UP Super TET Notes: प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान अध्याय 9 – बाल मनोविज्ञान नोट्स PDF Download

UP Super TET Notes: प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान अध्याय 9 – बाल मनोविज्ञान नोट्स PDF Download

UP SUPER TET 2026 • भाग 1 • अध्याय 9

प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान – चैप्टर-वार नोट्स

बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल एवं जीवन कौशल • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग

प्रतिभा , रेंजुली मॉडल , पहचान , त्वरण व संवर्धन , सृजनात्मकता , अपसारी चिंतन , अभिक्षमता , अभ्यास प्रश्न – सब एक जगह।

विषय-सूची

क्र. अनुभाग
1 प्रतिभाशाली बालक : अर्थ एवं परिभाषाएँ
2 प्रतिभा की अवधारणाएँ एवं मॉडल
3 प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएँ एवं समस्याएँ
4 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान
5 प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षा
6 सृजनात्मकता : अर्थ, परिभाषाएँ एवं तत्व
7 सृजनात्मक प्रक्रिया, पहचान एवं परीक्षण
8 सृजनात्मकता का विकास
9 विशेष क्षमता / अभिक्षमता वाले अधिगमकर्ता
10 शिक्षक की भूमिका
11 परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
1

प्रतिभाशाली बालक : अर्थ एवं परिभाषाएँ

प्रतिभाशाली बालक (Gifted Child) वे हैं जिनकी
सामान्य बौद्धिक योग्यता या किसी विशेष क्षेत्र की
योग्यता
अपनी आयु के बच्चों से उल्लेखनीय रूप से अधिक होती
है। परंपरागत रूप से बुद्धि-लब्धि 130/140 से अधिक वाले बच्चों को
प्रतिभाशाली माना गया है, पर आधुनिक दृष्टि में सृजनात्मकता, नेतृत्व, कला और
खेल
की प्रतिभा भी शामिल है।

विद्वान परिभाषा मुख्य शब्द
टर्मन (Terman) “प्रतिभाशाली बालक वे हैं जिनकी बुद्धि-लब्धि 140 से अधिक है।” IQ 140+
पॉल विटी (Witty) “प्रतिभाशाली बालक वह है जो किसी भी मूल्यवान मानवीय क्रिया के क्षेत्र में लगातार
उल्लेखनीय प्रदर्शन करता है।”
मूल्यवान क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय
स्किनर एवं हैरीमैन “प्रतिभाशाली शब्द का प्रयोग उन 1% बालकों के लिए किया जाता है जो सबसे अधिक
बुद्धिमान होते हैं।”
सर्वोच्च 1%
क्रो एवं क्रो “प्रतिभाशाली बालक दो प्रकार के होते हैं — (1) जिनकी बुद्धि-लब्धि 130 से अधिक
होती है, (2) जो कला, गणित, संगीत, अभिनय आदि में विशेष योग्यता रखते हैं।”
IQ 130+ या विशेष योग्यता
कोलेसनिक “प्रतिभाशाली शब्द उस बालक के लिए प्रयुक्त होता है जो अपनी आयु के बालकों से किसी
योग्यता में अधिक होता है।”
आयु-समूह से अधिक
हैविंगहर्स्ट “प्रतिभाशाली बालक वह है जो किसी ऐसे क्षेत्र में, जो समाज के लिए मूल्यवान हो,
असाधारण प्रदर्शन करता है।”
समाज के लिए मूल्यवान क्षेत्र
टर्मन का अध्ययन: लुईस टर्मन ने 1921 से
“Genetic Studies of Genius” नामक दीर्घकालीन
(अनुदैर्ध्य) अध्ययन
में लगभग 1500 प्रतिभाशाली बच्चों (IQ
135+) का जीवनभर अध्ययन किया — इन्हें “टर्माइट्स” कहा गया।
निष्कर्ष: प्रतिभाशाली बच्चे प्रायः शारीरिक रूप से स्वस्थ, सामाजिक रूप से
समायोजित
और सफल होते हैं — “प्रतिभाशाली बच्चे कमज़ोर
और अकेले होते हैं” यह भ्रम है।
2

प्रतिभा की अवधारणाएँ एवं मॉडल

◆ (क) रेंजुली का त्रि-वलय मॉडल (1978)

जोसेफ रेंजुली के अनुसार प्रतिभा केवल उच्च बुद्धि नहीं, बल्कि
तीन गुणों के मेल (प्रतिच्छेदन) से उत्पन्न होती है।

