UP Super TET अधिगम नोट्स PDF – Kredoz IAS

UP Super TET Notes: अधिगम (Learning) अध्याय 1 – बाल मनोविज्ञान नोट्स PDF Download

UP SUPER TET 2026 • भाग 1 • अध्याय 1

अधिगम (Learning) – चैप्टर-वार नोट्स

बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल एवं जीवन कौशल • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर)

परिभाषाएँ, थॉर्नडाइक के नियम, गैने का सिद्धांत, अधिगम स्थानांतरण, ट्रिक्स और 10 अभ्यास प्रश्न – सब एक जगह।

विषय-सूची

क्र. अनुभाग
1 अधिगम : अर्थ एवं परिचय
2 अधिगम की प्रमुख परिभाषाएँ
3 अधिगम की विशेषताएँ
4 अधिगम प्रक्रिया के चरण
5 अधिगम के प्रकार
6 अधिगम के नियम (थॉर्नडाइक)
7 रॉबर्ट गैने का अधिगम सिद्धांत
8 रचनावादी अधिगम एवं अधिगम शैलियाँ
9 अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक
10 अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ
11 अधिगम स्थानांतरण
12 परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
1

अधिगम : अर्थ एवं परिचय

“अधिगम” का शाब्दिक अर्थ “सीखना” है। अंग्रेज़ी में इसे
Learning कहते हैं। अधिगम अनुभव और अभ्यास से व्यवहार में होने वाला
अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है।

  • दो मुख्य विशेषताएँ: निरंतरता (जीवनभर चलना) और
    सार्वभौमिकता (सभी प्राणियों में)।

  • परिणाम और प्रक्रिया दोनों: “अधिगम” शब्द सीखने की
    प्रक्रिया और उसके परिणाम दोनों के लिए प्रयुक्त होता है।

  • जटिल एवं सक्रिय प्रक्रिया: व्यक्ति अनुभवों और मानसिक
    प्रक्रियाओं से नया ज्ञान और कौशल प्राप्त करता है।

  • अधिगम का मनोविज्ञान: अध्ययन करता है कि ज्ञान, कौशल
    और व्यवहार कैसे विकसित होते हैं।

  • आशा (अभिप्रेरणा) का महत्व: आशा एक सकारात्मक संवेग है जो
    सीखने में उत्साह और सक्रियता बनाए रखता है।

  • अधिगम की स्थिति: वातावरण, शैक्षिक संदर्भ,
    शारीरिक-मानसिक स्थिति आदि जो सीखने को प्रभावित करते हैं।

  • “हम करके सीखते हैं”: पुस्तक में सिम्पसन के नाम से दिया गया
    है, परंतु परीक्षा में “Learning by Doing” का श्रेय प्रायः जॉन
    ड्यूई
    को दिया जाता है।

◆ क्या अधिगम है और क्या
नहीं

व्यवहार में परिवर्तन का कारण अधिगम है? उदाहरण
अनुभव / अभ्यास / प्रशिक्षण ✔ हाँ साइकिल चलाना सीखना
परिपक्वता (Maturation) ✘ नहीं शिशु का अपने आप खड़ा होना
जन्मजात प्रतिवर्त (Reflex) ✘ नहीं आँख का झपकना, छींकना
थकान, नशा, बीमारी (अस्थायी अवस्था) ✘ नहीं थकान से टाइपिंग धीमी होना
चोट या दवा का प्रभाव ✘ नहीं दवा से नींद आना
याद रखें: परिपक्वता “विकास” का आधार है,
अधिगम “अनुभव” का। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं — बिना परिपक्वता के अधिगम संभव
नहीं।
2

अधिगम की प्रमुख परिभाषाएँ

परीक्षा में परिभाषा के साथ उसका मुख्य शब्द (Key word) पूछा
जाता है; अंतिम कॉलम को विशेष रूप से याद करें।

क्र. मनोवैज्ञानिक परिभाषा मुख्य शब्द
1 वुडवर्थ “सीखना विकास की प्रक्रिया है।” / “नवीन ज्ञान तथा नवीन प्रतिक्रियाओं का अर्जन
करने की प्रक्रिया अधिगम है।”
विकास, नवीन ज्ञान का अर्जन
2 स्किनर “सीखना व्यवहार में प्रगतिशील सामंजस्य की प्रक्रिया है।” / “व्यवहार में उत्तरोत्तर
अनुकूलन की प्रक्रिया को अधिगम कहते हैं।”
प्रगतिशील सामंजस्य, उत्तरोत्तर अनुकूलन
3 क्रो एवं क्रो “आदतों, ज्ञान और अभिवृत्तियों के अर्जन को अधिगम कहा जाता है।” आदत, ज्ञान, अभिवृत्ति का अर्जन
4 क्रानबैक “सीखना अनुभव के फलस्वरूप व्यवहार में प्रदर्शित होने वाला परिवर्तन है।” अनुभव से व्यवहार परिवर्तन
5 गेट्स व अन्य “अनुभव व प्रशिक्षण द्वारा व्यवहार में परिवर्तन ही अधिगम है।” अनुभव + प्रशिक्षण
6 हिलगार्ड “नवीन परिस्थितियों में अपने आप को अनुकूलित करना ही अधिगम है।” नवीन परिस्थिति में अनुकूलन
7 ई.ए. पील “सीखना व्यक्ति में एक परिवर्तन है जो उसके वातावरण के परिवर्तनों के अनुसरण से होता
है।”
वातावरण के अनुसार परिवर्तन
8 मर्फी “अधिगम व्यवहार एवं दृष्टिकोण दोनों का परिमार्जन है।” व्यवहार व दृष्टिकोण का परिमार्जन
9 गिलफोर्ड “व्यवहार के कारण व्यवहार में परिवर्तन ही अधिगम है।” व्यवहार से व्यवहार परिवर्तन
10 मॉर्गन एवं गिलीलैण्ड “अनुभव के परिणामस्वरूप प्राणी के व्यवहार में परिमार्जन, जो कुछ समय के लिए धारण
किया जाता है।”
परिमार्जन + धारण
11 मॉर्गन “अधिगम व्यवहार में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है जो अभ्यास या अनुभव के
परिणामस्वरूप होता है।”
अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन
12 ब्लेयर, जोन्स व सिम्पसन “व्यवहार में कोई भी परिवर्तन जो अनुभवों का फल हो और भावी परिस्थितियों का
सामना करने में सहायक हो।”
भावी परिस्थितियों में सहायक
13 किंग्सले एवं गैरी “अभ्यास के फलस्वरूप नवीन तरीके से व्यवहार करने की प्रक्रिया अधिगम है।” अभ्यास से नवीन व्यवहार
14 प्रेसी “सीखना उस अनुभव को कहते हैं जिसके द्वारा व्यवहार में परिवर्तन या समायोजन होता
है।”
परिवर्तन या समायोजन
15 कॉलविन “पूर्व निर्मित व्यवहार में अनुभव द्वारा परिवर्तन या समायोजन अधिगम है।” पूर्व निर्मित व्यवहार में परिवर्तन
16 पावलॉव “अनुकूलित अनुक्रिया के परिणामस्वरूप आदत का निर्माण ही अधिगम है।” अनुकूलित अनुक्रिया, आदत निर्माण
17 गार्डनर मर्फी “वातावरण संबंधी आवश्यकता की पूर्ति के लिए व्यवहार में होने वाला परिवर्तन।” आवश्यकता की पूर्ति
18 डॉ. एस.एस. माथुर “सीखना सक्रिय प्रक्रिया है जो व्यक्ति के अपने कार्य पर निर्भर करती है।” सक्रिय प्रक्रिया
ट्रिक: “स्थायी” → मॉर्गन; “प्रगतिशील
सामंजस्य” → स्किनर; “आदत, ज्ञान, अभिवृत्ति” → क्रो एवं
क्रो
; “विकास की प्रक्रिया” → वुडवर्थ।
3

