UP TGT Hindi 2026 Paper Analysis: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा 03 जून 2026 को आयोजित UP TGT हिन्दी परीक्षा के सभी 125 प्रश्नों का सिलेबस के अनुसार टॉपिक-वार और सब-टॉपिक-वार विश्लेषण यहाँ दिया गया है। साथ में पूरी संभावित उत्तर कुंजी, विवादास्पद प्रश्न और अगली परीक्षा की तैयारी रणनीति भी है।
UP TGT Hindi 2026 परीक्षा का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा | UP TGT (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) — हिन्दी |
| आयोजक | उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज |
| परीक्षा तिथि | 03 जून 2026 |
| कुल प्रश्न | 125 (वस्तुनिष्ठ, 4 विकल्प) |
| विषय कोड | 01 (हिन्दी) |
सिलेबस खंड-वार प्रश्न वितरण
व्याकरण, इतिहास और गद्य विधाओं में अंतर केवल 2 प्रश्नों का है — तीनों लगभग बराबर भार के हैं। संस्कृत और भाषा-लिपि मिलाकर भी केवल 17 प्रश्न (13.6%) हैं।
पेपर की मुख्य बातें
- तथ्य-स्मरण प्रधान पेपर: लगभग 40 प्रश्न रचना-रचनाकार पहचान के।
- व्याकरण चौड़ा पर उथला: 17 उप-विषयों से 31 प्रश्न; संधि (5) और समास (3) सबसे अधिक।
- काव्यशास्त्र 19 प्रश्न: अलंकार (6) और रस (4) सबसे भारी।
- संस्कृत केवल 8 प्रश्न, उनमें आधे रचनाकार-रचना के।
- कठिनाई: लगभग 70% आसान-मध्यम; कठिनाई तिथि/संख्या वाले और विवादास्पद प्रश्नों से।
- नकारात्मक प्रश्न 15 (13 “नहीं है” + 2 “असंगत”)।
टॉपिक और सब-टॉपिक वार गहन विश्लेषण
1. व्याकरण — 31 प्रश्न (24.8%)
| उप-विषय | प्रश्न | प्रश्न सं. | क्या पूछा गया |
|---|---|---|---|
| संधि | 5 | 10, 33, 45, 56, 67 | नमस्कार (विसर्ग), सच्चरित्र (व्यंजन), तत्+टीका, विद्यालय (दीर्घ), सूर्योदय (गुण) |
| समास | 3 | 26, 36, 44 | चक्रपाणि (बहुव्रीहि), राजपुत्र (षष्ठी तत्पुरुष), चन्द्रमुख (कर्मधारय) |
| शब्द सम्पदा | 3 | 49, 64, 106 | चश्मा (विदेशज), आँख, आग (तद्भव) |
| पर्यायवाची | 2 | 83, 90 | पुष्प = सुमन; समुद्र का पर्याय नहीं = कूल |
| विलोम | 2 | 9, 54 | आदान–प्रदान, गुरु–लघु |
| श्रुतिसमभिन्नार्थक | 2 | 28, 119 | अवधि–अवधी, अनिल–अनल |
| वाक्यांश हेतु एक शब्द | 2 | 55, 116 | अज्ञ, अनुपम |
| मुहावरा-लोकोक्ति | 2 | 11, 95 | का वर्षा जब कृषि सुखानी; आसमान सिर पर उठाना |
| वर्तनी | 2 | 20, 53 | उज्ज्वल, आशीर्वाद |
| वाक्य शुद्धि / वाक्य भेद | 2 | 19, 65 | “केवल” + “मात्र” की पुनरुक्ति; रचना के आधार पर 3 भेद |
| लिंग, वचन, कारक, पद परिचय | 4 | 66, 59, 72, 87 | मिठाई, दर्शन (सदा बहुवचन), “बाण से” करण, पद परिचय |
| उपसर्ग, प्रत्यय | 2 | 118, 58 | अनु, अनीय |
पैटर्न: हर प्रश्न मानक व्याकरण स्तर का; संधि-समास के उदाहरण प्रचलित शब्दों से।
2. हिन्दी साहित्य का इतिहास — 29 प्रश्न (23.2%)
| काल / युग | प्रश्न | प्रश्न सं. | फोकस |
