व्यक्तिगत विभिन्नताएँ (Individual Differences) – चैप्टर-वार नोट्स
बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल एवं जीवन कौशल • सहायक अध्यापक (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1–5) • उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग
अर्थ , प्रकार , कारण , मापन , बुद्धि व व्यक्तित्व , शैक्षिक उपाय , अभ्यास प्रश्न – सब एक जगह।
विषय-सूची
| क्र. | अनुभाग |
|---|---|
| 1 | व्यक्तिगत विभिन्नता : अर्थ एवं परिभाषाएँ |
| 2 | व्यक्तिगत विभिन्नता की विशेषताएँ एवं स्वरूप |
| 3 | व्यक्तिगत विभिन्नता के प्रकार / क्षेत्र |
| 4 | व्यक्तिगत विभिन्नता के कारण |
| 5 | बुद्धि में विभिन्नता — बुद्धि-लब्धि एवं वितरण |
| 6 | बुद्धि के प्रमुख सिद्धांत |
| 7 | व्यक्तित्व में विभिन्नता |
| 8 | व्यक्तिगत विभिन्नता के मापन की विधियाँ |
| 9 | शैक्षिक महत्व एवं शिक्षण उपाय |
| 10 | परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न |
व्यक्तिगत विभिन्नता : अर्थ एवं परिभाषाएँ
संसार में कोई भी दो व्यक्ति पूर्णतः एक समान नहीं होते — जुड़वाँ
भी नहीं। व्यक्तियों में शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक, सामाजिक आदि
गुणों में पाए जाने वाले इन्हीं अंतरों को व्यक्तिगत विभिन्नता (Individual
Differences) कहते हैं।
-
व्यक्तिगत विभिन्नताओं का वैज्ञानिक अध्ययन सर्वप्रथम
सर फ्रांसिस गाल्टन ने किया (Hereditary Genius, 1869;
मानवमिति प्रयोगशाला, लंदन, 1884)। -
गाल्टन को “व्यक्तिगत विभिन्नता के अध्ययन का जनक” कहा
जाता है। -
“मानसिक परीक्षण (Mental Test)” शब्द का प्रयोग सबसे
पहले जे. एम. कैटेल (1890) ने किया। -
शिक्षा में व्यक्तिगत विभिन्नता का सिद्धांत बाल-केंद्रित
शिक्षा का आधार है।
◆ प्रमुख परिभाषाएँ
| विद्वान | परिभाषा | मुख्य शब्द |
|---|---|---|
| स्किनर | “व्यक्तिगत विभिन्नताओं में सम्पूर्ण व्यक्तित्व का कोई भी ऐसा पहलू सम्मिलित हो सकता है, जिसका माप किया जा सकता है।” |
मापने योग्य पहलू |
| जेम्स ड्रेवर | “कोई व्यक्ति अपने समूह के शारीरिक तथा मानसिक गुणों के औसत से जितनी भिन्नता रखता है, उसे व्यक्तिगत भेद कहते हैं।” |
औसत से भिन्नता |
| टायलर | “शरीर के आकार, शारीरिक कार्यों, गति-क्षमताओं, बुद्धि, उपलब्धि, ज्ञान, रुचियों, अभिवृत्तियों और व्यक्तित्व के लक्षणों में माप सकने योग्य भिन्नताओं की उपस्थिति सिद्ध की जा चुकी है।” |
मापने योग्य भिन्नताएँ |
| गुड (Good) | “व्यक्तिगत विभिन्नता वे अंतर हैं जो एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से भिन्न बनाते हैं।” |
एक-दूसरे से भिन्न |
| वुडवर्थ | “व्यक्तियों के शारीरिक और मानसिक गुणों में पाई जाने वाली भिन्नता व्यक्तिगत भिन्नता है।” |