अधिगम की विशेषताएँ

अधिगम एक जीवनभर चलने वाली, सक्रिय, सार्वभौमिक और उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है।

विशेषता अर्थ / व्याख्या
जीवनभर चलने वाली प्रक्रिया जन्म से मृत्यु तक चलती है; प्राणियों की जन्मजात प्रवृत्ति है।
गतिशील एवं विकासात्मक समय के साथ बदलती और आगे बढ़ती रहती है।
अमूर्त एवं आंतरिक भीतर (मानसिक स्तर पर) होती है; केवल व्यवहार से उसका अनुमान लगता है।
सार्वभौमिक संसार के सभी प्राणी हर समय कुछ न कुछ सीखते हैं।
सक्रिय प्रक्रिया सीखने वाला क्रियाशील और तत्पर हो, तभी सीखता है।
आनुवंशिकता व पर्यावरण पर निर्भर दोनों मिलकर सीखने की सीमा और दिशा तय करते हैं।
अनुभव व अभ्यास पर आधारित नए व्यवहार, कौशल और ज्ञान अनुभव व अभ्यास से आते हैं।
समस्या समाधान में सहायक नए तथ्य और अनुभव विभिन्न परिस्थितियों में उपयोगी होते हैं।
पर्यावरण के साथ अनुकूलन व्यक्ति को वातावरण से समायोजन करने में मदद करती है।
क्रमिक एवं निरंतर एक चरण से दूसरे चरण की ओर लगातार चलती है।
पूर्व अनुभवों की पुनरावृत्ति बार-बार दोहराने से ज्ञान स्थायी होता है।
वातावरण की उपज व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों रूपों में होती है।
उद्देश्यपूर्ण / लक्ष्य प्राप्ति विवेकपूर्ण प्रक्रिया जो लक्ष्य की ओर प्रयत्नशील रखती है।
नवीन ज्ञान की खोज व्यक्ति अपनी क्षमताओं का विकास करता है।
व्यवहार में परिवर्तन परिवर्तन प्रायः सकारात्मक और प्रगतिशील होता है (नकारात्मक भी हो सकता
है)।
स्वाभाविक क्रिया सभी जीवित प्राणियों में अस्तित्व के लिए आवश्यक।
स्थानांतरणीय (अतिरिक्त) एक परिस्थिति में सीखा ज्ञान दूसरी परिस्थिति में प्रयुक्त होता है।
नोट: अधिगम हमेशा “अच्छा” नहीं होता — झूठ बोलना या
धूम्रपान भी सीखा गया व्यवहार है। अधिगम वांछित और अवांछित दोनों
दिशाओं में हो सकता है।
4

अधिगम प्रक्रिया के चरण

अधिगम की प्रक्रिया अभिप्रेरणा से शुरू होकर स्थायी अधिगम पर
समाप्त होती है — कुल 7 चरण।

अभिप्रेरणा ➜ उद्देश्य निर्धारण ➜ बाधा का सामना ➜ विभिन्न अनुक्रियाएँ
पुनर्बलन ➜ संगठन ➜ स्थायी अधिगम
क्र. चरण क्या होता है कक्षा-उदाहरण
1 अभिप्रेरणा आवश्यकता से कार्य करने की प्रेरणा जागती है बच्चा पुरस्कार पाना चाहता है
2 उद्देश्य प्रेरणा एक स्पष्ट लक्ष्य की ओर निर्देशित होती है “मुझे भिन्न का जोड़ सीखना है”
3 बाधा लक्ष्य की प्राप्ति में अवरोध आता है हर अलग होने से कठिनाई
4 अनुक्रियाएँ व्यक्ति विभिन्न प्रयत्न व प्रतिक्रियाएँ करता है अलग-अलग तरीके आज़माना
5 पुनर्बलन सफल प्रतिक्रिया दोहराई जाती है; असफल छोड़ी जाती है सही उत्तर पर शिक्षक की प्रशंसा
6 संगठन सफल उत्तर को पूर्व ज्ञान से जोड़ा जाता है LCM विधि याद कर लेना
7 स्थायी अधिगम नया व्यवहार अनुभव का हिस्सा बन जाता है अगली बार स्वयं हल करना
ट्रिक (क्रम): “अब
उठो, बाधा अनेक,
पुनः संभलो, स्थायी
बनो”
5