|---|---|---|---|
| आदिकाल | 4 | 14, 22, 37, 43 | सरहपा-सिद्ध, वीरगाथा, पृथ्वीराज रासो, “आदिकाल” नामकरण |
| भक्तिकाल — संत काव्य | 2 | 12, 29 | निर्गुण संत कवि, बीजक के भाग |
| भक्तिकाल — सूफी काव्य | 2 | 70, 86 | पद्मावत रचनाकाल, मृगावती |
| भक्तिकाल — राम काव्य | 2 | 25, 27 | रामचरितमानस आरम्भ संवत्, तुलसी की रचनाएँ |
| भक्तिकाल — कृष्ण काव्य | 2 | 51, 74 | सूरसागर की शैली, अष्टछाप-विट्ठलनाथ |
| रीतिकाल | 4 | 18, 35, 105, 111 | प्रवर्तक, प्रवृत्ति, बिहारी सतसई, घनानन्द |
| भारतेन्दु युग | 3 | 76, 79, 104 | आधुनिक साहित्य का जनक, भारतेन्दु मण्डल, प्रवृत्तियाँ |
| द्विवेदी युग | 2 | 23, 60 | भारत-भारती, सरस्वती सम्पादन काल |
| छायावाद | 4 | 34, 84, 85, 124 | चार स्तम्भ, निराला, प्रसाद, महादेवी |
| प्रगतिवाद | 2 | 30, 125 | प्रगतिशील लेखक संघ 1936, कुरुक्षेत्र |
| प्रयोगवाद / नयी कविता | 2 | 31, 121 | तार सप्तक, “नयी कविता” पत्रिका |
पैटर्न: सिलेबस के सभी 11 काल-खंड पूछे गए। भक्तिकाल की चारों धाराओं को 2-2 प्रश्न मिले।
3. गद्य विधाएँ एवं रचनाकार — 29 प्रश्न (23.2%)
| विधा | प्रश्न | प्रश्न सं. |
|---|---|---|
| उपन्यास | 9 | 2, 6, 8, 38, 50, 52, 62, 69, 96 |
| कहानी | 5 | 21, 46, 92, 100, 115 |
| नाटक | 4 | 32, 73, 89, 120 |
| निबंध | 3 | 4, 47, 88 |
| आलोचना | 2 | 75, 110 |
| जीवनी, आत्मकथा, संस्मरण, यात्रा | 4 | 42, 24, 80, 81 |
| विधा/रचनाकार सुमेलन | 2 | 1, 61 |
पैटर्न: उपन्यास अकेले 9 प्रश्न — पेपर का सबसे बड़ा एकल उप-विषय। “प्रथम मौलिक” वाले प्रश्न बार-बार।
4. काव्यशास्त्र — 19 प्रश्न (15.2%)
| उप-विषय | प्रश्न | प्रश्न सं. | विवरण |
|---|---|---|---|
| अलंकार | 6 | 39, 40, 93, 103, 109, 113 | अनुप्रास, उपमा, रूपक, अपह्नुति, यमक, उत्प्रेक्षा |
| रस | 4 | 7, 108, 114, 123 | करुण उदाहरण, 4 अवयव, 8 सात्विक अनुभाव, उत्साह |
| छन्द | 3 | 5, 41, 107 | दोहा (13), मन्दाक्रान्ता वर्णिक, सोरठा (11-11) |
| काव्य गुण | 2 | 63, 122 | प्रसाद, ओज |
| काव्य दोष | 2 | 13, 102 | श्रुतिकटु, पुनरुक्ति |
| काव्य-रूप | 2 | 3, 97 | महाकाव्य के लक्षण, कामायनी |
5. भाषा, ध्वनि एवं देवनागरी — 9 प्रश्न (7.2%)
- हिन्दी ध्वनियाँ (3): मूल स्वर (17), मूल व्यंजन 33 (78), तालव्य (82)
- देवनागरी (3): विशेषता नहीं (77), सुधार के प्रयास (98), ब्राह्मी (99)
- बोलियाँ/उपभाषाएँ (2): विभाषा (16), ग्रियर्सन (91)
- राजभाषा (1): 14 सितम्बर 1949 (57)
इस खंड के 3 प्रश्न (17, 91, 98) विवादास्पद हैं।
6. संस्कृत साहित्य एवं व्याकरण — 8 प्रश्न (6.4%)
- रचनाकार-रचनाएँ (4): कालिदास (68), दण्डी (71), माघ (94), भवभूति (117)
- व्याकरण (3): शब्द रूप “रामः” (15), द्वन्द्व समास (48), कर्म कारक (101)
- अनुवाद (1): 112
