UP Super TET Notes: अधिगम कठिनाइयों, क्षति आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान अध्याय 8 – बाल मनोविज्ञान नोट्स PDF Download

UP Super TET Notes: अधिगम कठिनाइयों, क्षति आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान अध्याय 8 – बाल मनोविज्ञान नोट्स PDF Download

UP SUPER TET 2026 • भाग 1 • अध्याय 8

अधिगम कठिनाइयों, क्षति आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान – चैप्टर-वार नोट्स

बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल एवं जीवन कौशल • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग

क्षति-अक्षमता-विकलांगता , अधिगम अक्षमताएँ , ADHD , ऑटिज़्म , संवेदी व शारीरिक क्षत , RPwD 2016 , पहचान एवं शिक्षण – सब एक जगह।

विषय-सूची

क्र. अनुभाग
1 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे : परिचय एवं शब्दावली
2 विकलांगता से संबंधित कानून एवं नीतियाँ (RPwD 2016)
3 अधिगम अक्षमता (Learning Disability)
4 ADHD एवं ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकार
5 बौद्धिक अक्षमता एवं मंद अधिगमकर्ता
6 दृष्टि बाधिता
7 श्रवण बाधिता
8 शारीरिक / गामक अक्षमता एवं वाणी-भाषा विकार
9 पहचान की प्रक्रिया एवं IEP
10 शिक्षक की भूमिका एवं सहायक उपकरण
11 परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
1

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे : परिचय

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (Children With Special Needs —
CWSN)
वे बच्चे हैं जिन्हें किसी शारीरिक, संवेदी, बौद्धिक, संवेगात्मक
या अधिगम संबंधी
कठिनाई के कारण सामान्य शिक्षण के साथ अतिरिक्त
सहायता, अनुकूलन या विशेष सेवाओं
की आवश्यकता होती है। शिक्षक का पहला
कार्य इनकी शीघ्र पहचान करना है।

◆ क्षति, अक्षमता एवं विकलांगता (WHO — ICIDH, 1980)

क्षति (Impairment) ➜ अक्षमता (Disability) ➜ विकलांगता / बाधिता (Handicap)
शब्द अर्थ स्तर उदाहरण
क्षति / क्षत (Impairment) शरीर के किसी अंग या उसकी कार्यप्रणाली में हानि या
असामान्यता
अंग / शारीरिक स्तर आँख की रेटिना को नुकसान
अक्षमता (Disability) क्षति के कारण किसी कार्य को सामान्य ढंग से करने की क्षमता में
कमी
व्यक्ति / कार्य स्तर पढ़ न पाना
विकलांगता / बाधिता (Handicap) अक्षमता के कारण सामाजिक भूमिका निभाने में आने वाली बाधा /
नुकसान
सामाजिक स्तर पुस्तक उपलब्ध न होने से विद्यालय में पिछड़ना
मुख्य संदेश: हर क्षति विकलांगता नहीं बनती — उचित
सहायता और सुलभ वातावरण
(ब्रेल पुस्तक, रैम्प, श्रवण यंत्र) से बाधा
(Handicap) दूर
की जा सकती है। यही सामाजिक मॉडल
का विचार है।

◆ चिकित्सा मॉडल बनाम सामाजिक मॉडल

आधार चिकित्सा मॉडल (Medical Model) सामाजिक मॉडल (Social Model)
समस्या कहाँ व्यक्ति में — “उसमें कमी है” समाज व वातावरण की बाधाओं में
समाधान इलाज, सुधार, अलग व्यवस्था बाधाएँ हटाना, सुलभता, समावेशन
दृष्टि दया और देखभाल अधिकार और समान अवसर

◆ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रमुख वर्ग

वर्ग शामिल
संवेदी क्षत दृष्टि बाधिता, श्रवण बाधिता, बधिर-अंधता
शारीरिक / गामक क्षत अस्थि-बाधिता, प्रमस्तिष्क पक्षाघात, मांसपेशीय दुर्विकास, बौनापन
बौद्धिक एवं विकासात्मक बौद्धिक अक्षमता, ऑटिज़्म, विशिष्ट अधिगम अक्षमता
व्यवहारात्मक / संवेगात्मक ADHD, संवेगात्मक विकार, आचरण समस्याएँ
वाणी एवं भाषा हकलाना, तुतलाना, वाचाघात
अन्य मंद अधिगमकर्ता, बहु-अक्षमता, दीर्घकालिक रोग (थैलेसीमिया, हीमोफ़ीलिया)
प्रतिभाशाली / सृजनात्मक (अध्याय 9 में)
2