अधिगम के प्रकार

ब्लूम के वर्गीकरण के अनुसार अधिगम के तीन मूल क्षेत्र हैं — ज्ञानात्मक
(Cognitive), भावात्मक (Affective) और क्रियात्मक (Psychomotor)
;
बाकी प्रकार इन्हीं के विस्तार हैं।

ज्ञानात्मक — सिर (Head) ➜ भावात्मक — हृदय (Heart) ➜ क्रियात्मक — हाथ (Hand)
क्र. प्रकार अर्थ उदाहरण
1 ज्ञानात्मक (Cognitive) अनुभव, तर्क और चिंतन से ज्ञान प्राप्त करना गणितीय सूत्र, विज्ञान के सिद्धांत
2 भावात्मक (Affective) रुचि, भावना और संवेगों का विकास प्रेम, त्याग, सहानुभूति
3 क्रियात्मक (Psychomotor) शारीरिक क्रियाओं व मांसपेशीय कौशल से सीखना चलना, लिखना, खेलना
4 संवेदन-गति (गामक) संवेदनाओं और गतिशील क्रियाओं के समन्वय से पेन से लिखना, टाइप करना
5 साहचर्यात्मक पुराने ज्ञान/अनुभव को जोड़कर सीखना “आग” देखते ही “गर्मी” का भाव
6 शारीरिक अंगों से मानसिक शक्ति सक्रिय न होने पर अंगों के उपयोग से शिशु का वस्तु पकड़ना
7 बौद्धिक तर्क-शक्ति और समझ से सीखना गणित के सूत्र
8 प्रत्यक्षात्मक वस्तु को प्रत्यक्ष देखकर-छूकर पूर्ण ज्ञान संग्रहालय भ्रमण
9 गुणांकन वस्तु के मूल्य, गुण व विशेषताएँ समझना अच्छे-बुरे फल की पहचान
10 सम्प्रत्यात्मक (Concept) तर्क, चिंतन, कल्पना से अमूर्त विचार सीखना “ईमानदारी”, “लोकतंत्र”
11 वाचिक (Verbal) शब्दों, अंकों, संकेतों को वाणी से सीखना भाषा, गिनती सीखना
12 अभिवृत्तिगत व्यक्ति/वस्तु के प्रति दृष्टिकोण बनना पर्यावरण के प्रति सम्मान
13 अन्तःप्रेरणात्मक भीतर की प्रेरणा से सीखना त्याग, बलिदान के भाव
14 असंतत (Discontinuous) समय-समय पर अचानक नई समझ उभरना अंतर्दृष्टि से हल सूझना
15 सर्पिल (Spiral) — ब्रूनर पुरानी जानकारी को नए संदर्भ में अधिक गहराई से सीखना कक्षा 3 व 6 में “पौधे”
16 अवलोकन / मॉडलिंग — बंडूरा दूसरों के व्यवहार को देखकर नकल करना शिक्षक जैसा लिखना
17 अर्थपूर्ण — ऑसुबेल नई जानकारी को पूर्व ज्ञान से जोड़कर समझना अग्रिम संगठक

◆ अतिरिक्त तथ्य

  • सर्पिल पाठ्यक्रम की अवधारणा — जेरोम
    ब्रूनर
    ।

  • अवलोकनात्मक / सामाजिक अधिगम — अल्बर्ट
    बंडूरा
    (बोबो डॉल प्रयोग)।

  • अर्थपूर्ण अधिगम एवं अग्रिम संगठक —
    डेविड ऑसुबेल।

  • अंतर्दृष्टि (सूझ) अधिगम — कोहलर
    (चिम्पैंजी “सुल्तान” पर प्रयोग)।

6

अधिगम के नियम (थॉर्नडाइक)

थॉर्नडाइक ने 3 मुख्य (प्राथमिक) नियम और 5 गौण
नियम
दिए; ये उनकी पुस्तक *Educational Psychology* (1913) में विस्तार
से मिलते हैं।

अधिगम के नियम
प्राथमिक नियम (3) गौण नियम (5)
1. तत्परता का नियम 2. अभ्यास का नियम बहु-अनुक्रिया • मानसिक स्थिति • आंशिक क्रिया • सादृश्य • साहचर्यात्मक
स्थानांतरण
3. प्रभाव का नियम उपयोग का नियम + अनुपयोग का नियम
सुधार: मूल नोट्स के चित्र में “उपयोग का नियम” दो बार लिखा
है — दूसरा अनुपयोग का नियम (Law of Disuse) है। अभ्यास का
नियम = Law of Exercise (न कि Law of Experience)।

◆ (क) प्राथमिक नियम — एक नज़र
में

नियम अंग्रेज़ी नाम मूल भाव दूसरा नाम कक्षा में उपयोग
तत्परता का नियम Law of Readiness तैयार होने पर सीखना सुखद, बिना तैयारी के कष्टदायक मानसिक तत्परता का नियम प्रेरणा, जिज्ञासा जगाएँ; पूर्व ज्ञान जाँचें
अभ्यास का नियम Law of Exercise अभ्यास से S-R बंधन मज़बूत, न करने से कमज़ोर उपयोग-अनुपयोग का नियम पर्याप्त अभ्यास, दोहराव, पुनरावृत्ति
प्रभाव का नियम Law of Effect संतोषजनक परिणाम वाला व्यवहार दोहराया जाता है सुख-दुःख / संतोष-असंतोष का नियम पुरस्कार, प्रशंसा; अधिक डाँट से बचें

◆ (ख) तत्परता का नियम —
थॉर्नडाइक की तीन बातें

  1. संवाहक इकाई तत्पर हो और कार्य करे → संतोष।

  2. संवाहक इकाई तत्पर न हो, फिर भी कार्य कराया जाए → कष्ट /
    तनाव
    ।

  3. तत्पर हो पर कार्य से रोका जाए, या बलपूर्वक कराया जाए → असंतोष /
    झुँझलाहट
    ।

