UP Super TET विकास को प्रभावित करने वाले कारक नोट्स – Kredoz IAS

UP Super TET Notes: विकास को प्रभावित करने वाले कारक अध्याय 4 – बाल मनोविज्ञान नोट्स PDF Download

UP SUPER TET 2026 • भाग 1 • अध्याय 4

विकास को प्रभावित करने वाले कारक – चैप्टर-वार नोट्स

बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल एवं जीवन कौशल • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग

वृद्धि व विकास , विकास के सिद्धांत , वंशानुक्रम , वातावरण , अन्य कारक , अभ्यास प्रश्न – सब एक जगह।

विषय-सूची

क्र. अनुभाग
1 वृद्धि एवं विकास : अर्थ, परिभाषाएँ एवं अंतर
2 विकास के सिद्धांत
3 विकास की अवस्थाएँ एवं आयाम
4 विकास को प्रभावित करने वाले कारक — वर्गीकरण
5 वंशानुक्रम (Heredity)
6 वातावरण (Environment)
7 वंशानुक्रम बनाम वातावरण
8 अन्य आंतरिक एवं बाह्य कारक
9 शैक्षिक महत्व एवं शिक्षक की भूमिका
10 परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
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वृद्धि एवं विकास : अर्थ एवं अंतर

वृद्धि (Growth) शरीर के आकार, लम्बाई और भार में होने वाला
मात्रात्मक परिवर्तन है, जबकि विकास
(Development)
व्यक्ति में होने वाले गुणात्मक और
मात्रात्मक
दोनों प्रकार के प्रगतिशील परिवर्तनों का क्रम
है।

◆ प्रमुख परिभाषाएँ

विद्वान परिभाषा मुख्य शब्द
हरलॉक “विकास केवल अभिवृद्धि तक सीमित नहीं है, इसमें प्रौढ़ावस्था के लक्ष्य की ओर
परिवर्तनों का प्रगतिशील क्रम निहित है।”
प्रगतिशील क्रम
मुनरो “परिवर्तन शृंखला की वह अवस्था जिसमें बालक भ्रूणावस्था से प्रौढ़ावस्था तक गुज़रता है,
विकास कहलाती है।”
भ्रूण से प्रौढ़ तक
गेसेल “विकास केवल प्रत्यय नहीं है; इसे देखा, जाँचा और मापा जा सकता है।” मापा जा सकता है
सोरेन्सन “अभिवृद्धि शब्द का प्रयोग शरीर और उसके अंगों के भार और आकार में वृद्धि के लिए
किया जाता है।”
भार और आकार (वृद्धि)
फ्रैंक “अभिवृद्धि से तात्पर्य कोशिकाओं में होने वाली वृद्धि से है।” कोशिकाओं की वृद्धि

◆ वृद्धि और विकास में अंतर

आधार वृद्धि (Growth) विकास (Development)
स्वरूप मात्रात्मक (Quantitative) गुणात्मक + मात्रात्मक
क्षेत्र संकुचित — केवल शारीरिक व्यापक — शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक आदि
अवधि एक निश्चित आयु (लगभग किशोरावस्था) तक जीवनपर्यंत (जन्म से मृत्यु तक)
मापन सरलता से मापी जा सकती है (लम्बाई, भार) प्रत्यक्ष मापन कठिन; व्यवहार से अनुमान
संबंध विकास का एक अंग वृद्धि को भी शामिल करता है
दिशा वृद्धि के बिना भी विकास संभव विकास परिपक्वता की ओर निर्देशित
उदाहरण लम्बाई 3 फुट से 5 फुट होना बोलना, सोचना, समायोजन करना सीखना
याद रखें: वृद्धि रुक सकती है, विकास नहीं — विकास निरंतर और
जीवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है।
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विकास के सिद्धांत

विकास एक निश्चित क्रम और नियमों के अनुसार होता है; इन्हीं
नियमों को विकास के सिद्धांत कहते हैं।