चित्र : औसत से अधिक योग्यता + कार्य-प्रतिबद्धता + सृजनात्मकता =
प्रतिभाशाली व्यवहार

वलय (Ring) अर्थ
औसत से अधिक योग्यता (Above-average Ability) सामान्य और विशिष्ट योग्यता — ज़रूरी नहीं कि असाधारण IQ हो
कार्य-प्रतिबद्धता (Task Commitment) लगन, दृढ़ता, परिश्रम, आंतरिक अभिप्रेरणा — कार्य पूरा करने का संकल्प
सृजनात्मकता (Creativity) मौलिकता, नए विचार, जिज्ञासा, जोखिम उठाने की तत्परता

◆ (ख) प्रतिभाशाली बनाम प्रतिभावान — फ्रांस्वा गैने का DMGT
मॉडल

आधार प्रतिभाशाली (Gifted) प्रतिभावान / कुशल (Talented)
अर्थ प्राकृतिक / जन्मजात योग्यता — अप्रशिक्षित क्षमता विकसित कौशल — प्रशिक्षण व अभ्यास से निखरी क्षमता
स्रोत मुख्यतः वंशानुक्रम वंशानुक्रम + वातावरण + अभ्यास
उदाहरण बच्चे में संगीत की स्वाभाविक समझ वर्षों के अभ्यास से कुशल सितार वादक
संबंध कच्चा माल तैयार उत्पाद
DMGT: Differentiated Model of Giftedness and Talent
— फ्रांस्वा गैने (Françoys Gagné); इसमें उत्प्रेरक
(Catalysts)
— व्यक्तिगत गुण (अभिप्रेरणा, स्वभाव) और वातावरण (परिवार,
विद्यालय) — प्रतिभा को कौशल में बदलते हैं। (रॉबर्ट गैने — अधिगम पदानुक्रम — से अलग
व्यक्ति)

◆ (ग) प्रतिभा के क्षेत्र — मारलैंड रिपोर्ट (अमेरिका,
1972)

क्र. क्षेत्र उदाहरण
1 सामान्य बौद्धिक योग्यता उच्च IQ, तीव्र तर्क
2 विशिष्ट शैक्षिक अभिक्षमता गणित या विज्ञान में असाधारण
3 सृजनात्मक / उत्पादक चिंतन नए आविष्कार, मौलिक विचार
4 नेतृत्व क्षमता समूह का संचालन, निर्णय लेना
5 दृश्य एवं प्रदर्शन कलाएँ चित्रकला, संगीत, नृत्य, अभिनय
6 मनोगत्यात्मक (शारीरिक-गामक) योग्यता खेल, नृत्य-कौशल
बहु-बुद्धि का संबंध: हावर्ड गार्डनर की बहु-बुद्धियाँ (भाषिक,
तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतर-वैयक्तिक,
अंतः-वैयक्तिक, प्रकृतिवादी) बताती हैं कि प्रतिभा अनेक रूपों में हो
सकती है (विस्तार — अध्याय 5)।
3

प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएँ एवं समस्याएँ

क्षेत्र विशेषताएँ
बौद्धिक तीव्र सीखना व अच्छी स्मृति; विस्तृत शब्द भंडार; अमूर्त चिंतन;
प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति व जिज्ञासा; कारण-परिणाम की समझ;
सामान्यीकरण की क्षमता; पढ़ने में रुचि (प्रायः जल्दी पढ़ना सीखना)
सृजनात्मक मौलिक विचार; कल्पनाशीलता; अपसारी चिंतन; नई विधियाँ खोजना; हास्य-बोध
शारीरिक प्रायः स्वस्थ व सक्रिय (टर्मन); कई बार गामक विकास बौद्धिक विकास से पीछे
सामाजिक नेतृत्व क्षमता; बड़ी आयु के साथियों को पसंद करना; न्याय के प्रति संवेदनशील
संवेगात्मक अति संवेदनशीलता; पूर्णतावाद (Perfectionism); आत्म-आलोचना; गहन भावनाएँ
कार्य-शैली एकाग्रता, लंबे समय तक रुचि वाले कार्य में लगे रहना, स्वतंत्र रूप से कार्य करना
पसंद