भास, भारवि, श्रीहर्ष और धातु रूप से सीधा प्रश्न नहीं आया।
प्रश्न-प्रकार और कठिनाई स्तर
| प्रश्न-प्रकार | लगभग संख्या |
|---|---|
| रचना ↔ रचनाकार पहचान | 40 |
| नकारात्मक (नहीं है / असंगत) | 15 |
| तिथि / संख्या आधारित | 15 |
| उदाहरण-पंक्ति से पहचान | 10 |
| परिभाषा / लक्षण | 8 |
| सुमेलन / युग्म | 4 |
कठिनाई (अनुमानित): आसान ≈60, मध्यम ≈45, कठिन/विवादास्पद ≈20।
प्रमुख पैटर्न: “प्रथम” और “जनक” वाले प्रश्न (2, 18, 43, 76, 89); आचार्य रामचन्द्र शुक्ल केन्द्रित प्रश्न (4, 76, 88, 110); युग्म-प्रश्न जैसे दोहा/सोरठा (5, 107) और ओज/उत्साह (122, 123)।
सिलेबस कवरेज: क्या पूछा, क्या छूटा
| सिलेबस खंड | छूटी इकाइयाँ |
|---|---|
| हिन्दी साहित्य का इतिहास | कोई नहीं |
| हिन्दी गद्य साहित्य का विकास | रेखाचित्र, गद्यकाव्य, व्यंग्य विधा (सीधे) |
| काव्य के भेद | — |
| भाषा व लिपि | देवनागरी की त्रुटियाँ, मानकीकरण (सीधे) |
| व्याकरण | — (पूर्ण कवरेज) |
| संस्कृत | भास, भारवि, श्रीहर्ष, धातु रूप, संस्कृत संधि |
विवादास्पद प्रश्न
| प्र. | प्रश्न | मानक/संभावित उत्तर | कारण |
|---|---|---|---|
| 17 | मूल स्वर | (C), पर (A) भी तर्कसंगत | संस्कृत परम्परा में ऌ सहित 5 |
| 18 | रीतिबद्ध प्रवर्तक | (B) केशवदास | शुक्ल चिन्तामणि को मानते हैं, जो विकल्प में नहीं |
| 32 | आषाढ़ का एक दिन | (D) ऐतिहासिक | कालिदास के जीवन पर आधारित |
| 40 | हरि पद कोमल कमल से | (C) उपमा | “से” वाचक शब्द |
| 89 | प्रथम मौलिक नाटक | (D) नहुष | कुछ स्रोत रणधीर प्रेममोहिनी |
| 91 | ग्रियर्सन की उपभाषाएँ | (A) दो प्रबल | 5 उपभाषाओं का वर्गीकरण धीरेन्द्र वर्मा का |
| 98 | देवनागरी सुधार नहीं किया | (B) बंकिमचन्द्र | डॉ. गोरख प्रसाद सुधारक थे |
| 102 | पुनरुक्ति दोष | (D) अर्थ दोष | कुछ पुस्तकें शब्द दोष मानती हैं |
| 104 | भारतेन्दु युग की प्रवृत्ति नहीं | (C) | खड़ीबोली (D) पर भी तर्क संभव |
पूर्ण प्रश्न-वार वर्गीकरण एवं संभावित उत्तर कुंजी
* वाले उत्तर विवादास्पद हैं। यह उत्तर कुंजी अनौपचारिक है; आयोग की आधिकारिक कुंजी से मिलान करें।
| प्र. | खंड | उप-विषय | उत्तर |
|---|---|---|---|
| 1 | गद्य विधाएँ | विधा-सुमेलन | (B) मधुशाला-कहानी |
| 2 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (B) परीक्षागुरु |
| 3 | काव्यशास्त्र | काव्य-रूप | (C) मुक्तक शैली |
| 4 | गद्य विधाएँ | निबंध | (D) रामचन्द्र शुक्ल |
| 5 | काव्यशास्त्र | छन्द | (B) 13 |
| 6 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (D) व्यंग्य उपन्यास |
| 7 | काव्यशास्त्र | रस | (C) प्रियजन की मृत्यु पर विलाप |
| 8 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (C) यशपाल |
| 9 | व्याकरण | विलोम | (B) प्रदान |
| 10 | व्याकरण | संधि | (A) नमः + कार |