शारीरिक-मानसिक भिन्नता |
नहीं बनाए” — यही कारण है कि शिक्षा में एक ही विधि सभी बच्चों के
लिए उपयुक्त नहीं होती।
व्यक्तिगत विभिन्नता की विशेषताएँ एवं स्वरूप
| विशेषता | व्याख्या |
|---|---|
| सार्वभौमिक | सभी प्राणियों में, सभी स्थानों पर पाई जाती है। |
| मापनीय | बुद्धि, उपलब्धि, रुचि आदि को परीक्षणों से मापा जा सकता है। |
| वंशानुक्रम व वातावरण का परिणाम | दोनों की अंतःक्रिया से उत्पन्न। |
| सामान्य वितरण | अधिकतर गुण सामान्य संभाव्यता वक्र (घंटाकार वक्र) के अनुसार बँटे होते हैं — अधिकांश लोग औसत के पास। |
| मात्रा का अंतर | अंतर प्रायः गुण की मात्रा (कम-अधिक) में होता है, गुण की उपस्थिति-अनुपस्थिति में नहीं। |
| परिवर्तनशील | उचित शिक्षा और वातावरण से कुछ विभिन्नताएँ कम या अधिक की जा सकती हैं। |
| जीवनपर्यंत | आयु के साथ बदलती रहती हैं। |
◆ अंतर-व्यक्तिगत एवं अंतः-व्यक्तिगत विभिन्नता
| आधार | अंतर-व्यक्तिगत (Inter-individual) | अंतः-व्यक्तिगत (Intra-individual) |
|---|---|---|
| अर्थ | दो या अधिक व्यक्तियों के बीच अंतर | एक ही व्यक्ति के भीतर विभिन्न गुणों / योग्यताओं में अंतर |
| उदाहरण | राम की बुद्धि श्याम से अधिक है | सीता गणित में तेज़ है पर संगीत में कमज़ोर |
| शिक्षा में उपयोग | समूहीकरण, व्यक्तिगत शिक्षण | विषय चयन, निर्देशन एवं परामर्श |
between); अंतः = एक व्यक्ति के भीतर (Intra
= within)।
व्यक्तिगत विभिन्नता के प्रकार / क्षेत्र
| क्र. | क्षेत्र | किसमें अंतर | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1 | शारीरिक | लम्बाई, भार, रंग, बनावट, शारीरिक शक्ति, स्वास्थ्य | कोई लम्बा, कोई नाटा |
| 2 | बौद्धिक / बुद्धि | बुद्धि-लब्धि, तर्क, समझ | प्रतिभाशाली, सामान्य, मंदबुद्धि |
| 3 | मानसिक योग्यताएँ | स्मृति, कल्पना, चिंतन, ध्यान | किसी की स्मृति तीव्र |
| 4 | सीखने की गति | सीखने की शीघ्रता व क्षमता | तीव्र, सामान्य, मंद अधिगमकर्ता |
| 5 | उपलब्धि | विद्यालयी विषयों में प्राप्त ज्ञान | गणित में अधिक अंक |
| 6 | अभिक्षमता (Aptitude) | किसी विशेष क्षेत्र में भविष्य में सफल होने की क्षमता | संगीत, यांत्रिक, लिपिकीय अभिक्षमता |
| 7 | रुचि | कार्य या विषय के प्रति झुकाव | खेल, पढ़ना, चित्रकला |
| 8 | अभिवृत्ति | व्यक्ति, वस्तु, विचार के प्रति दृष्टिकोण | विद्यालय के प्रति सकारात्मक / नकारात्मक |
| 9 | संवेगात्मक | संवेगों की तीव्रता और नियंत्रण | कोई शीघ्र क्रोधित, कोई शांत |
| 10 | सामाजिक | सामाजिकता, नेतृत्व, सहयोग | मिलनसार या एकांतप्रिय |
| 11 | व्यक्तित्व | स्वभाव, अंतर्मुखी-बहिर्मुखी | आत्मविश्वासी या संकोची |