◆ प्रतिभाशाली बालकों की समस्याएँ

समस्या कारण / स्वरूप
ऊब (Boredom) कक्षा का स्तर बहुत आसान; बार-बार दोहराव
न्यून उपलब्धि (Underachievement) चुनौती और प्रेरणा का अभाव — क्षमता से कम प्रदर्शन
अनुशासनहीनता / शरारत ऊब के कारण कक्षा में व्यवधान
सामाजिक अलगाव हमउम्र साथियों से रुचियाँ मेल न खाना; “अलग” समझा जाना
पूर्णतावाद व चिंता हर कार्य में पूर्णता की अपेक्षा; असफलता का भय
अत्यधिक अपेक्षाएँ माता-पिता व शिक्षकों का दबाव
असंतुलित विकास बौद्धिक विकास आगे, संवेगात्मक / शारीरिक पीछे
पहचान न होना गरीब, ग्रामीण या दिव्यांग प्रतिभाशाली बच्चे अनदेखे रह जाते हैं
द्वि-विशिष्ट (Twice-exceptional / 2e): ऐसे बच्चे जो
प्रतिभाशाली होने के साथ किसी अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया, ADHD) से
भी ग्रस्त हों; इनकी पहचान सबसे कठिन होती है।
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प्रतिभाशाली बालकों की पहचान

प्रतिभा की पहचान के लिए एक से अधिक विधियों (बहु-मानदंड
दृष्टिकोण)
का प्रयोग करना चाहिए — केवल बुद्धि परीक्षण पर्याप्त
नहीं
, क्योंकि यह सृजनात्मकता, नेतृत्व और कला-प्रतिभा को नहीं मापता।

विधि क्या पता चलता है
बुद्धि परीक्षण सामान्य बौद्धिक योग्यता (IQ 130/140+) — स्टैनफ़र्ड-बिने, वेक्सलर, रैवन
उपलब्धि परीक्षण विषयों में असाधारण प्रदर्शन
अभिक्षमता परीक्षण विशेष क्षेत्रों की संभावित योग्यता — DAT
सृजनात्मकता परीक्षण अपसारी चिंतन — टॉरेंस, बाकर मेहदी, पासी परीक्षण
शिक्षक द्वारा नामांकन / निरीक्षण कक्षा व्यवहार, प्रश्न पूछना, सीखने की गति
अभिभावक नामांकन घर पर रुचियाँ, प्रारंभिक विकास के पड़ाव
सहपाठी नामांकन समूह में नेतृत्व, विचारों का स्रोत
स्व-नामांकन बड़े बच्चों की अपनी रुचियाँ
जाँच-सूची / क्रम-निर्धारण मापनी प्रतिभा के व्यवहार संबंधी लक्षण — रेंजुली-हार्टमैन मापनी
उत्पाद / पोर्टफोलियो मूल्यांकन बच्चे की रचनाएँ, परियोजनाएँ, चित्र, कविताएँ
प्रतियोगिताएँ व ओलंपियाड विज्ञान, गणित, कला, खेल प्रतियोगिताएँ
संचयी अभिलेख वर्षों का निरंतर प्रदर्शन
प्रतिभा के पहचान-लक्षण (कक्षा में): बहुत प्रश्न
पूछना
(“क्यों?”, “कैसे?”); जल्दी कार्य पूरा कर लेना;
असामान्य और मौलिक उत्तर; विस्तृत शब्द भंडार;
अपनी आयु से अधिक गहरी रुचियाँ; पढ़ने का शौक;
सामान्य कार्य में ऊब दिखाना।
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प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षा