विकलांगता से संबंधित कानून एवं नीतियाँ

वर्ष कानून / नीति मुख्य प्रावधान
1974 IEDC (विकलांग बच्चों की एकीकृत शिक्षा योजना) विकलांग बच्चों को सामान्य विद्यालयों में शिक्षा
1986 राष्ट्रीय शिक्षा नीति विकलांग बच्चों को सामान्य समुदाय के साथ बराबरी पर लाना
1987 PIED (विकलांगों के लिए एकीकृत शिक्षा परियोजना) UNICEF के सहयोग से
1992 भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) अधिनियम विशेष शिक्षकों व पुनर्वास पेशेवरों का प्रशिक्षण व पंजीकरण
1994 सलामांका घोषणा (स्पेन, UNESCO) समावेशी शिक्षा का अंतरराष्ट्रीय आधार
1995 विकलांग व्यक्ति (PWD) अधिनियम 7 विकलांगताएँ; 18 वर्ष तक निःशुल्क शिक्षा; 3% आरक्षण
1999 राष्ट्रीय न्यास (National Trust) अधिनियम ऑटिज़्म, प्रमस्तिष्क पक्षाघात, मानसिक मंदता, बहु-विकलांगता वाले व्यक्तियों का
कल्याण
2006 UNCRPD (संयुक्त राष्ट्र विकलांग व्यक्तियों के अधिकार
अभिसमय)
भारत ने 2007 में अनुमोदन किया
2009 RTE अधिनियम (2012 संशोधन) विकलांग बच्चे “वंचित समूह” में शामिल; निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा
2009 IEDSS माध्यमिक स्तर पर समावेशी शिक्षा
2015 सुगम्य भारत अभियान भवन, परिवहन, ICT को सुलभ बनाना
2016 दिव्यांगजन अधिकार (RPwD) अधिनियम 21 विकलांगताएँ; नीचे विवरण
2018 समग्र शिक्षा अभियान SSA + RMSA + शिक्षक शिक्षा — समावेशी शिक्षा घटक सहित
2020 NEP 2020 समान एवं समावेशी शिक्षा; दिव्यांग बच्चों के लिए संसाधन केंद्र, सहायक उपकरण,
भारतीय सांकेतिक भाषा का मानकीकरण

◆ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act) 2016 — मुख्य
बिंदु

  • PWD अधिनियम 1995 का स्थान लिया; 27 दिसंबर 2016 को
    पारित, 19 अप्रैल 2017 से लागू।

  • विकलांगताओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 21।

  • बेंचमार्क विकलांगता — 40% या उससे
    अधिक
    विकलांगता।

  • बेंचमार्क विकलांगता वाले 6 से 18 वर्ष के बच्चों को
    निःशुल्क शिक्षा का अधिकार।

  • सरकारी नौकरियों में 4% आरक्षण (पहले 3%); उच्च शिक्षा
    संस्थानों में कम से कम 5% सीटें।

  • समावेशी शिक्षा का प्रावधान; भेदभाव पर दंड।

  • विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र — UDID कार्ड।

PWD अधिनियम 1995 की 7 विकलांगताएँ
अंधता, कम दृष्टि, कुष्ठ रोग उपचारित, श्रवण हानि, चलन-क्रिया विकलांगता,
मानसिक मंदता, मानसिक रुग्णता
RPwD 2016 की 21 विकलांगताएँ (वर्गानुसार)
शारीरिक — चलन (Locomotor) चलन विकलांगता, कुष्ठ रोग उपचारित, प्रमस्तिष्क पक्षाघात, बौनापन, मांसपेशीय
दुर्विकास, तेज़ाब हमला पीड़ित
दृष्टि अंधता, निम्न दृष्टि
श्रवण बधिर, ऊँचा सुनना (श्रवण बाधित)
वाणी एवं भाषा वाणी एवं भाषा विकलांगता
बौद्धिक बौद्धिक अक्षमता, विशिष्ट अधिगम अक्षमता, ऑटिज़्म
स्पेक्ट्रम विकार
मानसिक व्यवहार मानसिक बीमारी
दीर्घकालिक तंत्रिका स्थितियाँ मल्टिपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसन रोग
रक्त विकार हीमोफ़ीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल रोग
बहु-विकलांगता बधिर-अंधता सहित एक से अधिक विकलांगताएँ
ट्रिक: 1995 = 7, 2016 = 21;
बेंचमार्क = 40%; नौकरी 4%, उच्च शिक्षा 5%;
निःशुल्क शिक्षा 6–18 वर्ष।
3

अधिगम अक्षमता (Learning Disability)

विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Specific Learning Disability —
SLD)
वह स्थिति है जिसमें बच्चे की बुद्धि सामान्य या सामान्य से
अधिक
होने पर भी उसे पढ़ने, लिखने, वर्तनी, गणना या
भाषा
जैसे किसी विशेष क्षेत्र में लगातार कठिनाई होती है।
इसका कारण मस्तिष्क की सूचना-प्रक्रमण प्रणाली में अंतर माना जाता
है — आलस्य, कम बुद्धि या खराब शिक्षण नहीं।

  • “अधिगम अक्षमता” शब्द सबसे पहले सैमुअल किर्क (1963) ने
    प्रयोग किया।

  • मुख्य पहचान: क्षमता (बुद्धि) और उपलब्धि में बड़ा अंतर
    (Discrepancy)
    ।

  • यह जीवनभर रह सकती है, पर उचित सहायता से बच्चा सफल
    हो सकता है।

  • SLD दृष्टि, श्रवण, बौद्धिक अक्षमता, संवेगात्मक विकार या वातावरणीय
    वंचना
    के कारण नहीं होती।