कक्षा-शिक्षण: छात्रों को मानसिक रूप से तैयार करें, व्यक्तिगत
भिन्नता का ध्यान रखें, ज़बरदस्ती न करें, रुचि व योग्यता जाँचें, नवीन विधियों से जिज्ञासा
जगाएँ।

◆ (ग) अभ्यास का नियम

  • “Practice makes a man perfect” — अभ्यास से पूर्णता आती है।

  • हिलगार्ड व बॉअर (1975): अभ्यास से उद्दीपक और अनुक्रिया
    का संबंध मज़बूत होता है; अभ्यास रोकने से संबंध कमज़ोर होकर विषयवस्तु भूल जाती
    है।

  • उपयोग का नियम (Law of Use): जिस कार्य को बार-बार
    दोहराते हैं, उसे शीघ्र सीखते हैं।

  • अनुपयोग का नियम (Law of Disuse): दोहराना बंद करने
    पर धीरे-धीरे भूल जाते हैं (विस्मरण)।

  • कक्षा-शिक्षण: पर्याप्त अभ्यास, मौखिक अभ्यास, समय-समय
    पर पुनर्निरीक्षण (Revision), समयानुकूल वाद-विवाद।

◆ (घ) प्रभाव का नियम

  • थॉर्नडाइक के सिद्धांत का सबसे महत्त्वपूर्ण नियम; इसे
    “संतोष-असंतोष का नियम” भी कहते हैं।

  • हिलगार्ड व बॉअर: संतोषजनक प्रभाव से S-R संबंध की शक्ति
    बढ़ती है; असंतोषजनक प्रभाव से घटती है।

  • संशोधन (अतिरिक्त): 1930 के बाद थॉर्नडाइक ने माना कि
    पुरस्कार का प्रभाव दंड से अधिक होता है।

  • कक्षा-शिक्षण: प्रोत्साहन, पुरस्कार-दंड व्यवस्था, मानसिक
    स्तर के अनुकूल क्रियाएँ, विधियों में विविधता, छात्रों को अधिक भला-बुरा न
    कहना।

◆ (ङ) गौण नियम (Secondary
Laws)

क्र. गौण नियम मूल भाव उदाहरण
1 बहु-अनुक्रिया (Multiple Response) सही अनुक्रिया मिलने तक अनेक अनुक्रियाएँ करना पहेली बक्से में बिल्ली के प्रयास
2 मानसिक स्थिति / मनोवृत्ति (Mental Set) सीखना अभिवृत्ति और मनोवृत्ति पर निर्भर रुचि हो तो जल्दी सीखना
3 आंशिक क्रिया (Partial Activity) प्रतिक्रिया स्थिति के कुछ अंशों पर; भागों में बाँटकर शीघ्र सीखना पाठ को छोटे अंशों में पढ़ाना
4 सादृश्य / आत्मीकरण (Analogy) नई परिस्थिति में मिलती-जुलती पुरानी परिस्थिति जैसी प्रतिक्रिया साइकिल का अनुभव स्कूटर में
5 साहचर्यात्मक स्थानांतरण (Associative Shifting) एक उद्दीपक की अनुक्रिया दूसरे संबंधित उद्दीपक पर होने लगना घंटी पर ही भोजन की अपेक्षा
अतिरिक्त तथ्य: थॉर्नडाइक का सिद्धांत = प्रयास एवं
त्रुटि (Trial and Error)
/ संबंधवाद
(Connectionism)
/ S-R बंध सिद्धांत; प्रयोग —
भूखी बिल्ली व पहेली बक्सा (Puzzle Box)। विस्तृत अध्ययन अध्याय 3
में।
7

रॉबर्ट गैने का अधिगम सिद्धांत

रॉबर्ट गैने ने पुस्तक The Conditions of Learning (1965) में
अधिगम के 8 प्रकार पिरामिड रूप में दिए — सबसे नीचे संकेत
अधिगम
, सबसे ऊपर समस्या समाधान।

  • सोपानिक क्रम: सरल से जटिल; किसी स्तर का अधिगम तभी
    संभव है जब उसके नीचे के सभी स्तर पहले सीखे जा चुके हों।

  • इसलिए इसे अधिगम का पदानुक्रम (Hierarchy of
    Learning)
    कहते हैं।

8. समस्या समाधान (उच्चतम)
7. नियम / सिद्धांत अधिगम
6. संप्रत्यय अधिगम
5. विभेदीकरण अधिगम
4. शाब्दिक साहचर्य अधिगम
3. शृंखला अधिगम
2. उद्दीपन-अनुक्रिया अधिगम
1. संकेत अधिगम (निम्नतम)

गैने का अधिगम पिरामिड (नीचे से ऊपर)

◆ (क) अधिगम के 8 प्रकार

स्तर प्रकार अर्थ उदाहरण संबंधित
1 संकेत (Signal) संकेत के प्रति अनैच्छिक अनुबंधित अनुक्रिया; रूढ़िगत अनुकूलन घंटी पर कुत्ते की लार पावलॉव
2 उद्दीपन-अनुक्रिया (S-R) उद्दीपन के प्रति ऐच्छिक क्रिया चूहे का लीवर दबाना स्किनर
3 शृंखला (Chaining) कई S-R संबंधों को एक क्रम में जोड़ना कार चलाना, दरवाज़ा खोलना गामक कौशल
4 शाब्दिक साहचर्य शब्दों की शृंखला बनाना कविता, गाना, कहानी भाषा
5 विभेदीकरण भिन्न उद्दीपनों में अंतर कर भिन्न अनुक्रिया वर्ग व आयत में अंतर पहचान
6 संप्रत्यय (Concept) सामान्य गुणों के आधार पर वर्ग बनाना हिरण, भालू = जंगली पशु अवधारणा
7 नियम / सिद्धांत दो या अधिक संप्रत्ययों में संबंध व्याकरण, गणित के नियम “क्यों” की समझ
8 समस्या समाधान नियमों से नई समस्या हल करना नई स्थिति में सूत्र लगाना सर्वश्रेष्ठ प्रकार
ट्रिक: “संजय उदास
शृंगार शाम विजय
संग निकला समय” = संकेत →
उद्दीपन-अनुक्रिया → शृंखला → शाब्दिक → विभेदीकरण → संप्रत्यय → नियम → समस्या
समाधान