त्वरण (Acceleration) ➜ संवर्धन (Enrichment) ➜ समूहीकरण (Grouping)
विधि अर्थ उदाहरण / रूप
त्वरण (Acceleration) बच्चे को अपनी गति से तेज़ी से आगे बढ़ने देना कक्षा लाँघना (Grade skipping); जल्दी
प्रवेश
; पाठ्यक्रम संक्षेपण (Curriculum compacting) —
जो पहले से आता है उसे छोड़ना; एक विषय में ऊँची कक्षा
संवर्धन (Enrichment) उसी कक्षा में रहते हुए अधिक गहन, व्यापक और चुनौतीपूर्ण
अनुभव
क्षैतिज संवर्धन — अधिक विषय / गतिविधियाँ; ऊर्ध्व
संवर्धन
— उसी विषय में अधिक गहराई; परियोजनाएँ, शोध कार्य, क्लब,
भ्रमण
योग्यता समूहीकरण (Ability Grouping) समान योग्यता वाले बच्चों का समूह विशेष कक्षाएँ, अंश-कालिक समूह, विशेष विद्यालय
मार्गदर्शन (Mentorship) किसी विशेषज्ञ के साथ जोड़ना वैज्ञानिक, कलाकार, खिलाड़ी से प्रशिक्षण
स्वतंत्र अध्ययन रुचि के विषय पर स्व-निर्देशित अध्ययन पुस्तकालय, इंटरनेट, शोध परियोजना
विशेष विद्यालय / कार्यक्रम प्रतिभाओं के लिए अलग संस्थान जवाहर नवोदय विद्यालय (NPE 1986) — ग्रामीण प्रतिभाओं के
लिए
आधार त्वरण संवर्धन
गति तेज़ गति से आगे बढ़ना गति वही, गहराई और विस्तार अधिक
कक्षा ऊँची कक्षा / आयु से पहले उसी कक्षा में
लाभ ऊब कम, समय की बचत सहपाठियों के साथ रहते हुए चुनौती
जोखिम बड़े साथियों के साथ सामाजिक-संवेगात्मक समायोजन कठिन शिक्षक व संसाधनों पर अधिक निर्भरता
प्रतिभा खोज कार्यक्रम (भारत): राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा
(NTSE)
— NCERT द्वारा (1963 से, बाद में स्थगित);
INSPIRE योजना (विज्ञान में प्रतिभा); विज्ञान, गणित
ओलंपियाड
; राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस; अटल
टिंकरिंग लैब
(अटल इनोवेशन मिशन)।
NEP 2020: प्रतिभाशाली बच्चों के लिए अतिरिक्त
संवर्धन सामग्री
, विषय-आधारित क्लब और सर्कल,
ओलंपियाड और प्रतियोगिताएँ, और शिक्षक-प्रशिक्षण में प्रतिभा पहचान
का प्रावधान।
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सृजनात्मकता : अर्थ, परिभाषाएँ एवं तत्व

सृजनात्मकता (Creativity) वह योग्यता है जिससे व्यक्ति
नए, मौलिक और उपयोगी विचार, वस्तु या समाधान उत्पन्न करता है।
इसका मूल आधार अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) है।

विद्वान परिभाषा
जे. पी. गिलफोर्ड सृजनात्मकता अपसारी चिंतन की योग्यता है — एक समस्या के
अनेक, विविध और मौलिक समाधान सोचना। (1950 में APA अध्यक्षीय
भाषण से सृजनात्मकता पर शोध को बल मिला)
ई. पी. टॉरेंस “सृजनात्मकता समस्याओं, कमियों, ज्ञान के अंतरालों के प्रति संवेदनशील होने, उन्हें
पहचानने, समाधान खोजने, परिकल्पना बनाने, उनका परीक्षण करने और परिणाम संप्रेषित करने
की प्रक्रिया है।”
स्टेन (Stein) “जब किसी कार्य का परिणाम नवीन हो और किसी समय में समूह द्वारा उपयोगी या
संतोषजनक रूप में स्वीकार किया जाए, वह सृजनात्मक कार्य है।”
ड्रेवडहल “सृजनात्मकता वह मानवीय योग्यता है जिसके द्वारा वह किसी नवीन रचना या विचार
को प्रस्तुत करता है।”
क्रो एवं क्रो “सृजनात्मकता मौलिक परिणामों को व्यक्त करने की मानसिक प्रक्रिया है।”

◆ अभिसारी बनाम अपसारी चिंतन (गिलफोर्ड)

आधार अभिसारी चिंतन (Convergent) अपसारी चिंतन (Divergent)
दिशा अनेक सूचनाओं से एक सही उत्तर की ओर एक समस्या से अनेक संभावित उत्तरों की ओर
संबंध बुद्धि से सृजनात्मकता से
प्रश्न बंद प्रश्न — “भारत की राजधानी?” खुले प्रश्न — “ईंट के कितने उपयोग हो सकते हैं?”
मापन बुद्धि व उपलब्धि परीक्षण सृजनात्मकता परीक्षण

◆ सृजनात्मकता के चार तत्व (गिलफोर्ड / टॉरेंस)

प्रवाहिता (Fluency) ➜ लचीलापन (Flexibility) ➜ मौलिकता (Originality) ➜ विस्तारण (Elaboration)
तत्व अर्थ “ईंट के उपयोग” में उदाहरण
प्रवाहिता (Fluency) कम समय में अधिक संख्या में विचार / उत्तर 20 उपयोग बता देना
लचीलापन (Flexibility) विचारों की विविधता — अलग-अलग श्रेणियों में सोचना भवन, हथियार, कला, भार — अनेक श्रेणियाँ
मौलिकता (Originality) असामान्य, अनोखे विचार जो बहुत कम लोग सोचें ईंट को पीसकर रंग बनाना
विस्तारण (Elaboration) किसी विचार को विस्तार और बारीकी से विकसित करना ईंट से बने पक्षी-घर का पूरा डिज़ाइन
ट्रिक: “प्र-ल-मौ-वि” = प्रवाहिता,
लचीलापन, मौलिकता,
विस्तारण। कुछ विद्वान संवेदनशीलता और
पुनर्परिभाषा भी जोड़ते हैं।
7