| 12 | गामक / गति संबंधी | मांसपेशीय कौशल, गति की शीघ्रता | लिखने, दौड़ने की गति |
| 13 | नैतिक / चारित्रिक | ईमानदारी, सत्यता, मूल्य | — |
| 14 | भाषायी | शब्द भंडार, उच्चारण, अभिव्यक्ति | धाराप्रवाह वक्ता |
| 15 | लिंग भेद | रुचि, शारीरिक शक्ति, परिपक्वता की आयु | लड़कियाँ प्रायः भाषा में, लड़के स्थानिक कार्यों में आगे (सामान्य प्रवृत्ति) |
| 16 | प्रजाति / राष्ट्रीयता / संस्कृति | रंग, बनावट, रीति-रिवाज़, मूल्य | — |
महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया; अंतर प्रायः रुचि और विशेष
योग्यताओं में होता है, और वह भी मुख्यतः वातावरण व
समाजीकरण के कारण।
व्यक्तिगत विभिन्नता के कारण
| वंशानुक्रम | ➜ | वातावरण | ➜ | आयु व परिपक्वता | ➜ | लिंग |
| शिक्षा | ➜ | आर्थिक स्थिति | ➜ | प्रजाति व संस्कृति | ➜ | बुद्धि |
| कारण | व्याख्या |
|---|---|
| वंशानुक्रम | जीन्स से शारीरिक बनावट, बुद्धि की सीमा, स्वभाव आते हैं — सबसे प्रमुख कारण। |
| वातावरण | परिवार, पड़ोस, विद्यालय, समाज, संस्कृति — बच्चे की क्षमता को विकसित या दबाते हैं। |
| आयु एवं परिपक्वता | आयु के साथ शारीरिक व मानसिक योग्यताएँ बदलती हैं। |
| लिंग | शारीरिक बनावट, परिपक्वता की आयु, रुचियों में अंतर। |
| प्रजाति एवं राष्ट्रीयता | शारीरिक लक्षण, रीति-रिवाज़ व जीवन-मूल्यों में अंतर। |
| शिक्षा | शिक्षा का स्तर और गुणवत्ता ज्ञान, कौशल व दृष्टिकोण में अंतर लाती है। |
| आर्थिक-सामाजिक स्थिति | पोषण, सुविधाएँ, शैक्षिक अवसरों में अंतर। |
| बुद्धि | बुद्धि का स्तर सीखने की गति और उपलब्धि में अंतर लाता है। |
| स्वास्थ्य एवं पोषण | कुपोषण व बीमारी से शारीरिक-मानसिक विकास प्रभावित। |
| संवेगात्मक स्थिति | सुरक्षा या भय, प्रेम या उपेक्षा से व्यक्तित्व में अंतर। |
बुद्धि में विभिन्नता — बुद्धि-लब्धि एवं वितरण
बुद्धि में विभिन्नता को बुद्धि-लब्धि (IQ — Intelligence
Quotient) द्वारा व्यक्त किया जाता है। बुद्धि-लब्धि का विचार
विलियम स्टर्न (1912) ने दिया और टर्मन
(1916) ने इसे 100 से गुणा करके लोकप्रिय बनाया।
आयु (CA) × 100
| उदाहरण | गणना | IQ |
|---|---|---|
| MA = 10 वर्ष, CA = 8 वर्ष | 10 ÷ 8 × 100 | 125 |
| MA = 8 वर्ष, CA = 8 वर्ष | 8 ÷ 8 × 100 | 100 (सामान्य) |
| MA = 6 वर्ष, CA = 10 वर्ष | 6 ÷ 10 × 100 | 60 |
-
मानसिक आयु (Mental Age) का संप्रत्यय अल्फ्रेड
बिने ने दिया। -
पहला बुद्धि परीक्षण: बिने-साइमन परीक्षण (1905, फ्रांस);
अमेरिका में संशोधित रूप: स्टैनफ़र्ड-बिने (टर्मन, 1916)। -
वयस्कों के लिए बुद्धि परीक्षण: वेक्सलर (WAIS); बच्चों के
लिए WISC। -
बिने को “बुद्धि परीक्षणों का जनक” कहा जाता
है।