◆ अधिगम अक्षमता के प्रकार

प्रकार किसमें कठिनाई पहचान के लक्षण
डिस्लेक्सिया (Dyslexia) — पठन वैकल्य पढ़ना, अक्षर-ध्वनि संबंध, वर्तनी b-d, p-q, 6-9 में उलझन; अक्षर / शब्द उल्टे पढ़ना (was-saw); धीमा व अटकता
पठन; पंक्ति छोड़ना; पढ़ा हुआ न समझना
डिस्ग्राफ़िया (Dysgraphia) — लेखन वैकल्य लिखना, सुलेख अस्पष्ट लिखावट; अक्षरों का असमान आकार; शब्दों के बीच अनुचित दूरी; पेंसिल ठीक से
न पकड़ना; धीमा लेखन; दर्पण लेखन
डिस्कैल्कुलिया (Dyscalculia) — गणितीय वैकल्य गणना, संख्या अवधारणा संख्याओं का क्रम, स्थानीय मान, गणितीय चिह्न (+, ×) में उलझन; पहाड़े याद न
होना; समय व पैसे की गणना में कठिनाई
डिस्प्रैक्सिया (Dyspraxia) — गामक समन्वय शारीरिक गतियों का समन्वय बटन लगाना, जूते बाँधना, कैंची चलाना, गेंद पकड़ना कठिन; बार-बार टकराना /
गिरना
डिस्फ़ेसिया / अफ़ेसिया (Dysphasia / Aphasia) —
वाचाघात
भाषा समझना या बोलना सही शब्द न मिलना; वाक्य बनाने में कठिनाई
डिस्नोमिया (Dysnomia) नाम / शब्द याद करना वस्तु का नाम याद न आना
श्रवण प्रक्रमण विकार (APD) सुनी हुई ध्वनि को समझना मिलती-जुलती ध्वनियों (कल-खल) में अंतर न कर पाना; शोर में निर्देश न समझना
दृश्य प्रक्रमण विकार देखी गई सूचना को समझना आकृतियों, मानचित्र, चार्ट में उलझन
ट्रिक: Dys = कठिनाई; lexia = शब्द /
पढ़ना; graphia = लिखना; calculia =
गणना; praxia = क्रिया / गति; phasia =
वाणी।

◆ अधिगम अक्षमता वाले बच्चों के लिए शिक्षण रणनीतियाँ

अक्षमता शिक्षण रणनीति
डिस्लेक्सिया बहु-संवेदी शिक्षण (VAKT) — देखना, सुनना, छूना, गति;
ध्वनि-आधारित (Phonics) शिक्षण; बड़े अक्षर; ऑडियो पुस्तकें; पढ़ने का अधिक समय; रेत /
मिट्टी पर अक्षर बनाना
डिस्ग्राफ़िया रेखांकित / ग्रिड वाली कॉपी; मोटी पेंसिल व ग्रिप; मौखिक उत्तर का विकल्प;
कंप्यूटर / टाइपिंग; लिखने के लिए अधिक समय
डिस्कैल्कुलिया मूर्त सामग्री — मोती, गिनतारा (Abacus), डिनीज़ ब्लॉक; संख्या रेखा; चित्र व
दैनिक जीवन के उदाहरण; कैलकुलेटर की अनुमति
डिस्प्रैक्सिया गामक अभ्यास, व्यावसायिक चिकित्सा (Occupational therapy), कार्य को छोटे
चरणों में
सभी के लिए धैर्य, सकारात्मक प्रोत्साहन, व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP), सहपाठी सहायता,
सरल व स्पष्ट निर्देश, दोहराव, परीक्षा में अतिरिक्त समय / लेखक (Scribe)
फिल्म उदाहरण: फिल्म “तारे ज़मीन पर”
(2007)
में ईशान अवस्थी डिस्लेक्सिया से ग्रस्त था; शिक्षक
राम शंकर निकुंभ ने बहु-संवेदी व रचनात्मक विधियों से उसकी सहायता
की।
4

ADHD एवं ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकार

◆ (क) ध्यान-अभाव अति-सक्रियता विकार (ADHD)

ADHD (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) एक
तंत्रिका-विकासात्मक विकार है, जिसके तीन मुख्य लक्षण हैं —
ध्यान की कमी, अति-सक्रियता और आवेगशीलता।

ध्यान की कमी (Inattention) ➜ अति-सक्रियता (Hyperactivity) ➜ आवेगशीलता (Impulsivity)
लक्षण कक्षा में दिखने वाला व्यवहार
ध्यान की कमी निर्देश पूरे न सुनना; लापरवाही की गलतियाँ; कार्य अधूरा छोड़ना; सामान खो देना;
जल्दी ध्यान भटकना
अति-सक्रियता सीट पर टिककर न बैठना; लगातार हिलना-डुलना; अधिक बोलना; अनुचित समय पर
दौड़ना-चढ़ना
आवेगशीलता प्रश्न पूरा होने से पहले उत्तर देना; अपनी बारी का इंतज़ार न करना; दूसरों की बात
में बाधा डालना
ADHD के लिए शिक्षण रणनीतियाँ
बच्चे को आगे की सीट, शिक्षक के पास और ध्यान भटकाने वाली
चीज़ों (खिड़की, दरवाज़ा) से दूर बिठाएँ।
कार्य को छोटे-छोटे भागों में बाँटें; बीच-बीच में
विराम
और शारीरिक गतिविधि (बोर्ड साफ़ करना, कॉपियाँ बाँटना)।
स्पष्ट, संक्षिप्त निर्देश; दृश्य समय-सारणी; नियमित
दिनचर्या।
सकारात्मक पुनर्बलन — अच्छे व्यवहार की तुरंत प्रशंसा; टोकन
व्यवस्था।
सक्रिय, गतिविधि-आधारित और रोचक शिक्षण।