◆ (ख) अधिगम की तीन
इकाइयाँ

इकाई शामिल प्रकार
अधिगम की तैयारी संकेत अधिगम, उद्दीपन-अनुक्रिया
अधिगम अर्जन शृंखला, शाब्दिक साहचर्य, विभेदीकरण, संप्रत्यय
अधिगम का स्थानांतरण नियम अधिगम, समस्या समाधान

◆ (ग) अधिगम की 8
अवस्थाएँ (Phases of Learning)

अभिप्रेरणा ➜ बोध ➜ अधिग्रहण ➜ धारण
प्रत्यास्मरण ➜ सामान्यीकरण ➜ निष्पादन ➜ पुनर्बलन
क्र. अवस्था अर्थ
1 अभिप्रेरणा (Motivation) सीखने की इच्छा / प्रत्याशा बनना
2 बोध / अवधान (Apprehending) ध्यान देना, उद्दीपन को ग्रहण करना (प्रत्यक्षीकरण)
3 अधिग्रहण (Acquisition) नई जानकारी को ग्रहण करना
4 धारण (Retention) स्मृति में संचित करना
5 प्रत्यास्मरण (Recall) आवश्यकता पर याद करना
6 सामान्यीकरण (Generalization) नई परिस्थिति में लागू करना
7 निष्पादन / अनुक्रिया (Performance) सीखे हुए को व्यवहार में दिखाना
8 पुनर्बलन / प्रतिपुष्टि (Feedback) परिणाम की जानकारी से अधिगम पक्का होना

◆ (घ) गैने की 9 शिक्षण घटनाएँ
(अतिरिक्त)

  1. ध्यान आकर्षित करना

  2. उद्देश्य बताना

  3. पूर्व ज्ञान का स्मरण कराना

  4. विषयवस्तु प्रस्तुत करना

  5. अधिगम मार्गदर्शन देना

  6. अभ्यास / निष्पादन कराना

  7. प्रतिपुष्टि (Feedback) देना

  8. निष्पादन का आकलन करना

  9. धारण एवं स्थानांतरण बढ़ाना

8

रचनावादी अधिगम एवं अधिगम शैलियाँ

रचनावाद में बच्चा ज्ञान का निर्माता है, शिक्षक
मार्गदर्शक / सुविधादाता (Facilitator); NCF 2005 और NEP
2020 दोनों इसी दृष्टिकोण पर बल देते हैं।

◆ (क) रचनावादी अधिगम

  • कक्षा बाल-केंद्रित होती है; छात्र अनुभव, खोज और
    समस्या-समाधान से ज्ञान बनाते हैं।

  • यह सिद्धांत लेव वाइगोत्स्की के निकटस्थ विकास
    क्षेत्र (ZPD)
    से जुड़ा है — जो बच्चा अकेले नहीं कर सकता पर सहायता से कर
    सकता है।

  • पाड़ / मचान (Scaffolding): ZPD में दी गई अस्थायी
    सहायता; यह शब्द वुड, ब्रूनर व रॉस (1976) ने दिया।

जो बच्चा स्वयं कर सकता है ➜ ZPD — सहायता से कर सकता है ➜ जो अभी नहीं कर सकता
आधार संज्ञानात्मक रचनावाद सामाजिक रचनावाद
प्रवर्तक जीन पियाजे लेव वाइगोत्स्की
ज्ञान का स्रोत व्यक्ति की अपनी खोज व अनुभव समाज, संस्कृति व अंतःक्रिया
मुख्य संप्रत्यय स्कीमा, आत्मसात्करण, समायोजन, साम्यधारण ZPD, पाड़, MKO, आंतरिक भाषा
भाषा की भूमिका विचार से भाषा बनती है भाषा से विचार विकसित होता है
शिक्षक की भूमिका वातावरण उपलब्ध कराना सक्रिय सहायता व मार्गदर्शन

◆ (ख) पारंपरिक बनाम रचनावादी
कक्षा

पारंपरिक कक्षा रचनावादी कक्षा
शिक्षक-केंद्रित बाल-केंद्रित
रटने पर बल समझ और खोज पर बल
छात्र निष्क्रिय श्रोता छात्र सक्रिय भागीदार
एक सही उत्तर अनेक दृष्टिकोण स्वीकार्य
परीक्षा से आकलन सतत एवं व्यापक आकलन

◆ (ग) अधिगम शैलियाँ —
संबंधात्मक बनाम विश्लेषणात्मक

आधार संबंधात्मक शैली विश्लेषणात्मक शैली
सूचना का प्रत्यक्षण समग्र चित्र के अंश के रूप में समग्र चित्र से विशिष्ट सूचना निकालना
चिंतन अंतर्ज्ञानात्मक अनुक्रमिक एवं संरचित
रुचिकर सामग्री मानवीय, सामाजिक, अनुभव-आधारित अचेतन, अवैयक्तिक सामग्री भी
स्मृति मौखिक व प्रासंगिक सूचनाओं के लिए अच्छी अमूर्त व अप्रासंगिक सूचनाओं के लिए भी
कार्योन्मुखता अशैक्षणिक क्षेत्रों में अधिक शैक्षणिक संदर्भ में अधिक
दूसरों का प्रभाव अधिकारियों के विश्वास/संशय से प्रभावित दूसरों के मत से कम प्रभावित
अरुचिकर कार्य अलग हट जाते हैं लगातार लगे रहने की क्षमता
विद्यालयी परिवेश पारंपरिक विद्यालय से द्वंद्व अधिकांश विद्यालयों से मेल

