अधिगमकर्ता का मूल्यांकन (Assessment of the Learner) – चैप्टर-वार नोट्स
बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल एवं जीवन कौशल • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग
मापन व मूल्यांकन , प्रकार , CCE , NEP 2020 , उपकरण एवं तकनीकें , अभ्यास प्रश्न – सब एक जगह।
विषय-सूची
| क्र. | अनुभाग |
|---|---|
| 1 | मापन, आकलन एवं मूल्यांकन : अर्थ एवं परिभाषाएँ |
| 2 | मापन, आकलन, मूल्यांकन एवं परीक्षा में अंतर |
| 3 | मूल्यांकन की प्रक्रिया, विशेषताएँ एवं उद्देश्य |
| 4 | मूल्यांकन के प्रकार |
| 5 | अधिगम का, अधिगम के लिए एवं अधिगम के रूप में आकलन |
| 6 | सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) |
| 7 | NEP 2020 एवं नवीन मूल्यांकन सुधार |
| 8 | अधिगमकर्ता के मूल्यांकन के उपकरण एवं तकनीकें |
| 9 | मूल्यांकन में शिक्षक की भूमिका एवं प्रतिपुष्टि |
| 10 | परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न |
मापन, आकलन एवं मूल्यांकन : अर्थ
अधिगमकर्ता का मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिससे पता चलता है कि बच्चे ने
क्या, कितना और कैसे सीखा तथा शैक्षिक उद्देश्य कहाँ तक प्राप्त
हुए। यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न और सतत अंग
है।
| संप्रत्यय | अर्थ | प्रश्न जिसका उत्तर देता है |
|---|---|---|
| मापन (Measurement) | किसी गुण को निश्चित नियमों के अनुसार अंकों / संख्याओं में व्यक्त करना |
“कितना?” — राम को 50 में 40 अंक मिले |
| आकलन (Assessment) | सीखने के बारे में प्रमाण एकत्र करना और उनकी व्याख्या करना, ताकि सीखने में सुधार हो |
“बच्चा कहाँ है और आगे कैसे बढ़े?” |
| मूल्यांकन (Evaluation) | मापन और आकलन के आधार पर मूल्य-निर्णय (Value judgement) देना |
“कितना अच्छा? उद्देश्य प्राप्त हुए या नहीं?” |
| परीक्षा / परीक्षण (Examination / Test) | मापन का एक उपकरण, निश्चित समय पर | “प्रश्नों के उत्तर कितने सही?” |
◆ प्रमुख परिभाषाएँ
| विद्वान / स्रोत | परिभाषा | विषय |
|---|---|---|
| एस. एस. स्टीवेंस | “मापन किन्हीं निश्चित स्वीकृत नियमों के अनुसार वस्तुओं को अंक प्रदान करने की प्रक्रिया है।” |
मापन |
| कैम्पबेल | “नियमानुसार वस्तुओं या घटनाओं को अंक प्रदान करना मापन है।” | मापन |
| राल्फ टायलर | “मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा यह ज्ञात किया जाता है कि शैक्षिक उद्देश्य किस सीमा तक प्राप्त हुए हैं।” |
मूल्यांकन |
| कोठारी आयोग (1964–66) | “मूल्यांकन एक सतत प्रक्रिया है, जो सम्पूर्ण शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग है और शैक्षिक उद्देश्यों से घनिष्ठ रूप से संबंधित है।” |
मूल्यांकन |
| क्विलेन एवं हन्ना | “छात्रों के व्यवहार में विद्यालय द्वारा लाए गए परिवर्तनों के विषय में प्रमाणों के संकलन और उनकी व्याख्या करने की प्रक्रिया ही मूल्यांकन है।” |
मूल्यांकन |