◆ (ख) ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकार (ASD)

ऑटिज़्म एक तंत्रिका-विकासात्मक विकार है,
जो मुख्यतः सामाजिक संप्रेषण और अंतःक्रिया तथा सीमित व
दोहराव वाले व्यवहार
को प्रभावित करता है। इसे
“स्पेक्ट्रम” इसलिए कहते हैं क्योंकि इसकी तीव्रता और लक्षण
हर बच्चे में अलग
होते हैं।

  • “ऑटिज़्म” शब्द का प्रयोग लियो कैनर (1943) ने बाल्यावस्था
    के विकार के रूप में किया; हैंस एस्पर्जर (1944) ने एस्पर्जर सिंड्रोम
    बताया।

  • विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस — 2 अप्रैल।

  • लक्षण प्रायः 3 वर्ष की आयु से पहले दिखने लगते
    हैं।

क्षेत्र लक्षण
सामाजिक अंतःक्रिया आँख से आँख न मिलाना; नाम पुकारने पर प्रतिक्रिया न देना; अकेले खेलना; दूसरों की
भावनाएँ समझने में कठिनाई
संप्रेषण बोलने में देरी; शब्दों / वाक्यों को दोहराना (इकोलालिया);
मुहावरे / व्यंग्य न समझना
दोहराव वाला व्यवहार हाथ फड़फड़ाना, झूलना, गोल घूमना; वस्तुओं को एक पंक्ति में लगाना; दिनचर्या में
बदलाव से परेशान होना
संवेदी संवेदनशीलता तेज़ आवाज़, प्रकाश, स्पर्श के प्रति अति या कम संवेदनशीलता
ऑटिज़्म के लिए शिक्षण रणनीतियाँ
निश्चित दिनचर्या और दृश्य समय-सारणी
(चित्र-कार्ड); बदलाव की पहले से सूचना।
दृश्य सहायक सामग्री — चित्र, प्रतीक, PECS (चित्र
विनिमय संप्रेषण प्रणाली)
।
सरल, सीधी और ठोस भाषा; एक समय में एक निर्देश।
शांत, कम शोर वाला कोना; संवेदी विराम।
सामाजिक कहानियाँ (Social Stories) और भूमिका-अभिनय से
सामाजिक कौशल।
बच्चे की विशेष रुचि को सीखने का माध्यम बनाना।
5

बौद्धिक अक्षमता एवं मंद अधिगमकर्ता

◆ (क) बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability)

बौद्धिक अक्षमता वह स्थिति है जिसमें बौद्धिक
कार्य-क्षमता (तर्क, समस्या समाधान, सीखना)
और अनुकूलक व्यवहार
(दैनिक जीवन, सामाजिक कौशल)
दोनों में महत्वपूर्ण कमी होती है और यह
18 वर्ष की आयु से पहले प्रकट होती है। पहले इसे “मानसिक
मंदता”
कहा जाता था।

स्तर IQ (लगभग) पुराना नाम शैक्षिक वर्ग विशेषता
हल्की (Mild) 50/55 – 70 मूढ़ (Moron) शिक्षणीय (Educable) कक्षा 5–6 तक पढ़ाई संभव; सहायता से स्वतंत्र जीवन
मध्यम (Moderate) 35/40 – 50/55 हीन (Imbecile) प्रशिक्षणीय (Trainable) स्व-देखभाल व सरल कार्य-कौशल
गंभीर (Severe) 20/25 – 35/40 जड़ (Idiot) अभिरक्षणीय (Custodial) निरंतर देखरेख
अति गंभीर (Profound) 20/25 से कम जड़ (Idiot) अभिरक्षणीय पूर्ण देखभाल
प्रमुख कारण
आनुवंशिक / गुणसूत्रीय — डाउन सिंड्रोम
(21वें गुणसूत्र की तीन प्रतियाँ — Trisomy 21), फ्रैजाइल-X सिंड्रोम,
फ़िनाइलकीटोन्यूरिया (PKU)
गर्भकालीन — माता का कुपोषण, शराब, धूम्रपान,
रूबेला जैसे संक्रमण, दवाइयाँ, विकिरण
जन्म के समय — ऑक्सीजन की कमी, समय से पहले जन्म, कम जन्म
भार, जन्म के समय चोट
जन्म के बाद — मस्तिष्क ज्वर (मेनिनजाइटिस), सिर की चोट,
आयोडीन की कमी (क्रेटिनिज़्म), सीसा विषाक्तता, गंभीर
कुपोषण
शिक्षण रणनीतियाँ
कार्य-विश्लेषण (Task Analysis) — कार्य को बहुत छोटे चरणों
में बाँटना।
मूर्त सामग्री और दैनिक जीवन के कौशल
(पैसा गिनना, समय देखना, स्व-देखभाल)।
बार-बार अभ्यास, तत्काल पुनर्बलन और
प्रशंसा।
मॉडलिंग व प्रदर्शन — करके दिखाना।
कार्यात्मक पाठ्यक्रम और व्यावसायिक
प्रशिक्षण
।

◆ (ख) मंद अधिगमकर्ता (Slow Learner)