◆ (घ) VARK अधिगम शैली (नील
फ्लेमिंग) — अतिरिक्त

शैली कैसे सीखते हैं शिक्षण सामग्री
दृश्य (Visual) देखकर चित्र, चार्ट, मानचित्र
श्रव्य (Auditory) सुनकर व्याख्यान, कहानी, चर्चा
पठन-लेखन (Read/Write) पढ़-लिखकर नोट्स, पुस्तकें
गतिसंवेदी (Kinesthetic) करके, छूकर प्रयोग, मॉडल, खेल
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अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक

अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक मुख्यतः 6 प्रकार के हैं —
विद्यार्थी, शिक्षक, वातावरण, पाठ्यवस्तु, अधिगम व्यवस्था और मानव-भौतिक संसाधन। इन्हें
संक्षेप में व्यक्तिगत और पर्यावरणीय कारकों में भी
बाँटा जाता है।

विद्यार्थी ➜ शिक्षक ➜ वातावरण
पाठ्यवस्तु ➜ अधिगम व्यवस्था ➜ मानव-भौतिक संसाधन

◆ (क) छह प्रकार के कारक —
सारांश

कारक-समूह प्रमुख कारक
1. विद्यार्थी से संबंधित शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, परिपक्वता, सीखने की इच्छा, सीखने का समय,
अभिप्रेरणा स्तर, तत्परता, मूलभूत क्षमता, बुद्धि स्तर, रुचि, थकान
2. शिक्षक से संबंधित व्यवहार, मनोविज्ञान का ज्ञान, शिक्षक-छात्र संबंध, शिक्षण विधियाँ, व्यक्तित्व,
योग्यता, समय-सारणी, बाल-केंद्रित शिक्षा, व्यक्तिगत भिन्नता, उपचारात्मक शिक्षण
3. वातावरण से संबंधित कक्षा का अनुशासन, विद्यालय की स्थिति, पारिवारिक, मनोवैज्ञानिक व सामाजिक
वातावरण
4. पाठ्यवस्तु से संबंधित सरलता, विश्लेषण-संश्लेषण, सरल से जटिल क्रम, उद्देश्यों का ज्ञान, उदाहरण,
दृश्य-श्रव्य सामग्री, प्रायोगिक कार्य
5. अधिगम व्यवस्था से संबंधित सम्पूर्ण बनाम खण्ड, उपविषय बनाम संकेन्द्रित, आयोजित बनाम प्रासंगिक, संकलित बनाम
वितरित, सक्रिय बनाम निष्क्रिय
6. मानव-भौतिक संसाधन उपयुक्त अध्यापक, सामाजिक संसाधन, पुस्तकालय-प्रयोगशाला, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ
वातावरण

◆ (ख) विद्यार्थी से संबंधित
कारक

  • शारीरिक स्वास्थ्य: स्वस्थ बालक अधिक रुचि लेता है; बीमारी
    में ध्यान केंद्रित करना कठिन।

  • मानसिक स्वास्थ्य: मानसिक रूप से स्वस्थ बालक जल्दी सीखता
    और देर तक याद रखता है।

  • परिपक्वता: सीखने की गति और क्षमता बढ़ती है; लगभग 16
    वर्ष तक ज्ञानेन्द्रियाँ व कर्मेन्द्रियाँ पूर्ण विकसित हो जाती हैं।

  • सीखने की इच्छा व अभिप्रेरणा: इनके बिना अधिगम अधूरा
    रहता है।

  • आकांक्षा स्तर: उच्च आकांक्षा से तीव्रता बढ़ती है; बिना
    प्रयास या लगातार असफलता से निराशा।

  • बुद्धि, रुचि, अभिक्षमता, अभिवृत्ति: सकारात्मक अभिवृत्ति व
    रुचि से गति बढ़ती है।

  • सीखने का समय व थकान: लगातार पढ़ने से थकान; बीच-बीच में
    विराम आवश्यक।

  • जीवन का लक्ष्य: स्पष्ट लक्ष्य से व्यक्ति निरंतर प्रयासरत
    रहता है।

◆ (ग) शिक्षक से संबंधित
कारक

  • सहयोगात्मक, सहानुभूतिपूर्ण और समानता-आधारित
    व्यवहार।

  • बालकों की मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का ज्ञान।

  • मधुर शिक्षक-छात्र संबंध — छात्र खुलकर प्रश्न पूछता
    है।

  • उपयुक्त शिक्षण विधियाँ और संतुलित
    व्यक्तित्व।

  • समय-सारणी: कठिन विषय सुबह, जब बालक तरोताज़ा
    हों।

  • रोजर्स एवं मास्लो के अनुसार आत्म-वास्तवीकरण में
    सहायता।

◆ (घ) वातावरण से संबंधित
कारक

  • कक्षा का अनुशासन: अनुशासनहीनता और अत्यधिक कठोरता
    दोनों हानिकारक।

  • विद्यालय की स्थिति: शांत, शोर-रहित स्थान।

  • भौतिक वातावरण: शुद्ध वायु, पर्याप्त प्रकाश, अनुकूल
    मौसम।

  • पारिवारिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक वातावरण: स्नेहपूर्ण व
    सहयोगी माहौल सीखने को बढ़ाता है।

  • समय: गर्म इलाकों में सुबह, ठंडे इलाकों में दिन का समय
    उपयुक्त; बच्चों के लिए 3–6 घंटे का विद्यालयी समय उचित।

◆ (ङ) पाठ्यवस्तु से संबंधित
कारक

  • सरल, स्पष्ट, सार्थक और जीवन से जुड़ी सामग्री।

  • सरल से जटिल, ज्ञात से अज्ञात, मूर्त से अमूर्त
    क्रम।

  • उद्देश्यों की स्पष्टता, उदाहरण, दृश्य-श्रव्य सामग्री, प्रायोगिक
    कार्य।

◆ (च) अधिगम व्यवस्था से संबंधित
विधियाँ

विधि-युग्म पहली विधि दूसरी विधि
सम्पूर्ण बनाम खण्ड पूरी सामग्री एक साथ छोटे-छोटे भागों में
उपविषय बनाम संकेन्द्रित छोटे उपविषयों में मुख्य विषय पर केंद्रित
आयोजित बनाम प्रासंगिक पूर्व निर्धारित योजना से अवसर के अनुसार (आकस्मिक)
संकलित बनाम वितरित एक ही सत्र में लगातार विराम के साथ बाँटकर (अधिक प्रभावी)
सक्रिय बनाम निष्क्रिय ज़ोर-ज़ोर से पढ़ना मन ही मन पढ़ना
याद रखें: शोध के अनुसार वितरित (Distributed)
अभ्यास
, संकलित (Massed) अभ्यास से अधिक प्रभावी होता है।
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अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ

सबसे प्रभावी विधियाँ वे हैं जिनमें बच्चा स्वयं करके, देखकर और समूह
में
सीखता है; अधिक इन्द्रियों के उपयोग से ज्ञान अधिक स्थायी होता है।

विधि मुख्य विचार विद्वान / स्रोत कक्षा-उदाहरण
करके सीखना स्वयं योजना, क्रियान्वयन और मूल्यांकन; स्मृति शरीर के अवयवों में भी डा. मेस; जॉन ड्यूई मॉडल बनाना, पौधा उगाना
अनुकरण द्वारा शिक्षक/बड़ों की क्रियाओं की नकल बंडूरा शिक्षक जैसा सुलेख
निरीक्षण द्वारा छूकर, प्रयोग कर, चर्चा से स्थायी ज्ञान योकम एवं सिम्पसन भ्रमण, संग्रहालय
परीक्षण करके स्वयं जाँचकर निष्कर्ष निकालना — गर्मी का प्रभाव पदार्थों पर
सामूहिक विधियाँ प्रेरणा, मानसिक स्वास्थ्य, समायोजन, सहयोग कोलेसनिक समूह परियोजना
मिश्रित विधि पूर्ण विधि + आंशिक विधि का संयोजन — पहले पूरी कविता, फिर पंक्तियाँ

◆ मुख्य सामूहिक विधियाँ

  • वाद-विवाद विधि: विचार व्यक्त करने और प्रश्न पूछने का
    अवसर।

  • वर्कशॉप (कार्यशाला) विधि: गहन अध्ययन के लिए
    सभाएँ।

  • सम्मेलन व विचार-गोष्ठी: विशिष्ट विषय पर
    विचार-विमर्श।

  • प्रोजेक्ट विधि: बाल-केंद्रित; रटने की प्रवृत्ति कम करती है
    — प्रवर्तक किलपैट्रिक (ड्यूई के शिष्य)।

  • डाल्टन विधि: व्यक्तिगत कार्य पर आधारित — हेलेन
    पार्कहर्स्ट
    ।

  • बेसिक (बुनियादी) शिक्षा: हस्तकला-केंद्रित —
    महात्मा गांधी (वर्धा योजना, 1937)।

◆ अनुभवात्मक अधिगम चक्र —
डेविड कोल्ब (अतिरिक्त)

मूर्त अनुभव ➜ चिंतनशील अवलोकन ➜ अमूर्त संप्रत्ययीकरण ➜ सक्रिय प्रयोग ↺
NEP 2020: अनुभवात्मक, खेल-आधारित, खोज-आधारित अधिगम पर
बल देती है — कोल्ब का चक्र उसी का आधार है।
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अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)

एक परिस्थिति में सीखे गए ज्ञान, कौशल या अभिवृत्ति का दूसरी परिस्थिति में
उपयोग
ही अधिगम स्थानांतरण है।

◆ (क) परिभाषाएँ

विद्वान परिभाषा
क्रो एवं क्रो “अधिगम के एक क्षेत्र में प्राप्त विचार, अनुभव या कौशल का दूसरे क्षेत्र में ज्ञान या
कार्य की आदत के रूप में उपयोग ही प्रशिक्षण स्थानांतरण है।”
कोलेसनिक “स्थानांतरण का अर्थ है पहले क्षेत्र में प्राप्त ज्ञान, कौशल, आदतें, अभिवृत्तियाँ या
अन्य क्रियाओं का दूसरे क्षेत्र में प्रयोग करना।” (“प्रशिक्षण” के स्थान पर “सीखना”
शब्द)

◆ (ख) स्थानांतरण के प्रकार

प्रकार अर्थ उदाहरण
सकारात्मक / धनात्मक पूर्व ज्ञान नए कार्य को सीखने में सहायक स्कूटर चलाने वाले को मोटरबाइक सीखना आसान
नकारात्मक / ऋणात्मक पूर्व ज्ञान नए कार्य में बाधक हिंदी टाइपिंग जानने वाले को अंग्रेज़ी टाइपिंग में कठिनाई
शून्य पूर्व ज्ञान का कोई प्रभाव नहीं तैराकी का गणित पर प्रभाव नहीं
क्षैतिज (Horizontal) समान स्तर की परिस्थिति में प्रयोग कक्षा का जोड़ दुकान पर हिसाब में
ऊर्ध्व / लंबीय (Vertical) उच्च स्तर के अध्ययन में प्रयोग जोड़-घटाव का ज्ञान बीजगणित में
द्विपार्श्विक (Bilateral) शरीर के एक भाग का प्रशिक्षण दूसरे भाग में दाएँ हाथ से लिखने का लाभ बाएँ हाथ में
एकपक्षीय केवल एक दिशा में स्थानांतरण —