| ग्रोनलंड | मूल्यांकन = मापन (मात्रात्मक वर्णन) + गुणात्मक वर्णन + मूल्य-निर्णय | मूल्यांकन |
“मूल्यांकन” की अवधारणा का श्रेय प्रायः राल्फ
टायलर को दिया जाता है।
मापन, आकलन, मूल्यांकन एवं परीक्षा में अंतर
| आधार | मापन | मूल्यांकन |
|---|---|---|
| स्वरूप | मात्रात्मक (अंक) | मात्रात्मक + गुणात्मक |
| क्षेत्र | संकुचित | व्यापक (मापन इसका एक भाग) |
| प्रश्न | “कितना?” | “कितना अच्छा / वांछनीय?” |
| मूल्य-निर्णय | नहीं | हाँ |
| उद्देश्य से संबंध | आवश्यक नहीं | उद्देश्यों पर आधारित |
| समय | किसी निश्चित समय पर | सतत प्रक्रिया |
| पक्ष | प्रायः संज्ञानात्मक | संज्ञानात्मक, भावात्मक, क्रियात्मक — सभी |
| उदाहरण | “रीता को 45/50 अंक” | “रीता ने उद्देश्य प्राप्त किए, वह उत्कृष्ट है” |
| आधार | परीक्षा (परंपरागत) | आकलन / मूल्यांकन (आधुनिक) |
|---|---|---|
| बल | रटी हुई जानकारी की जाँच | समझ, कौशल, अभिवृत्ति, मूल्य |
| समय | सत्र के अंत में | पूरे सत्र में सतत |
| उद्देश्य | पास-फेल, श्रेणी देना | सीखने में सुधार, निदान |
| भय | तनाव और भय उत्पन्न | तनाव-मुक्त, सहज |
| प्रतिपुष्टि | प्रायः नहीं | नियमित प्रतिपुष्टि |
मूल्यांकन की प्रक्रिया, विशेषताएँ एवं उद्देश्य
◆ मूल्यांकन त्रिभुज (ब्लूम)
शिक्षण के उद्देश्य, अधिगम अनुभव और मूल्यांकन — तीनों परस्पर जुड़े
हैं; इसे मूल्यांकन त्रिभुज कहते हैं।
| शैक्षिक उद्देश्य | ➜ | अधिगम अनुभव (शिक्षण) | ➜ | मूल्यांकन (व्यवहार परिवर्तन) |
◆ मूल्यांकन प्रक्रिया के चरण
| उद्देश्य निर्धारण | ➜ | उद्देश्यों को व्यवहारगत रूप में लिखना | ➜ | अधिगम अनुभव देना |
| उपकरण चुनना | ➜ | प्रमाण एकत्र करना | ➜ | विश्लेषण व व्याख्या | ➜ | प्रतिपुष्टि व सुधार |
◆ मूल्यांकन की विशेषताएँ
| विशेषता | व्याख्या |
|---|---|
| सतत (Continuous) | पूरे सत्र में लगातार चलने वाली प्रक्रिया। |
| व्यापक (Comprehensive) | शैक्षिक और सह-शैक्षिक — सभी पक्ष। |
| उद्देश्य-केंद्रित | शैक्षिक उद्देश्यों पर आधारित। |
| निदानात्मक | कमज़ोरियाँ और उनके कारण बताता है। |
| सुधारात्मक / उपचारात्मक | सुधार के उपाय सुझाता है। |
| सहयोगी | शिक्षक, छात्र, अभिभावक सभी की भागीदारी। |
| बाल-केंद्रित | बच्चे की क्षमता और प्रगति पर केंद्रित। |
| विश्वसनीय एवं वैध | सही और संगत परिणाम। |
◆ अधिगमकर्ता के मूल्यांकन के उद्देश्य
-
छात्र की प्रगति और उपलब्धि का पता लगाना।
-
सीखने की कठिनाइयों का निदान और उपचारात्मक
शिक्षण की योजना। -
शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता जाँचना और
सुधारना। -
छात्रों को प्रेरित करना और प्रतिपुष्टि
देना। -
वर्गीकरण, स्थापन और कक्षोन्नति का आधार।
-
निर्देशन एवं परामर्श — विषय व व्यवसाय चयन।
-
अभिभावकों को प्रगति की सूचना देना।
-
पाठ्यक्रम में सुधार के लिए प्रमाण।
मूल्यांकन के प्रकार
◆ (क) कार्य / समय के आधार पर
| स्थापन (शिक्षण से पहले) | ➜ | निर्माणात्मक (शिक्षण के दौरान) | ➜ | निदानात्मक (कठिनाई होने पर) | ➜ | योगात्मक (अंत में) |