मंद अधिगमकर्ता वे बच्चे हैं जिनकी बुद्धि-लब्धि लगभग
75/80 – 90
होती है। ये बौद्धिक रूप से अक्षम नहीं होते,
पर सामान्य गति से धीमे सीखते हैं और उन्हें अधिक समय व अभ्यास की
आवश्यकता होती है।

आधार मंद अधिगमकर्ता अधिगम अक्षमता बौद्धिक अक्षमता
बुद्धि सामान्य से कुछ कम (लगभग 75–90) सामान्य या अधिक 70 से कम
कठिनाई सभी विषयों में धीमी गति किसी विशेष क्षेत्र में (पढ़ना, लिखना, गणित) सभी क्षेत्रों व दैनिक जीवन में
कारण सीमित क्षमता, वातावरण तंत्रिका प्रक्रमण में अंतर आनुवंशिक / जैविक कारण
सहायता अधिक समय, अभ्यास, उपचारात्मक शिक्षण विशिष्ट रणनीतियाँ, IEP विशेष शिक्षा, कार्यात्मक कौशल
मंद अधिगमकर्ता के कारण: निम्न बुद्धि, कुपोषण और
अस्वस्थता
, गरीबी व वंचित वातावरण, बार-बार
अनुपस्थिति, पारिवारिक कलह, शिक्षण विधि का
दोष
, प्रेरणा की कमी, संवेदी दोष का पता न चलना।
6

दृष्टि बाधिता (Visual Impairment)

प्रकार अर्थ (RPwD 2016 के अनुसार, संक्षेप में)
अंधता (Blindness) पूर्ण दृष्टिहीनता, या बेहतर आँख में सर्वोत्तम सुधार के बाद दृष्टि-तीक्ष्णता
3/60 से कम
, या दृष्टि-क्षेत्र 10° से कम
निम्न दृष्टि (Low Vision) बेहतर आँख में सुधार के बाद दृष्टि-तीक्ष्णता 6/18 से कम पर 3/60 से
अधिक
, या दृष्टि-क्षेत्र 10°–40°
पहचान के लक्षण (कक्षा में)
बार-बार आँखें मलना, सिकोड़ना, झपकाना; आँखें लाल या पानी
आना
पुस्तक को बहुत पास या दूर रखना; सिर को एक ओर झुकाकर
पढ़ना
श्यामपट्ट से नकल करने में गलती; पंक्तियाँ छोड़ना
सिरदर्द, चक्कर की शिकायत; चीज़ों से टकराना
रोशनी के प्रति अति संवेदनशीलता; रंग पहचानने में कठिनाई
जाँच उपकरण: स्नेलन चार्ट (Snellen Chart) — दूर की दृष्टि
की जाँच (6 मीटर / 20 फुट से); ईशिहारा चार्ट — वर्णांधता की
जाँच।

◆ ब्रेल लिपि

चित्र : ब्रेल सेल — 6 उभरे बिंदु (2 स्तंभ × 3 पंक्तियाँ); a = 1, b = 1+2, c =
1+4

  • ब्रेल लिपि के आविष्कारक — लुई ब्रेल (फ्रांस,
    1824)
    ; वे स्वयं 3 वर्ष की आयु में दुर्घटना से दृष्टिहीन हुए।

  • ब्रेल 6 उभरे बिंदुओं पर आधारित स्पर्श
    लिपि
    है — कुल 63 संयोजन संभव।

  • भारत में “भारती ब्रेल” प्रयुक्त होती है।

  • विश्व ब्रेल दिवस — 4 जनवरी (लुई ब्रेल का
    जन्मदिवस)।

दृष्टि बाधित बच्चों के लिए शिक्षण रणनीतियाँ व सहायक
उपकरण
ब्रेल पुस्तकें, ब्रेल स्लेट व स्टाइलस,
ब्रेलर (Perkins Brailler)
टेलर फ्रेम और गिनतारा (Abacus) — गणित
के लिए
ऑडियो पुस्तकें, स्क्रीन रीडर (JAWS,
NVDA), बात करने वाला कैलकुलेटर
निम्न दृष्टि के लिए बड़े अक्षरों वाली पुस्तकें, आवर्धक
लेंस
, अच्छा प्रकाश, गहरे रंग की मोटी रेखाओं वाली कॉपी
उभरे हुए मानचित्र व मॉडल — स्पर्श द्वारा सीखना
सफ़ेद छड़ी, दिशा ज्ञान एवं गतिशीलता (Orientation &
Mobility) प्रशिक्षण
बच्चे को आगे की सीट; श्यामपट्ट पर लिखते समय ज़ोर से
बोलना
; वस्तुओं का स्थान न बदलना
7

श्रवण बाधिता (Hearing Impairment)

श्रवण बाधिता में बच्चे की सुनने की क्षमता आंशिक या
पूर्ण रूप से कम
हो जाती है। श्रवण हानि को डेसिबल (dB)
में मापा जाता है और जाँच ऑडियोमीटर से की जाती है।