सृजनात्मक प्रक्रिया, पहचान एवं परीक्षण

◆ ग्राहम वालास की सृजनात्मक प्रक्रिया की चार अवस्थाएँ
(1926)

तैयारी (Preparation) ➜ उद्भवन (Incubation) ➜ प्रदीपन / अंतर्दृष्टि (Illumination) ➜ सत्यापन (Verification)
अवस्था क्या होता है उदाहरण
1. तैयारी समस्या को समझना, सूचना एकत्र करना, प्रयास आर्किमिडीज़ का मुकुट की शुद्धता जाँचने की समस्या पर सोचना
2. उद्भवन (Incubation) समस्या को कुछ समय छोड़ देना; अचेतन मन में विचार पकता रहता
है
आराम करना, स्नान करने जाना
3. प्रदीपन (Illumination) अचानक समाधान सूझना — “आहा!” / “यूरेका!” क्षण टब में पानी ऊपर उठता देखकर “यूरेका!”
4. सत्यापन (Verification) समाधान की जाँच, परीक्षण और सुधार मुकुट को पानी में डुबोकर जाँच

◆ सृजनात्मक बालकों की विशेषताएँ

  • जिज्ञासु — बहुत प्रश्न पूछते हैं; असामान्य
    प्रश्न
    ।

  • कल्पनाशील और मौलिक; परंपरा से हटकर
    सोचना।

  • जोखिम उठाने और प्रयोग करने की तत्परता;
    असफलता से न डरना।

  • स्वतंत्र विचार और निर्णय; अनुरूपता (Conformity)
    कम।

  • अस्पष्टता सहन करने की क्षमता — अधूरी स्थितियों से परेशान
    न होना।

  • हास्य-बोध, खेल-भावना, विनोदप्रियता।

  • संवेदनशील — समस्याओं और कमियों को जल्दी
    पहचानना।

  • कई बार शिक्षक को “शरारती” या “अनुशासनहीन” लग सकते
    हैं।

◆ सृजनात्मकता एवं बुद्धि

बिंदु व्याख्या
संबंध सृजनात्मकता और बुद्धि में धनात्मक पर कमज़ोर संबंध है — हर
बुद्धिमान सृजनात्मक नहीं, हर सृजनात्मक अति-बुद्धिमान नहीं।
देहली सिद्धांत (Threshold theory) लगभग IQ 120 तक सृजनात्मकता के लिए बुद्धि आवश्यक है; उसके
ऊपर बुद्धि बढ़ने से सृजनात्मकता अनिवार्य रूप से नहीं बढ़ती।
गेटज़ेल्स एवं जैक्सन (1962) उच्च-बुद्धि और उच्च-सृजनात्मक छात्रों के समूह अलग-अलग पाए; शिक्षक प्रायः
उच्च-बुद्धि छात्रों को अधिक पसंद करते हैं।

◆ सृजनात्मकता के परीक्षण

परीक्षण निर्माता विशेषता
टॉरेंस सृजनात्मक चिंतन परीक्षण (TTCT) ई. पी. टॉरेंस (1966) शाब्दिक व अशाब्दिक (चित्र) — प्रवाहिता, लचीलापन, मौलिकता, विस्तारण
बाकर मेहदी सृजनात्मक चिंतन परीक्षण बाकर मेहदी (भारत) शाब्दिक व अशाब्दिक — भारतीय बच्चों के लिए
पासी सृजनात्मकता परीक्षण बी. के. पासी (भारत) समस्या खोज, समस्या समाधान, असामान्य उपयोग आदि
गिलफोर्ड के अपसारी उत्पादन परीक्षण जे. पी. गिलफोर्ड असामान्य उपयोग (Unusual Uses), परिणाम (Consequences) परीक्षण
वालाश एवं कोगन परीक्षण वालाश व कोगन (1965) खेल जैसे, समय-सीमा रहित वातावरण में
प्रश्न-प्रकार: “अखबार के कितने उपयोग हो
सकते हैं?”, “यदि मनुष्य उड़ सकता तो क्या होता?“, “इस
अधूरी रेखा से चित्र बनाइए
” — ऐसे प्रश्न सृजनात्मकता मापते हैं।
8