क्र. सिद्धांत अर्थ उदाहरण
1 निरंतरता का सिद्धांत विकास जन्म से मृत्यु तक लगातार चलता है; गति बदलती है, पर रुकता नहीं —
2 मस्तकाधोमुखी (सिर से पैर) — Cephalocaudal विकास सिर से पैर की ओर होता है पहले सिर संभालना, फिर बैठना, फिर चलना
3 निकट-दूर (केंद्र से बाहर) — Proximodistal विकास शरीर के केंद्र (रीढ़) से बाहर की ओर पहले कंधा-बाँह, फिर हाथ, फिर उँगलियाँ
4 सामान्य से विशिष्ट की ओर पहले सामान्य क्रियाएँ, फिर विशिष्ट पहले पूरे हाथ से पकड़ना, फिर उँगलियों से
5 समान प्रतिमान (Uniform Pattern) सभी बच्चों में विकास का क्रम एक जैसा सभी पहले बैठते, फिर खड़े होते हैं
6 व्यक्तिगत भिन्नता विकास की गति हर बच्चे में अलग कोई 10 माह में, कोई 14 माह में चलता है
7 परस्पर संबंध विकास के सभी आयाम एक-दूसरे से जुड़े अस्वस्थ बच्चे का मानसिक विकास भी प्रभावित
8 एकीकरण (Integration) पहले अंश, फिर उन्हें मिलाकर पूर्ण क्रिया उँगली, हाथ, आँख मिलाकर लिखना
9 पूर्वानुमेयता (Predictability) विकास की दिशा का पहले से अनुमान संभव —
10 वंशानुक्रम व वातावरण की अंतःक्रिया विकास दोनों का परिणाम है —
11 वर्तुलाकार / सर्पिल (Spiral) विकास सीधी रेखा में नहीं; आगे बढ़कर थोड़ा रुकता, फिर बढ़ता है —
12 विकास की दिशा (Direction) विकास निश्चित दिशा में — सिर से पैर, केंद्र से बाहर —
ट्रिक: Cephalo = सिर (सेफेलो-कॉडल: सिर → पूँछ/पैर);
Proximo = निकट (प्रॉक्सिमो-डिस्टल: निकट → दूर)।
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विकास की अवस्थाएँ एवं आयाम

गर्भावस्था ➜ शैशवावस्था (0–5/6) ➜ बाल्यावस्था (6–12) ➜ किशोरावस्था (12–18) ➜ प्रौढ़ावस्था
अवस्था आयु (लगभग) प्रमुख कथन / विशेषता
गर्भावस्था (Prenatal) गर्भाधान से जन्म तक (लगभग 280 दिन) सबसे तीव्र विकास; माता के स्वास्थ्य पर निर्भर
शैशवावस्था (Infancy) जन्म से 5–6 वर्ष “जीवन का सबसे महत्वपूर्ण काल”; फ्रायड — “जो कुछ बनना होता
है, 4–5 वर्ष में बन जाता है”
बाल्यावस्था (Childhood) 6 से 12 वर्ष “जीवन का अनोखा काल” (कोल एवं ब्रूस); “मिथ्या / छद्म परिपक्वता का
काल”
(रॉस); “गिरोह अवस्था”
किशोरावस्था (Adolescence) 12 से 18 वर्ष “तूफ़ान और तनाव का काल” — स्टेनले हॉल; “जीवन का सबसे कठिन
काल”
प्रौढ़ावस्था (Adulthood) 18 वर्ष से आगे स्थिरता, उत्तरदायित्व

◆ विकास के आयाम (Dimensions)

आयाम क्या शामिल है
शारीरिक विकास लम्बाई, भार, अंगों व हड्डियों का विकास
गामक (Motor) विकास मांसपेशियों पर नियंत्रण — स्थूल (चलना, दौड़ना) व सूक्ष्म (लिखना, बटन
लगाना)
मानसिक / संज्ञानात्मक विकास चिंतन, स्मृति, तर्क, कल्पना, समस्या समाधान
भाषायी विकास सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना
संवेगात्मक विकास भय, क्रोध, प्रेम आदि संवेगों की अभिव्यक्ति व नियंत्रण
सामाजिक विकास दूसरों से संबंध, समायोजन, सहयोग
नैतिक विकास सही-गलत की समझ, मूल्य, चरित्र
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विकास को प्रभावित करने वाले कारक — वर्गीकरण