| 11 | व्याकरण | मुहावरा-लोकोक्ति | (D) समय बीतने पर सहायता व्यर्थ |
| 12 | साहित्य इतिहास | भक्तिकाल-संत काव्य | (B) सूरदास |
| 13 | काव्यशास्त्र | काव्य दोष | (A) श्रुति-कटु |
| 14 | साहित्य इतिहास | आदिकाल | (A) सिद्ध साहित्य |
| 15 | संस्कृत | शब्द रूप | (A) प्रथमा एकवचन |
| 16 | भाषा-लिपि | बोलियाँ/उपभाषाएँ | (B) पूर्वी हिन्दी |
| 17 | भाषा-लिपि | हिन्दी ध्वनियाँ | (C) अ, इ, उ, ऋ* |
| 18 | साहित्य इतिहास | रीतिकाल | (B) केशवदास* |
| 19 | व्याकरण | वाक्य शुद्धि | (A) वह केवल विद्यार्थी है |
| 20 | व्याकरण | वर्तनी | (C) उज्ज्वल |
| 21 | गद्य विधाएँ | कहानी | (A) चन्द्रधर शर्मा गुलेरी |
| 22 | साहित्य इतिहास | आदिकाल | (B) वीरगाथा एवं चरितकाव्य |
| 23 | साहित्य इतिहास | द्विवेदी युग | (A) भारत-भारती |
| 24 | गद्य विधाएँ | आत्मकथा | (B) हरिवंशराय बच्चन |
| 25 | साहित्य इतिहास | भक्तिकाल-राम काव्य | (C) 1631 वि. |
| 26 | व्याकरण | समास | (A) बहुव्रीहि |
| 27 | साहित्य इतिहास | भक्तिकाल-राम काव्य | (C) सूरसारावली |
| 28 | व्याकरण | श्रुतिसमभिन्नार्थक | (C) समय – बोली |
| 29 | साहित्य इतिहास | भक्तिकाल-संत काव्य | (B) तीन |
| 30 | साहित्य इतिहास | प्रगतिवाद | (C) 1936 ई. |
| 31 | साहित्य इतिहास | प्रयोगवाद/नयी कविता | (C) तार सप्तक – बच्चन |
| 32 | गद्य विधाएँ | नाटक | (D) ऐतिहासिक* |
| 33 | व्याकरण | संधि | (B) व्यंजन सन्धि |
| 34 | साहित्य इतिहास | छायावाद | (A) रामधारी सिंह दिनकर |
| 35 | साहित्य इतिहास | रीतिकाल | (B) श्रृंगार एवं रीतिनिरूपण |
| 36 | व्याकरण | समास | (A) षष्ठी तत्पुरुष |
| 37 | साहित्य इतिहास | आदिकाल | (B) चन्दबरदाई |
| 38 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (A) फणीश्वरनाथ रेणु |
| 39 | काव्यशास्त्र | अलंकार | (C) अनुप्रास |
| 40 | काव्यशास्त्र | अलंकार | (C) उपमा* |
| 41 | काव्यशास्त्र | छन्द | (A) वर्णिक |
| 42 | गद्य विधाएँ | जीवनी | (D) प्रेमचन्द |
| 43 | साहित्य इतिहास | आदिकाल | (A) हजारी प्रसाद द्विवेदी |
| 44 | व्याकरण | समास | (B) कर्मधारय |
| 45 | व्याकरण | संधि | (B) तट्टीका |
| 46 | गद्य विधाएँ | कहानी | (B) मोहन राकेश, राजेन्द्र यादव, कमलेश्वर |
| 47 | गद्य विधाएँ | निबंध | (B) हजारी प्रसाद द्विवेदी |
| 48 | संस्कृत | समास | (C) रामलक्ष्मणौ |
| 49 | व्याकरण | शब्द सम्पदा | (B) चश्मा |
| 50 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (D) अज्ञेय |
| 51 | साहित्य इतिहास | भक्तिकाल-कृष्ण काव्य | (D) भागवत-आधारित पद-शैली |
| 52 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (C) गोदान |
| 53 | व्याकरण | वर्तनी | (D) आशीर्वाद |
| 54 | व्याकरण | विलोम | (A) लघु |
| 55 | व्याकरण | वाक्यांश हेतु एक शब्द | (C) अज्ञ |