| प्रकार | कब | उद्देश्य | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| स्थापन / नियोजन (Placement) | शिक्षण से पहले | पूर्व ज्ञान व तत्परता जानकर उचित स्तर / समूह में रखना | प्रवेश परीक्षा, पूर्व-परीक्षण |
| निर्माणात्मक / रचनात्मक (Formative) | शिक्षण के दौरान | सीखने में सुधार; तत्काल प्रतिपुष्टि | कक्षा प्रश्न, गृहकार्य, इकाई परीक्षण, क्विज़ |
| निदानात्मक (Diagnostic) | लगातार कठिनाई दिखने पर | कठिनाई के मूल कारण खोजना | निदानात्मक परीक्षण |
| योगात्मक (Summative) | इकाई / सत्र के अंत में | कुल उपलब्धि जानना; ग्रेड, प्रमाणपत्र, कक्षोन्नति | अर्धवार्षिक, वार्षिक परीक्षा |
स्क्रिवेन (1967) ने दिए। निदानात्मक मूल्यांकन के बाद उपचारात्मक
शिक्षण दिया जाता है।
| आधार | निर्माणात्मक मूल्यांकन | योगात्मक मूल्यांकन |
|---|---|---|
| समय | शिक्षण के दौरान, सतत | शिक्षण के अंत में |
| उद्देश्य | सीखने में सुधार (Assessment for Learning) | उपलब्धि का निर्णय (Assessment of Learning) |
| प्रकृति | अनौपचारिक, लचीला | औपचारिक, निश्चित |
| प्रतिपुष्टि | तत्काल | देर से / प्रायः नहीं |
| विषयवस्तु | छोटी इकाई | पूरा पाठ्यक्रम |
| उपकरण | प्रश्नोत्तर, क्विज़, निरीक्षण, कार्य-पत्रक | वार्षिक परीक्षा, मानकीकृत परीक्षण |
| उपमा | “रसोइया सूप चखता है” | “अतिथि सूप चखता है” |
निर्माणात्मक मूल्यांकन है; जब अतिथि सूप चखता है, वह
योगात्मक मूल्यांकन है।”
◆ (ख) संदर्भ / व्याख्या के आधार पर
| आधार | मानक-संदर्भित (Norm-referenced) | निकष-संदर्भित (Criterion-referenced) |
|---|---|---|
| तुलना | छात्र की तुलना समूह के अन्य छात्रों से | छात्र की तुलना पूर्व-निर्धारित मानदंड / लक्ष्य से |
| प्रश्न | “दूसरों की तुलना में कहाँ है?” | “क्या निर्धारित कौशल प्राप्त किया?” |
| परिणाम | प्रतिशतक, रैंक, स्थान | उत्तीर्ण / महारत (Mastery) प्राप्त या नहीं |
| उदाहरण | प्रतियोगी परीक्षा, मेरिट सूची | ड्राइविंग टेस्ट, दक्षता / अधिगम परिणाम आधारित परीक्षण |
◆ (ग) अन्य आधार
| प्रकार | अर्थ |
|---|---|
| आंतरिक मूल्यांकन | विद्यालय के शिक्षक द्वारा — CCE, प्रोजेक्ट, प्रायोगिक कार्य |
| बाह्य मूल्यांकन | बाहरी संस्था द्वारा — बोर्ड परीक्षा |
| स्व-मूल्यांकन (Self Assessment) | छात्र स्वयं अपने कार्य का आकलन करे — आत्म-चिंतन |
| सहपाठी मूल्यांकन (Peer Assessment) | छात्र एक-दूसरे के कार्य का आकलन करें |
| समूह मूल्यांकन | समूह के संयुक्त कार्य का आकलन |
| मात्रात्मक / गुणात्मक | अंकों में / वर्णनात्मक टिप्पणी, ग्रेड में |
| प्रक्रिया बनाम उत्पाद मूल्यांकन | कैसे सीखा (प्रक्रिया) / क्या बनाया (उत्पाद) |
अधिगम का, अधिगम के लिए एवं अधिगम के रूप में आकलन
| आधार | अधिगम का आकलन (Assessment OF Learning) | अधिगम के लिए आकलन (Assessment FOR Learning) | अधिगम के रूप में आकलन (Assessment AS Learning) |