विकास मुख्यतः वंशानुक्रम (आनुवंशिकता) और वातावरण
(पर्यावरण)
— इन दो मूल कारकों की अंतःक्रिया का
परिणाम है; इनके अतिरिक्त अनेक आंतरिक और बाह्य कारक भी विकास
को प्रभावित करते हैं।

वंशानुक्रम (प्रकृति / Nature) ➜ विकास ➜ वातावरण (पोषण / Nurture)
आंतरिक कारक बाह्य कारक
वंशानुक्रम (जीन, गुणसूत्र) गर्भकालीन वातावरण (माता का स्वास्थ्य, पोषण)
बुद्धि परिवार का वातावरण और सामाजिक-आर्थिक स्थिति
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (हार्मोन) पोषण एवं आहार
शारीरिक स्वास्थ्य व शारीरिक बनावट विद्यालय, शिक्षक एवं साथी समूह
संवेगात्मक स्थिति समाज, संस्कृति, धर्म
लिंग जन्म-क्रम, परिवार का आकार
परिपक्वता भौगोलिक वातावरण, जलवायु, मीडिया
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वंशानुक्रम (Heredity)

वंशानुक्रम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा माता-पिता के
शारीरिक और मानसिक गुण जीन्स के माध्यम से संतान में
पहुँचते हैं। यह
गर्भाधान के समय निश्चित हो जाता है।

◆ वंशानुक्रम की परिभाषाएँ

विद्वान परिभाषा
वुडवर्थ “वंशानुक्रम में वे सभी बातें आ जाती हैं जो जीवन का आरंभ करते समय, जन्म के समय नहीं
बल्कि गर्भाधान के समय, व्यक्ति में उपस्थित थीं।”
जेम्स ड्रेवर “माता-पिता की शारीरिक एवं मानसिक विशेषताओं का संतानों में हस्तांतरण होना
वंशानुक्रम है।”
रूथ बेनेडिक्ट “वंशानुक्रम माता-पिता से संतान को प्राप्त होने वाले गुणों का नाम है।”
पी. जिसबर्ट “प्रकृति में प्रत्येक पीढ़ी का कार्य माता-पिता द्वारा संतानों में कुछ जैविकीय अथवा
मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का हस्तांतरण करना है।”

◆ वंशानुक्रम की प्रक्रिया — जैविक आधार

  • मानव कोशिका में 23 जोड़े = 46 गुणसूत्र (Chromosomes)
    होते हैं; 23 माता से और 23 पिता से।

  • गुणसूत्रों पर जीन (Genes) होते हैं — ये ही वंशानुगत गुणों के
    वाहक हैं; जीन DNA से बने होते हैं।

  • युग्मनज (Zygote) — पिता के शुक्राणु और माता के अंडाणु के
    मिलन से बनी पहली कोशिका।

  • 23वाँ जोड़ा लिंग गुणसूत्र है: स्त्री XX,
    पुरुष XY।

  • संतान का लिंग पिता के गुणसूत्र से तय होता है — पिता से
    X मिले तो लड़की, Y मिले तो लड़का।

  • आनुवंशिकी (Genetics) के जनक — ग्रेगर जॉन मेंडल (मटर के
    पौधों पर प्रयोग)।

माता (X) + पिता (X) ➜ XX = लड़की
माता (X) + पिता (Y) ➜ XY = लड़का

◆ वंशानुक्रम के नियम

नियम अर्थ उदाहरण
समानता का नियम जैसे माता-पिता, वैसी संतान लम्बे माता-पिता की लम्बी संतान
भिन्नता का नियम संतान माता-पिता से पूर्णतः समान नहीं होती; भाई-बहनों में भी अंतर एक ही परिवार के बच्चों में अंतर
प्रत्यागमन का नियम (Regression) — गाल्टन अति विशिष्ट माता-पिता की संतान सामान्य (औसत) की ओर लौटती है बहुत प्रतिभाशाली माता-पिता की संतान औसत बुद्धि की
अर्जित गुणों का संक्रमण — लैमार्क जीवन में अर्जित गुण अगली पीढ़ी में जाते हैं (अब अमान्य) जिराफ़ की लम्बी गर्दन
बीजकोष की निरंतरता — वीज़मैन बीजकोष पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता रहता है; अर्जित गुण हस्तांतरित नहीं होते —
मेंडल के नियम प्रभावी (Dominant) और अप्रभावी (Recessive) गुण; पृथक्करण का नियम मटर के लम्बे-बौने पौधे

