भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि

  1. भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि (125th Death Anniversary of Bhagwan Birsa Munda)
  2. जीवन परिचय (Life Introduction):
    • जन्म: 15 नवंबर 1875, उलिहातु गाँव (खूंटी जिला, झारखंड)
    • जनजाति: मुंडा समुदाय
    • उपनाम: “धरती आबा” (पृथ्वी के पिता), “भगवान” (आदिवासियों के मसीहा)
    • मृत्यु: 9 जून 1900 (रांची जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में)।
  3. प्रमुख आंदोलनः उलगुलान (महान विद्रोह, 1899-1900) (Major Movement: Ulgulan (Great Tumult, 1899-1900))
    • शोषण: जमींदारों (दिकू) और मिशनरियों द्वारा अत्याचार।
    • कारण:
      • भूमि अधिकार: अंग्रेजों ने आदिवासियों की पारंपरिक खुंटकटी प्रणाली को नष्ट कर दिया।
      • बेगार प्रथा: बिना मजदूरी के जबरन श्रम।
      • धार्मिक हस्तक्षेप: ईसाईकरण के प्रयासों ने सांस्कृतिक अस्मिता को खतरे में डाला।
    • नारा: “अबुआ दिशुम, अबुआ राजा” (हमारा देश, हमारा शासन!)
    • परिणाम: आंदोलन को दबा दिया गया, परंतु इसके बाद छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (CNT Act), 1908 लागू हुआ, जिसने आदिवासी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की।
  4. धार्मिक एवं सामाजिक सुधार (Religious and Social Reforms):
    • बिरसाइत धर्म: एकेश्वरवाद (सिंहबोंगा की पूजा) पर आधारित नया धर्म चलाया।
    • समाज सुधार: शराबबंदी, जादू-टोना और पशु बलि जैसी प्रथाओं का विरोध किया।
  5. ऐतिहासिक विरासत एवं सम्मान (Historical Legacy and Honour):
    • जनजातीय गौरव दिवस: 15 नवंबर (बिरसा का जन्मदिन) को भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय दिवस।
    • सांस्कृतिक प्रतीक: झारखंड के निर्माण (2000) में उनके संघर्ष को आधार बनाया गया।
      • स्मारक: रांची में बिरसा मुंडा जेल स्मारक और उलिहातु में जन्मस्थान पर्यटन व इतिहास के केंद्र हैं।3