◆ बुद्धि का सामान्य वितरण

चित्र : सामान्य संभाव्यता वक्र — अधिकांश (लगभग 68%) व्यक्ति IQ 85–115 के
बीच
◆ टर्मन का बुद्धि-लब्धि वर्गीकरण
| बुद्धि-लब्धि (IQ) | वर्ग | अंग्रेज़ी |
|---|---|---|
| 140 से अधिक | प्रतिभाशाली / प्रखर बुद्धि | Genius / Near genius |
| 120 – 139 | अति श्रेष्ठ | Very superior |
| 110 – 119 | श्रेष्ठ | Superior |
| 90 – 109 | सामान्य / औसत | Normal / Average |
| 80 – 89 | मंद बुद्धि | Dull |
| 70 – 79 | सीमांत मंदता | Borderline |
| 50 – 69 | मूढ़ / अल्प बुद्धि | Moron |
| 25 – 49 | हीन बुद्धि | Imbecile |
| 25 से कम | जड़ बुद्धि | Idiot |
जैसे शब्दों के स्थान पर हल्की, मध्यम, गंभीर और अति गंभीर बौद्धिक
अक्षमता कहा जाता है; परीक्षा में पुराने शब्द भी पूछे जाते हैं।
बुद्धि के प्रमुख सिद्धांत
| सिद्धांत | प्रवर्तक (वर्ष) | मुख्य विचार |
|---|---|---|
| एक-खंड / एकात्मक सिद्धांत | बिने, टर्मन, स्टर्न | बुद्धि एक अविभाज्य शक्ति है |
| द्वि-खंड / द्वि-तत्व सिद्धांत | स्पीयरमैन (1904) | सामान्य योग्यता (G) + विशिष्ट योग्यता (S) |
| बहु-खंड सिद्धांत | थॉर्नडाइक | बुद्धि अनेक स्वतंत्र तत्वों का योग; तीन प्रकार — अमूर्त, मूर्त (यांत्रिक), सामाजिक |
| समूह-खंड / प्राथमिक मानसिक योग्यताएँ | थर्स्टन (1938) | 7 प्राथमिक योग्यताएँ — शाब्दिक, संख्यात्मक, स्थानिक, प्रत्यक्षीकरण गति, स्मृति, तर्क, शब्द प्रवाह |
| त्रि-आयामी / बुद्धि संरचना (SOI) | गिलफोर्ड (1967) | संक्रिया × विषयवस्तु × उत्पाद = 120 → 150 → 180 योग्यताएँ; अभिसारी व अपसारी चिंतन |
| तरल एवं स्फटिक बुद्धि | आर. बी. कैटेल (1963) | तरल (Fluid — जन्मजात, समस्या समाधान) + स्फटिक (Crystallized — अर्जित ज्ञान) |
| बहु-बुद्धि सिद्धांत | हावर्ड गार्डनर (1983) | 8/9 स्वतंत्र बुद्धियाँ (नीचे तालिका) |
| त्रि-चापीय / त्रितंत्र सिद्धांत | रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (1985) | घटकीय (विश्लेषणात्मक), अनुभवजन्य (सृजनात्मक), सांदर्भिक (व्यावहारिक) |
| PASS मॉडल | जे. पी. दास, नागलिएरी व किर्बी | योजना, अवधान, युगपत व आनुक्रमिक प्रक्रमण |
| संवेगात्मक बुद्धि (EQ) | सैलोवे व मेयर (1990); गोलमैन (1995) | अपने व दूसरों के संवेगों को समझना व नियंत्रित करना |
◆ गार्डनर की बहु-बुद्धियाँ
| बुद्धि | क्षमता | उदाहरण व्यक्ति / व्यवसाय |
|---|---|---|
| भाषिक (Linguistic) | शब्दों व भाषा का प्रभावी प्रयोग | कवि, लेखक, वक्ता |
| तार्किक-गणितीय | तर्क, संख्याएँ, समस्या समाधान | वैज्ञानिक, गणितज्ञ |
| स्थानिक (Spatial) | दृश्य-चित्र, दिशा, आकृतियाँ | चित्रकार, वास्तुकार, पायलट |
| संगीतात्मक | लय, स्वर, ताल | संगीतकार, गायक |