◆ वंशानुक्रम के प्रभाव — प्रसिद्ध अध्ययन

अध्ययन शोधकर्ता निष्कर्ष
Hereditary Genius (1869) फ्रांसिस गाल्टन प्रतिभाशाली परिवारों में प्रतिभाशाली संतानें अधिक — बुद्धि वंशानुगत
ज्यूक्स परिवार डगडेल अपराधी पूर्वज के वंशजों में अपराधी, भिखारी अधिक
कालीकाक परिवार (1912) गोडार्ड एक ही पुरुष के दो वंश — मंदबुद्धि स्त्री से वंश में मंदबुद्धि, कुलीन स्त्री से वंश में
योग्य
एडवर्ड्स परिवार विनशिप योग्य पूर्वज के वंश में न्यायाधीश, प्रोफ़ेसर, लेखक आदि
जुड़वाँ बच्चों का अध्ययन (1937) न्यूमैन, फ्रीमैन व होलज़िंगर समरूप जुड़वाँ अलग पलने पर भी बुद्धि में अधिक समान — पर वातावरण का प्रभाव
भी

◆ वंशानुक्रम किन बातों को प्रभावित करता है

  • शारीरिक लक्षण — रंग, लम्बाई, आँखों का रंग, बनावट, रक्त
    समूह।

  • बुद्धि और मानसिक योग्यता की ऊपरी सीमा।

  • स्वभाव और संवेगात्मक प्रवृत्तियाँ।

  • कुछ रोग — वर्णांधता (Colour blindness), हीमोफ़ीलिया,
    डाउन सिंड्रोम (गुणसूत्र संबंधी)।

  • विशेष योग्यताएँ — संगीत, कला आदि में झुकाव।

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वातावरण (Environment)

वातावरण में वे सभी बाहरी शक्तियाँ और
परिस्थितियाँ
आती हैं जो गर्भाधान के बाद से व्यक्ति के
विकास को प्रभावित करती हैं। वंशानुक्रम विकास की सीमा तय करता
है, वातावरण उस सीमा तक पहुँचने में सहायता करता है।

◆ वातावरण की परिभाषाएँ

विद्वान परिभाषा
वुडवर्थ “वातावरण में वे सब बाह्य तत्व आ जाते हैं, जिन्होंने व्यक्ति को जीवन आरंभ करने के समय
से प्रभावित किया है।”
एनास्टासी “वातावरण वह हर वस्तु है जो व्यक्ति के जीन्स के अतिरिक्त उसे प्रभावित करती
है।”
रॉस “वातावरण वह बाहरी शक्ति है जो हमें प्रभावित करती है।”
बोरिंग, लैंगफील्ड व वेल्ड “जीन्स के अतिरिक्त व्यक्ति को प्रभावित करने वाली प्रत्येक वस्तु वातावरण है।”

◆ वातावरण के प्रकार

प्रकार शामिल तत्व विकास पर प्रभाव
गर्भकालीन वातावरण माता का पोषण, स्वास्थ्य, आयु, दवाएँ, नशा, तनाव जन्मजात दोष, कम भार, मानसिक विकलांगता
भौतिक / प्राकृतिक जलवायु, भौगोलिक स्थिति, आवास, स्वच्छता शारीरिक बनावट, स्वास्थ्य, कार्यक्षमता
पारिवारिक माता-पिता का व्यवहार, प्रेम, अनुशासन, परिवार का आकार व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, संवेगात्मक स्थिरता
सामाजिक पड़ोस, मित्र मंडली, समुदाय सामाजिकता, समायोजन, मूल्य
सांस्कृतिक रीति-रिवाज़, धर्म, भाषा, परंपराएँ भाषा, मूल्य, विश्वास, आदतें
आर्थिक परिवार की आय, सुविधाएँ पोषण, शिक्षा के अवसर, स्वास्थ्य
विद्यालयी शिक्षक, पाठ्यक्रम, सहपाठी, गतिविधियाँ बौद्धिक, सामाजिक व नैतिक विकास
मनोवैज्ञानिक / संवेगात्मक सुरक्षा, स्नेह, स्वीकृति का भाव मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-सम्मान