सृजनात्मकता का विकास

तकनीक / उपाय प्रवर्तक विवरण
मस्तिष्क-मंथन (Brainstorming) एलेक्स ऑसबॉर्न समूह में बिना आलोचना के अधिक से अधिक विचार; मात्रा पर बल;
बाद में मूल्यांकन
पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking) एडवर्ड डी बोनो समस्या को असामान्य दिशा से देखना; “छह चिंतन टोपियाँ” (Six Thinking
Hats)
सिनेक्टिक्स (Synectics) विलियम जे. जे. गॉर्डन उपमाओं और रूपकों द्वारा अपरिचित को परिचित और परिचित को अपरिचित
बनाना
SCAMPER बॉब एबर्ले (ऑसबॉर्न के प्रश्नों पर आधारित) Substitute, Combine, Adapt, Modify, Put to other use, Eliminate,
Reverse
खुले प्रश्न — अनेक उत्तरों वाले प्रश्न — “क्या होता यदि…?”
समस्या-समाधान व खोज विधि — बच्चे स्वयं खोजें
भूमिका-अभिनय, नाटक, कहानी-पूर्ति — कल्पना और अभिव्यक्ति
माइंड मैपिंग टोनी बुज़ान विचारों का शाखाओं वाला चित्र
सृजनात्मकता को बढ़ाने वाले सृजनात्मकता को रोकने वाले
स्वतंत्रता और खुला, भयमुक्त वातावरण कठोर अनुशासन और भय
जिज्ञासा और प्रश्नों का स्वागत “एक ही सही उत्तर” पर बल; रटना
असामान्य उत्तरों की प्रशंसा गलतियों पर मज़ाक और दंड
खेल, कला, संगीत, प्रयोग के अवसर केवल परीक्षा-केंद्रित शिक्षण
पर्याप्त समय और सोचने की स्वतंत्रता समय का अत्यधिक दबाव
सहयोग अत्यधिक प्रतिस्पर्धा और तुलना
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विशेष क्षमता / अभिक्षमता वाले अधिगमकर्ता

अभिक्षमता (Aptitude) किसी विशेष क्षेत्र में उचित
प्रशिक्षण मिलने पर भविष्य में सफल होने की संभावित क्षमता
है। विशेष क्षमता
वाले बच्चे किसी एक क्षेत्र — संगीत, कला, खेल, यांत्रिकी, भाषा,
गणित — में असाधारण होते हैं, भले ही सामान्य बुद्धि औसत हो।

विद्वान परिभाषा
बिंघम (Bingham) “अभिक्षमता वह दशा या विशेषताओं का समूह है जिसके आधार पर यह अनुमान लगाया
जाता है कि उचित प्रशिक्षण द्वारा व्यक्ति कोई ज्ञान, कौशल या अनुक्रियाओं का समूह (जैसे
भाषा बोलना, संगीत बजाना) प्राप्त कर सकेगा।”
वॉरेन “अभिक्षमता वह दशा या गुणों का समूह है जो किसी विशेष क्षेत्र में प्रशिक्षण से कुशलता
प्राप्त करने की योग्यता का संकेत देता है।”
फ्रीमैन “अभिक्षमता उन विशेषताओं का योग है जो व्यक्ति के किसी विशिष्ट कार्य को सीखने की
क्षमता बताती हैं।”
परीक्षण क्या पूछता है
बुद्धि परीक्षण सामान्य मानसिक योग्यता — वर्तमान
उपलब्धि परीक्षण क्या सीख लिया है — भूत / वर्तमान
अभिक्षमता परीक्षण भविष्य में क्या सीख सकता है — भविष्यवाणी

◆ अभिक्षमता परीक्षण

परीक्षण निर्माता मापता है
विभेदक अभिक्षमता परीक्षण (DAT) बेनेट, सीशोर व वेसमैन (1947) 8 उप-परीक्षण — शाब्दिक तर्क, संख्यात्मक योग्यता, अमूर्त तर्क,
लिपिकीय गति व शुद्धता, यांत्रिक तर्क, स्थानिक संबंध, वर्तनी, भाषा प्रयोग
GATB (सामान्य अभिक्षमता परीक्षण माला) अमेरिकी रोज़गार सेवा विभिन्न व्यावसायिक अभिक्षमताएँ
सीशोर संगीत प्रतिभा परीक्षण कार्ल सीशोर स्वर, तीव्रता, लय, समय, ध्वनि-स्मृति
मायर कला निर्णय परीक्षण नॉर्मन मायर कलात्मक अभिक्षमता
मिनेसोटा यांत्रिक अभिक्षमता परीक्षण — यांत्रिक योग्यता
बेनेट यांत्रिक बोध परीक्षण बेनेट यांत्रिक समझ