| शारीरिक-गतिसंवेदी | शरीर व गतियों पर नियंत्रण | खिलाड़ी, नर्तक, शल्य चिकित्सक |
| अंतर-वैयक्तिक (Interpersonal) | दूसरों को समझना | शिक्षक, नेता, परामर्शदाता |
| अंतः-वैयक्तिक (Intrapersonal) | स्वयं को समझना | दार्शनिक, संत |
| प्रकृतिवादी (Naturalistic) | प्रकृति, पौधों, जीवों की पहचान | वनस्पति विज्ञानी, किसान |
| अस्तित्ववादी (9वीं, प्रस्तावित) | जीवन-मृत्यु के गहरे प्रश्न | दार्शनिक |
व्यक्तित्व में विभिन्नता
व्यक्तित्व शब्द लैटिन के “पर्सोना (Persona)” से बना है, जिसका
अर्थ है “मुखौटा”। व्यक्तित्व में अंतर के आधार पर मनोवैज्ञानिकों ने
व्यक्तियों को विभिन्न प्रकारों में बाँटा है।
| मनोवैज्ञानिक | आधार | प्रकार |
|---|---|---|
| कार्ल युंग | सामाजिकता / मनोवृत्ति | अंतर्मुखी (Introvert), बहिर्मुखी (Extrovert), उभयमुखी (Ambivert) |
| क्रेशमर | शारीरिक बनावट | पिकनिक (नाटा-मोटा, मिलनसार), एस्थेनिक (दुबला-लम्बा, एकांतप्रिय), एथलेटिक (सुडौल), डिस्प्लास्टिक (मिश्रित) |
| शेल्डन | शारीरिक गठन | गोलाकृति (Endomorph), आयताकृति (Mesomorph), लम्बाकृति (Ectomorph) |
| हिप्पोक्रेटीज़ | शरीर-द्रव (हास्य) | आशावादी (रक्त), क्रोधी (पीला पित्त), उदासीन (काला पित्त), शांत / श्लैष्मिक (कफ) |
| स्प्रैंगर | मूल्य | सैद्धांतिक, आर्थिक, सौंदर्यात्मक, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक |
| आलपोर्ट / कैटेल / आइज़ेंक | शीलगुण (Traits) | आलपोर्ट — मुख्य, केंद्रीय, गौण गुण; कैटेल — 16 PF; आइज़ेंक — अंतर्मुखता-बहिर्मुखता, मनस्तापिता |
| अंतर्मुखी व्यक्ति | बहिर्मुखी व्यक्ति |
|---|---|
| संकोची, एकांतप्रिय | मिलनसार, सामाजिक |
| चिंतनशील, कल्पनाशील | व्यावहारिक, क्रियाशील |
| कम बोलने वाला | अधिक बोलने वाला |
| लेखक, दार्शनिक, वैज्ञानिक | नेता, अभिनेता, समाजसेवी |
व्यक्तिगत विभिन्नता के मापन की विधियाँ
| क्षेत्र | मापन विधि / उपकरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| बुद्धि | बुद्धि परीक्षण — वैयक्तिक व सामूहिक; शाब्दिक व अशाब्दिक (निष्पादन) | बिने-साइमन, स्टैनफ़र्ड-बिने, वेक्सलर, रैवन प्रोग्रेसिव मैट्रिसेज़, आर्मी अल्फ़ा (शाब्दिक) व बीटा (अशाब्दिक) |
| उपलब्धि | उपलब्धि परीक्षण | विद्यालयी परीक्षाएँ, मानकीकृत उपलब्धि परीक्षण |
| अभिक्षमता | अभिक्षमता परीक्षण | DAT (विभेदक अभिक्षमता परीक्षण), GATB |
| रुचि | रुचि सूची / प्रपत्र | स्ट्रांग व्यावसायिक रुचि सूची, कूडर वरीयता अभिलेख |
| व्यक्तित्व — प्रक्षेपी | प्रक्षेपी परीक्षण | रोर्शा स्याही-धब्बा (10 कार्ड), TAT (मरे व मॉर्गन), CAT (बच्चों के लिए — बेलक), वाक्य पूर्ति, शब्द साहचर्य |