◆ वातावरण के प्रभाव — प्रसिद्ध अध्ययन

अध्ययन निष्कर्ष
भेड़िया-बालिकाएँ अमला और कमला (1920, मिदनापुर,
बंगाल)
भेड़ियों के बीच पली दो बालिकाएँ चार पैरों पर चलती, कच्चा मांस खाती और मानव
भाषा नहीं जानती थीं — मानवीय गुण वातावरण से आते हैं। (पादरी
जे. ए. एल. सिंह ने पाला)
केलॉग दंपती का प्रयोग चिम्पैंजी “गुआ” को अपने बच्चे डोनाल्ड के साथ पाला — गुआ ने कुछ व्यवहार सीखे पर
मानव भाषा नहीं; वातावरण का प्रभाव वंशानुक्रम की सीमा में
फ्रीमैन का अध्ययन गोद लिए बच्चों की बुद्धि अच्छे परिवार में पलने पर बढ़ी
समरूप जुड़वाँ अलग-अलग परिवेश में बुद्धि व व्यक्तित्व में अंतर — वातावरण का प्रभाव सिद्ध
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वंशानुक्रम बनाम वातावरण

आधुनिक मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि विकास न केवल वंशानुक्रम, न केवल
वातावरण
, बल्कि दोनों के गुणनफल का परिणाम है।

वुडवर्थ का सूत्र: विकास = वंशानुक्रम × वातावरण (योग नहीं,
गुणनफल)। किसी एक के शून्य होने पर विकास भी शून्य हो जाता है।
कथन याद रखें: “वंशानुक्रम बीज है, वातावरण भूमि”;
“वंशानुक्रम व्यक्ति को क्षमता देता है, वातावरण उस क्षमता को विकसित करने के
अवसर”
; लेंडिस — “वंशानुक्रम हमें विकसित होने की क्षमताएँ
देता है, इन क्षमताओं के विकास के अवसर वातावरण से मिलते हैं।”
आधार वंशानुक्रम वातावरण
दूसरा नाम प्रकृति (Nature) पोषण (Nurture)
कब मिलता है गर्भाधान के समय गर्भाधान के बाद से जीवनपर्यंत
स्वरूप आंतरिक, जैविक बाह्य, सामाजिक-भौतिक
परिवर्तन बदला नहीं जा सकता बदला जा सकता है
भूमिका विकास की सीमा / क्षमता तय करता है उस सीमा तक पहुँचने में सहायता
समर्थक गाल्टन, गोडार्ड, कार्ल पियर्सन, मेंडल वाटसन, लॉक, एडलर, फ्रीमैन
प्रभावित पक्ष रंग, बनावट, बुद्धि की सीमा भाषा, आदतें, मूल्य, व्यवहार
वाटसन का प्रसिद्ध कथन: “मुझे एक दर्जन स्वस्थ बच्चे दो, मैं उन्हें
डॉक्टर, वकील, कलाकार या चोर — जो चाहूँ बना सकता हूँ।” — वातावरणवाद का
चरम समर्थन
।
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अन्य आंतरिक एवं बाह्य कारक

◆ (क) अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (Endocrine Glands)

ग्रंथि हार्मोन कार्य अधिक / कम होने पर
पीयूष (Pituitary) — “मास्टर ग्रंथि” वृद्धि हार्मोन (GH) शारीरिक वृद्धि; अन्य ग्रंथियों पर नियंत्रण अधिक → महाकायता (Gigantism); कम → बौनापन
(Dwarfism)
थायरॉइड (अवटु) थायरॉक्सिन चयापचय, शारीरिक व मानसिक विकास कमी → क्रेटिनिज़्म (बौनापन + मंदबुद्धि),
घेंघा; अधिक → चिड़चिड़ापन, बेचैनी
पैराथायरॉइड पैराथॉर्मोन रक्त में कैल्शियम का संतुलन कमी → मांसपेशियों में ऐंठन
एड्रिनल (अधिवृक्क) — “संकटकालीन ग्रंथि” एड्रिनेलिन संकट में शक्ति; संवेग (भय, क्रोध) अधिक → उत्तेजना; कमी → कमज़ोरी
जनन ग्रंथियाँ (Gonads) टेस्टोस्टेरॉन / एस्ट्रोजन किशोरावस्था के परिवर्तन, गौण लैंगिक लक्षण असंतुलन → यौन विकास में विलंब
अग्न्याशय (Pancreas) इंसुलिन रक्त शर्करा नियंत्रण कमी → मधुमेह
पीनियल मेलाटोनिन नींद-जागरण चक्र —