◆ विभिन्न विशेष क्षमताओं की पहचान के संकेत

क्षमता पहचान के संकेत
संगीत लय-ताल की सहज समझ; धुन जल्दी याद करना; स्वर में अंतर पहचानना
कला / चित्रकला रंगों व आकृतियों का सुंदर संयोजन; बारीक निरीक्षण; मौलिक चित्र
खेल / शारीरिक गति, संतुलन, समन्वय, सहनशक्ति; जल्दी नए खेल सीखना
भाषा / साहित्य समृद्ध शब्द भंडार; कहानी / कविता लेखन; प्रभावी वक्तृत्व
गणित / तर्क संख्याओं से खेलना; पैटर्न पहचानना; पहेलियाँ सुलझाना
यांत्रिक / तकनीकी चीज़ें खोलकर जोड़ना; मॉडल बनाना; मशीनों में रुचि
नेतृत्व समूह को संगठित करना; निर्णय लेना; दूसरों को प्रेरित करना
10

शिक्षक की भूमिका

शिक्षक को क्या करना चाहिए
बहु-मानदंड पहचान — केवल अंकों या IQ से प्रतिभा न आँकें; कला,
खेल, नेतृत्व, सृजनात्मकता भी देखें।
चुनौतीपूर्ण कार्य और उच्च-स्तरीय प्रश्न
(विश्लेषण, मूल्यांकन, सृजन) दें; जल्दी कार्य पूरा करने पर अतिरिक्त संवर्धन
कार्य
।
खुले और अपसारी प्रश्न पूछें; असामान्य उत्तरों का
स्वागत और प्रशंसा करें।
भयमुक्त, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक कक्षा वातावरण; गलती करने की
स्वतंत्रता।
परियोजना, खोज, प्रयोग और समस्या-समाधान विधियाँ
अपनाएँ।
प्रतिभाशाली बच्चों को सहपाठी शिक्षक (Peer tutor) और
समूह नेता की भूमिका दें — पर उन पर अत्यधिक बोझ न डालें।
सामाजिक-संवेगात्मक आवश्यकताओं (पूर्णतावाद, अलगाव, चिंता) पर
ध्यान और परामर्श।
ग्रामीण, गरीब, बालिका और दिव्यांग प्रतिभाओं की विशेष
खोज।
अभिभावकों को अत्यधिक दबाव न डालने की सलाह; बच्चे की रुचि
का सम्मान।
प्रतियोगिताओं, ओलंपियाड, क्लब, विज्ञान मेलों में भाग लेने के
अवसर।

◆ प्रतिभाशाली बनाम सृजनात्मक बालक

आधार प्रतिभाशाली (उच्च बुद्धि) सृजनात्मक
चिंतन मुख्यतः अभिसारी मुख्यतः अपसारी
उत्तर सही और अपेक्षित उत्तर असामान्य, मौलिक उत्तर
मापन बुद्धि परीक्षण सृजनात्मकता परीक्षण
शिक्षक की पसंद प्रायः अधिक पसंद किए जाते हैं कई बार “अजीब” या “शरारती” समझे जाते हैं
विद्यालयी सफलता परंपरागत परीक्षाओं में अधिक सफल परंपरागत परीक्षाओं में कभी-कभी पीछे
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परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न

◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य

प्रश्न उत्तर
टर्मन के अनुसार प्रतिभाशाली IQ 140 से अधिक
“Genetic Studies of Genius” लुईस टर्मन (1921 से)
प्रतिभा का त्रि-वलय मॉडल जोसेफ रेंजुली (1978)
त्रि-वलय के तीन गुण औसत से अधिक योग्यता, कार्य-प्रतिबद्धता, सृजनात्मकता
Gifted बनाम Talented (DMGT) फ्रांस्वा गैने
प्रतिभाशाली बच्चों को ऊँची कक्षा में भेजना त्वरण (Acceleration)
उसी कक्षा में अधिक गहन अनुभव संवर्धन (Enrichment)
सृजनात्मकता का मुख्य आधार अपसारी चिंतन
अपसारी व अभिसारी चिंतन जे. पी. गिलफोर्ड
सृजनात्मकता के चार तत्व प्रवाहिता, लचीलापन, मौलिकता, विस्तारण
अधिक संख्या में विचार प्रवाहिता
विचारों की विविधता लचीलापन
अनोखे विचार मौलिकता
सृजनात्मक प्रक्रिया की 4 अवस्थाएँ ग्राहम वालास (1926)
अचेतन में विचार का पकना उद्भवन (Incubation)
“आहा!” / “यूरेका!” क्षण प्रदीपन (Illumination)
मस्तिष्क-मंथन एलेक्स ऑसबॉर्न
पार्श्व चिंतन, छह चिंतन टोपियाँ एडवर्ड डी बोनो
टॉरेंस परीक्षण (TTCT) ई. पी. टॉरेंस
भारतीय सृजनात्मकता परीक्षण बाकर मेहदी, बी. के. पासी
DAT बेनेट, सीशोर व वेसमैन (1947); 8 उप-परीक्षण
अभिक्षमता किसकी भविष्यवाणी करती है भविष्य की सफलता
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए आवासीय विद्यालय जवाहर नवोदय विद्यालय (NPE 1986)