प्रकार (RPwD 2016) अर्थ
बधिर (Deaf) दोनों कानों में वाक् आवृत्तियों पर 70 dB या अधिक श्रवण
हानि
ऊँचा सुनना (Hard of Hearing) दोनों कानों में वाक् आवृत्तियों पर 60 से 70 dB श्रवण
हानि
श्रवण हानि का स्तर (सामान्य वर्गीकरण) dB (लगभग) प्रभाव
सामान्य 0 – 25 —
हल्की (Mild) 26 – 40 धीमी आवाज़ / फुसफुसाहट सुनने में कठिनाई
मध्यम (Moderate) 41 – 55 / 70 सामान्य बातचीत में कठिनाई
गंभीर (Severe) 71 – 90 केवल तेज़ आवाज़ सुनाई देती है
अति गंभीर (Profound) 90 से अधिक लगभग कुछ भी नहीं सुनना
पहचान के लक्षण (कक्षा में)
नाम पुकारने पर प्रतिक्रिया न देना या देर से देना; बार-बार
“क्या?” पूछना
बोलते समय वक्ता के होंठों / चेहरे को ध्यान से देखना
सिर एक ओर मोड़कर सुनना; एक कान आगे करना
उच्चारण दोष, बहुत तेज़ या बहुत धीमा बोलना; भाषा विकास में
देरी
कान से स्राव, दर्द की शिकायत; निर्देशों का गलत पालन
श्रवण बाधित बच्चों के लिए शिक्षण रणनीतियाँ व सहायक
उपकरण
श्रवण यंत्र (Hearing Aid), कॉक्लियर
इम्प्लांट
, FM प्रणाली
भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) — ISLRTC
(2015)
द्वारा विकास; अंगुली वर्तनी (Finger
Spelling)
ओष्ठ-पठन (Lip Reading / Speech Reading) — शिक्षक चेहरा
बच्चे की ओर रखकर स्पष्ट बोले
कुल संप्रेषण (Total Communication) — संकेत + वाणी +
ओष्ठ-पठन + लेखन सभी
दृश्य सहायक सामग्री — चित्र, चार्ट, वीडियो पर उपशीर्षक,
श्यामपट्ट पर मुख्य बिंदु
बच्चे को आगे व शिक्षक के सामने बिठाएँ; मुँह ढककर या बोर्ड की
ओर मुड़कर न बोलें
वाक् चिकित्सा (Speech therapy) और सहपाठी नोट्स
8

शारीरिक / गामक अक्षमता एवं वाणी-भाषा विकार

प्रकार अर्थ कक्षा में आवश्यकता
चलन-क्रिया / अस्थि-बाधिता (Locomotor) हड्डियों, जोड़ों, मांसपेशियों की समस्या से चलने-फिरने में कठिनाई (पोलियो,
अंग-विच्छेद)
रैम्प, सुलभ शौचालय, भूतल पर कक्षा, बैसाखी, व्हीलचेयर
प्रमस्तिष्क पक्षाघात (Cerebral Palsy) जन्म से पहले / दौरान / बाद मस्तिष्क क्षति से गति, मुद्रा और मांसपेशी
समन्वय
में कठिनाई; अप्रगतिशील
विशेष बैठक, मोटी पेंसिल, कंप्यूटर, फिज़ियोथेरेपी, अतिरिक्त समय
मांसपेशीय दुर्विकास (Muscular Dystrophy) आनुवंशिक, प्रगतिशील मांसपेशी कमज़ोरी ऊर्जा बचाने वाली व्यवस्था, सहायक उपकरण
बौनापन (Dwarfism) वयस्क की लम्बाई 4 फुट 10 इंच (147 सेमी) या कम ऊँचाई के अनुसार फ़र्नीचर
बहु-विकलांगता एक से अधिक विकलांगताएँ (जैसे बधिर-अंधता) बहु-विषयक सहायता

◆ वाणी एवं भाषा विकार

विकार अर्थ उदाहरण
हकलाना (Stammering / Stuttering) बोलने के प्रवाह में रुकावट; ध्वनि / शब्दांश दोहराना “म-म-म-मुझे”
तुतलाना (Lisping) कुछ ध्वनियों का गलत उच्चारण (विशेषकर स, श) “साबुन” को “थाबुन”
उच्चारण दोष (Articulation Disorder) ध्वनियों को छोड़ना, बदलना, विकृत करना “राम” को “लाम”
स्वर दोष (Voice Disorder) आवाज़ की ऊँचाई, तीव्रता, गुणवत्ता में असामान्यता बहुत भारी / कर्कश आवाज़
वाचाघात (Aphasia) मस्तिष्क क्षति से भाषा समझने / बोलने की क्षमता की हानि —
शिक्षक के लिए: हकलाने या तुतलाने वाले बच्चे को बीच
में न टोकें, न उसका मज़ाक उड़ने दें
, उसे बोलने का पूरा समय
दें; गंभीर स्थिति में वाक् चिकित्सक (Speech Therapist) के पास
भेजें।
9

पहचान की प्रक्रिया एवं IEP

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की जितनी जल्दी पहचान, उतना
प्रभावी हस्तक्षेप। कक्षा शिक्षक पहली पंक्ति का
पहचानकर्ता
है, क्योंकि वह बच्चे को प्रतिदिन देखता है।