| व्यक्तित्व — अप्रक्षेपी | प्रश्नावली, मापनी, सूची | MMPI, 16 PF (कैटेल) |
| सामाजिक संबंध | समाजमिति (Sociometry) | मोरेनो — समाज-आलेख (Sociogram) |
| सामान्य व्यवहार | निरीक्षण, साक्षात्कार, व्यक्ति अध्ययन (Case Study), संचयी अभिलेख, क्रम-निर्धारण मापनी, उपाख्यान अभिलेख |
— |
TAT = चित्र देखकर कहानी;
CAT = Children के लिए (पशु चित्र);
मोरेनो = समाजमिति।
शैक्षिक महत्व एवं शिक्षण उपाय
व्यक्तिगत विभिन्नता का ज्ञान शिक्षक को हर बच्चे की क्षमता, रुचि और गति
के अनुसार शिक्षण की योजना बनाने में सहायता करता है।
| उपाय | व्याख्या |
|---|---|
| योग्यता के आधार पर वर्गीकरण (Ability Grouping) | प्रतिभाशाली, सामान्य और मंद छात्रों के लिए अलग समूह या सहायता |
| व्यक्तिगत / वैयक्तिक शिक्षण | हर छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान; छोटी कक्षाएँ |
| लचीला पाठ्यक्रम | विविध विषय और वैकल्पिक विषयों की व्यवस्था |
| विविध शिक्षण विधियाँ | दृश्य, श्रव्य, क्रियात्मक — सभी शैलियों के लिए |
| डाल्टन योजना | हेलेन पार्कहर्स्ट — व्यक्तिगत कार्य-अनुबंध (Assignment) पर आधारित |
| विनेटका योजना | कार्लटन वाशबर्न — स्व-गति से सीखना |
| अभिक्रमित अनुदेशन (Programmed Instruction) | बी. एफ. स्किनर — छोटे-छोटे पदों में, स्व-गति से, तत्काल प्रतिपुष्टि |
| उपचारात्मक शिक्षण | पिछड़े व कमज़ोर छात्रों के लिए अतिरिक्त सहायता |
| संवर्धन कार्यक्रम (Enrichment) | प्रतिभाशाली छात्रों के लिए अतिरिक्त चुनौतीपूर्ण कार्य |
| गृहकार्य में भिन्नता | क्षमता के अनुसार अलग-अलग गृहकार्य |
| निर्देशन एवं परामर्श | रुचि व योग्यता के अनुसार विषय व व्यवसाय चयन |
| सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) | हर बच्चे की प्रगति का उसकी अपनी क्षमता के आधार पर आकलन |
| समावेशी शिक्षा | विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सामान्य कक्षा में उचित सहायता के साथ |
शिक्षक को विभेदित शिक्षण (Differentiated Instruction)
अपनाना चाहिए।
परीक्षा उपयोगी तथ्य एवं अभ्यास प्रश्न
◆ (क) एक पंक्ति में महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| व्यक्तिगत विभिन्नता के अध्ययन का जनक | फ्रांसिस गाल्टन |
| “मानसिक परीक्षण” शब्द | जे. एम. कैटेल (1890) |
| व्यक्तिगत विभिन्नता का प्रमुख कारण | वंशानुक्रम और वातावरण |
| एक ही व्यक्ति के गुणों में अंतर | अंतः-व्यक्तिगत विभिन्नता |
| IQ का सूत्र | MA ÷ CA × 100 |
| बुद्धि-लब्धि का विचार | विलियम स्टर्न (1912) |
| मानसिक आयु का संप्रत्यय | अल्फ्रेड बिने |
| पहला बुद्धि परीक्षण | बिने-साइमन (1905) |
| सामान्य बुद्धि-लब्धि | 90 – 109 |