|---|---|---|---|
| प्रकृति | योगात्मक | निर्माणात्मक | स्व-मूल्यांकन / चिंतनशील |
| कौन करता है | शिक्षक / बोर्ड | शिक्षक (छात्र के साथ) | स्वयं छात्र |
| कब | अंत में | सीखने के दौरान | सीखने के दौरान, लगातार |
| उद्देश्य | उपलब्धि प्रमाणित करना, ग्रेड देना | शिक्षण में सुधार, प्रतिपुष्टि | छात्र अपनी सीखने की प्रक्रिया समझे व नियंत्रित करे (अधिसंज्ञान) |
| उदाहरण | वार्षिक परीक्षा | कक्षा प्रश्न, कार्य-पत्रक | जर्नल, चिंतन डायरी, स्व-जाँच सूची |
FOR = सुधार “के लिए”;
AS = छात्र “स्वयं” (अधिसंज्ञान /
Metacognition)।
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive
Evaluation) विद्यालय-आधारित मूल्यांकन की ऐसी व्यवस्था है जो बच्चे के
विकास के सभी पक्षों का पूरे सत्र में लगातार
आकलन करती है।
-
RTE अधिनियम 2009 की धारा 29(2)(h) में CCE का
प्रावधान है। -
CBSE ने कक्षा 1–10 में CCE 2009–10 से लागू
किया। -
NCF 2005 ने परीक्षा के तनाव को कम करने और सतत आकलन
पर बल दिया। -
CCE की सिफ़ारिश कोठारी आयोग और राष्ट्रीय
शिक्षा नीति 1986 में भी की गई।
| सतत — नियमितता | ➜ | व्यापक — सभी पक्ष |
| शब्द | अर्थ | कैसे |
|---|---|---|
| सतत (Continuous) | मूल्यांकन की नियमितता — शिक्षण के साथ-साथ लगातार | निर्माणात्मक + योगात्मक; इकाई परीक्षण, दैनिक निरीक्षण, नियमित प्रतिपुष्टि |
| व्यापक (Comprehensive) | बच्चे के सर्वांगीण विकास के सभी पक्ष | शैक्षिक (Scholastic) + सह-शैक्षिक (Co-scholastic) दोनों क्षेत्र |
| शैक्षिक क्षेत्र (Scholastic) | सह-शैक्षिक क्षेत्र (Co-scholastic) |
|---|---|
| विषयगत ज्ञान — भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान | जीवन कौशल — चिंतन, सामाजिक, संवेगात्मक कौशल |
| अवबोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण | अभिवृत्ति एवं मूल्य — शिक्षक, सहपाठी, विद्यालय के प्रति |
| प्रायोगिक एवं परियोजना कार्य | सहगामी क्रियाएँ — साहित्यिक, सांस्कृतिक, कला, संगीत |
| लिखित व मौखिक परीक्षण | स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा — खेल, योग, स्काउट-गाइड |
◆ CBSE CCE का 9-बिंदु ग्रेडिंग पैमाना (शैक्षिक क्षेत्र)
| अंक (%) | ग्रेड | ग्रेड बिंदु |
|---|---|---|
| 91 – 100 | A1 | 10 |
| 81 – 90 | A2 | 9 |
| 71 – 80 | B1 | 8 |
| 61 – 70 | B2 | 7 |
| 51 – 60 | C1 | 6 |
| 41 – 50 | C2 | 5 |
| 33 – 40 | D | 4 |
| 21 – 32 | E1 | — |
| 20 और कम | E2 | — |
◆ CCE के लाभ एवं चुनौतियाँ
| लाभ | चुनौतियाँ |
|---|---|
| परीक्षा का भय और तनाव कम | शिक्षकों पर कार्य-भार और अभिलेख-लेखन बढ़ा |
| सर्वांगीण विकास पर ध्यान | बड़ी कक्षाओं (अधिक छात्र) में कठिन |
| सीखने की कठिनाइयों का शीघ्र निदान | शिक्षकों के प्रशिक्षण की कमी |
| रटने के बजाय समझ पर बल | व्यक्तिनिष्ठता (Subjectivity) का ख़तरा |
| नियमित प्रतिपुष्टि व उपचारात्मक शिक्षण | कई बार केवल औपचारिकता बनकर रह जाना |