◆ (ख) अन्य प्रमुख कारक

कारक विकास पर प्रभाव
बुद्धि बुद्धिमान बालक का मानसिक, भाषायी व सामाजिक विकास तीव्र; मंदबुद्धि में
विलंब
पोषण (आहार) संतुलित आहार से शारीरिक व मानसिक विकास; कुपोषण से बौनापन, रोग, सीखने में
कठिनाई
स्वास्थ्य एवं रोग लम्बी बीमारी, चोट से विकास रुकता है
लिंग लड़कियाँ किशोरावस्था में लड़कों से लगभग 1–2 वर्ष पहले परिपक्व होती हैं
गर्भकालीन कारक माता का कुपोषण, धूम्रपान, शराब, दवाएँ, रूबेला जैसे रोग, विकिरण, अधिक आयु →
जन्मजात दोष
जन्म-क्रम पहला, बीच का, अंतिम बच्चा — व्यवहार व व्यक्तित्व में अंतर (एडलर)
परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुविधाएँ, पुस्तकें, शिक्षा व स्वास्थ्य के अवसर
पारिवारिक संबंध स्नेह व सुरक्षा से संतुलित व्यक्तित्व; कलह व उपेक्षा से समस्यात्मक व्यवहार
विद्यालय व शिक्षक पाठ्यक्रम, सहगामी क्रियाएँ, शिक्षक का व्यवहार — सर्वांगीण विकास
साथी समूह सामाजिक कौशल, सहयोग, प्रतिस्पर्धा; कुसंगति से गलत आदतें
संस्कृति एवं धर्म मूल्य, नैतिकता, भाषा, जीवन-दृष्टि
जनसंचार माध्यम टीवी, मोबाइल, इंटरनेट — ज्ञान भी, पर अधिक उपयोग से स्वास्थ्य व व्यवहार पर
दुष्प्रभाव
परिपक्वता परिपक्वता के बिना सीखना संभव नहीं (गेसेल)
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शैक्षिक महत्व एवं शिक्षक की भूमिका

  • व्यक्तिगत भिन्नता का सम्मान — हर बच्चे की वंशानुगत क्षमता
    अलग है; सबसे एक जैसी अपेक्षा न रखें।

  • अनुकूल वातावरण प्रदान करें — सुरक्षित, स्नेहपूर्ण, प्रेरक
    कक्षा।

  • आयु और अवस्था के अनुसार पाठ्यक्रम और शिक्षण
    विधि।

  • पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान — मध्याह्न भोजन, स्वास्थ्य
    परीक्षण।

  • अभिभावक-शिक्षक सहयोग — घर के वातावरण को
    समझना।

  • पिछड़े व वंचित बच्चों को अतिरिक्त अवसर और उपचारात्मक
    शिक्षण।

  • प्रतिभाशाली बच्चों के लिए संवर्धन (Enrichment)
    कार्यक्रम।

  • सर्वांगीण विकास — शारीरिक, मानसिक, सामाजिक,
    संवेगात्मक, नैतिक सभी पक्षों पर ध्यान।

  • विकास के सिद्धांतों को ध्यान में रखकर शिक्षण — सरल से
    जटिल, मूर्त से अमूर्त।

मुख्य संदेश: शिक्षक वंशानुक्रम नहीं बदल सकता, पर
वातावरण को बेहतर बनाकर बच्चे को उसकी अधिकतम
क्षमता
तक पहुँचा सकता है।
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परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न

◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य

प्रश्न उत्तर
वृद्धि का स्वरूप मात्रात्मक
विकास का स्वरूप गुणात्मक + मात्रात्मक
विकास सिर से पैर की ओर मस्तकाधोमुखी (Cephalocaudal)
विकास केंद्र से बाहर की ओर निकट-दूर (Proximodistal)
मानव में गुणसूत्रों की संख्या 46 (23 जोड़े)
संतान का लिंग निर्धारण पिता के गुणसूत्र (X या Y) से
आनुवंशिकी के जनक ग्रेगर मेंडल
प्रत्यागमन का नियम फ्रांसिस गाल्टन
Hereditary Genius (1869) गाल्टन
कालीकाक परिवार का अध्ययन गोडार्ड (1912)
ज्यूक्स परिवार का अध्ययन डगडेल
अमला और कमला वातावरण का प्रभाव (1920)
विकास = वंशानुक्रम × वातावरण वुडवर्थ
“दर्जन भर बच्चे दो…” वाटसन
मास्टर ग्रंथि पीयूष ग्रंथि
संकटकालीन ग्रंथि एड्रिनल ग्रंथि
थायरॉक्सिन की कमी से क्रेटिनिज़्म / घेंघा
“तूफ़ान और तनाव का काल” किशोरावस्था — स्टेनले हॉल

◆ (ख) भ्रम से बचें

  • लिंग निर्धारण माता से नहीं, पिता से होता है (माता सदा
    X देती है)।

  • वंशानुक्रम जन्म के समय नहीं, गर्भाधान के समय निश्चित होता
    है।

  • वुडवर्थ के अनुसार विकास वंशानुक्रम और वातावरण का योग नहीं,
    गुणनफल
    है।

  • वृद्धि ≠ विकास — वृद्धि रुकती है, विकास जीवनभर चलता
    है।

◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. “विकास = वंशानुक्रम × वातावरण” — किसने कहा?

(A) गाल्टन (B) वुडवर्थ (C) वाटसन (D) स्किनर

प्रश्न 2. बच्चा पहले सिर संभालता है, फिर बैठता है, फिर चलता
है — यह किस सिद्धांत का उदाहरण है?

(A) निकट-दूर (B) मस्तकाधोमुखी (C) व्यक्तिगत भिन्नता (D) एकीकरण

प्रश्न 3. मानव कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या होती है —

(A) 23 (B) 44 (C) 46 (D) 48

प्रश्न 4. संतान का लिंग निर्धारण किससे होता है?

(A) माता के X गुणसूत्र (B) पिता के गुणसूत्र (C) वातावरण (D) माता का पोषण

प्रश्न 5. “कालीकाक परिवार” का अध्ययन किसने किया?

(A) गाल्टन (B) डगडेल (C) गोडार्ड (D) विनशिप

प्रश्न 6. अमला और कमला का उदाहरण किसके महत्व को दर्शाता
है?

(A) वंशानुक्रम (B) वातावरण (C) बुद्धि (D) परिपक्वता

प्रश्न 7. वृद्धि के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

(A) जीवनपर्यंत चलती है (B) गुणात्मक होती है (C) मात्रात्मक होती है (D) मापी
नहीं जा सकती

प्रश्न 8. “मास्टर ग्रंथि” किसे कहते हैं?

(A) थायरॉइड (B) एड्रिनल (C) पीयूष (D) पीनियल

प्रश्न 9. प्रत्यागमन का नियम किससे संबंधित है?

(A) मेंडल (B) गाल्टन (C) लैमार्क (D) वीज़मैन

प्रश्न 10. बच्चा पहले पूरे हाथ से, फिर उँगलियों से वस्तु पकड़ता है
— यह दर्शाता है —

(A) विशिष्ट से सामान्य (B) सामान्य से विशिष्ट (C) निरंतरता (D) पूर्वानुमेयता

प्रश्न 11. आनुवंशिक गुणों के वाहक होते हैं —

(A) कोशिका झिल्ली (B) जीन (C) हार्मोन (D) रक्त

प्रश्न 12. थायरॉक्सिन हार्मोन की कमी से होने वाला रोग है
—

(A) महाकायता (B) मधुमेह (C) क्रेटिनिज़्म (D) हीमोफ़ीलिया

उत्तर कुंजी: 1-B, 2-B, 3-C, 4-B, 5-C, 6-B, 7-C, 8-C,
9-B, 10-B, 11-B, 12-C

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