल काट रही थी, दृग जल धार॥’ प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छन्द है?
व्याख्या: विषम चरण 12 और सम चरण 7 मात्राएँ, अन्त में जगण — बरवै छन्द।
50निम्न में से वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द कौन-सा है?
व्याख्या: अभ्यन्तर + इक = आभ्यन्तरिक (आदि वृद्धि)।
51संस्कृत के किस ग्रंथ का आरम्भ ‘श्री’ शब्द से तथा समापन ‘लक्ष्मी’ शब्द से हुआ है?
व्याख्या: भारवि का किरातार्जुनीयम् ‘श्रियः’ से आरम्भ और ‘लक्ष्मी’ शब्द पर समाप्त होता है; इसके प्रत्येक सर्ग के अन्त में ‘लक्ष्मी’ शब्द आता है।
52विलोम की दृष्टि से असंगत युग्म है
व्याख्या: अर्वाचीन का विलोम प्राचीन है; अर्वाचीन और नवीन समानार्थी हैं।
53निम्नलिखित में एक ओष्ठ्य ध्वनि नहीं है?
व्याख्या: ‘ध’ दन्त्य ध्वनि है; प, फ, भ ओष्ठ्य हैं।
54अर्थ निर्दिष्ट करने की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सा उपसर्ग अन्य तीन से भिन्न है?
व्याख्या: अव, अप, दुर् हीनता/बुराई के बोधक हैं; परि का अर्थ ‘चारों ओर’ है।
55‘हम तौ भगति मुकति मैं आया। गुरु परसाद राम गुन गाया।’ पंक्तियाँ किस ग्रंथ से ली गई हैं?
व्याख्या: ये पंक्तियाँ अनंतदास कृत ‘कबीर की परिचई’ की हैं।
56तुलसीदास ने कौन-सी रचना अपनी शारीरिक पीड़ा के निवारणार्थ की थी?
व्याख्या: बाहु-पीड़ा से मुक्ति हेतु तुलसी ने ‘हनुमान बाहुक’ रचा।
57प्रेम कहानी में उठने वाले सामाजिक अवरोधों की पृष्ठभूमि पर लिखा गया उपन्यास है
व्याख्या: भीष्म साहनी का ‘नीलू नीलिमा नीलोफर’ अंतर्धार्मिक प्रेम और सामाजिक अवरोधों पर आधारित है।
58निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा स्त्रीलिंग नहीं है?
व्याख्या: ‘सेतु’ पुल्लिंग है; वायु, रेणु, रज्जु स्त्रीलिंग हैं।
59‘उनकी आलोचना की प्रमुख विशेषता है — उनकी अनाविल दृष्टि और निर्मल विवेचन’ — यह कथन किस आलोचक के प्रति है?
व्याख्या: बच्चन सिंह ने यह कथन विश्वनाथ प्रसाद मिश्र के लिए कहा है।
60संस्कृत के प्रथम नाटककार हैं
व्याख्या: भास (कालिदास के पूर्ववर्ती) संस्कृत के प्रथम उपलब्ध नाटककार माने जाते हैं।
61‘खड़ी बोली’ का एक अन्य नाम है
व्याख्या: राहुल सांकृत्यायन ने खड़ी बोली को ‘कौरवी’ नाम दिया।
62‘ब्रह्मसम्प्रदाय’ के संस्थापक कौन हैं?
व्याख्या: मध्वाचार्य (द्वैतवाद) ने ब्रह्म सम्प्रदाय चलाया।
63द्रुतविलम्बित छन्द का लक्षण है कि इसके प्रत्येक चरण में होते हैं
व्याख्या: ‘द्रुतविलम्बितमाह नभौ भरौ’ — न, भ, भ, र; 12 वर्ण।
64टीकाकार मल्लिनाथ ने कालिदास कृत ‘कुमार सम्भवम्’ के कितने सर्गों पर संजीवनी लिखी है?
व्याख्या: मल्लिनाथ की संजीवनी टीका कुमारसम्भव के प्रथम 8 सर्गों पर है।
65रामचन्द्र शुक्ल का ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ पहले किस ग्रंथ की भूमिका के रूप में छपा था?
व्याख्या: 1929 में यह ‘हिन्दी शब्दसागर’ की भूमिका के रूप में छपा।
66‘हिन्दवी’ शब्द का प्रथम प्रयोग किस इतिहासकार ने किया है?
व्याख्या: आयोग की उत्तर-कुंजी के अनुसार अबू सईद।
67‘जहँ राधा आनन उदित, निसि बासर आनंद। तहाँ कहा अरविन्द है, कहा बापुरो चन्द॥’ पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
व्याख्या: उपमान (चन्द्र, कमल) को उपमेय (राधा-मुख) के आगे हीन बताना — प्रतीप अलंकार।
68‘उपन्यास-रहस्य’ शीर्षक से किसका निबंध संग्रह है?