धारा 16 में प्रारंभिक शिक्षा तक किसी बच्चे को रोका
(अनुत्तीर्ण) न करने का प्रावधान था। RTE (संशोधन) अधिनियम
2019 से राज्यों को कक्षा 5 और 8 में नियमित परीक्षा लेने
और पुनः परीक्षा में असफल होने पर बच्चे को रोकने का विकल्प दिया गया। धारा
30 — प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक बोर्ड परीक्षा
नहीं।
NEP 2020 एवं नवीन मूल्यांकन सुधार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार मूल्यांकन को
रटने की जाँच से हटाकर दक्षता-आधारित, सतत और
समग्र बनाया जाना चाहिए, जो सीखने को बढ़ावा दे।
| सुधार | विवरण |
|---|---|
| दक्षता-आधारित मूल्यांकन (Competency-based) | उच्च-स्तरीय कौशल — विश्लेषण, आलोचनात्मक चिंतन, अवधारणात्मक स्पष्टता की जाँच |
| 360° समग्र प्रगति कार्ड (Holistic Progress Card — HPC) |
संज्ञानात्मक, भावात्मक, सामाजिक-संवेगात्मक, क्रियात्मक — सभी पक्ष; स्व-मूल्यांकन, सहपाठी मूल्यांकन और शिक्षक मूल्यांकन शामिल |
| PARAKH | राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र — Performance Assessment, Review, and Analysis of Knowledge for Holistic Development; मूल्यांकन के मानक तय करना |
| कक्षा 3, 5 और 8 में परीक्षाएँ | बुनियादी अधिगम परिणामों की जाँच हेतु, उपयुक्त प्राधिकरण द्वारा |
| बोर्ड परीक्षा में सुधार | कम दबाव वाली, मूल अवधारणाओं व क्षमताओं की जाँच; वर्ष में दो बार अवसर का सुझाव |
| आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) | निपुण भारत मिशन (2021) — कक्षा 3 तक हर बच्चा पढ़ना-लिखना व बुनियादी गणित सीखे; उत्तर प्रदेश में “निपुण उत्तर प्रदेश” |
| अधिगम परिणाम (Learning Outcomes) | हर कक्षा और विषय के लिए स्पष्ट अपेक्षित परिणाम (NCERT) — आकलन का आधार |
(8–11), मध्य (11–14), माध्यमिक
(14–18) — प्राथमिक स्तर पर खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित और
अनौपचारिक आकलन पर बल।
अधिगमकर्ता के मूल्यांकन के उपकरण एवं तकनीकें
| उपकरण / तकनीक | अर्थ | किसका आकलन |
|---|---|---|
| लिखित परीक्षण | निबंधात्मक, लघु-उत्तरीय, वस्तुनिष्ठ प्रश्न | ज्ञान, अवबोध, अनुप्रयोग |
| मौखिक परीक्षण | मौखिक प्रश्नोत्तर, वाचन | भाषा, अभिव्यक्ति, उच्चारण — छोटी कक्षाओं के लिए उपयुक्त |
| प्रायोगिक परीक्षण | प्रयोग / कार्य करवाकर | कौशल (क्रियात्मक पक्ष) |
| निरीक्षण (Observation) | स्वाभाविक स्थिति में व्यवहार देखना | सामाजिक व्यवहार, आदतें, कौशल — छोटे बच्चों के लिए सबसे उपयुक्त |
| जाँच सूची (Checklist) | व्यवहार है / नहीं — हाँ-नहीं के रूप में | कौशल व आदतों की उपस्थिति |
| क्रम-निर्धारण मापनी (Rating Scale) | गुण की मात्रा — उत्तम, अच्छा, सामान्य | व्यक्तित्व गुण, अभिवृत्ति |
| रूब्रिक (Rubric) | मानदंड + स्तर का विस्तृत विवरण | परियोजना, लेखन, प्रस्तुति |
| पोर्टफोलियो (Portfolio) | छात्र के कार्यों का उद्देश्यपूर्ण संग्रह समय के साथ | प्रगति व विकास |