| 56 | व्याकरण | संधि | (C) विद्यालय |
| 57 | भाषा-लिपि | राजभाषा/मानकीकरण | (D) 14 सितम्बर 1949 |
| 58 | व्याकरण | प्रत्यय | (C) अनीय |
| 59 | व्याकरण | वचन | (C) सदा बहुवचन में |
| 60 | साहित्य इतिहास | द्विवेदी युग | (B) 1903-1920 |
| 61 | गद्य विधाएँ | रचना-रचनाकार | (D) हिमतरंगिणी – माखनलाल चतुर्वेदी |
| 62 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (B) बलचनमा |
| 63 | काव्यशास्त्र | काव्य गुण | (A) प्रसाद |
| 64 | व्याकरण | शब्द सम्पदा | (A) आँख |
| 65 | व्याकरण | वाक्य भेद | (A) तीन |
| 66 | व्याकरण | लिंग | (D) मिठाई |
| 67 | व्याकरण | संधि | (A) सूर्य + उदय |
| 68 | संस्कृत | रचनाकार-रचनाएँ | (A) किरातार्जुनीय |
| 69 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (A) जयशंकर प्रसाद |
| 70 | साहित्य इतिहास | भक्तिकाल-सूफी काव्य | (D) 1540 ई. |
| 71 | संस्कृत | रचनाकार-रचनाएँ | (C) दण्डी |
| 72 | व्याकरण | कारक | (C) करण |
| 73 | गद्य विधाएँ | नाटक | (A) मोहन राकेश |
| 74 | साहित्य इतिहास | भक्तिकाल-कृष्ण काव्य | (B) विट्ठलनाथ |
| 75 | गद्य विधाएँ | आलोचना | (A) हजारी प्रसाद द्विवेदी |
| 76 | साहित्य इतिहास | भारतेन्दु युग | (B) रामचन्द्र शुक्ल |
| 77 | भाषा-लिपि | देवनागरी | (B) दायें से बायें लिखी जाती है |
| 78 | भाषा-लिपि | हिन्दी ध्वनियाँ | (A) 33 |
| 79 | साहित्य इतिहास | भारतेन्दु युग | (B) मैथिलीशरण गुप्त |
| 80 | गद्य विधाएँ | संस्मरण/रेखाचित्र | (A) रामवृक्ष बेनीपुरी |
| 81 | गद्य विधाएँ | यात्रा-साहित्य | (A) अज्ञेय |
| 82 | भाषा-लिपि | हिन्दी ध्वनियाँ | (C) तालव्य |
| 83 | व्याकरण | पर्यायवाची | (B) सुमन |
| 84 | साहित्य इतिहास | छायावाद | (C) निराला |
| 85 | साहित्य इतिहास | छायावाद | (C) अनामिका |
| 86 | साहित्य इतिहास | भक्तिकाल-सूफी काव्य | (B) कुतुबन |
| 87 | व्याकरण | पद परिचय | (B) लिंग, वचन, कारक एवं पद-सम्बन्ध |
| 88 | गद्य विधाएँ | निबंध | (C) सद्गुणों के प्रति आदर भाव |
| 89 | गद्य विधाएँ | नाटक | (D) नहुष* |
| 90 | व्याकरण | पर्यायवाची | (C) कूल |
| 91 | भाषा-लिपि | बोलियाँ/उपभाषाएँ | (A) दो* |
| 92 | गद्य विधाएँ | कहानी | (C) सरस्वती में 1900 ई. |
| 93 | काव्यशास्त्र | अलंकार | (D) रूपक |
| 94 | संस्कृत | रचनाकार-रचनाएँ | (C) माघ |
| 95 | व्याकरण | मुहावरा-लोकोक्ति | (D) बहुत शोर मचाना |
| 96 | गद्य विधाएँ | उपन्यास | (A) जैनेन्द्र कुमार |
| 97 | काव्यशास्त्र | काव्य-रूप | (D) आख्यानक महाकाव्य |
| 98 | भाषा-लिपि | देवनागरी | (B) बंकिमचन्द्र चटर्जी* |
| 99 | भाषा-लिपि | देवनागरी | (D) ब्राह्मी |
| 100 | गद्य विधाएँ | कहानी | (B) कमलेश्वर |
| 101 | संस्कृत | कारक प्रयोग | (D) कर्म कारक |