व्याख्या: ‘उपन्यास-रहस्य’ महावीर प्रसाद द्विवेदी का निबन्ध संग्रह है।
69‘किन्तु, उस दिन यह सिद्ध हुआ, जब कोई भी मनुष्य अनासक्त होकर चुनौती देता है इतिहास को, उस दिन नक्षत्रों की दिशा बदल जाती है।’ इन पंक्तियों के सृजेता तथा कृति का नाम बताइये।
व्याख्या: ये पंक्तियाँ धर्मवीर भारती के गीतिनाट्य ‘अंधा युग’ की हैं।
70लकार और उसके कालवाचक अर्थ का कौन-सा युग्म सही नहीं है?
व्याख्या: लोट् लकार आज्ञार्थक है; सम्भावना के लिए विधिलिङ् प्रयुक्त होता है।
71‘पौन मया करि घूँघट टारै, दया करी दामिनि दीप देखावै’ — काव्य पंक्ति किस कवि की है?
व्याख्या: आयोग की उत्तर-कुंजी के अनुसार नेही नागरिदास।
72‘हिमाद्रि तुंग श्रृंग से, प्रबुद्ध शुद्ध भारती स्वयं प्रभा समुज्ज्वला, स्वतंत्रता पुकारती’ — प्रस्तुत पंक्तियों में काव्य का कौन-सा गुण मौजूद है?
व्याख्या: संयुक्ताक्षरों की बहुलता और उत्साह-भाव — ओज गुण।
73‘अन्तःकरण की वृत्तियों के चित्र का नाम कविता है’ — यह काव्यलक्षण किसने प्रस्तुत किया है?
व्याख्या: यह परिभाषा महावीर प्रसाद द्विवेदी की है।
74निम्नलिखित में से कौन-सा वर्ण घोष-महाप्राण है?
व्याख्या: श, ष, स अघोष महाप्राण हैं; ‘ह’ घोष महाप्राण है।
75विधा की दृष्टि से सुमेलित युग्म नहीं है
व्याख्या: ‘शान्तिनिकेतन से शिवालिक’ शिवप्रसाद सिंह द्वारा सम्पादित, हजारीप्रसाद द्विवेदी पर केन्द्रित संस्मरण/निबन्ध ग्रंथ है, यात्रावृत्त नहीं।
76‘निर्भय-भीम-व्यायोग’ के लेखक हैं
व्याख्या: ‘निर्भय-भीम-व्यायोग’ जैन आचार्य रामचन्द्र सूरि की रचना है।
77निम्नलिखित में एक मार्कण्डेय की कहानी नहीं है
व्याख्या: ‘रामलीला’ प्रेमचंद की कहानी है।
78‘पक्षी’ का पर्यायवाची नहीं है
व्याख्या: खग, शकुनि, शकुन्त पक्षी के पर्याय हैं; शकुंद नहीं।
79हिन्दी काव्यशास्त्र में ‘बौद्धिक रस’ की स्थापना करने वाले विद्वान हैं
व्याख्या: डॉ. गणपतिचन्द्र गुप्त ने ‘बौद्धिक रस’ की स्थापना की।
80हिन्दी ‘नई चाल में ढली, सन् 1873 ई.।’ भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने इसे किस पुस्तक में अंकित किया था?
व्याख्या: भारतेन्दु ने यह उल्लेख अपनी पुस्तक ‘कालचक्र’ में किया।
81‘काम-भाव और शरीर का सौंदर्य उनके यहाँ उत्सव-रूप में है।’ विद्यापति के संदर्भ में यह कथन किसका है?
व्याख्या: यह कथन रामस्वरूप चतुर्वेदी (‘हिन्दी साहित्य और संवेदना का विकास’) का माना जाता है।
82‘चेहरे अनेक’ किसकी आत्मकथा है?
व्याख्या: ‘चेहरे अनेक’ उपेन्द्रनाथ अश्क की आत्मकथा है।
83प्रगतिवाद आन्दोलन के ‘सैनिक रूप’ का उल्लेख किस साहित्यकार ने किया है?
व्याख्या: प्रगतिवाद के ‘सैनिक रूप’ का उल्लेख मुक्तिबोध ने किया।
84निम्नलिखित में से भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की रचना नहीं है
व्याख्या: ‘आषाढ़ माहात्म्य’ भारतेन्दु की रचना नहीं है।
85‘प्रज्ञा नवनवोन्मेषशालिनी प्रतिभा मता’ किसकी उक्ति है?
व्याख्या: प्रतिभा की यह परिभाषा भट्टतौत की है।
86‘सब कोऊ जानत तुम्हें सारे जगत जहान’ — इस वाक्य में कौन-सा काव्य-दोष है?