| उपाख्यान अभिलेख (Anecdotal Record) | किसी विशेष घटना / व्यवहार का तथ्यात्मक विवरण | असामान्य / महत्वपूर्ण व्यवहार |
| संचयी अभिलेख (Cumulative Record) | छात्र के सभी वर्षों की सम्पूर्ण जानकारी का अभिलेख | सर्वांगीण विकास; निर्देशन |
| प्रश्नावली (Questionnaire) | लिखित प्रश्नों की सूची | रुचि, अभिवृत्ति, राय |
| साक्षात्कार (Interview) | आमने-सामने बातचीत | भावनाएँ, समस्याएँ |
| परियोजना कार्य (Project) | किसी विषय पर समूह / व्यक्तिगत कार्य | सहयोग, खोज, अनुप्रयोग |
| समाजमिति (Sociometry) | समूह में पसंद-नापसंद का अध्ययन — मोरेनो | सामाजिक संबंध, लोकप्रियता |
| व्यक्ति अध्ययन (Case Study) | किसी एक बच्चे का गहन अध्ययन | समस्यात्मक बालक |
| कार्य-पत्रक, क्विज़, खेल | गतिविधि-आधारित आकलन | बुनियादी दक्षताएँ |
क्रम-निर्धारण मापनी = कितना (मात्रा / स्तर);
उपाख्यान अभिलेख = एक विशेष घटना; संचयी
अभिलेख = सभी वर्षों का सम्पूर्ण रिकॉर्ड; पोर्टफोलियो =
कार्यों का संग्रह।
वस्तुनिष्ठता), प्रश्नों के प्रकार और परीक्षण निर्माण का विस्तृत अध्ययन अध्याय
7 — सीखने का मूल्यांकन में।
मूल्यांकन में शिक्षक की भूमिका एवं प्रतिपुष्टि
-
विविध उपकरणों का उपयोग करें — केवल लिखित परीक्षा पर
निर्भर न रहें। -
बाल-केंद्रित और तनाव-मुक्त मूल्यांकन; बच्चे की तुलना दूसरों से
कम, उसकी अपनी पिछली प्रगति से अधिक। -
त्रुटियों को सीखने का अवसर मानें — गलती बच्चे की सोच की
खिड़की है। -
समावेशी मूल्यांकन — विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए
वैकल्पिक तरीके (मौखिक, चित्र, अधिक समय)। -
स्व और सहपाठी मूल्यांकन को प्रोत्साहित करें।
-
अभिभावकों से संवाद — प्रगति की नियमित
जानकारी। -
निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ रहें; पूर्वाग्रह से बचें।
◆ प्रभावी प्रतिपुष्टि (Feedback) की विशेषताएँ
| प्रभावी प्रतिपुष्टि | अप्रभावी प्रतिपुष्टि |
|---|---|
| विशिष्ट — “तुम्हारे निबंध का आरंभ बहुत रोचक है” | सामान्य — “अच्छा है” / “ठीक नहीं” |
| तुरंत / समय पर | बहुत देर से |
| सुधार के उपाय बताती है | केवल अंक या ग्रेड |
| कार्य पर केंद्रित | व्यक्ति पर टिप्पणी — “तुम आलसी हो” |
| सकारात्मक व प्रेरक | अपमानजनक, दूसरों से तुलना |
परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| मूल्यांकन का सूत्र | मापन + मूल्य-निर्णय |
| मूल्यांकन को सतत प्रक्रिया बताया | कोठारी आयोग (1964–66) |
| मूल्यांकन त्रिभुज | उद्देश्य — अधिगम अनुभव — मूल्यांकन |
| निर्माणात्मक व योगात्मक शब्द | माइकल स्क्रिवेन (1967) |
| शिक्षण के दौरान मूल्यांकन | निर्माणात्मक |
| सत्र के अंत में मूल्यांकन | योगात्मक |
| कठिनाई के कारण जानना | निदानात्मक मूल्यांकन |
| निदान के बाद | उपचारात्मक शिक्षण |
| Assessment FOR Learning | निर्माणात्मक |
| Assessment AS Learning | स्व-मूल्यांकन / अधिसंज्ञान |