| 102 | काव्यशास्त्र | काव्य दोष | (D) अर्थ दोष* |
| 103 | काव्यशास्त्र | अलंकार | (D) अपह्नुति |
| 104 | साहित्य इतिहास | भारतेन्दु युग | (C) प्रकृति का सूक्ष्म चित्रण* |
| 105 | साहित्य इतिहास | रीतिकाल | (B) 713 |
| 106 | व्याकरण | शब्द सम्पदा | (D) आग |
| 107 | काव्यशास्त्र | छन्द | (C) 11-11 |
| 108 | काव्यशास्त्र | रस | (C) चार |
| 109 | काव्यशास्त्र | अलंकार | (D) यमक |
| 110 | गद्य विधाएँ | आलोचना | (D) जायसी, सूरदास, तुलसीदास |
| 111 | साहित्य इतिहास | रीतिकाल | (A) घनानन्द |
| 112 | संस्कृत | अनुवाद | (A) रामः विद्यालयं गच्छति |
| 113 | काव्यशास्त्र | अलंकार | (A) उत्प्रेक्षा |
| 114 | काव्यशास्त्र | रस | (A) आठ |
| 115 | गद्य विधाएँ | कहानी | (B) प्रेमचन्द |
| 116 | व्याकरण | वाक्यांश हेतु एक शब्द | (A) अनुपम |
| 117 | संस्कृत | रचनाकार-रचनाएँ | (C) शाकुन्तल |
| 118 | व्याकरण | उपसर्ग | (C) अनु |
| 119 | व्याकरण | श्रुतिसमभिन्नार्थक | (D) वायु – अग्नि |
| 120 | गद्य विधाएँ | नाटक | (C) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र |
| 121 | साहित्य इतिहास | प्रयोगवाद/नयी कविता | (B) जगदीश गुप्त |
| 122 | काव्यशास्त्र | काव्य गुण | (B) ओज |
| 123 | काव्यशास्त्र | रस | (D) उत्साह |
| 124 | साहित्य इतिहास | छायावाद | (C) ग्राम्या |
| 125 | साहित्य इतिहास | प्रगतिवाद | (D) रामधारी सिंह दिनकर |
इसी पेपर को क्विज़ के रूप में हल करें: UP TGT Hindi 3 June 2026 Question Paper Quiz
अगली परीक्षा के लिए तैयारी रणनीति
- रचनाकार-रचना तालिकाएँ: हर युग और गद्य विधा की सूची रोज़ दोहराएँ; उपन्यास व कहानी पर विशेष ध्यान।
- व्याकरण: संधि-समास के 50-50 उदाहरण, तत्सम-तद्भव के 100 जोड़े, श्रुतिसमभिन्नार्थक के 50 युग्म।
- काल-वार इतिहास: हर काल से 2–4 प्रश्न तय — कोई काल न छोड़ें।
- काव्यशास्त्र: उपमा/रूपक/उत्प्रेक्षा का भेद, रस के स्थायी भाव, छन्दों की मात्राएँ।
- तिथि-संख्या चार्ट: रचनाकाल, पत्रिका वर्ष, सतसई के दोहे, अनुभावों की संख्या।
- संस्कृत: भास, भारवि, श्रीहर्ष और धातु रूप इस बार नहीं आए — अगली बार संभावना अधिक।
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FAQs
UP TGT Hindi 2026 में सबसे ज़्यादा प्रश्न किस खंड से आए?
व्याकरण से सबसे ज़्यादा 31 प्रश्न आए; इसके बाद साहित्य का इतिहास और गद्य विधाएँ (29-29)।
UP TGT Hindi 2026 पेपर का कठिनाई स्तर कैसा था?
पेपर लगभग 70% आसान-मध्यम था; तिथि/संख्या वाले और लगभग 9 विवादास्पद प्रश्न इसे कठिन बनाते हैं।
UP TGT Hindi 2026 में संस्कृत से कितने प्रश्न आए?
संस्कृत से 8 प्रश्न आए — 4 रचनाकार-रचना, 3 व्याकरण और 1 अनुवाद।
क्या यह उत्तर कुंजी आधिकारिक है?
नहीं, यह मानक संदर्भों पर आधारित संभावित उत्तर कुंजी है। आयोग की आधिकारिक कुंजी से मिलान करें।