व्याख्या: ‘जगत’ और ‘जहान’ समानार्थी — पुनरुक्ति दोष।
87निम्नलिखित में ‘तद्भव’ शब्द है
व्याख्या: पंख (पक्ष) तद्भव है; अन्य तत्सम हैं।
88‘उपन्यास का मोटापा उसके स्वास्थ्य पर वैसा ही असर डालता है, जैसे मनुष्यों का मोटापा।’ — यह कथन किस इतिहासकार का है?
व्याख्या: यह कथन डॉ. बच्चन सिंह का है।
89‘ऊटपटांग’ शब्द में समास होता है
व्याख्या: प्रचलित उत्तर-कुंजी के अनुसार तत्पुरुष।
90निम्नलिखित में से कौन तद्धित प्रत्यय वाला शब्द नहीं है?
व्याख्या: ‘सजावट’ (सजा + आवट) कृत् प्रत्यय से बना है।
91निम्नलिखित में से किस रचना का रचनाकार फोर्ट विलियम कालेज से सम्बद्ध नहीं था?
व्याख्या: ‘रानी केतकी की कहानी’ के लेखक इंशा अल्ला खाँ फोर्ट विलियम कॉलेज से सम्बद्ध नहीं थे।
92‘लीक पर वे चलें जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं, हमें तो जो हमारी यात्रा से बने ऐसे अनिर्मित पंथ प्यारे हैं’ इन पंक्तियों के सृजेता हैं
व्याख्या: ये पंक्तियाँ सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की हैं।
93‘गुरवे’ शब्द का सही सन्धि-विच्छेद होगा
व्याख्या: गुरो + ए = गुरवे (ओ + ए = अवे) — अयादि संधि।
94‘बीती विभावरी जाग री। अम्बर-पनघट में डुबो रही तारा घट ऊषा नागरी।’ — उपर्युक्त पंक्तियों में अलंकार है
व्याख्या: अम्बर-पनघट, तारा-घट, ऊषा-नागरी — उपमेय पर उपमान का आरोप, रूपक अलंकार।
95‘कविता की नई तारीख’ किसकी कहानी है?
व्याख्या: ‘कविता की नई तारीख’ काशीनाथ सिंह की कहानी है।
96‘मर गया दीपनाथ’ नामक चर्चित कहानी के लेखक हैं
व्याख्या: ‘मर गया दीपनाथ’ चन्द्रकिशोर जायसवाल की कहानी है।
97‘विखण्डनवाद’ का जनक माना जाता है
व्याख्या: ज़ाक देरिदा विखण्डनवाद (Deconstruction) के जनक हैं।
98‘बैलगाड़ी’ में समास है
व्याख्या: बैलों से चलने वाली गाड़ी — मध्यमपदलोपी (करण) तत्पुरुष।
99अपभ्रंश में दोहा-काव्य की परम्परा का आरम्भ किस कवि ने किया?
व्याख्या: जोइन्दु (परमात्मप्रकाश, योगसार) से अपभ्रंश दोहा-परम्परा आरम्भ मानी जाती है।
100नाटकों और नाटककारों का कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
व्याख्या: ‘एक सत्य हरिश्चन्द्र’ लक्ष्मीनारायण लाल का नाटक है।
101कोई व्यक्ति या वस्तु जिस आधार से अलग होती है या दूर जाती है, उस आधार में कौन-सा कारक प्रयुक्त होता है?
व्याख्या: अलगाव का बोध — अपादान कारक (‘से’)।
102निम्नलिखित में से कौन-सा नाम सिद्ध-परम्परा की योगिनी का नहीं बल्कि योगी का है?
व्याख्या: पुतलिपा 84 सिद्धों में योगी हैं; अन्य तीन योगिनियाँ हैं।
103‘विनय और सोफिया’ किस प्रसिद्ध उपन्यास के पात्र हैं?
व्याख्या: विनय, सोफिया, सूरदास — प्रेमचंद के ‘रंगभूमि’ के पात्र हैं।
104निम्नलिखित में स्त्रीलिंग शब्द है
व्याख्या: ‘शराब’ स्त्रीलिंग है; अन्य पुल्लिंग हैं।
105उर्दू को यामिनी भाषा कहने का श्रेय किसको है?
व्याख्या: लल्लू लाल ने ‘प्रेमसागर’ की भूमिका में उर्दू को ‘यामिनी भाषा’ कहा।
106‘वह उस शाखा का वन-विहंग उड़ गया मुक्त नभ निस्तरंग’ पंक्तियाँ किस छायावादी कवि की हैं?