निरीक्षण व स्क्रीनिंग ➜ अभिभावक से चर्चा ➜ विशेषज्ञ के पास संदर्भन
बहु-विषयक आकलन ➜ IEP बनाना ➜ कार्यान्वयन ➜ पुनर्मूल्यांकन
चरण कार्य कौन
1. प्रारंभिक पहचान / स्क्रीनिंग व्यवहार व प्रदर्शन में असामान्यताओं का निरीक्षण; जाँच-सूची कक्षा शिक्षक, अभिभावक
2. संदर्भन (Referral) विशेषज्ञ के पास भेजना शिक्षक, विद्यालय
3. बहु-विषयक आकलन चिकित्सीय, मनोवैज्ञानिक, शैक्षिक, श्रवण-दृष्टि जाँच डॉक्टर, मनोवैज्ञानिक, विशेष शिक्षक, चिकित्सक
4. प्रमाणीकरण विकलांगता का प्रकार व प्रतिशत; UDID कार्ड चिकित्सा बोर्ड
5. व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP) बच्चे के लिए विशिष्ट लक्ष्य, सेवाएँ, अनुकूलन शिक्षक + विशेष शिक्षक + अभिभावक
6. स्थापन व कार्यान्वयन समावेशी कक्षा + संसाधन कक्ष सहायता शिक्षक, विशेष शिक्षक
7. सतत निगरानी व पुनर्मूल्यांकन प्रगति की जाँच व योजना में सुधार सभी

◆ पहचान के उपकरण एवं विधियाँ

उपकरण उपयोग
निरीक्षण एवं जाँच-सूची कक्षा में व्यवहार के लक्षण पहचानना — सबसे पहला और सरल उपकरण
उपलब्धि एवं निदानात्मक परीक्षण विषयगत कठिनाई का क्षेत्र
बुद्धि परीक्षण क्षमता और उपलब्धि में अंतर (अधिगम अक्षमता), बौद्धिक अक्षमता
स्नेलन चार्ट / ऑडियोमीटर दृष्टि और श्रवण की जाँच
पोर्टफोलियो एवं कार्य-नमूने लिखावट, वर्तनी, गणना की त्रुटियों का पैटर्न
अभिभावक साक्षात्कार व केस हिस्ट्री विकास के पड़ाव, पारिवारिक इतिहास
संचयी अभिलेख वर्षों की प्रगति

◆ व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP — Individualized Education
Plan)

  • IEP हर विशेष आवश्यकता वाले बच्चे के लिए अलग बनाई गई
    लिखित योजना है।

  • इसमें वर्तमान स्तर, वार्षिक लक्ष्य, अल्पकालिक उद्देश्य, आवश्यक सेवाएँ,
    अनुकूलन और मूल्यांकन विधि
    होती है।

  • IEP शिक्षक, विशेष शिक्षक, अभिभावक और (संभव हो तो)
    बच्चा
    मिलकर बनाते हैं।

  • इसकी नियमित समीक्षा की जाती है।

10

शिक्षक की भूमिका एवं सहायक उपकरण

शिक्षक की भूमिका
शीघ्र पहचान और अभिभावकों को सूचित करना — लेबल लगाए
बिना।
सकारात्मक दृष्टिकोण — बच्चे की क्षमताओं पर
ध्यान
, कमी पर नहीं; “अक्षम” के स्थान पर “दिव्यांग” / “विशेष
आवश्यकता वाले”
शब्द।
विभेदित शिक्षण और सार्वभौमिक अधिगम डिज़ाइन
(UDL)
— बहु-प्रस्तुति, बहु-अभिव्यक्ति, बहु-संलग्नता।
समायोजन (Accommodation) — अतिरिक्त समय, लेखक, बड़े
अक्षर, मौखिक परीक्षा।
संशोधन (Modification) — पाठ्यक्रम या अपेक्षा को बच्चे के
स्तर के अनुसार बदलना।
सहपाठी सहायता (Buddy system) और सहयोगी
अधिगम
।
सुलभ और सुरक्षित वातावरण — रैम्प, प्रकाश, बैठने की उचित
व्यवस्था।
सहपाठियों में संवेदनशीलता और स्वीकृति का विकास;
बदमाशी (Bullying) पर रोक।
विशेष शिक्षक, चिकित्सक और अभिभावकों के साथ टीम के रूप में
कार्य।

◆ सहायक उपकरण — एक नज़र में

आवश्यकता सहायक उपकरण / तकनीक
दृष्टि बाधिता ब्रेल, ब्रेलर, टेलर फ्रेम, गिनतारा, आवर्धक, स्क्रीन रीडर, ऑडियो पुस्तक, सफ़ेद
छड़ी
श्रवण बाधिता श्रवण यंत्र, कॉक्लियर इम्प्लांट, FM प्रणाली, सांकेतिक भाषा, उपशीर्षक
चलन अक्षमता व्हीलचेयर, बैसाखी, कृत्रिम अंग, कैलिपर, रैम्प, अनुकूलित फ़र्नीचर
अधिगम अक्षमता ऑडियो पुस्तक, टेक्स्ट-टू-स्पीच, स्पेल चेकर, ग्राफ़िक ऑर्गनाइज़र, मूर्त गणितीय
सामग्री
वाणी / संप्रेषण (ऑटिज़्म, CP) AAC (वैकल्पिक एवं संवर्धित संप्रेषण) — चित्र कार्ड, PECS,
संप्रेषण बोर्ड, वाक्-उत्पादक उपकरण
विस्तार: समावेशी शिक्षा की अवधारणा, विशेष बनाम एकीकृत
बनाम समावेशी शिक्षा की तुलना — अध्याय 11 में।
11

परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न

◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य

प्रश्न उत्तर
पढ़ने में कठिनाई डिस्लेक्सिया
लिखने में कठिनाई डिस्ग्राफ़िया
गणना में कठिनाई डिस्कैल्कुलिया
गामक समन्वय में कठिनाई डिस्प्रैक्सिया
भाषा / वाणी की कठिनाई (मस्तिष्क क्षति से) वाचाघात (Aphasia / Dysphasia)
“अधिगम अक्षमता” शब्द सैमुअल किर्क (1963)
अधिगम अक्षमता वाले बच्चे की बुद्धि सामान्य या अधिक
ब्रेल लिपि लुई ब्रेल (1824), 6 बिंदु
विश्व ब्रेल दिवस 4 जनवरी
विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस 2 अप्रैल
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 3 दिसंबर
दृष्टि जाँच स्नेलन चार्ट
श्रवण जाँच ऑडियोमीटर (dB में)
RPwD अधिनियम 2016; 21 विकलांगताएँ
PWD अधिनियम 1995; 7 विकलांगताएँ
बेंचमार्क विकलांगता 40% या अधिक
समावेशी शिक्षा का अंतरराष्ट्रीय आधार सलामांका घोषणा (1994)
RCI अधिनियम 1992
डाउन सिंड्रोम 21वें गुणसूत्र की तीन प्रतियाँ
शब्दों को दोहराना (ऑटिज़्म) इकोलालिया
हर CWSN के लिए अलग लिखित योजना IEP

◆ (ख) भ्रम से बचें

  • अधिगम अक्षमता ≠ बौद्धिक अक्षमता — अधिगम अक्षमता में
    बुद्धि सामान्य होती है।

  • मंद अधिगमकर्ता बौद्धिक रूप से अक्षम नहीं होते; वे केवल धीमे
    सीखते हैं।

  • क्षति = अंग स्तर; अक्षमता = कार्य
    स्तर; विकलांगता / बाधिता = सामाजिक स्तर।

  • डिस्लेक्सिया पढ़ने से, डिस्ग्राफ़िया
    लिखने से — नाम उल्टा न करें।

  • प्रमस्तिष्क पक्षाघात अप्रगतिशील है; मांसपेशीय
    दुर्विकास
    प्रगतिशील।

◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. एक बच्चा बार-बार b और d, p और q में उलझता है —
उसे संभवतः है —

(A) डिस्ग्राफ़िया (B) डिस्लेक्सिया (C) डिस्कैल्कुलिया (D) डिस्प्रैक्सिया

प्रश्न 2. अधिगम अक्षमता वाले बच्चे की बुद्धि प्रायः होती है
—

(A) 50 से कम (B) सामान्य या सामान्य से अधिक (C) हमेशा 70 से कम (D) मापी नहीं
जा सकती

प्रश्न 3. दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में कितनी
विकलांगताएँ शामिल हैं?

(A) 7 (B) 14 (C) 19 (D) 21

प्रश्न 4. बेंचमार्क विकलांगता का अर्थ है —

(A) 20% या अधिक (B) 30% या अधिक (C) 40% या अधिक (D) 50% या अधिक

प्रश्न 5. ब्रेल लिपि किस पर आधारित है?

(A) 4 बिंदु (B) 6 उभरे बिंदु (C) 8 बिंदु (D) रेखाएँ

प्रश्न 6. ADHD के तीन मुख्य लक्षण हैं —

(A) ध्यान की कमी, अति-सक्रियता, आवेगशीलता (B) पढ़ना, लिखना, गणना (C) भय,
चिंता, उदासी (D) हकलाना, तुतलाना, स्वर दोष

प्रश्न 7. “इकोलालिया” (शब्दों को दोहराना) किससे संबंधित
है?

(A) डिस्लेक्सिया (B) ऑटिज़्म (C) प्रमस्तिष्क पक्षाघात (D) दृष्टि बाधिता

प्रश्न 8. श्रवण बाधित बच्चे के लिए शिक्षक को चाहिए —

(A) बोर्ड की ओर मुड़कर बोलना (B) बच्चे को पीछे बिठाना (C) चेहरा बच्चे की ओर
रखकर स्पष्ट बोलना (D) केवल मौखिक निर्देश देना

प्रश्न 9. क्षति के कारण सामाजिक भूमिका में आने वाली बाधा
कहलाती है —

(A) क्षति (B) अक्षमता (C) विकलांगता / बाधिता (D) रोग

प्रश्न 10. डिस्कैल्कुलिया वाले बच्चे के लिए सबसे उपयुक्त है —

(A) केवल रटवाना (B) मूर्त सामग्री व संख्या रेखा (C) अधिक गृहकार्य (D) दंड

प्रश्न 11. समावेशी शिक्षा से संबंधित सलामांका घोषणा किस वर्ष
हुई?

(A) 1986 (B) 1992 (C) 1994 (D) 2006

प्रश्न 12. विशेष आवश्यकता वाले बच्चे की पहचान में सबसे पहली और
महत्वपूर्ण भूमिका किसकी है?

(A) डॉक्टर (B) कक्षा शिक्षक (C) प्रधानाचार्य (D) सरकार

उत्तर कुंजी: 1-B, 2-B, 3-D, 4-C, 5-B, 6-A, 7-B, 8-C,
9-C, 10-B, 11-C, 12-B

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