◆ (ख) भ्रम से बचें

  • प्रतिभाशाली ≠ सृजनात्मक — उच्च बुद्धि वाला बच्चा आवश्यक
    नहीं कि अधिक सृजनात्मक हो।

  • त्वरण = आगे बढ़ाना; संवर्धन = गहराई
    देना — उल्टा न करें।

  • अपसारी = सृजनात्मकता; अभिसारी = बुद्धि / एक
    सही उत्तर
    ।

  • फ्रांस्वा गैने (DMGT) और रॉबर्ट गैने (अधिगम
    पदानुक्रम)
    अलग व्यक्ति हैं।

  • अभिक्षमता = भविष्य; उपलब्धि = भूत /
    वर्तमान
    ।

◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. रेंजुली के त्रि-वलय मॉडल में कौन-सा गुण शामिल नहीं
है?

(A) औसत से अधिक योग्यता (B) कार्य-प्रतिबद्धता (C) सृजनात्मकता (D)
आज्ञाकारिता

प्रश्न 2. प्रतिभाशाली बच्चे को उसकी आयु से ऊँची कक्षा में भेजना
कहलाता है —

(A) संवर्धन (B) त्वरण (C) समूहीकरण (D) उपचार

प्रश्न 3. सृजनात्मकता का सीधा संबंध किससे है?

(A) अभिसारी चिंतन (B) अपसारी चिंतन (C) रटने (D) स्मृति

प्रश्न 4. “एक ईंट के अधिक से अधिक उपयोग” बताने में कम समय में
अधिक उत्तर देना दर्शाता है —

(A) मौलिकता (B) लचीलापन (C) प्रवाहिता (D) विस्तारण

प्रश्न 5. सृजनात्मक प्रक्रिया में “उद्भवन” अवस्था के बाद आती है
—

(A) तैयारी (B) प्रदीपन (C) सत्यापन (D) मूल्यांकन

प्रश्न 6. मस्तिष्क-मंथन (Brainstorming) तकनीक किसने
दी?

(A) डी बोनो (B) ऑसबॉर्न (C) गॉर्डन (D) टॉरेंस

प्रश्न 7. कक्षा में प्रतिभाशाली बच्चे की प्रमुख समस्या हो सकती
है —

(A) ऊब (B) पढ़ने में कठिनाई (C) श्रवण दोष (D) कम शब्द भंडार

प्रश्न 8. टर्मन के अनुसार प्रतिभाशाली बालक की बुद्धि-लब्धि
होती है —

(A) 100–110 (B) 110–120 (C) 120–130 (D) 140 से अधिक

प्रश्न 9. DAT (विभेदक अभिक्षमता परीक्षण) में कितने उप-परीक्षण
हैं?

(A) 5 (B) 6 (C) 8 (D) 10

प्रश्न 10. “सृजनात्मक प्रक्रिया की चार अवस्थाएँ” किसने
दीं?

(A) गिलफोर्ड (B) ग्राहम वालास (C) टॉरेंस (D) रेंजुली

प्रश्न 11. सृजनात्मकता विकसित करने के लिए शिक्षक को चाहिए
—

(A) केवल एक सही उत्तर स्वीकारना (B) खुले प्रश्न पूछना और असामान्य उत्तरों की
प्रशंसा करना (C) कठोर अनुशासन (D) केवल रटवाना

प्रश्न 12. “छह चिंतन टोपियाँ” (Six Thinking Hats) किससे
संबंधित है?

(A) एडवर्ड डी बोनो (B) एलेक्स ऑसबॉर्न (C) जोसेफ रेंजुली (D) हावर्ड गार्डनर

उत्तर कुंजी: 1-D, 2-B, 3-B, 4-C, 5-B, 6-B, 7-A, 8-D,
9-C, 10-B, 11-B, 12-A

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