◆ (ग) स्थानांतरण के सिद्धांत

सिद्धांत प्रवर्तक मूल विचार
औपचारिक अनुशासन / मानसिक शक्ति (अतिरिक्त) प्राचीन (जॉन लॉक से जुड़ा) मन की शक्तियाँ व्यायाम से मज़बूत; अब अमान्य
समान तत्वों / समरूपों का थॉर्नडाइक एवं वुडवर्थ समान तत्व जितने अधिक, स्थानांतरण उतना अधिक
सामान्यीकरण का चार्ल्स जुड सामान्य नियम समझने पर स्थानांतरण (पानी में तीर का प्रयोग)
द्वि-तत्व (सामान्य एवं विशिष्ट अंश) स्पीयरमैन सामान्य योग्यता (G) का स्थानांतरण, विशिष्ट (S) का नहीं
पूर्णाकार / गेस्टाल्ट कोहलर, कोफ्का संबंधों और पूर्ण स्थिति की सूझ का स्थानांतरण
आदर्शों एवं मूल्यों का डब्ल्यू. सी. बागले आदर्श और मूल्य बनने पर स्थानांतरण
सीखना सीखने का (Learning Set) हार्लो (कुछ पुस्तकों में वार्ड) “कैसे सीखें” की विधि का स्थानांतरण

◆ (घ) स्थानांतरण को प्रभावित
करने वाले कारक

बुद्धि ➜ विषय की समानता ➜ सामान्यीकरण क्षमता
  • बुद्धि: अधिक बुद्धिमान बालक में स्थानांतरण
    अधिक।

  • विषय की समानता: समानता जितनी अधिक, स्थानांतरण उतना
    अधिक।

  • सामान्यीकरण की क्षमता: नियम समझने की
    योग्यता।

  • अतिरिक्त: शिक्षण विधि, अभ्यास की मात्रा, अभिवृत्ति और
    मूल अधिगम की गुणवत्ता।

शिक्षक के लिए: विषयों को आपस में जोड़ें (सहसंबंध), सामान्य
नियम समझाएँ और ज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़ें — इससे धनात्मक स्थानांतरण बढ़ता है।
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परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न

◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण
तथ्य

प्रश्न उत्तर
अधिगम का शाब्दिक अर्थ सीखना (Learning)
“सीखना विकास की प्रक्रिया है” वुडवर्थ
“व्यवहार में प्रगतिशील सामंजस्य” स्किनर
“अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन” मॉर्गन
अधिगम के नियमों के प्रतिपादक थॉर्नडाइक
थॉर्नडाइक का सबसे महत्वपूर्ण नियम प्रभाव का नियम
प्रभाव के नियम का दूसरा नाम संतोष-असंतोष का नियम
तत्परता के नियम का दूसरा नाम मानसिक तत्परता का नियम
Conditions of Learning (1965) रॉबर्ट गैने
गैने के अनुसार निम्नतम / उच्चतम अधिगम संकेत अधिगम / समस्या समाधान
ZPD की अवधारणा लेव वाइगोत्स्की
सर्पिल पाठ्यक्रम जेरोम ब्रूनर
अवलोकन / सामाजिक अधिगम अल्बर्ट बंडूरा
सामान्यीकरण का सिद्धांत (स्थानांतरण) चार्ल्स जुड
समान तत्वों का सिद्धांत थॉर्नडाइक एवं वुडवर्थ
आदर्शों का सिद्धांत बागले
प्रोजेक्ट विधि किलपैट्रिक
दाएँ हाथ का प्रशिक्षण बाएँ हाथ में द्विपार्श्विक स्थानांतरण

◆ (ख) भ्रम सुधार (मूल नोट्स में
संशोधन)

  • अभ्यास का नियम = Law of Exercise (“Law of
    Experience” नहीं)।

  • अधिगम के नियमों के चित्र में दूसरा बॉक्स अनुपयोग का नियम
    है।

  • गैने की 8 अवस्थाएँ मानक क्रम में: अभिप्रेरणा → बोध → अधिग्रहण → धारण →
    प्रत्यास्मरण → सामान्यीकरण → निष्पादन → पुनर्बलन।

  • “करके सीखना” (Learning by Doing) का प्रमुख श्रेय जॉन
    ड्यूई
    को जाता है।

  • “सीखना सीखने का सिद्धांत” (Learning Set) प्रायः
    हार्लो के नाम से पूछा जाता है।

◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. “अधिगम व्यवहार में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है” —
किसने कहा?

(A) स्किनर (B) मॉर्गन (C) वुडवर्थ (D) पावलॉव

प्रश्न 2. थॉर्नडाइक का कौन-सा नियम “संतोष-असंतोष का नियम”
कहलाता है?

(A) तत्परता (B) अभ्यास (C) प्रभाव (D) बहु-अनुक्रिया

प्रश्न 3. “Practice makes a man perfect” किस नियम से
संबंधित है?

(A) प्रभाव (B) अभ्यास (C) तत्परता (D) सादृश्य

प्रश्न 4. गैने के अधिगम पदानुक्रम में सबसे उच्च स्तर है —

(A) नियम अधिगम (B) संप्रत्यय अधिगम (C) समस्या समाधान (D) शृंखला अधिगम

प्रश्न 5. “वर्ग और आयत में अंतर करना” गैने के किस अधिगम का
उदाहरण है?

(A) संकेत (B) विभेदीकरण (C) शृंखला (D) शाब्दिक साहचर्य

प्रश्न 6. ZPD की अवधारणा किसने दी?

(A) पियाजे (B) ब्रूनर (C) वाइगोत्स्की (D) बंडूरा

प्रश्न 7. स्कूटर चलाने का ज्ञान मोटरबाइक सीखने में सहायक है —
यह है

(A) शून्य (B) ऋणात्मक (C) धनात्मक (D) द्विपार्श्विक स्थानांतरण

प्रश्न 8. स्थानांतरण का “सामान्यीकरण सिद्धांत” किसने
दिया?

(A) थॉर्नडाइक (B) चार्ल्स जुड (C) स्पीयरमैन (D) बागले

प्रश्न 9. निम्न में से कौन-सा परिवर्तन अधिगम नहीं है?

(A) तैरना सीखना (B) परिपक्वता से चलना (C) कविता याद करना (D) साइकिल
चलाना

प्रश्न 10. “बहु-अनुक्रिया का नियम” थॉर्नडाइक के किस वर्ग का
नियम है?

(A) प्राथमिक (B) गौण (C) अभ्यास का उप-नियम (D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर कुंजी: 1-B, 2-C, 3-B, 4-C, 5-B, 6-C, 7-C, 8-B,
9-B, 10-B

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