| समूह से तुलना | मानक-संदर्भित मूल्यांकन |
| निर्धारित मानदंड से तुलना | निकष-संदर्भित मूल्यांकन |
| CCE का प्रावधान | RTE 2009, धारा 29(2)(h) |
| CCE में “व्यापक” का अर्थ | शैक्षिक + सह-शैक्षिक क्षेत्र |
| CCE में “सतत” का अर्थ | नियमितता |
| 360° समग्र प्रगति कार्ड | NEP 2020 |
| राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र | PARAKH |
| छोटे बच्चों के मूल्यांकन की सर्वोत्तम विधि | निरीक्षण |
| छात्र के कार्यों का संग्रह | पोर्टफोलियो |
| सभी वर्षों का सम्पूर्ण रिकॉर्ड | संचयी अभिलेख |
◆ (ख) भ्रम से बचें
-
मापन ≠ मूल्यांकन — मापन केवल अंक देता है, मूल्यांकन निर्णय
भी देता है। -
निदानात्मक ≠ उपचारात्मक — निदान कारण बताता है,
उपचार सुधार करता है। -
CCE में “सतत” = नियमितता, “व्यापक” = सभी
पक्ष — उल्टा न करें। -
उपाख्यान अभिलेख एक घटना का, संचयी
अभिलेख पूरे विद्यालयी जीवन का।
◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. मूल्यांकन के संबंध में सही सूत्र है —
(A) मापन − मूल्य-निर्णय (B) मापन + मूल्य-निर्णय (C) परीक्षा + अंक (D) केवल
मापन
प्रश्न 2. शिक्षण के दौरान बच्चों की प्रगति जानने हेतु किया गया
मूल्यांकन है —
(A) योगात्मक (B) निर्माणात्मक (C) स्थापन (D) बाह्य
प्रश्न 3. “अतिथि सूप चखता है” — यह किस मूल्यांकन की उपमा
है?
(A) निर्माणात्मक (B) निदानात्मक (C) योगात्मक (D) स्व-मूल्यांकन
प्रश्न 4. CCE में “व्यापक” शब्द किससे संबंधित है?
(A) नियमितता (B) शैक्षिक व सह-शैक्षिक दोनों क्षेत्र (C) केवल लिखित परीक्षा (D)
बोर्ड परीक्षा
प्रश्न 5. RTE अधिनियम 2009 की किस धारा में CCE का उल्लेख
है?
(A) 16 (B) 21 (C) 29(2)(h) (D) 30
प्रश्न 6. छात्र द्वारा अपने सीखने पर चिंतन करना किस प्रकार
का आकलन है?
(A) Assessment of Learning (B) Assessment for Learning (C) Assessment
as Learning (D) बाह्य मूल्यांकन
प्रश्न 7. किसी छात्र के कार्यों का समय के साथ उद्देश्यपूर्ण संग्रह
कहलाता है —
(A) संचयी अभिलेख (B) पोर्टफोलियो (C) जाँच सूची (D) प्रश्नावली
प्रश्न 8. प्राथमिक स्तर पर बच्चों के मूल्यांकन की सर्वाधिक
उपयुक्त विधि है —
(A) निबंधात्मक परीक्षा (B) निरीक्षण (C) बोर्ड परीक्षा (D) वस्तुनिष्ठ
परीक्षा
प्रश्न 9. “360 डिग्री समग्र प्रगति कार्ड” का प्रावधान किसमें
है?
(A) NCF 2005 (B) RTE 2009 (C) NEP 2020 (D) कोठारी आयोग
प्रश्न 10. छात्र की तुलना समूह के अन्य छात्रों से करने वाला
मूल्यांकन है —
(A) निकष-संदर्भित (B) मानक-संदर्भित (C) स्व-मूल्यांकन (D) निदानात्मक
प्रश्न 11. निर्माणात्मक और योगात्मक मूल्यांकन की अवधारणा
किसने दी?
(A) ब्लूम (B) टायलर (C) स्क्रिवेन (D) ग्रोनलंड
प्रश्न 12. किसी विशेष घटना या व्यवहार का तथ्यात्मक लिखित
विवरण कहलाता है —
(A) उपाख्यान अभिलेख (B) संचयी अभिलेख (C) रूब्रिक (D) क्रम-निर्धारण मापनी
9-C, 10-B, 11-C, 12-A
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