| प्रतिभाशाली | IQ 140 से अधिक |
| द्वि-खंड सिद्धांत | स्पीयरमैन (G + S) |
| 7 प्राथमिक मानसिक योग्यताएँ | थर्स्टन |
| बुद्धि संरचना (180 योग्यताएँ) | गिलफोर्ड |
| बहु-बुद्धि सिद्धांत | हावर्ड गार्डनर (1983) |
| संवेगात्मक बुद्धि (लोकप्रिय) | डेनियल गोलमैन (1995) |
| अंतर्मुखी-बहिर्मुखी | कार्ल युंग |
| स्याही-धब्बा परीक्षण | हरमन रोर्शा |
| TAT | मरे व मॉर्गन |
| समाजमिति | जे. एल. मोरेनो |
| अभिक्रमित अनुदेशन | बी. एफ. स्किनर |
| डाल्टन योजना | हेलेन पार्कहर्स्ट |
◆ (ख) भ्रम से बचें
-
IQ सूत्र में MA ऊपर (अंश) और CA नीचे
(हर) होती है। -
बिने ने मानसिक आयु दी; स्टर्न ने
बुद्धि-लब्धि का विचार; टर्मन ने ×100 जोड़ा। -
अंतर-व्यक्तिगत = दो व्यक्तियों में;
अंतः-व्यक्तिगत = एक ही व्यक्ति में। -
गिलफोर्ड का SOI मॉडल 120 → 150 → 180 योग्यताओं तक
विस्तृत हुआ — परीक्षा में प्रायः 180 पूछा जाता है।
◆ (ग) अभ्यास प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. व्यक्तिगत विभिन्नताओं का वैज्ञानिक अध्ययन सर्वप्रथम
किसने किया?
(A) बिने (B) गाल्टन (C) कैटेल (D) स्किनर
प्रश्न 2. किसी बालक की मानसिक आयु 12 वर्ष और वास्तविक आयु
10 वर्ष है, उसकी बुद्धि-लब्धि होगी —
(A) 83 (B) 100 (C) 120 (D) 125
प्रश्न 3. “गीता गणित में तेज़ है पर चित्रकला में कमज़ोर” — यह
उदाहरण है —
(A) अंतर-व्यक्तिगत विभिन्नता (B) अंतः-व्यक्तिगत विभिन्नता (C) लिंग भेद (D)
प्रजाति भेद
प्रश्न 4. टर्मन के अनुसार सामान्य बुद्धि-लब्धि का विस्तार है
—
(A) 70–79 (B) 80–89 (C) 90–109 (D) 110–119
प्रश्न 5. बुद्धि का द्वि-खंड सिद्धांत किसने दिया?
(A) थर्स्टन (B) थॉर्नडाइक (C) स्पीयरमैन (D) गिलफोर्ड
प्रश्न 6. बहु-बुद्धि सिद्धांत के प्रतिपादक हैं —
(A) स्टर्नबर्ग (B) गार्डनर (C) गोलमैन (D) कैटेल
प्रश्न 7. अंतर्मुखी और बहिर्मुखी व्यक्तित्व का वर्गीकरण किसने
किया?
(A) क्रेशमर (B) शेल्डन (C) युंग (D) आलपोर्ट
प्रश्न 8. समाजमिति (Sociometry) के प्रवर्तक हैं —
(A) मोरेनो (B) रोर्शा (C) मरे (D) कैटेल
प्रश्न 9. “अभिक्रमित अनुदेशन” व्यक्तिगत विभिन्नता के अनुसार
शिक्षण की विधि है; इसके जनक हैं —
(A) पावलॉव (B) स्किनर (C) पार्कहर्स्ट (D) वाशबर्न
प्रश्न 10. स्याही-धब्बा परीक्षण किस गुण के मापन से संबंधित
है?
(A) बुद्धि (B) अभिक्षमता (C) व्यक्तित्व (D) उपलब्धि
प्रश्न 11. व्यक्तिगत विभिन्नता की दृष्टि से सबसे उपयुक्त शिक्षण
है —
(A) सबके लिए एक विधि (B) विभेदित शिक्षण (C) केवल व्याख्यान (D) रटना
प्रश्न 12. थर्स्टन ने कितनी प्राथमिक मानसिक योग्यताएँ
बताईं?
(A) 5 (B) 7 (C) 8 (D) 9
9-B, 10-C, 11-B, 12-B
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