व्याख्या: ये पंक्तियाँ निराला की हैं।
107‘लौटकर आया हुआ’ के लिए उपयुक्त एक शब्द होगा
व्याख्या: लौटकर आया हुआ — प्रत्यागत।
108‘एक दिन बोलेंगे पेड़’ काव्यकृति के रचनाकार हैं
व्याख्या: ‘एक दिन बोलेंगे पेड़’ राजेश जोशी का काव्य संग्रह है।
109‘समस्त पृथ्वी से सम्बन्ध रखने वाला’ के लिए एक शब्द होगा
व्याख्या: समस्त भूमि से सम्बन्धित — सार्वभौमिक।
110‘तुलसी गंग दुवौ भये सुकबिन के सरदार’ — यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
व्याख्या: यह कथन भिखारीदास (काव्यनिर्णय) का है।
111निम्नलिखित में से कौन-सा काव्यसंग्रह नरेन्द्र शर्मा का नहीं है?
व्याख्या: ‘अपराजिता’ रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’ की कृति है।
112गार्सां द तासी के इतिहास ग्रंथ ‘इस्त्वार द ला लितेरात्यूर ऐंदुई ए ऐंदुस्तानी’ का दूसरा संस्करण कब प्रकाशित हुआ था?
व्याख्या: प्रथम संस्करण 1839-47, दूसरा संस्करण 1871-72 ई. में प्रकाशित हुआ।
113‘प्रसंग गर्भत्व इनके गद्य की निजी विशेषता है। इनकी भाषा सरल और व्यंजना पूर्ण है। बीच-बीच में हास्य और व्यंग्य भी है।’ — यह कथन किसके प्रति है?
व्याख्या: यह कथन अध्यापक पूर्णसिंह के निबन्धों के सन्दर्भ में है।
114‘कूलंकषा’ किसका पर्यायवाची है?
व्याख्या: कूलंकषा — किनारों को काटने वाली, अर्थात् नदी।
115निम्नलिखित में से असत्य कथन है
व्याख्या: हरिकृष्ण प्रेमी का ‘रक्षाबंधन’ नाटक है, कहानी नहीं; ‘रक्षाबंधन’ कहानी विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की है।
116‘शुद्ध कला के पारखी, कहते हैं उस पार की।’ पंक्ति के रचयिता कौन हैं?
व्याख्या: ये पंक्तियाँ रामविलास शर्मा की कविता की हैं।
117‘पितृ’ शब्द के सप्तमी विभक्ति के तीनों वचनों के रूप हैं क्रमशः
व्याख्या: पितृ सप्तमी — पितरि, पित्रोः, पितृषु।
118‘ग्लोबल गाँव के देवता’ उपन्यास में ‘सर्वोच्च देवलोक’ किसे कहा गया है?
व्याख्या: रणेन्द्र के इस उपन्यास में लन्दन को ‘सर्वोच्च देवलोक’ कहा गया है।
119‘साखी सबदी दोहरा, कहि किहनी उपखान। भगति निरूपहिं भगत कलि, निन्दहिं बेद पुरान॥’ — उपर्युक्त पंक्तियों के रचनाकार हैं
व्याख्या: यह तुलसीदास की ‘दोहावली’ का दोहा है।
120‘सनि कज्जल, चख झख लगन उपज्यो सुदिन सनेहु। क्यों न नृपति ह्वै भोगवै, लहि सुदेसु सबु देहु॥’ — बिहारी के उपर्युक्त दोहे में उनकी बहुज्ञता का कौन-सा पक्ष प्रकट हुआ है?
व्याख्या: शनि, मीन (झख) लग्न, सुदिन — ज्योतिष के पारिभाषिक शब्द; अतः ज्योतिष ज्ञान।
121‘तवल्कारः’ का सही सन्धि-विच्छेद है
व्याख्या: अ + ऌ = अल् (गुण संधि) — तव + ऌकारः।
122‘शोभा सरसाने न बखाने जात केहू भाँति आने हैं पहार मानो काजर के ढोय कै॥’ — यह काव्य पंक्ति किसकी है?
व्याख्या: यह पंक्ति सेनापति (कवित्त रत्नाकर) की है।
123‘उदधि आइ तेइ बन्धन कीन्हा। इति दसमाथ अमर पद लीन्हा॥’ — पंक्तियों के रचनाकार हैं
व्याख्या: ये पंक्तियाँ जायसी के ‘पद्मावत’ की हैं।
124‘भारतेन्दु नाटक मण्डली’ द्वारा अभिनीत पहला नाटक था
व्याख्या: भारतेन्दु नाटक मण्डली द्वारा अभिनीत पहला नाटक ‘सत्य हरिश्चन्द्र’ था।
125‘अंग्रेज’ किस भाषा का शब्द है?
व्याख्या: आयोग की उत्तर-कुंजी के अनुसार फ्रेंच (Anglais से)।

